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Showing posts from September, 2021

हमारे जीवन में ऐसा भी मौका आता है,जब हम शैतान के बहकावे मे आकर कोई ऐसा काम कर बैठते हैं,जो परमेश्वर की नजर में पाप है तब हमारी भी मुसीबतें विप्पत्तियों के रुप मे हमारे सामने आ जाती हैं जिसका हमें पता ही नहीं चलता उसकी वजह है हम सांसारिक हो चुके हैं परमेश्वर को सिर्फ अपने फायदे के लिये ही इस्तेमाल करते हैं सिर्फ कुछ न कुछ मांगने की ही प्रार्थना करते रहते हैं कभी दूसरों के लिये प्रार्थना नहीं करते |

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हमारे जीवन में ऐसा भी मौका आता है,जब हम शैतान के बहकावे मे आकर कोई ऐसा काम कर बैठते हैं,जो परमेश्वर की नजर में पाप है तब हमारी भी मुसीबतें विप्पत्तियों के रुप मे हमारे सामने आ जाती हैं जिसका हमें पता ही नहीं चलता उसकी वजह है हम सांसारिक हो चुके हैं परमेश्वर को सिर्फ अपने फायदे के लिये ही इस्तेमाल करते हैं सिर्फ कुछ न कुछ मांगने की ही प्रार्थना करते रहते हैं कभी दूसरों के लिये प्रार्थना नहीं करते तब भी हमें अपनी गलती का अहसास नहीं हो पाता तथा दुख की भट्टी मे जलने को मजबूर हो जाते हैं। हमें अपनी गलतियों को , अपने पापों को परमेश्वर के सम्मुख रखते रहना चाहिए जो हम से हर दिन कुछ न कुछ होते ही रहते हैं जिससे परमेश्वर हमें माफ करें फिर उन पापों से तोबा करनी चाहिए कि वो हमसे दौबारा न हो ताकि कोई विप्पत्ति फिर से आ न पडे अहंकार से कौसों दूर रहना चाहिए , सबसे नम्रतापूर्वक बरताव करना चाहिए ताकि शैतान की कोई भी चाल हम पर न चलने पाएँ तब शैतान हमारे पास से दूर रहेगा फिर हम परमेश्वर के विरूद्ध पाप करने से बचे रहेंगे । आमीन प्रभु हर पल हमारे गुनाहों को माफ करता है रैव्ह राजेश गिरधर

निराशा में आशा वह हमें गिरने के समय फिर से उठाता है जब हमें लगता है कि सबकुछ खत्म अब कुछ नहीं हो सकता लेकिन हमारा परमेश्वर वहीं से फिर से नई शुरुआत शुरू करता है | भूले नहीं हमारा परमेश्वर सून्य मैं से अद्भुत चीजें उत्पन्न करता है इसलिए हिम्मत ना हारे प्रार्थना करें चिंता नहीं विश्वास करें | जीवन में हम कई बार टूटते हैं और यह आवश्यक भी है क्योंकि जब हम टूटते हैं तभी हम यीशु के स्वभाव में बनते हैं | यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। इस बात को हमेशा याद रखें परीक्षा के दौरान ही प्रभु का स्वभाव हमारे जीवन में विकसित होता है और सबसे बड़ी खुशखबरी हमारे लिए यह है कि इस परीक्षा के समय हम अकेले नहीं यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है | उस परमेश्वर को हमेशा हमारी परवाह है वह हमारे कलेश में हमें शांति देता है |

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जीवन में हम कई बार टूटते हैं और यह आवश्यक भी है क्योंकि जब हम टूटते हैं तभी हम यीशु के स्वभाव में बनते हैं यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। इस बात को हमेशा याद रखें परीक्षा के दौरान ही प्रभु का स्वभाव हमारे जीवन में विकसित होता है और सबसे बड़ी खुशखबरी हमारे लिए यह है कि इस परीक्षा के समय हम अकेले नहीं यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है उस परमेश्वर को हमेशा हमारी परवाह है वह हमारे कलेश में हमें शांति देता है | निराशा में आशा वह हमें गिरने के समय फिर से उठाता है जब हमें लगता है कि सबकुछ खत्म अब कुछ नहीं हो सकता लेकिन हमारा परमेश्वर वहीं से फिर से नई शुरुआत शुरू करता है भूले नहीं हमारा परमेश्वर सून्य मैं से अद्भुत चीजें उत्पन्न करता है इसलिए हिम्मत ना हारे प्रार्थना करें चिंता नहीं विश्वास करें क्योंकि जब यीशु ने परीक्षा की दशा में दुख उठाया, तो वह उन की भी सहायता कर सकता है, जिन की परीक्षा होती है॥ आमीन प्रभु आपको शान्ती दे रैव्ह. राजेश गिरधर

"युद्ध के दिन के लिये घोड़ा तैयार तो होता है, परन्तु जय यहोवा ही से मिलती है॥" परमेश्वर पिता, मैं प्रार्थना करती हूं ,कि मेरे हर कार्य की योजना बनाने, सफ़ल करने और उस कार्य को करने में मुझे तेरी अगुवाई प्राप्त हो ताकि मैं तुझ पर और भी भरोसा रख सकूं।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏  आज का मनन* :   *👉नीतिवचन -21:31  "युद्ध के दिन के लिये घोड़ा तैयार तो होता है, परन्तु जय यहोवा ही से मिलती है॥" प्रभु यीशु में सलाम🙏🏻 👉- जब हम योजनाएं बनाते हैं तो उसके पूरा होने के लिए परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं। 👉- हम जिन चुनौतियों का सामना करते हैं या हमारे द्वारा लिए गए निर्णयों को सफ़लता परमेश्वर ही देता है। 👉- परमेश्वर के बिना हम कुछ नहीं कर सकते, क्योंकि जीत केवल परमेश्वर ही देता है। 👉- यदि परमेश्वर हमारे साथ है तो हम वो सब कर सकते हैं जो हमारे लिए असम्भव है। 👉- हमारी आशा परमेश्वर पर होनी चाहिए और उस पर आशा के साथ हम अपने काम करें तो वो हमारी सहायता करेगा। 👉- हमें आत्मनिर्भता के साथ हर लड़ाई लड़ना है और परमेश्वर हमारी अगुवाई और मार्गदर्शन करेगा। 👉- युद्ध हमारा है, जीत के लिए तैयार हमें होना है और इसके लिए प्रार्थना करनी है, हमें जीत ज़रूर प्राप्त होगी। प्रार्थना : परमेश्वर पिता, मैं प्रार्थना करती हूं ,कि मेरे हर कार्य की योजना बनाने, सफ़ल करने और उस कार्य को करने में मुझे तेरी अगुवाई प्राप्त हो ताकि मैं ...

और हे मनुष्य, तू जो ऐसे ऐसे काम करने वालों पर दोष लगाता है, और आप वे ही काम करता है; क्या यह समझता है, कि तू परमेश्वर की दण्ड की आज्ञा से बच जाएगा? जो सुकर्म में स्थिर रहकर महिमा, और आदर, और अमरता की खोज में है, उन्हें वह अनन्त जीवन देगा। क्योंकि परमेश्वर किसी का पक्ष नहीं करता।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 1 सो हे दोष लगाने वाले, तू कोई क्यों न हो; तू निरुत्तर है! क्योंकि जिस बात में तू दूसरे पर दोष लगाता है, उसी बात में अपने आप को भी दोषी ठहराता है, इसलिये कि तू जो दोष लगाता है, आप ही वही काम करता है।  रोमियो 2:1 2 और हम जानते हैं, कि ऐसे ऐसे काम करने वालों पर परमेश्वर की ओर से ठीक ठीक दण्ड की आज्ञा होती है।  रोमियो 2:2 3 और हे मनुष्य, तू जो ऐसे ऐसे काम करने वालों पर दोष लगाता है, और आप वे ही काम करता है; क्या यह समझता है, कि तू परमेश्वर की दण्ड की आज्ञा से बच जाएगा?  रोमियो 2:3 4 क्या तू उस की कृपा, और सहनशीलता, और धीरज रूपी धन को तुच्छ जानता है और कया यह नहीं समझता, कि परमेश्वर की कृपा तुझे मन फिराव को सिखाती है?  रोमियो 2:4 5 पर अपनी कठोरता और हठीले मन के अनुसार उसके क्रोध के दिन के लिये, जिस में परमेश्वर का सच्चा न्याय प्रगट होगा, अपने निमित क्रोध कमा रहा है।  रोमियो 2:5 6 वह हर एक को उसके कामों के अनुसार बदला देगा।  रोमियो 2:6 7 जो सुकर्म में स्थिर रहकर महिमा, और आदर, और अमरता की खोज में है, उन्हें वह अनन्त ...

विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिस ने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्ता न करके, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 1)  इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्तु, और उलझाने वाले पाप को दूर कर के, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें। इब्रानियों 12:1 1  And therefore we also having so great a cloud of witnesses over our head, laying aside every weight and sin which surrounds us, let us run by patience to the fight proposed to us: Hebrews 12:1 2  और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिस ने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्ता न करके, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। इब्रानियों 12:2 2  Looking on Jesus, the author and finisher of faith, who having joy set before him, endured the cross, despising the shame, and now sitteth on the right hand of the throne of God. Hebrews 12:2 Amen 🙏 Hv a blessed day 🙌✝️

जीभ जो मनुष्य के वश में हो ही नही सकती | "देखो, जहाज भी, यद्यपि ऐसे बड़े होते हैं, और प्रचंड वायु से चलाए जाते हैं, तौभी एक छोटी सी पतवार के द्वारा मांझी की इच्छा के अनुसार घुमाए जाते हैं।" तो जब हम पापों से मन फिराते हैं। और प्रभु यीशू से क्षमा मांगते है यानी सच्चा पश्चाताप करते है और यीशू के पीछे चलने का निर्णय लेकर यीशू से पवित्र आत्मा मांगते है तो वो हमे पवित्र आत्मा से भर देता है।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 जीभ जो मनुष्य के वश में हो ही नही सकती🙏  👉 दुष्ट के नियंत्रण से परिवर्तित जीभ 💐 "देखो, जहाज भी, यद्यपि ऐसे बड़े होते हैं, और प्रचंड वायु से चलाए जाते हैं, तौभी एक छोटी सी पतवार के द्वारा मांझी की इच्छा के अनुसार घुमाए जाते हैं।" James- 3:4👈 "वैसे ही जीभ भी एक छोटा सा अंग है ....."James 3:5 हमारे जीवन को दिशा देने वाली स्टेयरिंग या पतवार जीभ है। ये जीभ या पतवार या स्टेयरिंग को बाईबल बताती है कि मनुष्यों मे से कोई नियत्रंण नही कर सकता तब परमेश्वर ने इस बला को नियत्रंण करने के लिये अपने पवित्र आत्मा को हमारे पास भेजा है तो जब हम पापों से मन फिराते हैं। और प्रभु यीशू से क्षमा मांगते है यानी सच्चा पश्चाताप करते है और यीशू के पीछे चलने का निर्णय लेकर यीशू से पवित्र आत्मा मांगते है तो वो हमे पवित्र आत्मा से भर देता है। पवित्र आत्मा जब हमारे अंन्दर आते हैं तो सबसे पहले जीभ को नियंत्रण मे लेते है तब ये होता है "और एकाएक आकाश से बड़ी आंधी की सी सनसनाहट का शब्द हुआ, और उस से सारा घर जहां वे बैठे थे, गूंज गया।" "और ...

जैसा तू ने किया है, वैसा ही तुझ से भी किया जाएगा, तेरा व्यवहार लौटकर तेरे ही सिर पर पडेगा ।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 👉 क्योंकि सारी जातियों पर यहोवा के दिन का आना निकट है । जैसा तू ने किया है, वैसा ही तुझ से भी किया जाएगा, तेरा व्यवहार लौटकर तेरे ही सिर पर पडेगा । इस वचन को अक्सर सब भूल जाते हैं । सोचते हैं कौन देख रहा है हम अपनी मर्जी के मालिक हैं जौ चाहे सो करेंगे आजादी हमारा हक है जिससे जैसा चाहें व्यवहार करें कोई फर्क नहीं पडता । तब बहुत बार व्यक्ति से ऐसे अपराध भी हो जाते हैं जिन्हें उसने सोचा भी नहीं होता बाद मे जिसका अनजाम बैहद खतरनाक होता है।। समाज में हर कोई सिर्फ अपनी ही सोच रहा है उसे किसी दूसरे की परवाह ही नहीं जब किसी लडके की शादी उसके माँ बाप करते तो उनके अपनी बहू के लिये बहुत से सपने होते हैं पर बहू आकर कहती है अपने माँ बाप को वृदाआश्रम छोड आओ तो लडका बिना यह सोचे कि उसे भी बुढापा आने को है उसका लडका भी वैसा ही उसके साथ करेगा इस बात को भूल जाता है। किसी की भी कोई भी व्यक्ति कोई चीज चुराता तो भूल जाता है उसके साथ भी चोरी ही होगी । कोई ताकतवर जब किसी निर्बल को मारता तो भूल जाता है उस से भी कोई ताकतवर आकर उसे भी मार सकता है ।  कौन विचार क...

यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है? जिस ने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा?

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 (31)  सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है? रोमियो 8:31 (3)  What shall we then say to these things? If God be for us, who is against us? Romans 8:31 (32)  जिस ने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा? रोमियो 8:32 (32)  He that spared not even his own Son, but delivered him up for us all, how hath he not also, with him, given us all things? Romans 8:32 (33)  परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उन को धर्मी ठहराने वाला है। रोमियो 8:33 (33)  Who shall accuse against the elect of God? God that justifieth. Romans 8:33 (34)  फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है। रोमियो 8:34 (34)  Who is he that shall condemn? Christ Jesus that died, yea that is risen a...

लोगों के पास ज्ञान है , दौलत है , नाम है , शौहरत है ; मगर ज़िन्दगी में अन्धकार है| असंतुष्ट जीवन , पति-पत्नी के टूटते रिश्ते , बच्चों का बिगड़ना , विवाहोत्तर संबंध , ऐसे और ना जाने कितने ही अंधकार घर और परिवार में समाये हुए हैं| इंसान नैतिक पतन की कगार पर है| नशा व्यभिचार , फ़ैशन हो गया है| संसार के साथ चलने का मतलब , अपने ईमान से समझौता करना नहीं है|

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लोगों के पास ज्ञान है , दौलत है , नाम है , शौहरत है ; मगर ज़िन्दगी में अन्धकार है| असंतुष्ट जीवन , पति-पत्नी के टूटते रिश्ते , बच्चों का बिगड़ना , विवाहोत्तर संबंध , ऐसे और ना जाने कितने ही अंधकार घर और परिवार में समाये हुए हैं| इंसान नैतिक पतन की कगार पर है| नशा  व्यभिचार , फ़ैशन हो गया है| संसार के साथ चलने का मतलब , अपने ईमान से समझौता करना नहीं है| *इफ़िसियों 6:12 में शैतान को अंधकार का हाकिम कहा गया है| कितनों के पास सबकुछ है , मगर ज़िन्दगी में पाप का अन्धकार है| कितने ही निराशा के अन्धकार में डूबे हैं| यरूशलेम में रौशनी का पर्व मनाया जाता था , मगर धार्मिक अंधकार का साम्राज्य था| आज भी हम , धार्मिक अन्धकार से अछूते नहीं हैं| यशायाह 60:2 में लिखा है---पृथ्वी पर तो अंधियारा और राज्य-राज्य के लोगों पर , घोर अंधकार छाया हुआ है ; परन्तु तेरे ऊपर , यहोवा उदय होगा, और उसका तेज़ तुझ पर प्रगट होगा| आमीन प्रभु का प्रकाश आप पर प्रगट हो रैव्ह. राजेश गिरधर

प्रमेश्वर आंसू बहती आँखों की प्रार्थना, और टूटे हुऐ मन की प्रार्थना को अनसुनी नही करते है! आपका मकसद साफ और सही हो! जो लोग टूटे मन से रोते है, प्रमेश्वर टूटे मन में पट्टी बांधते है, उनके आंसूओ को पोंछते है!

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प्रमेश्वर आंसू बहती आँखों की प्रार्थना, और टूटे हुऐ मन की प्रार्थना को अनसुनी नही करते है!  आपका मकसद साफ और सही हो! हिजकिया राजा को प्रमेश्वर की और से मौत का संदेश मिल गया था, पर उसने अपने बचाओ में प्रार्थना और आंसू बहाना शुरू कर दिया, अभी प्रमेश्वर का जन दरवाजे के पास भी नही गया था, कि वापस खुशखबरी का संदेश था, कि अब मौत नही, 15 वर्ष तेरी आयु बढ़ा दी गई है!  *2राजा:20:5*. वचन कहता है, जो आँसू बहाते हुए बोते है, वह जय जय करते हुए और खुशीयों से काटेगें: *भजन:126:5* दाऊद कहता है, मैं कराहते कराहते थक गया, मैं अपनी खाट आंसुओ से भिगोता हूँ, प्रतिरात मेरा बिछौना भीगता है! *भजन:6:6* मेरे आंसू दिन रात मेरा भोजन थे, लोग दिन भर कहते रहते, कि तेरा प्रमेश्वर कहां है! *भजन:42:3* प्रमेश्वर आपके आंसुओ को संभाल कर रखता है! दाऊद भी बताता है! *भजन:56:8* मरियम मगदलीनी आंसूओ से यीशू के पैर धो रही थी, लोगों को अच्छा नही लगा, पर यीशू खुश थे, एक पापिन आंसूओ से अपने पापों की माफी चाहती है! *लूका:7:38* हन्ना बांझ थी, वह प्रमेश्वर के आगे बिलख बिलख कर रोते हुऐ, प्रार्थना करने लगी, हन्ना की...

अगर प्रार्थना नहीं सुनी जा रही है, तो क्या आपने उसके कारण तलाशने को कोशिश की| प्रार्थना में असर होना चाहिए, और ये प्रभाव पाक रूह से पैदा होता है कि आप कितनी शिद्दत से प्रार्थना करते हैं| जिस्मानी कमजोरियां, आपकी प्रार्थनाओं में रुकावट बन सकती है| प्रभाव शब्दों से नहीं, रूहानी ताक़त से पैदा होता है|

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हम और आप प्रार्थना करते हैं और इस विश्वास से करते हैं कि प्रभु हमारी हर प्रार्थना को सुनता है,और उसे पूरा भी करता है, अगर प्रार्थना नहीं सुनी जा रही है, तो क्या आपने उसके कारण तलाशने को कोशिश की|  प्रार्थना में असर होना चाहिए, और ये प्रभाव पाक रूह से पैदा होता है कि आप कितनी शिद्दत से प्रार्थना करते हैं| जिस्मानी कमजोरियां, आपकी प्रार्थनाओं में रुकावट बन सकती है| प्रभाव शब्दों से नहीं, रूहानी ताक़त से पैदा होता है| हालात कैसे भी क्यों ना हों, निराशा में दुआ कीजिये, और निराशा को प्रार्थना में बाधा मत बनने दीजिये| यीशु ने सिर्फ़ एक बात हमसे कही है, निरंतर प्रार्थना में लगे रहो| अक्सर हमारा ध्यान प्रार्थना पर कम, और जवाब पर ज़्यादा लगा होता है| जवाब जल्दी नहीं आया, जवाब अभी भी नहीं आया ; तो हम निराश हो जाते हैं, और मन को बहलाने की कोशिश करने लगते हैं| शायद ख़ुदा हमसे नाराज़ है, शायद ख़ुदा हमारी सुनना नहीं चाहता, शायद मैं बहुत गुनहगार हूं| ये सब बेकार की बातें हैं, बस प्रार्थना करते रहिये, जवाब ख़ुदा के हांथ में छोड़ दीजिये|  जवाब Yes में नहीं Best में आ रहा है।  आमीन प्र...

जीवन जितना आसान लोग समझते हैं उतना आसान नहीं है , हर समय हमें अपने आप से लडते रहना पडता है जिस संसार मे हम निवास करते हैं वो संसार भौतिक वस्तुओं से भरा पडा है।मन चाहता है यह भी ले लूँ, वह भी ले लूँ, मगर आत्मा कहती है यह सब निष्फल है किसी का भी वो महत्व नहीं जो हमें परमेश्वर से मिला सके, हाँ परमेश्वर से दूर जरूर कर सकती है , शरीर हमेशा आत्मा के विरोध मे काम करता है और आत्मा शरीर के, शरीर सब अपनी अमिलाषाओं को पूरा करना चाहता मगर आत्मा इसे करने से मना करती है।इसी कश्मकश मे जीवन चलता रहता है कभी आत्मा जीत जाती और कभी शरीर, पर जब जब शरीर जीतता है तब तब आत्मा शौकित होती है वो जानती है शरीर के काम उसे स्वर्ग नहीं जाने देंगे और आत्मा तो परमेश्वर के पास लौट जाना चाहती है

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जीवन जितना आसान लोग समझते हैं उतना आसान नहीं है , हर समय हमें अपने आप से लडते रहना पडता है जिस संसार मे हम निवास करते हैं वो संसार भौतिक वस्तुओं से भरा पडा है। मन चाहता है यह भी ले लूँ, वह भी ले लूँ, मगर आत्मा कहती है यह सब निष्फल है किसी का भी वो महत्व नहीं जो हमें परमेश्वर से मिला सके, हाँ परमेश्वर से दूर जरूर कर सकती है , शरीर हमेशा आत्मा के विरोध मे काम करता है और आत्मा शरीर के, शरीर सब अपनी अमिलाषाओं को पूरा करना चाहता मगर आत्मा इसे करने से मना करती है। इसी कश्मकश मे जीवन चलता रहता है कभी आत्मा जीत जाती और कभी शरीर, पर जब जब शरीर जीतता है तब तब आत्मा शौकित होती है वो जानती है शरीर के काम उसे स्वर्ग नहीं जाने देंगे और आत्मा तो परमेश्वर के पास लौट जाना चाहती है  इसीलिये पौलुस कहता है मै अपने शरीर को हमेशा मारता कूटता हूं, कहीं वो शरीर के अनुसार जीवन न बिताने लगे शरीर को मारने कूटने का मतलब होता है शरीर को हर वो काम करने से रोकना जिसे करके वो आनन्दित होना चाहता है शरीर का आनंद आत्मा की हार है और आत्मा की हार व्यक्ति की हार है और व्यक्ति ही हार गया तो वो यीशु मसीह के स...

आज भी चमत्कार होते हैं विश्वास करनेवाले के साथ कुछ भी कभी भी हो सकता है बस यह विश्वास करना है यीशु मसीह मेरे पापों के कारण मारा गया, गाडा गया तीसरे दिन मुर्दों मे से जी उठा और दौबारा आनेवाला है इस बात पर विश्वास करनेवाला ही अपने जीवन में चंगाई को देख सकता है विश्वास करनेवाले के लिये कुछ भी नामुमकिन नहीं ; यीशु मसीह ने कहा है तुम विश्वास से जो भी मांगो वो तुम्हारे लिये हो जाएगा जिन्दगी की हर मुश्किल यीशु मसीह पर विश्वास करने से खत्म हो जाती है पर अपने आप को पाप से बचाना पडता है बस यही करना और आप की मुश्किलों की समाप्ति यीशु मसीह के नाम से ।

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बाईबल मे बहुत बार हमें यह देखने को मिलता है कि लोग बीमारियों से बैहाल थे अपना सब कुछ गवां चुके पर चंगे नहीं हो रहे थे पर जैसे ही यीशु ने उनको छुआ वह तुरन्त ही चंगाई को पा गये। जिनको भी यीशु मसीह ने चंगा किया उनमे एक बात समान थी सब पाप से ग्रसित थे कहें तो किसी न किसी पाप की उनके जीवन मे प्रभुता थी । जिस वजह से वो चंगे नही हो पाते थे पाप की दुष्टात्मा पहले भी काम करती थी आज भी करती है पहले भी लोग इस बात को नहीं मानते थे, और आज भी नहीं मानते कि पापों के द्बारा बिमारी की दुष्टात्मा मनुष्य को आ जकडती है जिसका अहसास मनुष्य को नहीं होता और वह दुनियां दारी मे होने के नाते इस बात को भूल जाता है ।  पर जब यीशु मसीह का आगमन उसके जीवन मे होता है, तो वह बिना दवाई के सिर्फ यीशु मसीह के बौलने मात्र से ही सही हो जाता है । यहाँ दो चीजे  काम करती है एक तो खुद परमेश्वर जो उस व्यक्ति को सही कर रहा है और दूसरा उस व्यक्ति का विश्वास कि यीशु ही उसे चंगा कर सकता है, दोनों बातों के मिलने से चंगाई उसी पल मिल जाती है।  आज भी चमत्कार होते हैं विश्वास करनेवाले के साथ कुछ भी कभी भी हो सकता...

केवल परमेश्वर ही मनुष्य(हम सब)के भाग्य को जानता है और केवल परमेश्वर ही इस मनुष्य(हम सब)के जीवन को और जीने के ढंग को नियंत्रित करता है। यदि मनुष्य(हम सब) अच्छा भाग्य पाना चाहता है, तो मनुष्य(हम सब)को हमेशा परमेश्वर की आराधना में झुकना चाहिए, पश्चाताप करना चाहिए और परमेश्वर के सामने अपने पापों को स्वीकार करना चाहिए, अन्यथा मनुष्य(हम सब)का भाग्य और मंज़िल निश्चित रूप से तबाह हो जाएँगे।”

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“परमेश्वर ने इस संसार की सृष्टि की, उसने मनुष्य(हम सबको) को बनाया,  केवल परमेश्वर ही मनुष्य (हम सब)को सांत्वना देता है, और केवल परमेश्वर ही रात-दिन इस मनुष्य(हम सब)का ध्यान रखता है। मनुष्य(हम सब) का विकास और प्रगति परमेश्वर की प्रभुता से जुड़ी है, मनुष्य(हमसब)का भविष्य परमेश्वर की योजनाओं में हमेशा रहा है। यदि तुम एक सच्चे मसीह हो, तो तुम निश्चय ही इस बात पर विश्वास करोगे कि किसी भी देश या राष्ट्र का उत्थान या पतन परमेश्वर की योजना के अनुसार होता है। केवल परमेश्वर ही मनुष्य(हम सब)के भाग्य को जानता है और केवल परमेश्वर ही इस मनुष्य(हम सब)के जीवन को और जीने के ढंग को नियंत्रित करता है। यदि मनुष्य(हम सब) अच्छा भाग्य पाना चाहता है,  तो मनुष्य(हम सब)को हमेशा परमेश्वर की आराधना में झुकना चाहिए, पश्चाताप करना चाहिए और परमेश्वर के सामने अपने पापों को स्वीकार करना चाहिए, अन्यथा मनुष्य(हम सब)का भाग्य और मंज़िल  निश्चित रूप से तबाह हो जाएँगे।” आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह राजेश गिरधर

हम ख़ुदा से रोज़ की रोटी मांगते है , जब मिल जाती है तो हम ख़ुश हो जाते हैं| उससे भी ज्यादा ख़ुशी ख़ुदा को मिलती है| वो हमें रोटी खिलाता है , इसलिए की वो बांटने की ख़ुशी को जानता है| ख़ुदा हमें खाना सिर्फ़ खाने के लिए नहीं , वो हमें बांटने के लिए भी देता है|

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हम ख़ुदा से रोज़ की रोटी मांगते है , जब मिल जाती है तो हम ख़ुश हो जाते हैं| उससे भी ज्यादा ख़ुशी ख़ुदा को मिलती है|  वो हमें रोटी खिलाता है , इसलिए की वो बांटने की ख़ुशी को जानता है| ख़ुदा हमें खाना सिर्फ़ खाने के लिए नहीं , वो हमें बांटने के लिए भी देता है| येशू तब तक रोटी और मछली बांटता रहा , जब तक की सबने पेट भर कर नहीं खाया| दूसरों को पेट भर कर खिलने की ख़ुशी , येशू के चहरे पर साफ़ दिखाई देती होगी| ज़रा शागिर्दों के बारे में सोचिये , हज़ारों लोगों को खाना बांटना , फिर बचे हुए रोटी के टुकड़ों को इकठ्ठा करना| वो काम बेहद थका देने वाला रहा होगा , मगर उसमें जो ख़ुशी हासिल हुई होगी , वो बेयान से परे है| बांट कर खाने में जो ख़ुशी है , वो अकेले खाने में नहीं है| ऐसे लोगों की दुआएं , ज़िन्दगी भर आपका पीछा करती हैं| सारपत की महिला ने , एक मुट्ठी मैदे में से , एलियाह को रोटी खिला कर , अपनी दरिया दिली का सबूत पेश किया| जब हम दूसरों को बांटते हैं , तो हमारा खाना कम नहीं होता ; बढ़ता ही जाता है| जिसका पेट भरता है , वो दिल से दुआ देता है| दिल से निकली दुआ , कभी बेअसर नहीं होती|  आमीन प्रभु ...

कमियां हर इंसान में होती हैं , और ख़ूबियाँ भी होती हैं| ये आप पर निर्भर है , आप किसे देखते , और किसे नज़रंदाज़ करते हैं| गिले-शिकवे रखने से बेहतर है , उन्हें मिटा देना|

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सभोपदेशक 4=12 के अनुसार :- जो डोर तीन तागे से बटी हो , वह जल्दी नहीं टूटती| आज कल समझौता करने से, अलग होना ज्यादा बेहतर समझा जाता है| समझौते से मेरा मतलब , रिश्तों को बेवज़ह ढोना नहीं है| दूसरे को बदलने से पहले , ख़ुद में बदलाव ज़रूरी  है| विवाद किस परिवार में नहीं हैं , मगर झगड़ने से बेहतर है , मिल कर समस्या का समाधान तलाशना| अहम् का टकराव , दूरियों की सबसे बड़ी वज़ह है| इज्ज़त चाहिए , तो दूसरे की इज्ज़त करना निहायत ज़रूरी है| अलग हों जाने को समस्या का समाधान नहीं माना जा सकता| माँ बाप के अलगाव का गहरा असर , बच्चों की मानसिकता पर पड़ता है| जिस परिवार में पति पत्नी लगातार झगड़ते रहते हैं , बच्चे उसी मानसिकता के साथ बड़े होते हैं| ऐसे भी लोग हैं जो कहते हैं अगर यही वैवाहिक जीवन है , तो इससे दूर रहना ही बेहतर है| कुछ अगर साथ रह भी रहे हैं , तौभी दूरी कायम रखते हैं| मानसिक दूरियां , आपके आत्मिक जीवन को प्रभावित करती हैं| दौलत कमाने से , ख़ुशियाँ नहीं खरीदीं जा सकतीं| परिवार के तनाव को , बच्चे समझते हैं| आप आपस की दूरियों को , बच्चों से छिपा नहीं सकते| बदलाव दोनों ओर से जरूरी है| समझौता...

जैसी करनी वैसी भरनी | जो बोया है, वही तो काटा जाएगा | इस वचन को अक्सर सब भूल जाते हैं । सोचते हैं कौन देख रहा है हम अपनी मर्जी के मालिक हैं जो चाहे सो करेंगे आजादी हमारा हक है जिससे जैसा चाहें व्यवहार करें कोई फर्क नहीं पडता ।तब बहुत बार व्यक्ति से ऐसे अपराध भी हो जाते हैं जिन्हें उसने सोचा भी नहीं होता बाद मे जिसका अनजाम बैहद खतरनाक होता है। कोई ऐसा काम न करो जो वापस, जब आपके साथ किया जाए तो आपको दुख हो, सम्भल जाओ अब भी समय है ,क्योंकि हम अभी जिन्दा हैं सुधर सकते हैं मरने के बाद तो माफी माँगने का मौका भी नही मिलने का । प्रभु हम सबको ज्ञान और बुद्धि दे !!!

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जैसी करनी वैसी भरनी जो बोया है, वही तो काटा जाएगा इस वचन को अक्सर सब भूल जाते हैं । सोचते हैं कौन देख रहा है हम अपनी मर्जी के मालिक हैं जो चाहे सो करेंगे आजादी हमारा हक है जिससे जैसा चाहें व्यवहार करें कोई फर्क नहीं पडता । तब बहुत बार व्यक्ति से ऐसे अपराध भी हो जाते हैं जिन्हें उसने सोचा भी नहीं होता बाद मे जिसका अनजाम बैहद खतरनाक होता है।। समाज में हर कोई सिर्फ अपनी ही सोच रहा है उसे किसी दूसरे की परवाह ही नहीं जब किसी लडके की शादी उसके माँ बाप करते तो उनके अपनी बहू के लिये बहुत से सपने होते हैं पर बहू आकर कहती है अपने माँ बाप को वृदाआश्रम छोड आओ तो लडका बिना यह सोचे कि उसे भी बुढापा आने को है उसका लडका भी वैसा ही उसके साथ करेगा इस बात को भूल जाता है। किसी की भी कोई भी व्यक्ति कोई चीज चुराता तो भूल जाता है उसके साथ भी चोरी ही होगी । कोई ताकतवर जब किसी निर्बल को मारता तो भूल जाता है उस से भी कोई ताकतवर आकर उसे भी मार सकता है ।  कौन विचार करता है इन सब बातों पर बस सब अपने ही मन की बातों को पूरा करने पर तुले हुए हैं भूल गये जैसा बीज बोओगे वैसा ही पेड होगा वैसा ही उस पर फल...

हमें परीक्षा में न ला, परन्तु बुराई से बचा; क्योंकि राज्य और पराक्रम और महिमा सदा तेरे ही हैं।”

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“हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए। तेरा राज्य आए; तेरी इच्छा जैसी स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो। हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे। और जिस प्रकार हम ने अपने अपराधियों को क्षमा किया है, वैसे ही तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर। और हमें परीक्षा में न ला, परन्तु बुराई से बचा; क्योंकि राज्य और पराक्रम और महिमा सदा तेरे ही हैं।” आमीन। 20 और उन्होंने निकलकर हर जगह प्रचार किया, और प्रभु उन के साथ काम करता रहा, और उन चिन्हों के द्वारा जो साथ साथ होते थे वचन को, दृढ़ करता रहा। आमीन॥  मरकुस 16:20   4 मत डर, क्योंकि तेरी आशा फिर नहीं टूटेगी; मत घबरा, क्योंकि तू फिर लज्जित न होगी और तुझ पर सियाही न छाएगी; क्योंकि तू अपनी जवानी की लज्जा भूल जाएगी, और, अपने विधवापन की नामधराई को फिर स्मरण न करेगी।  यशायाह 54:4 5 क्योकि तेरा कर्त्ता तेरा पति है, उसका नाम सेनाओं का यहोवा है; और इस्राएल का पवित्र तेरा छुड़ाने वाला है, वह सारी पृथ्वी का भी परमेश्वर कहलाएगा।  यशायाह 54:5 6 क्योंकि यहोवा ने तुझे ऐसा बुलाया है, मानो तू छोड़ी हुई और मन ...

वचन कहता है,💐 नीतिवचन 22,10“ठट्ठा करनेवाले को निकाल दे, तब झगड़ा मिट जाएगा, और वाद-विवाद और अपमान दोनों टूट जाएँगे"!!!

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 वचन कहता है,💐 नीतिवचन 22,10“ठट्ठा करनेवाले को निकाल दे, तब झगड़ा मिट जाएगा, और वाद-विवाद और अपमान दोनों टूट जाएँगे"!!! " अर्थात...ठठ्ठा करनेवालों की संगति मत कर और उन्हें अपने बीच में से निकाल दे, इससे झगड़ा, वादविवाद और अपमान खतम हो जाएगा और फिर से मेलमिलाप हो जाएगा। इसीलिए हमेशा याद रहे... भजनसंहिता-- 1:1...“क्‍या ही धन्‍य है वह पुरूष, जो दुष्‍टों की युक्ति पर नहीं चलता और न पापियों के मार्ग में खड़ा होता; और न ठट्ठा करनेवालों की मण्‍डली में बैठता है”...ध्यान रहे,“ठठ्ठा करनेवाला टेढ़ा मनुष्य होता है, नीतिवचन-16:28 और टेढ़ा मनुष्‍य बहुत झगड़े को उठाता है और कानाफूसी करनेवाला परम मित्रों में भी फूट करा देता है।" ☝🏻और… जो चीज आप को, “CHALLENGE” करती है, वही आपको “CHANGE” कर सकती है। प्रभु ही उद्धार करता है और आप सभी को आशीष करे। सदा मुस्कुराते रहिये।         Amen 🙏 Hv a blessed day 🙌✝️

परमेश्वर के वचन पर विश्वास रखें और परमेश्वर ने आपकी प्रार्थना सुनी है और उसका उत्तर दिया है, इसलिये उसकी स्तुति करें। प्रभु ने स्वयं कहा है, ‘इसलिये मैं तुमसे कहता हूँ कि जो कुछ तुम प्रार्थना करके मांगो, तो प्रतीति कर लो कि तुम्हें मिल गया, और तुम्हारे लिये हो जाएगा। Most IMP

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परमेश्वर के वचन पर विश्वास रखें और परमेश्वर ने आपकी प्रार्थना सुनी है और उसका उत्तर दिया है, इसलिये उसकी स्तुति करें। प्रभु ने स्वयं कहा है, ‘इसलिये मैं तुमसे कहता हूँ कि जो कुछ तुम प्रार्थना करके मांगो, तो प्रतीति कर लो कि तुम्हें मिल गया, और तुम्हारे लिये हो जाएगा।’ (मरकुस 11:24) प्रभु सुनता है और उत्तर देता है ऐसा विश्वास रखें यही प्रभावशाली प्रार्थना का रहस्य है। परमेश्वर पर संदेह न करें। हमें असम्भव लगने वाली बातें भी परमेश्वर कर सकता है। विश्वास का जीवन प्रसन्नता का जीवन है। हरेक चीज के लिये आप परमेश्वर पर भरोसा रख सकते हैं। प्रभु पर शंका मत लाइये। कोई भी विलम्ब के लिये उससे सवाल न करें और न ही व्याकुल हो, परन्तु परमेश्वर ने आपकी प्रार्थना सुन ली है ऐसा विश्वास रखें। प्रभु आपका विश्वास देखेगा और उसके अनुसार आपको प्रतिफल देगा।   कई लोग प्रार्थना करते हैं परन्तु उनका चेहरा उदास ही रहता है। यह बताता है कि प्रभु ने उनकी प्रार्थना सुनी है ऐसा वे नहीं मानते। ऐसे लोग विश्वास में निर्बल हैं। प्रभु ने आपकी सुनी है, ऐसा आप सचमुच विश्वास करते हों तो प्रार्थना के उत्तर के लिय...

प्रशन्सा करानेवाला प्रभु है वही सब करता है क्योंकि बडती न तो पूरब से न पश्चिम से आती है परमेश्वर न्यायी है वो एक को बढाता दूसरे को घटाता है। इन सब बातों मे एक बात साफ साफ सबको समझ लेनी चाहिए व्यक्ति का चुनाव परमेश्वर की ओर से होता है जिसे वो चुनता है उसे बडाता भी है और उसकी ताडना भी करता है क्योंकि वो उस से प्यार करता है । जाँचना जरूरी है अपने आप को ? अपने को जाँचों समय आ गया है धोखा न खाना परमेश्वर ठट्ठे मे उडाया नहीं जा सकता सब बातों का लेखा उसे देना होगा ।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 तब यहोवा ने यहोशू से कहा, आज के दिन से मैं सब इस्राइलियों के सम्मुख तेरी प्रशन्सा करना आरम्भ करुँगा, जिससे वे जान लें कि जैसे मैं मूसा के संग रहता था ; वैसे ही तेरे संग भी हूँ । जब मूसा को पहाड़ी से परमेश्वर ने सारा कनान देश दिखा दिया तब मूसा वहीँ पर मर गया परमेश्वर ने उसे वहीं मिट्टी दी आज तक कोई नही जानता मूसा की कब्र कहाँ है ? उसके बाद परमेश्वर ने यहोशू को चुना ताकि वो सारे बचे हुए इस्राइली लोगों को कनान देश में प्रवेश करवा सके । सब इस्राइली मूसा से डरते थे वो जानते थे परमेश्वर मूसा के संग रहता है जब मूसा परमेश्वर से बातें करके पहाड पर से नीचे आता तब उसके चेहरे से रोशनी निकलती थी यही बात दूसरों के भय का कारण थी जब मूसा के बाद यहोशू को परमेश्वर ने चुना तब वो हियाव बाँधकर परमेश्वर के काम करने को तैयार हो गया परमेश्वर उसके साथ था । इन सब बातों मे एक बात साफ साफ सबको समझ लेनी चाहिए व्यक्ति का चुनाव परमेश्वर की ओर से होता है जिसे वो चुनता है उसे बडाता भी है और उसकी ताडना भी करता है क्योंकि वो उस से प्यार करता है । मगर आज के हालातों को देखते हु...

बाईबल कहती है़...क्योंकि परमेश्वर की रोटी वही है, जो स्वर्ग से उतरकर जगत को जीवन देती है। यीशु ने उन से कहा, जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा। जो बुद्धि को ग्रहण कर लेते हैं, उनके लिये वह जीवन का वृक्ष बनती है; और जो उस को पकड़े रहते हैं, वह धन्य हैं॥

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   PRAISE THE LORD  🙏Good Morning 🙏         आज की रोटी 💐 📖 बाईबल कहती है़... क्योंकि परमेश्वर की रोटी वही है, जो स्वर्ग से उतरकर जगत को जीवन देती है। तब उन्होंने उस से कहा, हे प्रभु, यह रोटी हमें सर्वदा दिया कर। यीशु ने उन से कहा, जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा। *यूहन्ना 6:33-35*  इस वचन के द्वारा परमेश्वर आप को बुद्धि ज्ञान और समझ दे। 👉 नीतिवचन--3:18,19 जो बुद्धि को ग्रहण कर लेते हैं, उनके लिये वह जीवन का वृक्ष बनती है; और जो उस को पकड़े रहते हैं, वह धन्य हैं॥ 19) यहोवा ने पृथ्वी की नेव बुद्धि ही से डाली; और स्वर्ग को समझ ही के द्वारा स्थिर किया।   🎊🎉 Congratulations for this New Month..... this September month is Month of *Sacrifice of Thanks giving*      So when you give thanks to the Lord in everything..... you see the Miracle in your life 🙌🗳️💐💒🛐✝️  *Amen 🙏*   *Hv a blessed day* 🙌✝️

अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है | हमारी सामर्थ्य कुछ भी नहीं है परमेश्वर के सामने। वचन बताता है कि हम जो विनती करते हैं वह अपनी समझ से और अपनी बुद्धि से करते हैं।जब हम कोई काम करते हैं तो हमारी सामर्थ जितनी है उतनी ही कर सकते हैं लेकिन परमेश्वर की सामर्थ्य इतनी अधिक है कि हम सोच भी नहीं सकते हैं। परमेश्वर महान हैं हमारे जीवन में अदभुत काम करने की सामर्थ्य रखतें हैं।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 👉विषय:- परमेश्वर का सामर्थ्य💐 👉इफिसियों 3:20-21 अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है,  कलीसिया में, और मसीह यीशु में, उस की महिमा पीढ़ी से पीढ़ी तक युगानुयुग होती रहे। आमीन॥ परमेश्वर का सामर्थ्य मतलब एक अलग ही बात हैं। हम मनुष्य हैं और हमारी सामर्थ्य सिर्फ इतनी है कि कुछ घण्टे काम करने से हम थक जाते हैं। हमारी सामर्थ्य कुछ भी नहीं है परमेश्वर के सामने। वचन बताता है कि हम जो विनती करते हैं वह अपनी समझ से और अपनी बुद्धि से करते हैं। जब हम कोई काम करते हैं तो हमारी सामर्थ जितनी है उतनी ही कर सकते हैं लेकिन परमेश्वर की सामर्थ्य इतनी अधिक है कि हम सोच भी नहीं सकते हैं। परमेश्वर महान हैं हमारे जीवन में अदभुत काम करने की सामर्थ्य रखतें हैं। इसलिए हम अपने जीवन में परमेश्वर को मौका दें कि उसकी सामर्थ्य प्रगट हो। हम अपनी सामर्थ्य से काम करेंगे तो थोड़ी देर में थक जाएंगे। लेकिन जब हमारे जीवन में परमेश्वर की सामर्थ्य काम करेगी तो हमारा जीवन आशीष मय होगा क्योकि परमेश्व...

वचन कहता है, यहेजकेल 18,20“जो प्राणी पाप करे वही मरेगा, न तो पुत्र पिता के अधर्म का भार उठाएगा और न पिता पुत्र का,धर्मी को अपनी ही धार्मिकता का फल, और दुष्‍ट को अपनी ही दुष्‍टता का फल मिलेगा!”

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 वचन कहता है, यहेजकेल 18,20“जो प्राणी पाप करे वही मरेगा, न तो पुत्र पिता के अधर्म का भार उठाएगा और न पिता पुत्र का,धर्मी को अपनी ही धार्मिकता का फल, और दुष्‍ट को अपनी ही दुष्‍टता का फल मिलेगा!” अर्थात...“परमेश्वर हमें यह समझना चाहतें हैं, यहेजकेल 18,30 हे इस्राएल के घराने,मैं तुममें से हर एक मनुष्‍य का न्‍याय उसकी चालचलन के अनुसार ही करूँगा। पश्‍चात्ताप करो और अपने सब अपराधों को छोड़ो,तभी तुम्‍हारा अधर्म तुम्‍हारे ठोकर खाने का कारण न होगा।यहेजकेल 18,22 उसने जितने अपराध किए हों,उनमें से किसी का स्‍मरण उसके विरुद्ध न किया जाएगा,जो धार्मिकता के काम उसने किये हो,उसके कारण वह जीवित रहेगा!” इसीलिए हमेशा याद रहे... यहेजकेल 18,27“फिर जब दुष्‍ट अपने दुष्‍ट कामों से फिरकर,न्‍याय और धार्मिकता के काम करने लगे,तो वह अपना प्राण बचाएगा।28 वह जो सोच विचार कर अपने सब अपराधों से फिरा,इस कारण न मरेगा,जीवित ही रहेगा”...ध्यान रहे,यहेजकेल 23“प्रभु यहोवा की यह वाणी है, क्‍या मैं दुष्‍ट के मरने से कुछ भी प्रसन्न होता हूँ? क्‍या मैं इससे प्रसन्न नहीं होता कि वह अपने...

कृतज्ञता एक ज़रूरी गुण है लेकिन बुद्धि उससे ज़रूरी गुण है, क्योंकि बिना ज्ञान हम समझ नहीं सकते कि धन्यवाद देना कितना ज़रूरी है।👉- बुद्धि सभी गुणों का निर्माण करती है। यह सभी गुणों की नींव है जिसके बिना सारे गुण ढह जाएंगे।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏      *आज का मनन : नीतिवचन 4:7* " बुद्धि श्रेष्ठ है इसलिये उसकी प्राप्ति के लिये यत्न कर; जो कुछ तू प्राप्त करे उसे प्राप्त तो कर परन्तु समझ की प्राप्ति का यत्न घटने न पाए।" प्रभु यीशु में प्रणाम🙏🏻 - प्रेम सब बातों में श्रेष्ठ है लेकिन बुद्धि सबसे श्रेष्ठ गुण है क्योंकि बिना बुद्धि के हम समझ नहीं सकते कि अपने शत्रु से कैसे प्रेम करें? 👉- आनंद एक महत्वपूर्ण गुण है लेकिन बुद्धि उससे महत्वपूर्ण गुण है, क्योंकि बिना बुद्धि के हम नहीं समझ सकते कि अंदर कितनी ख़ुशी है। 👉- शांति एक कीमती धन है लेकिन ज्ञान उससे भी मूल्यवान है, क्योंकि बिना बुद्धि के हम जान नहीं सकते कि हमारी आत्मा को शांति की ज़रूरत है। 👉- कृतज्ञता एक ज़रूरी गुण है लेकिन बुद्धि उससे ज़रूरी गुण है, क्योंकि बिना ज्ञान हम समझ नहीं सकते कि धन्यवाद देना कितना ज़रूरी है। 👉- बुद्धि सभी गुणों का निर्माण करती है। यह सभी गुणों की नींव है जिसके बिना सारे गुण ढह जाएंगे। 👉- हम बुद्धिमान कैस बन सकते हैं? यदि हम पवित्रशास्त्र पढ़ते हैं तो अवश्य ही हम बुद्धिमान बन सकते हैं। 👉- तो आइए...

जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 👉फिलिपियो-- 2:5-11 👉5 जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो।  6 जिस ने परमेश्वर के स्वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा।  7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।  8 और मनुष्य के रूप में प्रगट होकर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।  9 इस कारण परमेश्वर ने उस को अति महान भी किया, और उस को वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है।  10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें।  11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है॥ Phillipians 2:5-11 5 In your relationships with one another, have the same mindset as Christ Jesus: 6 Who, being in very nature God, did not consider equality with God something to be used to his own advantage; 7 rather, he made himself nothi...

हम किससे मदद माँगते हैं।💐जो मदद परमेश्वर कर सकते हैं। जो अगुवाई परमेश्वर दे सकते हैं जो भी कुछ परमेश्वर आपके लिए कर सकते हैं कोई और कभी भी नहीं कर सकता।वचन कहता है कि परमेश्वर हमारा हाथ पकड़कर कहेंगे कि मत डर, मैं तेरी सहायता करूँगा। सच में परमेश्वर की ओर से सहायता मिलना कितनी ही अच्छी बात है।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 👉विषय:- हम किससे मदद माँगते हैं।💐 👉यशायाह41:10-13 मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा॥ 11 देख, जो तुझ से क्रोधित हैं, वे सब लज्जित होंगे; जो तुझ से झगड़ते हैं उनके मुंह काले होंगे...... 12 जो तुझ से लड़ते हैं उन्हें ढूंढने पर भी तू न पएगा; ...... 👉यशायाह 41:13 क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा, तेरा दहिना हाथ पकड़कर कहूंगा, मत डर, मैं तेरी सहायता करूंगा॥  परमेश्वर जो कि इस सृष्टि को बनाने वाला है। मुझे और आपको बनाया है। परमेश्वर के द्वारा सब कुछ हो सकता है। क्या हम उसके समीप पाए जाते हैं क्या हम उससे सहायता माँगते हैं। हम मसीह लोग कई बार सहायता के लिए लोगो को ढूंढते हैं। सोचते हैं कि वह हमारी मदद करेंगे। हमें बताएंगे कि क्या सही हैं क्या नही। तो हमें अपने जीवन को जांचने की जरूरत है और यह जानने की जरूरत है कि जब हमें जरूरत थी तो क्या सच में किसी ने मदद की और अगर की तो कितनी। परमेश्वर के प्रिय लोगों ह...

वचन कहता है कि जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तो तुम सामर्थ्य पाओगे। हम जब परमेश्वर की सामर्थ्य को पाकर फिर कुछ करेंगे तो जरूर वह आशीषमय होंगा।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 👉विषय:- जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा। 💐 👉प्रेरितों के काम-- 1:8  परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे। हमारे जीवन में पवित्र आत्मा की अगुवाई होना बहुत ही जरूरी है। अगर हम पवित्र आत्मा की अगुवाई में काम नहीं कर रहे हैं तो हमें ध्यान देने की जरूरत है। वचन कहता है कि जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तो तुम सामर्थ्य पाओगे। हम जब परमेश्वर की सामर्थ्य को पाकर फिर कुछ करेंगे तो जरूर वह आशीषमय होंगा। हम कई बार अपने कामों को बिना अगुवाई पाए ही करना चाहते हैं और फिर उस काम में सफलता नही मिलती तो हम परमेश्वर को दोष देते हैं। कई बार पवित्र आत्मा जी हमें कुछ और करने को बोलते हैं और हम बिल्कुल उसके विपरीत करते हैं। हमे पवित्र आत्मा जी की सुननी चाहिए। जब पवित्र आत्मा जी आपसे कुछ करने को कहे तो उसे जरूर करें। वचन कहता है कि पवित्र आत्मा  जी की सामर्थ जब हमारे जीवन में होगी तो हम गवाह ठहरेंगे।  हर एक जगह में। अपने जीवन में, अपने परिवार में, अपने खानदा...

वचन कहता है,यिर्मयाह 10:23“हे यहोवा,मैं जान गया हूँ,कि मनुष्‍य का मार्ग उसके वश में नहीं है,मनुष्‍य चलता तो है,परन्‍तु उसके डग उसके अधीन नहीं हैं!”

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PRAISE THE LORD   🙏Good Morning 🙏 वचन कहता है,यिर्मयाह 10:23“हे यहोवा,मैं जान गया हूँ,कि मनुष्‍य का मार्ग उसके वश में नहीं है,मनुष्‍य चलता तो है,परन्‍तु उसके डग उसके अधीन नहीं हैं!” अर्थात...“परमेश्वर समझाना चाहता है,कि मनुष्‍य का मार्ग उसके वश में नहीं है,मनुष्‍य चलता तो है,परन्‍तु उसके डग उसके अधीन नहीं हैं,नीतिवचन 19,21 क्योंकि मनुष्‍य के मन में बहुत सी कल्पनाएँ होती हैं,परन्‍तु जो युक्ति यहोवा करता है,वही स्‍थिर रहती है!” इसीलिए हमेशा याद रहे... नीतिवचन 2,8“परमेश्वर यहोवा न्‍याय के पथों की देख भाल करता और अपने भक्‍तों के मार्ग की रक्षा करता है,2,12 ताकि तुझे बुराई के मार्ग से और उलट फेर की बातों के कहनेवालों से बचाए”...ध्यान रहे, नीतिवचन 16,25 “ऐसा मार्ग है,जो मनुष्‍य को ठीक देख पड़ता है,परन्‍तु उसके अन्‍त में मृत्‍यु ही मिलती है, नीतिवचन 5,21 क्‍योंकि मनुष्‍य के मार्ग यहोवा की दृष्‍टि से छिपे नहीं हैं और वह उसके सब मार्गों पर ध्‍यान करता है!”* *☝🏻और…* जो चीज आप को“CHALLENGE” करती है,* *वही आपको “CHANGE” कर सकती है।* *प्रभु ही उद्धार करता है और आप सभी को आशीष करे...

सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश देने और समझाने, और सुधारने और धार्मिकता की शिक्षा के लिये लाभदायक है। ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने और हर एक भले काम के लिये तत्पर हो जाए॥

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 👉विषय:- परमेश्वर का वचन बहुत सी बातों के लिए लाभदायक हैं। 💐 👉2 तीमुथियुस 3:16-17 सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश देने और समझाने, और सुधारने और धार्मिकता की शिक्षा के लिये लाभदायक है।  ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने और हर एक भले काम के लिये तत्पर हो जाए॥ हम मसीह लोगो के पास  बाइबल हैं और हम इसे पढ़ते भी हैं। मसीह जीवन में यह एक आम बात है कि हम रोज बाइबल पढ़ते हैं। लेकिन आज भी ऐसे कई लोग हैं जो रोजाना बाइबल नही पढ़ते हैं। उन्हें बाइबल पढ़ने में आलस आता है या मन नहीं करता है या फिर उन्हें लगता हैं बाइबल पढ़कर क्या करेंगे। वचन बताता है कि बाइबल पढ़ने के बहुत से फायदे हैं और यह सच भी है। वचन में लिखा है कि यह उपदेश देने के काम आता है। हम अगर किसी को सिखाना चाहते हैं तो सीखना भी पड़ेगा और यह सीखना बाइबल से हो सकता है। हम अकसर अपने बच्चों को और अपने से छोटों को बहुत- सी बातें सिखाना चाहते हैं जो उनके काम आ सकें। लेकिन समझ नहीं आता कि कैसे सिखायें। बाइबल के वचन हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ...

अकसर ऐसा देखने को मिलता है कि लोग प्रार्थनाए तो बहुत करते हैं लेकिन वह इस बात पर यकीन नही कर पाते हैं कि परमेश्वर उनकी प्रार्थना को सुनेंगे। जब यीशु मसीह ने ऐसा कहा इसका मतलब यह नही कि वह हमारे साथ नही रहेंगे, बल्कि उन्होंने इस बात को कहना चाहा कि हम लोग खुद की प्रार्थना पर यकीन क्यो नही करते हैं।हम अपने पास्टर लीडर और कलीसिया के प्राचीनों से प्रार्थना करवाते हैं यह अच्छा है लेकिन इसके साथ हमें खुद भी प्रार्थना करना चाहिए।हमें यह पता होना चाहिए कि परमेश्वर हर एक कि प्रार्थना को सुनते हैं। इसलिए हमें खुद के लिए तो प्रार्थना करना ही चाहिए साथ ही दूसरे लोगों के लिए भी प्रार्थना करनी चाहिए और यह प्रार्थना विश्वास के साथ होनी चाहिए। क्योंकि वचन में लिखा है विश्वास करके हम प्रार्थना में जो कुछ मांगेंगे वह हमें मिल जाएगा।मरकुस 11:24

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 👉विषय:- अविश्वासी और हठीले लोग।💐 👉मत्ती 17:17 यीशु ने उत्तर दिया, कि हे अविश्वासी और हठीले लोगों मैं कब तक तुम्हारे साथ रहूंगा? कब तक तुम्हारी सहूंगा? उसे यहां मेरे पास लाओ।  यहाँ पर वचन में उन लोगो के बारे में बताया गया है जिनका विश्वास मजबूत नही हैं। जो पूरी रीति से विश्वास नही करते हैं। अकसर ऐसा देखने को मिलता है कि लोग प्रार्थनाए तो बहुत करते हैं लेकिन वह इस बात पर यकीन नही कर पाते हैं कि परमेश्वर उनकी प्रार्थना को सुनेंगे। जब यीशु मसीह के पास एक व्यक्ति आता है अपने बेटे के लिए प्रार्थना करवाने के लिए तो यीशु मसीह कहते हैं कि,  हे अविश्वासी और हठीले लोगों मैं कब तक तुम्हारे साथ रहूंगा? जब यीशु मसीह ने ऐसा कहा इसका मतलब यह नही कि वह हमारे साथ नही रहेंगे, बल्कि उन्होंने इस बात को कहना चाहा कि हम लोग खुद की प्रार्थना पर यकीन क्यो नही करते हैं। हम अपने पास्टर लीडर और कलीसिया के प्राचीनों से प्रार्थना करवाते हैं यह अच्छा है लेकिन इसके साथ हमें खुद भी प्रार्थना करना चाहिए। हमें यह पता होना चाहिए कि परमेश्वर हर एक कि प्रार्थना को स...

जितने यहोवा को पुकारते हैं, अर्थात जितने उसको सच्चाई से पुकारते हैं; उन सभों के वह निकट रहता है।वह अपने डरवैयों की इच्छा पूरी करता है, और उनकी दोहाई सुन कर उनका उद्धार करता है। जब हम उसे पुकारेंगे तो वचन कहता है कि वह हमारे निकट रहता है और जितने भी उसके भय में चलते हैं परमेश्वर उनकी इच्छा को पूरी करते हैं और परमेश्वर उनकी प्रार्थना को सुन कर उनके जीवन में उद्धार को देता है।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 👉विषय:- परमेश्वर को पुकारना।💐 👉भजनसंहिता- 145:18-19 जितने यहोवा को पुकारते हैं, अर्थात जितने उसको सच्चाई से पुकारते हैं; उन सभों के वह निकट रहता है। वह अपने डरवैयों की इच्छा पूरी करता है, और उनकी दोहाई सुन कर उनका उद्धार करता है। परमेश्वर का वचन कहता है कि जितने भी उसे पुकारते हैं। आज हम सबसे पहले इस बात को जान ले कि क्या हम परमेश्वर को पुकारते हैं।....?🙏 कई मसीह लोग परमेश्वर से व्यक्तिगत रूप से नहीं जुड़े हैं। वह व्यक्तिगत प्रार्थना नहीं करते हैं। वचन को नही पढ़ते हैं,और जब हम प्रार्थना ही नही करते हैं परमेश्वर के सम्मुख समय ही नही बिताते हैं तो इसका मतलब है कि हम उसे पुकारते भी नही हैं। इसलिए जरूरी है कि हम परमेश्वर से प्रार्थना करने में समय बिताए। वचन को पढ़ें और उसे अपने जीवन में लागू करें।     हम परमेश्वर को अपनी प्रार्थनाओं में पुकार सकते हैं लेकिन जब हम प्रार्थना ही नही करते हैं तो और किस तरह से परमेश्वर को पुकारते हैं। मसीह जीवन सीखने का जीवन है। इसलिए हम सीखें और परमेश्वर के राज्य में बढ़ते जाएं ।     जब हम उसे ...

परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो। जिस से तुम अपने स्वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनो पर अपना सूर्य उदय करता है और धमिर्यों और अधर्मियो दोनों पर मेंह बरसाता है।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 👉विषय:- क्या हम अपने प्रेम रखने वालों से ही प्रेम रखते हैं?🙏 👉मत्ती 5:44-45 परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो।  जिस से तुम अपने स्वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनो पर अपना सूर्य उदय करता है और धमिर्यों और अधर्मियो दोनों पर मेंह बरसाता है।  परमेश्वर का वचन हमसे इस प्रश्न को पूछता है कि क्या हम अपने प्रेम रखने वालों के साथ में ही प्रेम रखते हैं, क्या हम उन्हीं से अच्छी बातें करते हैं जो कि हमसे करते हैं?       सच में हमें जाँचने की  जरूरत है। हमें जरूर इस सवाल का जवाब मालूम होना चाहिए। यीशु मसीह ने इस बात को साफ किया। उन्होंने कहा कि हम अपने बैरियों से प्रेम रखें और जो सताते हैं उनके लिए प्रार्थना करें। ऐसा कहने का कारण यह है कि हम सभी जानते हैं कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं और सन्तान अपने पिता की तरह ही होना चाहिए। यूहन्ना 1:12 अगर हम सिर्फ अपने प्रेम रखने वालों के साथ ही प्रेम रखते हैं तो यह जान ले कि परमेश्वर ऐसे नहीं...

हे प्रभु मेरी सुधि लें। आप ने मुझे और मेरे परिवार को अपनी निज प्रजा के रूप में चुन लिया इसलिए हमें स्मरण करें। हम पर हजार गुना आशीष भेजें। हे पिता, शरीर के हर कार्यों को भगा दें। मेरे जीवन में सांसारिक स्तरों के अनुसार कुछ काम नहीं करना। मेरे जीवन में हर कार्य आपके स्वर्गीय स्तरों के अनुसार हो। आप ऐसे परमेश्वर हैं जो बातें है ही नहीं उन्हें ऐसे पुकारते हैं मानो कि वे हैं। अब मेरे जीवन में हर आशीष बुलाएं जो दिखाई नहीं देती हैं। यीशु के नाम में, मैं प्रार्थना करता हूं

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प्रभु यीशु सचमुच आप से प्रेम करता है और आप कोई साधारण लोग नहीं हैं। आप प्रभु के निज लोग हैं। ‘आप एक चुने हुआ वंश हैं।आप लाखों लोगों के बीच में एक चुने हुए लोग हैं। उसने आपको अपनी निज प्रजा के रूप में चुना है।  परमेश्वर ने लाखों लोगों के बीच में अपनी निज प्रजा होने के लिए आपको चुन लिया है। हां, परमेश्वर आपको नहीं भूला है। वह आपको स्मरण करता है। जब वह आपको स्मरण करता है तब वह आपको आशीष देता और बढाता है। ‘‘यहोवा ने हम को स्मरण किया है; वह आशीष देगा।क्या छोटे क्या बडे जितने यहोवा के डरवैये है, वह उन्हें आशीष देगा; ‘छोटे से छोटा एक हजार हो जाएगा।’’ (यशायाह 60:22) मैं विश्वास करता हूं कि परमेश्वर आपको हजार गुना बढाएगा, क्योंकि आप उसके चुने हुए लोग हैं। आप ने उससे प्रार्थना की है; आपने उसके हाथ में अपना जीवन सौंपा है और उसने आपको अपनी संतान बनाया है; आप अपने जीवन में यीशु के नाम को कभी भी इन्कार नहीं किया। आप ने यीशु को हर बात में प्राथमिकता दी है। आप ने प्रभु की सेवा की है।इसलिए प्रभु आपको निश्चय स्मरण करेगा। वह आपके नाम को जानता है, ‘‘परमेश्वर आपके पूरे परिवार पर दृष्टि करता...

जहाँ प्यार का समय है प्यार करो ; जहाँ डांटने का समय है वहाँ डांटो और अगर फिर भी बात न बने तो छडी उठाओ जैसा बाइबिल कहती है अगर आप ऐसा नहीं करते तो आप अपने बच्चों को एक अन्धकार मे डकेल रहे हो जो न जाने उसमे कोन सी गन्दी आदत को जन्म दे पता ही नहीं चलेगा ।इसीलिये बाइबिल कहती है अपने बच्चों से थोडी सखती करने को ताकि वो बडे होने के बाद भी अनुशासित रहें तथा प्रभु के भय मे चलना सीख जाएँ।

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सबको अपने बच्चों से प्रेम होता है होना भी चाहिए पर बहुत से माँ बाप उस प्रेम में इतने बह जाते है कि वो अपने बच्चे की हर बुरी बात को भी सही समझते हैं बचपन मे बच्चे तुतलाकर बौलते हैं तो कुछ माँ बाप उनकी तोतली जुबान से उन्हें दूसरों को गाली वगेहरा बौलने को कहते हैं जो बाद मे जाकर बच्चे की आदत बन जाती है फिर बच्चे सब को ही गाली देना शुरू कर देते हैं। फिर माँ बाप कहते हैं हमारा बच्चा तो बहुत गाली बकता है बच्चों की हर फरमाईश कुछ माँ बाप पूरी करते जाते हैं बाद मे बच्चा जिद्दी बन जाता है फिर कहते हमारा लडका या लडकी तो बहुत जिद्दी है , हमारी सुनते ही नहीं,पर यह जिद्दी बनाया किसने,  यहाँ कसूर बच्चों का नहीं माँ बाप का है  । जहाँ प्यार का समय है प्यार करो ; जहाँ डांटने का समय है वहाँ डांटो और अगर फिर भी बात न बने तो छडी उठाओ जैसा बाइबिल कहती है अगर आप ऐसा नहीं करते तो आप अपने बच्चों को एक अन्धकार मे डकेल रहे हो जो न जाने उसमे कोन सी गन्दी आदत को जन्म दे पता ही नहीं चलेगा ।इसीलिये बाइबिल कहती है अपने बच्चों से थोडी सखती करने को ताकि वो बडे होने के बाद भी अनुशासित रहें तथा प्रभु...

प्रभु की महिमा- 2

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गलतियों से जुदा         तू भी नही, मैं भी नहीं तू मुझे और मैं तुझे         इल्ज़ाम देते हैं, मगर अपने अन्दर झांकता         तू भी नही, मैं भी नहीं ग़लत फहमियों ने कर दी         दोनों में पैदा दूरियां, वरना बुरा तू भी नही, मै भी नहीं आमीन

प्रभु की महिमा- 1

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कहते हैं कुछ वस्तुएं         समीप जाने से बिना मांगे ही         मिल जाती है अग्नि से गर्माहट         बर्फ से शीतलता गुलाब से सुगन्ध         इस प्रकार प्रभु से भी कुछ भी मांगिए मत         बस निकटता बढ़ाइए सब कुछ बिना मांगे          ही मिलने लगेगा आमीन

यीशु मसीह पापियों के लिए मरा,यह एक ऐसी सच्चाई है जिसे मनुष्य झुठला नहीं सकता क्योंकि किसी भी अच्छे व्यक्ति के लिये कोई जान दे यह तो मुमकिन है ? पर पापियों के लिए अपनी जान देनेवाला इस पृथ्वी पर सिर्फ़ एक ही है और उसका नाम यीशु मसीह है। यहोवा दयालू और अनुग्रहकारी विलम्ब से क्रोध करनेवाला और अति करुणामय परमेश्वर है आओ हम यहोवा के घर को चलें जैसे भी हम हैं उसके पास आएं वो हमे अपना लेगा, क्षमा करके हमारे पापों को धोकर हमें गले लगा लेगा तो फिर सोचो मत आओ यीशु मसीह के पास ।

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यीशु मसीह पापियों के लिए मरा, यह एक ऐसी सच्चाई है जिसे मनुष्य झुठला नहीं सकता क्योंकि  किसी भी अच्छे व्यक्ति के लिये कोई जान दे यह तो मुमकिन है ? पर पापियों के लिए अपनी जान देनेवाला इस पृथ्वी पर सिर्फ़ एक ही है और उसका नाम यीशु मसीह है। उसे हम से कोई लालच नहीं है बस वो यही चाहता है मनुष्य आजाद हो जाए उन सब बैडियों से जिसे उसने खुद अपने ही लिए बना लिया तथा उसमे ऐसा उलझा कि परमेश्वर से दूर हो गया। भूल कर बैठा है मनुष्य आज पूरी तरह से उस परमेश्वर को जिसने उसे मिट्टी से बनाया, भूल गया उसको जिसने उसे बनाने के बाद अपने नथूनों की स्वास उस मे डाली तब कहीं जाकर मिट्टी का पुतला आदम बना पर वो पाप करके परमेश्वर से दूर हो गया। मगर परमेश्वर उस अपनी बनाई रचना को खराब होते नहीं देख सकता था इसलिए उसने अपने इकलोते पुत्र को भेजा लोगों के उद्बार के लिये पर उस मिट्टी के पुतले ने परमेश्वर के पुत्र को ही सूली पर चढ़ा दिया। फिर भी परमेश्वर ने इस मिट्टी के पुतले मनुष्य को माफ कर दिया अपने पास आने का मौका दिया जितने पाप मनुष्य ने किये परमेश्वर उन सब को भूलकर भी इस मिट्टी के पुतले मनुष्य को अपनाने...

परमेशवर ने हमसे प्रेम किया है, यह प्रेम यीशू मसीह के द्वारा हम पर प्रगट हूआ है, परमेशवर ने हमारे लिए अपने बेटे को इस पृथ्वी पर भेजा, वो हमारी तरह मनुष्य बन कर इस पृथ्वी पर आया, वो हमारे अपराधों को अपने ऊपर ले कर क्रूस पर बलिदान हुआ और तीसरे दिन जी उठा, यीशु ने कोई पाप नहीं किया था पर वो हमारे पापों को ले कर बलिदान हूआ, वह जी उठा, जी उठने के बाद वो हमारे बीच 40 दिन तक रहा... बाईबल कहती है "जो कोई उस (यीशु) पर विश्वास करेगा उसे उसके पापों की क्षमा मिलेगी और उसका परमेश्वर से मेल मिलाप होगा... हम अपने पापों की क्षमा पाए और हमें एक नया जीवन मिलें, इसलिए यीशु बलिदान हुआ, उसी यीशु पर विश्वास करने की वजह से परमेशवर हमें पवित्र आत्मा देता है ताकि हम उसकी आज्ञाओं पर चल पाए....आपने चाहें किस तरह भी जिंदगी जी है, आज भी यदि आप यीशु के पास आएंगे तो वो आपको माफ करेगा और आपके जीवन को बदलेगा, वो आप से प्रेम करता है...परमेश्वर दयालु है, वो नही चाहता की हम नाश हो, वो चाहता है की हमारा उद्धार हो

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वचन कहता है की हम सभी पापी है, बचपन से हम पाप करते आए है, पाप की वजह से हमारा मेल परमेश्वर से नहीं हो पा रहा था क्योंकि परमेश्वर पवित्र है और हम सभी पापी है, परमेश्वर ज्योति है और हम अंधकार में जी रहे है, वचन कहता है पाप की मजदूरी मृत्यु है, हर वो व्यक्ति जो पाप करता है एक दिन नरक मे होगा, पर सब से अच्छी बात यह है की परमेश्वर कभी नही चाहता, कि मनुष्य नरक मे रहे, नरक तो उसने सिर्फ शैतान के लिए बनाया था... परमेशवर ने हमसे प्रेम किया है, यह प्रेम यीशू मसीह के द्वारा हम पर प्रगट हूआ है, परमेशवर ने हमारे लिए अपने बेटे को इस पृथ्वी पर भेजा, वो हमारी तरह मनुष्य बन कर इस पृथ्वी पर आया, वो हमारे अपराधों को अपने ऊपर ले कर क्रूस पर बलिदान हुआ और तीसरे दिन जी उठा, यीशु ने कोई पाप नहीं किया था पर वो हमारे पापों को ले कर बलिदान हूआ, वह जी उठा, जी उठने के बाद वो हमारे बीच 40 दिन तक रहा...  बाईबल कहती है "जो कोई उस (यीशु) पर विश्वास करेगा उसे उसके पापों की क्षमा मिलेगी और उसका परमेश्वर से मेल मिलाप होगा...   हम अपने पापों की क्षमा पाए और हमें एक नया जीवन मिलें, इसलिए यीशु बलि...

ख़ुदा की आवाज़ और वो ख़ामोशी जो हमसे कुछ कहना चाहती है प्रकाशितवाक्य में येशू ने बार बार कहा , जिसके कान हों , वो सुन ले| ख़ुदा की वो धीमी आवाज़ सुनने के लिए , ख़ामोशी निहायत ज़रूरी है| आम ज़िन्दगी में शोर शराबा बहुत होता है| एक शोर , हमारे बाहर का होता है ; और दूसरा शोर,हमारे अंतर्मन में| सुखों में इतना शोर होता है , की लोग ख़ुदा की आवाज़ सुनना नहीं चाहते , या सुन नहीं पाते हैं| हमारे अंतर मन में भी, बहुत शोर मचा रहता है| शायद हमारे कुड़कुड़ाने और बड़बड़ाने का| अपने अन्दर से उस तमाम शोर को हटा कर उस आत्मिक खामोशी में आकर उस धीमी आवाज़ सुनने की कोशिश करें जो शोर , शाराबे में सुनाई नहीं देती| प्रभु की आवाज को सुनने के लिए उस खामोशी का होना बहुत जरूरी है।

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हम वर्षों से, महीनों से प्रभु से प्रार्थना कर रहे हैं,गीत गा रहे हैं,स्तूती कर रहे हैं,अराधना रहे हैं यह सोच कर कि प्रभु हमसे बात करेगा, हम उसका दर्शन करेंगे,हम उसकी आवाज को सुनेंगे, क्या सच में हम,ख़ुदा की आवाज़ सुनने की आरज़ू रखते हैं| ख़ुदा की आवाज़ और वो ख़ामोशी जो हमसे कुछ कहना चाहती है  प्रकाशितवाक्य में येशू ने बार बार कहा , जिसके कान हों , वो सुन ले| ख़ुदा की वो धीमी आवाज़ सुनने के लिए , ख़ामोशी निहायत ज़रूरी है| आम ज़िन्दगी में शोर शराबा बहुत होता है| एक शोर , हमारे बाहर का होता है ; और दूसरा शोर,हमारे अंतर्मन में| सुखों में इतना शोर होता है , की लोग ख़ुदा की आवाज़ सुनना नहीं चाहते , या सुन नहीं पाते हैं| हमारे अंतर मन में भी, बहुत शोर  मचा रहता है| शायद हमारे कुड़कुड़ाने और बड़बड़ाने का| जब अपनों से दुख मिलता है,या जब कोई (खास अपना)दिल तोड़ता है| हमारे दिल के टूटने का जो शोर पैदा होता है , वो शोर बहुत दिनों तक हमारे अन्दर गूंजता रहता है| जंगल में आवाज़ दूर तक सुनाई देती है , क्योंकी वहां ख़ामोशी और सन्नाटा होता है| अपने अन्दर से उस तमाम शोर को हटा कर उस आत्मिक खामोशी में आकर...

समस्याएं और दुःख, हक़ीकत में आपकी समस्या नहीं हैं| शैतान नाना प्रकार के हथकंडे अपना कर, आपका ध्यान भटकाना चाहता है| ख़ुदा आपके ध्यान और ज़िन्दगी का केंद्र है, और होना भी चाहिए| परमेश्वर पर से ध्यान भटकना ही, आपकी सबसे बड़ी समस्या है| सुख हों या दुःख, आपका ध्यान ख़ुदा पर केन्द्रित रहना चाहिए| ये बिल्कुल माँ और बच्चे के रिश्ते जैसा होता है| हर हाल में माँ के ध्यान का केंद्र, बच्चा ही होता है| जो ख़ुदा की ओर ताकते रहते हैं, उन्हें कभी शर्मिंदा नहीं होना पड़ा| समस्याएं आएंगी ; विरोध होंगे ; लोग आलोचना करेंगे, मगर वो आपका सींग, हमेशा ऊंचा रखेगा| जब वो आपकी नज़र में होता है, तब ही आप उसकी नज़र में हैं|

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समस्याएं और दुःख, हक़ीकत में आपकी समस्या नहीं हैं| शैतान नाना प्रकार के हथकंडे अपना कर, आपका ध्यान भटकाना चाहता है| ख़ुदा आपके ध्यान और ज़िन्दगी का केंद्र है, और होना भी चाहिए| परमेश्वर पर से ध्यान भटकना ही, आपकी सबसे बड़ी समस्या है|  दुखों में ख़ुदा को याद करना, बत्ती गुल हो जाने पर, मोमबत्ती तलाशने जैसा है| या दुखों और समस्याओं में, आप ख़ुद ही अपने ध्यान का केंद्र बन जाते हैं| हर वक़्त आप, ख़ुद के बारे सोचते रहते हैं ; और परमेश्वर आपके ध्यान का  केंद्र नहीं रहता| सुख हों या दुःख, आपका ध्यान ख़ुदा पर केन्द्रित रहना चाहिए| ये बिल्कुल माँ और बच्चे के रिश्ते जैसा होता है| हर हाल में माँ के ध्यान का केंद्र, बच्चा ही होता है| भजन 34:8 में लिखा है ---जिन्होंने उसकी ओर दृष्टि की, उन्होंने रौशनी पाई ; और उनका मुंह कभी, काला ना होने पाया| जो ख़ुदा की ओर ताकते रहते हैं, उन्हें कभी शर्मिंदा नहीं होना पड़ा| समस्याएं आएंगी ; विरोध होंगे ; लोग आलोचना करेंगे, मगर वो आपका सींग, हमेशा ऊंचा रखेगा| जब वो आपकी नज़र में होता है, तब ही आप उसकी नज़र में हैं| आमीन प्रभु की नजर हमेशां हमारे ऊपर र...

हे पवित्र परमेश्वर, आपके वचन में, अंधकार से प्रकाश निकला। आपकी दया में, आपने हमें रात-भर की नींद के माध्यम से आराम दिया, और हमें आपकी अच्छाई की महिमा करने के लिए और आपको हमारी प्रार्थना की पेशकश करने के लिए उठाया। हम सब पर, अपनी महान दया कर , हे पवित्र आत्मा, मेरे हदृय, मेरे प्राण और मेरे मन में अपनी ज्योति को प्रकाशित करें। पवित्र जीवन को यापन करने और भलाई और कृपा में आगे बढ़ने में मेरी सहायता करें।

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हे पवित्र परमेश्वर, आपके वचन में, अंधकार से प्रकाश निकला।  आपकी दया में, आपने हमें रात-भर की नींद के माध्यम से आराम दिया,  और हमें आपकी अच्छाई की महिमा करने के लिए  और आपको हमारी प्रार्थना की पेशकश करने के लिए उठाया।  अब, अपने स्वयं के कोमल प्रेम में,  हमें स्वीकार करें जो आपको प्यार करते हैं  और हमारे पूरे दिल से आपको धन्यवाद देते हैं।  हे प्रभु, तुम अपने सभी लोगों को याद करो।  वे सभी लोग जो हमारे साथ प्रार्थना करते हैं;  आपके प्रत्येक स्थान पर भूमि, समुद्र या हवा में,  हमारे सभी भाइयों, जो मानव जाति के लिए  आपके प्यार का आह्वान करते हैं।  हम सब पर, अपनी महान दया कर ,  हे पवित्र आत्मा, मेरे हदृय,  मेरे प्राण और मेरे मन में अपनी ज्योति को प्रकाशित करें।  पवित्र जीवन को यापन करने  और भलाई और कृपा में आगे बढ़ने में मेरी सहायता करें।  आमीन। प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह राजेश गिरधर

परमेश्वर हमारे मनों को जानता है हमारे मन में क्या क्या चलता रहता है।लोगों को दिखाने को तो हम बहुत ही धर्मी बनते हैं और धर्म के काम भी करते ताकि लोगों की नजर में धर्मी नजर आएँ ? पर बाद में हम अपनी उन सारी अभिलाषाओं को भी पूरा करने की कौशिश करते जो हमारे शरीर को चाहिए होती है।

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परमेश्वर हमारे मनों को जानता है हमारे मन में क्या क्या चलता रहता है। लोगों को दिखाने को तो हम बहुत ही धर्मी बनते हैं और धर्म के काम भी करते ताकि लोगों की नजर में धर्मी नजर आएँ ? पर बाद में हम अपनी उन सारी अभिलाषाओं को भी पूरा करने की कौशिश करते जो हमारे शरीर को चाहिए होती है। इसे कहते हैं दूसरों को व परमेश्वर को धोखा देना है  सबसे बडी बात अपने आप को धोखा देना है , लोगों के सामने तो अपनी अच्छाई दिखा दी पर बाद मे अपना असली रुप दिखा दिया ; इस से परमेश्वर प्रसन्न नही होता हाँ लोग जरूर प्रसन्न हो जाते और कहते व कितना धर्मी व्यक्ति है पर परमेश्वर की नजर मे नहीं ?  परमेश्वर की नजर मे सिर्फ वही धर्मी ठहरते हैं जो उसके भय मे चलते हुए पाप से दूरी बनाकर चलते हुए अपना जीवन बिताते हैं हर काम को करने से पहले सोचते हैं क्या यह काम परमेश्वर के भय में है यह नहीं, अगर नही तो उस काम से दूर हो जाते हैं,इसी तरह के लोगों पर परमेश्वर अपने भेदों को खोलता है । गहरी रहस्य की बातों को उजागर करता है ,पर यह बात सबको समझ नहीं आती ज्यादातर लोग अपनी समझ का सहारा लेते हुए फेल हो जाते हैं पर जो परम...

प्रभु पवित्र आत्मा हमारी सहायता करें कि हम आप की अराधना आत्मा और सच्चाई से करें जिससे हम आनंद और शांति पाए और प्रभु का आनंद ही हमारी ताकत है। प्रभु हमारी सहायता करें कि आप के वचन (जल) से हम अपने आप को भर ले जिससे प्रतिदिन अपने आप को जांचते हुए और उसी वचन (पानी) से अपने आप को साफ करते हुए ताजगी से भर कर उस जल में स्वयं एक सोता बन जाए।

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बाईबल कहती हैं- जब प्रभु दोबारा इस संसार में आएगा। उसके राज्य में "परदेशी उसमें होकर ना जाने पाएंगे।" परदेशी का अर्थ यहां दूसरे देवी-देवताओं से हैं। प्रभु के इस राज्य में केवल प्रभु यीशु का राज्य होगा। उस समय पहाड़ों से नया दाखमधु टपकने लगेगा- दाखमधु का अर्थ है आनंद और शांति होगी। कहां से? पहाड़ों से - का अर्थ है उस समय जो आराधना होगी उससे आनंद और शांति होगी।टीलो से दूध बहने लगेगा - अर्थात दूध से मनुष्य को ताकत मिलती है। अतः जब लोग अराधना करेंगे तब उन्हें आनंद और शांति मिलेगी और वही उनकी ताकत होगी।  क्योंकि यहोवा का आनंद तुम्हारा दृढ़ गढ़ है  (तुम्हारी ताकत है)और यहूदा देश के सब नाले (नदियां) जल से भर जाएंगी" जल का अर्थ है आशीषे क्योंकि जहां जल होता है वही खेती-बाड़ी होती है वहीं पर सब लोग बसते हैं। प्रार्थना करें- प्रभु पवित्र आत्मा हमारी सहायता करें कि हम आप की अराधना आत्मा और सच्चाई से करें जिससे हम आनंद और शांति पाए और प्रभु का आनंद ही हमारी ताकत है। प्रभु हमारी सहायता करें कि आप के वचन (जल) से हम अपने आप को भर ले जिससे प्रतिदिन अपने आप को जांचते हुए और उ...

विश्वास का रिश्ता, ख़ुदा से है, और आत्मविश्वास का संबंध, आपसे है| विश्वासी में अगर आत्मविश्वास ना हो, तो शैतानी ताकतों से जंग नामुमकिन है| ये दोनों एक दूसरे के पूरक हैं और दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे हैं । ये माना की जंग ख़ुदा की है, मगर जो मैदान-ए- जंग से भाग जाता है, उसकी ओर से ख़ुदा नहीं लड़ता| जब आपके अन्दर से आवाज़ आती है, मैं कर सकता हूं ; तो दुआओं में असर पैदा हो जाता है| समस्याओं के सामने खड़े रहिये, ख़ुदा आपके साथ है|

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विश्वास का रिश्ता, ख़ुदा से है, और आत्मविश्वास का संबंध, आपसे है| विश्वासी में अगर आत्मविश्वास ना हो, तो शैतानी ताकतों से जंग नामुमकिन है| ये दोनों एक दूसरे के पूरक हैं और दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे हैं । यीशु पर विश्वास कर, पतरस ने पानी पर चलना शुरू कर दिया था, मगर आंधी को देख कर, उसका आत्मविश्वास टूट गया| अगर पतरस पानी पर कुछ और समय तक चलते रहता, तो उसका आत्मविश्वास और मज़बूत हो जाता| *समस्याओं से जूझने के लिए, आत्मविश्वास निहायत ज़रूरी है|*समस्याएं ; बीमारियां ; परेशानियां, कैसी भी क्यों ना हों, प्रार्थना के लिए विश्वास, और लड़ने के लिए आत्मविश्वास चाहिए| इब्रानियों 10:39 में लिखा है ---हम हटने वाले नहीं , कि नाश हो जाएं ; पर विश्वास करने वाले हैं, कि प्राणों को बचाएं| ये माना की जंग ख़ुदा की है, मगर जो मैदान-ए- जंग से भाग जाता है, उसकी ओर से ख़ुदा नहीं लड़ता| जब आपके अन्दर से आवाज़ आती है, मैं कर सकता हूं ; तो दुआओं में असर पैदा हो जाता है| समस्याओं के सामने खड़े रहिये, ख़ुदा आपके साथ है|  आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह राजेश गिरधर

बाईबल सही कहती है मनुष्य धन तो इकट्ठा करता है पर वो नहीं जानता उसे कौन लेगा ?.अगर आप भी ऐसा करते हैं तो संभल जाएँ यह छोड दे ज्यादा धन दुख ही लाता है तथा दूसरे ही उसको इस्तेमाल करते हैं धन के पीछे नहीं यीशु मसीह के पीछे चले स्वर्ग का रास्ता साफ हो जाएगा । पर फिर भी मनुष्य लगा हुआ है धन इकट्ठा करने में,अपने शरीर को खराब करता हुआ अपने जमीर को बेचता हुआ नही जानता आगे क्या होगा ? बस धन इकट्ठा हो जाए रास्ता कोई भी क्यों न हो चाहे उसके लिए किसी का गला ही काटना न पडे कोई फर्क नहीं पडता पर बाइबिल कहती है हे मूर्ख आज ही रात को मैं तेरा प्राण ले लू तो यह धन किसका होगा ?

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बाईबल बिल्कुल सही और सच्ची बात कहती है कि जिसे देखो आज वो धन के पीछे भाग रहा है, चाहता है ज्यादा से ज्यादा धन को इकट्ठा कर ले उसी भागमभाग में कब परिवार पीछे छूट जाता, कब बच्चे पराये हो जाते , कब माँ बाप दुनियां से चले जाते पता नहीं चलता। पर फिर भी मनुष्य लगा हुआ है धन इकट्ठा करने में,अपने शरीर को खराब करता हुआ अपने जमीर को बेचता हुआ नही जानता आगे क्या होगा ? बस धन इकट्ठा हो जाए रास्ता कोई भी क्यों न हो चाहे उसके लिए किसी का गला ही काटना न पडे कोई फर्क नहीं पडता पर बाइबिल कहती है हे मूर्ख आज ही रात को मैं तेरा प्राण ले लू तो यह धन किसका होगा । इस कोरोना काल में किसी का पैसा काम नहीं आया, पैसा होते हुए भी लोग मर गये धन का अम्बार भी जीवन नही दे पाया खत्म हो गये बडे बडे अमीर जो कहते थे हम धन से जीतेंगे। एक किस्सा आपको सुनाता हूँ, एक लडका किसी सेठ के यहाँ काम करता उसे दिन रात बहुत ही काम उसका सेठ करवाता था सेठ इतना अमीर था उसे पता ही नहीं था उसके पास कितना धन है। फिर भी हर समय अपनी पत्नी को छोड पैसे जोडने में लगा रहता था लडका भी दुखी मन से काम करता रहता सेठ की पत्नी जवान थी सेठ ...

ख़ुदा जो कुछ भी करता है , उसमें हमारी भलाई छुपी होती है , बस हम इस राज़ को समझ नहीं पाते| कई बार ऐसा महसूस होता है कि , ख़ुदा ने हमारे साथ नाइंसाफ़ी की है| ख़ुदा चाहता तो हमारे साथ ऐसा या वैसा कर देता तो आज हम भी इस ऊंचे मुकाम पर पहुंचे होते।

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पर्मेश्वर के काम करने का तरीका , बडा अद्भुत और अजीब है| बहुत से लोग विश्वासी हैं , मगर समझदार नहीं हैं| वो विश्वास में मज़बूत तो होना चाहते हैं , मगर सरल और आसान राह चुन कर | आसानी से मिलने वाली चीज़ की अहमियत नहीं होती ; जो मुश्किल से हासिल हो , वो कीमती समझी जाती है| ख़ुदा जो कुछ भी करता है , उसमें हमारी  भलाई छुपी होती है , बस हम इस राज़ को समझ नहीं पाते| कई बार ऐसा महसूस होता है कि , ख़ुदा ने हमारे साथ नाइंसाफ़ी की है| ख़ुदा चाहता तो हमारे साथ ऐसा या वैसा कर देता तो आज हम भी इस ऊंचे मुकाम पर पहुंचे होते। दानिएल , शादारक , मेशक और ओबेदनगो को , उसने ऊची पद्धवी तक पहुंचा कर इज्ज़त बक्शी| मगर उससे पहले जिस परीक्षा मे से वो निकल कर आये क्या हम नहीं जानते,वो भी खुदा की मर्जी थी,दानिएल को उसने शेरों की मांद में डालकर फिर बचाया , और शद्रक मेशक और ओबेदनगो आग़ के भट्टे के बीच में डालकर फिर अद्भुत तरीके से बचाया| इस सज़ा के दौरान उनका विश्वास और पद्धवी आसमानी बुलंदियों तक पहुंच गया| अगर ऐसी सज़ा हमे मिले , तो क्या आज हम  ख़ुशी ख़ुशी भुगतने के लिए तैयार है आपका क्या ख़याल है? खुदा जो कु...