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Showing posts from March, 2022

आज हम सबको विश्वास में मजबूत होना है। क्योंकि जिस व्यक्ति के पास विश्वास की चाबी होती है। उस चाबी से हर एक दरवाजा हर एक द्वार खुल जाता है चाहे कितना भी बड़ा ताला क्यों ना हो। विश्वास दिखना चाहिए, हमारी बातों में, हमारे चाल चलन में। और हमारे हर एक काम में, जो हम पृथ्वी पर करते हैं। हमको निडर बनना होगा। और परिस्थिति का सामना करना होगा।क्या आप परमेश्वर के काम को करना चाहते हैं। क्या परमेश्वर की महिमा का कारण बनना चाहते हैं। *अगर खुदा का काम करना है. तो आपको सामना करना पड़ेगा, हर एक परिस्थिति का. और निडर बनना होगा।* विश्वास ही से हम जय प्राप्त कर सकते हैं। विश्वास ही वह चाबी है जिससे हर ताला खुल सकता है।*और देखो, कई लोग एक लकवे के मारे हुए को खाट पर रखकर उसके पास लाए; यीशु ने उन का विश्वास देखकर, उस लकवे के मारे हुए से कहा; हे पुत्र, ढाढ़स बान्ध; तेरे पाप क्षमा हुए। (मत्ती 9:2)*विश्वास वो चाबी है जो सब ताले खोल देती है। यहां उस मनुष्य को जो लेकर आए थे, उनको विश्वास था। सिर्फ उस परमपिता परमेश्वर पर विश्वास कीजिए। कि वह आपके लिए सब कुछ कर सकता है। और विश्वास की चाबी आज आपके हर एक दरवाजे को, हर एक ताले को खोल देगी।

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आज हम सबको विश्वास में मजबूत होना है। क्योंकि जिस व्यक्ति के पास विश्वास की चाबी होती है। उस चाबी से हर एक दरवाजा हर एक द्वार खुल जाता है  चाहे कितना भी बड़ा ताला क्यों ना हो। विश्वास दिखना चाहिए, हमारी बातों में, हमारे चाल चलन में। और हमारे हर एक काम में, जो हम पृथ्वी पर करते हैं। हमको निडर बनना होगा। और परिस्थिति का सामना करना होगा। क्या आप परमेश्वर के काम को करना चाहते हैं। क्या परमेश्वर की महिमा का कारण बनना चाहते हैं। *अगर खुदा का काम करना है. तो आपको सामना करना पड़ेगा, हर एक परिस्थिति का. और निडर बनना होगा।* विश्वास ही से हम जय प्राप्त कर सकते हैं। विश्वास ही वह चाबी है जिससे हर ताला खुल सकता है। *और देखो, कई लोग एक लकवे के मारे हुए को खाट पर रखकर उसके पास लाए; यीशु ने उन का विश्वास देखकर, उस लकवे के मारे हुए से कहा; हे पुत्र, ढाढ़स बान्ध; तेरे पाप क्षमा हुए। (मत्ती 9:2)* विश्वास वो चाबी है जो सब ताले खोल देती है। यहां उस मनुष्य को जो लेकर आए थे, उनको विश्वास था। *आज के समय में लोगों के पास झूठ का लकवा, नफरत का लकवा, लालच का लकवा, घमंड का लकवा भी हो सकता है। उसको...

हमें, हमारे हृदयों को प्रभु के सामने खोलना चाहिये और हमारी निर्बलताओं, मुश्किलों और जरूरतों को उसे बताना चाहिये, और साथ ही साथ प्रभु को अवसर देना चाहिये कि वह हमारे साथ बात करें और किस कारणवश हम निर्बल है वह हमें बताये। प्रभु हमको बतायेगा कि किस रीति से सब कुछ ठीकठाक करना, किस रीति से बल प्राप्त करना और किस रीति हमारी आवश्यकतायें पूरी हों। उसके शब्द हमारे लिये बहुत ही बहुमूल्य और सच्चे बन जाते हैं। जो प्रभु यीशु के साथ संगति द्वारा हम अनुभव करते हैं। उसके बाद व्यक्तिगत रीति से और पारिवारिक रीति से सच्ची वृद्धि आती है।

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हमारे प्रतिदिन के बल के लिये जो वचन परमेश्वर देता है उसका यह वचन ही हमारा आत्मिक भोजन है। परमेश्वर अपना जीवित वचन रोज व रोज देता है। संगति द्वारा भोजन और भी स्वादिष्ट बन जाता है। साथ मिलकर भोजन लेने से हमारी संगति भी आनन्ददायक बन जाती है। जब हम अकेले भोजन करते हैं तब इतना आनन्द प्राप्त नहीं होता। सर्वप्रथम प्रभु यीशु के साथ और उसके बाद एक दूसरे साथ संगति के लिये इकठ्ठा होना चाहिये।  हमें भी प्रभु यीशु के लिये ऐसा ही प्रेम होना चाहिये और जैसे मित्र मित्र के साथ वैसे ही उसके साथ भी बात करने की इच्छा होनी चाहिये। यह सच्ची संगति है।   हमें, हमारे हृदयों को प्रभु के सामने खोलना चाहिये और हमारी निर्बलताओं, मुश्किलों और जरूरतों को उसे बताना चाहिये, और साथ ही साथ प्रभु को अवसर देना चाहिये कि वह हमारे साथ बात करें और किस कारणवश हम निर्बल है वह हमें बताये। प्रभु हमको बतायेगा कि किस रीति से सब कुछ ठीकठाक करना, किस रीति से बल प्राप्त करना और किस रीति हमारी आवश्यकतायें पूरी हों। उसके शब्द हमारे लिये बहुत ही बहुमूल्य और सच्चे बन जाते हैं।  जो प्रभु यीशु के साथ संगति द्वारा ...

जब हम अपने दुखों में फसे हुए यीशु मसीह के पास आते हैं वो हमारे दुखों से हमें छुटकारा भी दिला देता है हमारा जीवन भी सही रास्ते पर आने लगता है ।मगर उसी के साथ साथ हमारे आसपास एक काम और हो रहा होता है जिसकी ओर हमारा ध्यान बहुत देर से जाता है वो काम है हमारे अपने जिन्हें हम कहते हैं वो हमसे दूर होना शुरू हो जाते है । शुरू में यह कठिन लगता है पर बाद में इसकी आदत हो जाती हैं क्योंकि लिखा है तुझे दूध पिलाने वाली माॅ छोड देगी पर मैं न तुझे छोड़ूंगा न ही त्यागूंगा ; इसलिए चिन्ता न करें आपके अपने आपके पास नहीं है पर यीशु मसीह तो है वहीं हमारा उद्धार करनेवाला परमेश्वर है ।

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जब हम अपने दुखों में फसे हुए यीशु मसीह के पास आते हैं वो हमारे दुखों से हमें छुटकारा भी दिला देता है हमारा जीवन भी सही रास्ते पर आने लगता है । मगर उसी के साथ साथ हमारे आसपास एक काम और हो रहा होता है जिसकी ओर हमारा ध्यान बहुत देर से जाता है वो काम है हमारे अपने जिन्हें हम कहते हैं वो हमसे दूर होना शुरू हो जाते है । हमारे दोस्त हमसे किनारा करने लगते है वजह हम बाइबिल के हिसाब से जीवन जीना शुरू करते और वो सब सांसारिक तरीक़े पर ही चलते होते हैं इस वजह से हमारे और उनके बीच एक दूरी आ जाती है । जो कुछ दिनों के बाद एक खाई का रुप ले लेती हैं जिसे पार करना उनकेे बस में नहीं होता और आप उस खाई के पार जा नहीं सकते इस वजह रिश्ते कड़वे होने लगते है । रिश्ते बोझ लगने लगते हैं पहले वाला प्यार समाप्त होने लगता है हम अपनों की नजर में पराये लगने लगते हैं सब आप को छोडना शुरू कर देते हैं तब आप को लगता हैं मैं तो अकेला खड़ा हूॅ मेरे अपने कहां गये ?  जो हर समय मेरे साथ थे वो सब पीछे छूट जाते और आप अपने को तन्हा पाते हैं इन सब कामों को परमेश्वर हमारे साथ होने भी देता है क्योंकि यह जरूरी भी है । ...

क्या आप जानते है कि वचन मनुष्य की तुलना गधे से करता है।💥 अय्यूब 11:12परन्तु मनुष्य छूछा और निर्बुद्धि होता है; क्योंकि मनुष्य जन्म ही से जंगली गदहे के बच्चे के समान होता है।दिलचस्प बात है कि मनुष्य दुसरे मनुष्य को गधा कहता है।लेकिन परमेशवर हर मनुष्य को गधा कहता है। क्यों? क्योंकि हरेक मनुष्य बोझ और परेशानियों का सामना करता है। वचन कहता है --- गधे को मेम्ना देकर आजाद किया जा सकता है।यह मेम्ना कौन है? वचन कहता है यीशु मसीह ही मेम्ना है यूहन्ना 1:29दूसरे दिन उस ने यीशु को अपनी ओर आते देखकर कहा, देखो, यह परमेश्वर का मेम्ना है, जो जगत के पाप उठा ले जाता है।"💥 आज हम आनंदित और मगन हो सकते है कि परमेशवर ने हमारे छुटकारे के लिए यीशु मसीह को भेज दिया जो बलि किया गया मेम्ना है। जी हां उसके बलिदान के द्वारा हम छुड़ाए जाते है। 🌹क्या मनुष्य का जीवन गधे की तरह नही होता ? वह थका और बोझ से दबा है । ।यीशु ने कहा है सब थके और बोझ से दबे लोगो मेरे पास आओ ,मैं तुम्हे विश्राम दूंगा!! 💥 आइए उस मेम्ने के लिए धन्यवाद करें जो हम गदहों के छुटकारे के लिए परमेशवर ने हमें दिया है

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पुराने समय मे और यहाँ तक कि आज के समय मे भी गधे की चर्चा होती है।कठिन श्रम और बहुत ज्यादा मेहनत।आपने धोबी के गधे के बारे में सुना होगा,वह किनती मेहनत करता है!! गदहों का उपयोग शुरू से ही बोझा ढोने में किया जाता है।वह रात दिन मेहनत करता है,ईंटे ढोता है,मनुष्य की सवारी के काम आता है।गधा कठिन परिश्रम के शाप का शिकार है।गधा आम साहित्य और बोल चाल में उपहास और हँसी का भी पात्र है।अगर किसी को नीचा दिखाना हो, मंद बुद्धि का और मूर्ख बताना हो तो उसे गधा कहा जाता है। 💥 परमेशवर के वचन में गधे को भी इस शाप से छुड़ाने का प्रबंध है। क्या आप जानते है कि वचन मनुष्य की तुलना गधे से करता है। 💥 अय्यूब 11:12 परन्तु मनुष्य छूछा और निर्बुद्धि होता है; क्योंकि मनुष्य जन्म ही से जंगली गदहे के बच्चे के समान होता है। दिलचस्प बात है कि मनुष्य दुसरे मनुष्य को गधा कहता है।लेकिन परमेशवर हर मनुष्य को गधा कहता है। क्यों? क्योंकि हरेक मनुष्य बोझ और परेशानियों का सामना करता है। वचन कहता है --- गधे को मेम्ना देकर आजाद किया जा सकता है।यह मेम्ना कौन है? वचन कहता है यीशु मसीह ही मेम्ना है     यूहन्ना 1:...

समस्याओं और परेशानियों में ही, सब्र (धीरज ) (धैर्य )पैदा होता है| आप कितने धैर्यवान हैं, यह समस्याओं के दौरान ही पता चलता| जब समस्याओं के तूफ़ानों से आप घिर जाते हैं तब ही आपको पता चलेगा,कि आपमे सब्र करने और सहने की ताक़त है की नहीं| याकूब 1:3 में लिखा है ---इसको पूरे आनंद की बात समझो, यह जान कर कि, तुम्हारे ईमान के परखे जाने से, धीरज पैदा होता है| ख़ुदा के वायदों पर ईमान रखना है, मगर वायदों के पूरा होने तक, सब्र रखना उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है|

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समस्याओं और परेशानियों में ही, सब्र (धीरज ) (धैर्य )पैदा होता है| आप कितने धैर्यवान हैं, यह समस्याओं के दौरान ही पता चलता| जब समस्याओं के तूफ़ानों से आप घिर जाते हैं तब ही आपको पता चलेगा,कि आपमे सब्र करने और सहने की ताक़त है की नहीं| याकूब  1:3 में लिखा है ---इसको पूरे आनंद की बात समझो, यह जान कर कि, तुम्हारे ईमान के परखे जाने से, धीरज पैदा होता है| ख़ुदा के वायदों पर ईमान रखना है, मगर वायदों के पूरा होने तक, सब्र रखना उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है| परेशानियों के तूफानों में, सब्र आपके ईमान का लंगर है| जैसे सुबह अपने समय पर होती है, ठीक वैसे ही, ख़ुदा के वायदे अपने समय पर पूरे होते हैं| अपना ध्यान समय पर नहीं, वायदों के पूरा होने पर लगाए रखिये| आमीन प्रभु अपने वायदों का पक्का है रैव्ह. राजेश गिरधर..

विपत्ति के समय ज्यादातर लोग साहस छोड देते हैं | जबकि बाइबिल में परमेश्वर कहता है मत डर बस विश्वास कर एक बार नही बहुत बार परमेश्वर ने कहा मत डर बस विश्वास कर परमेश्वर सब कुछ ठीक करेगा ।फिर भी लोग इस बात पर यकीन नहीं करते परमेश्वर ने जब कहा मत डर विश्वास रख तो हमें उस कठिन परिस्थितियों में भी अपने आप को अकेला नहीं समझना चाहिए ।यीशु मसीह का यह वादा है वो न तो हमें कभी छोडेगा और न कभी त्यागेगा जन्म देनेवाली मां छोड़ देगी मगर यीशु मसीह हमें कभी नहीं छोडेगा उसका यह वादा हमें हमेशा याद रखना होगा ।जब भी भय लगे तब हमें इन वचनों को दोहराना है वो न हमें छोड़ेगा न त्यागेगा उसी समय हमें मजबूती का अहसास होने लगेगा

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विपत्ति के समय ज्यादातर लोग साहस छोड देते हैं और घबरा कर भर में आ जाते हैं और उस भर को छुपाने की कोशिश करते हैं जिसके बारे में हम सिर्फ खुद ही सोचते और बहुत बार घबरा कर साहस छोड देते हैं । ऐसा बहुत बार उन लोगों के साथ हो जाता है जो अपने को अकेला समझते हैं जिन्हें लगता है उनका कोई नहीं वो लोग भय के समय कुछ भी उलटी सीधी हरकत करने से भी नही डरते । जबकि बाइबिल में परमेश्वर कहता है मत डर बस विश्वास कर एक बार नही बहुत बार परमेश्वर ने कहा मत डर बस विश्वास कर परमेश्वर सब कुछ ठीक करेगा । फिर भी लोग इस बात पर यकीन नहीं करते परमेश्वर ने जब कहा मत डर विश्वास रख तो हमें उस कठिन परिस्थितियों में भी अपने आप को अकेला नहीं समझना चाहिए । यीशु मसीह का यह वादा है वो न तो हमें कभी छोडेगा और न कभी त्यागेगा जन्म देनेवाली मां छोड़ देगी मगर यीशु मसीह हमें कभी नहीं छोडेगा उसका यह वादा हमें हमेशा याद रखना होगा । जब भी भय लगे तब हमें इन वचनों को दोहराना है वो न हमें छोड़ेगा न त्यागेगा उसी समय हमें मजबूती का अहसास होने लगेगा  बाईबल हमें ऐसा बताती है कि डरपोक लोग परमेश्वर के स्वर्ग राज्य के वारिस न...

"परिस्थितियां कभी समस्या नहीं बनती,समस्या इस लिए बनती है, क्योंकि हमें उन परिस्थितियों से लड़ना नहीं आता.. “इसलिए तुम चिन्ता करके यह न कहना, कि हम क्या खाएँगे, या क्या पीएँगे, या क्या पहनेंगे?क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएँ चाहिए।इसलिए पहले तुम परमेश्‍वर के राज्य और धार्मिकता की खोज करो तो ये सब वस्तुएँ तुम्हें मिल जाएँगी। (लूका 12:31)अतः कल के लिये चिन्ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुःख बहुत है।

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*एक घर के पास काफी दिन से  एक बड़ी इमारत का काम चल रहा था। वहां रोज मजदूरों के छोटे-छोटे बच्चे एक दूसरे की शर्ट पकडकर रेल-रेल का खेल खेलते थे।*  *रोज कोई बच्चा इंजिन बनता और बाकी बच्चे डिब्बे बनते थे...* *इंजिन और डिब्बे वाले बच्चे रोज बदल  जाते,पर...* *केवल चङ्ङी पहना एक छोटा बच्चा हाथ में रखा कपड़ा घुमाते हुए रोज गार्ड बनता था।* *वहां का ठेकेदार बच्चों का यह खेल रोज देखता था* ... *उन बच्चों को खेलते हुए रोज़ देखने वाले ठेकेदार ने  कौतुहल से गार्ड बनने वाले बच्चे को पास बुलाकर पूछा....* *"बच्चे, तुम रोज़ गार्ड बनते हो। तुम्हें कभी इंजन, कभी डिब्बा बनने की इच्छा नहीं होती?"* *इस पर वो बच्चा बोला...* *"बाबूजी, मेरे पास पहनने के लिए कोई शर्ट नहीं है। तो मेरे पीछे वाले बच्चे मुझे कैसे पकड़ेंगे... और मेरे पीछे कौन खड़ा रहेगा....?* *इसीलिए मैं रोज गार्ड बनकर ही खेल में हिस्सा लेता हूँ।*  *"ये बोलते समय मुझे उसकी आँखों में पानी दिखाई दिया।*  *आज वो बच्चा उस ठेकेदार को जीवन का एक बड़ा पाठ पढ़ा गया...* *अपना जीवन कभी भी परिपूर्ण नहीं होता। उसमें कोई न क...

यीशु ने फिर लोगों से कहा, "जगत की ज्योति मैं हूँ ; जो मेरे पीछे हो लेगा वह अन्धकार में न चलेगा , परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा ।आज हमारा जीवन जो यीशु मसीह को ग्रहण करने के बाद जो बदला है वो हमारी खुशनसीबी है कि उसने हमे उस अन्धकार से निकाला जिसमें हम चला करते थे ।उस दलदल से बाहर निकाला जो हमें पाप के अन्दर और धसाने का काम कर रहा था ; हमें वो आजादी मिली जिसके हम हकदार थे जो आजादी आदम के पाप के कारण खत्म हो गई थी । शैतानी जिन्दगी से आजादी मिली ,पवित्रात्मा का अभिषेक मिला, जिस सहायक को हम जानते भी न थे वो सहायक हमारे साथ हर समय रहता है ।

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यीशु ने फिर लोगों से कहा, "जगत की ज्योति मैं हूँ ; जो मेरे पीछे हो लेगा वह अन्धकार में न चलेगा , परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा । आज हमारा जीवन जो यीशु मसीह को ग्रहण करने के बाद जो बदला है वो हमारी खुशनसीबी है कि उसने हमे उस अन्धकार से निकाला जिसमें हम चला करते थे । उस दलदल से बाहर निकाला जो हमें पाप के अन्दर और धसाने का काम कर रहा था ; हमें वो आजादी मिली जिसके हम हकदार थे जो आजादी आदम के पाप के कारण खत्म हो गई थी । शैतानी जिन्दगी से आजादी मिली ,पवित्रात्मा का अभिषेक मिला, जिस सहायक को हम जानते भी न थे वो सहायक हमारे साथ हर समय रहता है । जो गलतियां हमसे हुई उनकी माफी मिली, शुभ अशुभ बातों से छुटकारा मिला , हमारे पैरों को पाप करने की जो आजादी थी उससे छुटकारा मिला,  यीशु को हमने अपने जीवन मे जब से पाया तब से चिन्ताओं से मुक्ति मिली अब चिन्ता करने की जगह हम प्रार्थना करने लगे । जीवन को एक सही रास्ता मिला जिस रास्ते पर चलकर हम दूसरों को भी सम्भाल सकते हैं । हम क्या थे और क्या हो गए आज हम जो प्रभु से मांगते हैं वो हमको देता है देने मे वो कोई कसर नहीं छोडता प्रभु की महिमा हो प्र...

BIBLE बताती है कि जीवन में जो कुछ भी ग़लत हो रहा है उसके लिए प्रभु के पास आकर इन सब बातों को छोडने की प्रार्थना करनी चाहिए वो हमारी मदद जरूर करता है।यीशु के पास आओ वो सही रास्ता दिखाता है उसने कहा मार्ग, सत्य, जीवन यीशु ही है।वो सही रास्ता दिखाएगा।

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BIBLE इन्सान को कदम कदम पर सहारा देती है हर अच्छी तथा बुरी बात के बारे मे जानकारी देती है।कुछ भी छुपाती नही; BIBLE मे अच्छी बातों के साथ साथ बहुत सी कडवी बातें भी लिखी हुई है।जो हर कोई पचा नही पाता और BIBLE का विरोध करने लगता है क्योंकि सच्चाई हमेशा कडवी ही होती है मगर जो भी इन कडवी बातों को सह जाता वो अपने जीवन को साफ सुथरा करने मे कामयाब हो जाता है। उसे फिर किसी के पास जाकर पूछने की आवश्यकता नहीं होती।कैसे जीना और किन बातों का इन्कार करना है । BIBLE का अध्याय नीति वचन भी इसी तरफ इशारा करता है। इसमें बिलकुल ही साफ लिखा है तू सुनकर बुद्बि मान हो, सुनना कहा से हैं BIBLE से, जब BIBLE पढेंगे तब ही मालूम होगा सही और गलत का मतलब साफ साफ लिखा है। BIBLE बताती है कि जीवन में जो कुछ भी ग़लत हो रहा है उसके लिए प्रभु के पास आकर इन सब बातों को छोडने की प्रार्थना करनी चाहिए वो हमारी मदद जरूर करता है। यीशु के पास आओ वो सही रास्ता दिखाता है उसने कहा मार्ग, सत्य, जीवन यीशु ही है।वो सही रास्ता दिखाएगा। आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह राजेश गिरधर

प्रभु के प्रति हमारा विश्वास एक पुल(Bridge)के समान है, जो आपको और प्रभु को आपस में जोड़े रखता है| विश्वास है तो सबकुछ है, विश्वास नहीं तो कुछ भी नहीं है| विश्वास की सबकी, अपनी परिभाषा हो सकती है| विश्वास का रिश्ता, चंगाई और दुआओं के सुने जाने से नहीं, प्रभु से है ; वो सुने या ना सुने तब भी वो मेरा प्रभु है अगर दुआ ना सुनी जाए, तो इसका मतलब यह नहीं है, कि आप गुनहगार हैं, या आपका विश्वास कमज़ोर है| प्रभु की मर्ज़ी को समझने की ज़रूरत है| अपने आपको प्रभु की मर्जी पर छोड़ दें,और विश्वास रखें कि प्रभु जो कुछ भी करेगा आपके लिए बेहतर ही करेगा।

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प्रभु के प्रति हमारा विश्वास एक पुल(Bridge)के समान  है, जो आपको और प्रभु को आपस में जोड़े रखता है| विश्वास है तो सबकुछ है, विश्वास नहीं तो कुछ भी नहीं है| विश्वास की सबकी, अपनी परिभाषा हो सकती है| विश्वास का रिश्ता, चंगाई और दुआओं के सुने जाने से नहीं, प्रभु से है ; वो सुने या ना सुने तब भी वो मेरा प्रभु है अगर दुआ ना सुनी जाए, तो इसका मतलब यह नहीं है, कि आप गुनहगार हैं, या आपका विश्वास कमज़ोर है| प्रभु की मर्ज़ी को समझने की ज़रूरत है| अपने आपको प्रभु की मर्जी पर छोड़ दें,और विश्वास रखें कि प्रभु जो कुछ भी करेगा आपके लिए बेहतर  ही करेगा।  आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह राजेश गिरधर

इस संसार में शैतान ने एक ऐसा जाल सा बिछा रखा है कि जिसे देखकर भी हम नहीं देख पाते और समझ कर भी नहीं समझ पाते,वो यह है कि जब आपके पास पैसा आता है तब आपके दोस्त भी न जाने कहाँ- कहाँ से निकलकर आ जाते हैं ।पर जैसे ही आपका पैसा खत्म हुआ वो सारे दोस्त इस तरह गायब हो जाते हैं मानों जैसे कभी थे ही नहीं और वो व्यक्ति जो लोगों के बीच कभी अपने आप को घिरा हुआ पाता था पैसा न होने पर अपने आप को अकेला पाता है | वक्त सदा एक सा नहीं रहता कभी ऊपर तो कभी नीचे होता ही रहता है इसलिए अपने आप को सम्भालों और परमेश्वर के नजदीक रहो ताकि परमेश्वर हमें सही से रखे उसके भय को मानते रहो जो परमेश्वर का भय मानते हैं उन्हें वो हमेंशा बचाता रहता है अगर परमेश्वर आपके साथ है तो आपको किसी मित्र या भाई के पीछे भागने की आवश्यकता नहीं

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इस संसार में शैतान ने एक ऐसा जाल सा बिछा रखा है कि जिसे देखकर भी हम नहीं देख पाते और समझ कर भी नहीं समझ पाते,वो यह है कि जब आपके पास पैसा आता है तब आपके दोस्त भी न जाने कहाँ- कहाँ से निकलकर आ जाते हैं ।पर जैसे ही आपका पैसा खत्म हुआ वो सारे दोस्त इस तरह गायब हो जाते हैं मानों जैसे कभी थे ही नहीं और वो व्यक्ति जो लोगों के बीच कभी अपने आप को घिरा हुआ पाता था पैसा न होने पर अपने आप को अकेला पाता है ;  जैसा आप बाइबिल में उडाऊ पुत्र के बारे में पढ सकते हैं किस प्रकार वो अपने पिता से दौलत पाकर दूसरे शहर जाता है व सारा पैसा उडा डालता है जब तक पैसा उसके पास था सब उसके दोस्त थे पैसा खत्म होते ही वो अपने आप को अकेला पाता है । यह बहुत से लोगों की कहानी है जिससे हमें सबक लेने की कोशिश करनी चाहिए न तो ज्यादा किसी से दोस्ती करो कि बहुत कुछ चला जाए और न किसी से इतनी दूरी बनाओं कि वक्त पर कोई खडा न हो यहाँ हमें बाइबिल समझदार होने को कहती है । वक्त सदा एक सा नहीं रहता कभी ऊपर तो कभी नीचे होता ही रहता है इसलिए अपने आप को सम्भालों और परमेश्वर के नजदीक रहो ताकि परमेश्वर हमें सही से रखे उसके...

प्रार्थना:-- हे प्रभु, आपके लिए मैं एक चमकता हुआ तारा बनने के लिए खुद को समर्पित करता हूंमुझे अपने अभिषेक और वरदानों से भरें। हे प्रभु, मैं जैसा हूं वैसा ही आपके पास आता हूं मुझे अपने अग्निमय अभिषेक से भरें। मेरी सारी निर्बलताओं से हटांए और मुझे पूरी तरह से चंगा करें। हे प्रभु इस साल में मुझे और मेरे परिवार को पहले से भी अधिक चमकाएं।

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प्रार्थना:-----                   हे प्रभु, आपके लिए मैं एक चमकता हुआ तारा बनने के लिए खुद को समर्पित करता हूं मुझे अपने अभिषेक और वरदानों से भरें। हे प्रभु, मैं जैसा हूं वैसा ही आपके पास आता हूं मुझे अपने अग्निमय अभिषेक से भरें। मेरी सारी निर्बलताओं से हटांए और मुझे पूरी तरह से चंगा करें। हे प्रभु इस साल में मुझे और मेरे परिवार को पहले से भी अधिक चमकाएं।  हे अनुग्रह कारी प्रभु,मैं आपको धन्यवाद देता हूं क्योंकि आप मुझे एक चमकते हुए तारे के समान बनाने जा रहे हैं। जिससे कि मैं दूसरों के लिए एक आशीष बनूं।  इस साल में आपकी नई दया और नई करूणा के लिए मैं आपको स्तूति और धन्यवाद देता हूं, और यीशु मसीह के सामर्थी नाम से मैं इस प्रार्थना को मांगता हूं, आप सुने और कबूल करें।  आमीन इस प्रार्थना के द्वारा आप सबको आशीष मिले आपकी सेवा में प्रभु का दास रैव्ह राजेश गिरधर

परमेश्वर भजन संहिता 103:11 से आपसे बात कर रहा है, ‘‘जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है।’’ जी हाँ, परमेश्वर की प्रेममयी कृपा उन पर रहती है जो उसका भय मानते है | Prayer: मेरे प्यारे स्वर्गीय पिता,आज की प्रतिज्ञा के लिए धन्यवाद। हे पिता, मुझे अपने हृदय में हमेशा आपके लिए भयभक्ति रखने दें। मेरे जीवन के हर पहलू में आपकी इच्छा को हमेशा पूरा करने में मेरी मदद करें। आपकी योजना पर चलने के लिए मुझे अपने पवित्र आत्मा के माध्यम से सिखाएं। यीशु के नाम में,मैं प्रार्थना करता हूँ,

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परमेश्वर ने आज आपके लिए एक अद्भुत प्रतिज्ञा की है। परमेश्वर भजन संहिता 103:11 से आपसे बात कर रहा है, ‘‘जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है।’’ जी हाँ, परमेश्वर की प्रेममयी कृपा उन पर रहती है जो उसका भय मानते हैं, स्वर्ग और पृथ्वी के बीच की जितनी दूरी है उससे भी कहीं अधिक उसकी कृपा होती है। जब परमेश्वर आपसे इतना प्यार करता है, तो कल्पना करें कि वह आपके जीवन में कितनी आशीषों की वर्षा करेगा।  आज आप परमेश्वर की इस प्रेममयी कृपा का अनुभव करें, जब आप में परमेश्वर के प्रति भयभक्ति होगी, तब आप  उसे राजाओं के महान राजा और प्रभुओं के प्रभु के रूप में देखेंगे। इससे आपके अंदर उसका भय आएगा। इसलिए अपने जीवन को उसके हाथों में सौंपें। परमेश्वर का भय मानें और वह सब कुछ करें जो उसे भाता है। हर उस चीज में जिसमें आप शामिल हैं और लोगों के साथ आपकी हर बातचीत में, जांचें कि क्या आप परमेश्वर को खुश करने में सक्षम हैं। जब आप इसे अपनी आदत बना लेंगे, तो आप में प्रभु के प्रति निरंतर भयभक्ति होगी और आप उसकी इच्छा के अनुसार सब कुछ करेंगे। भजन संहिता ...

यशायाह 56:5 के अनुसार :- ‘‘मैं उसका नाम सदा बनाए रखूंगा और वह कभी न मिटाया जाएगा।’’ आपका नाम सदा तक बना रहेगा। Prayer: मुझे नाम देने के लिए धन्यवाद। मेरे जीवन में सब कुछ आदरणीयता से बदलें। मैं आदर के दिनों को देखूं। जो कुछ भी मैं करूं सफल होवूं। मेरे देश को बढाए और मुझे हानि से बचाकर रखें। मुझे हर आशीष वापस पाने में, मेरी मदद करें। मुझ पर धन और महिमा बनाए रखें। यीशु के नाम में, मैं प्रार्थना करता हूं,

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आज परमेश्वर ने आपके लिए एक आशीष रखी है, यशायाह 56:5 के अनुसार :- ‘‘मैं उसका नाम सदा बनाए रखूंगा और वह कभी न मिटाया जाएगा।’’ आपका नाम सदा तक बना रहेगा। आप शायद अपमानित हुए होंगे। शायद आप कहते हैं, मेरा नाम मलिन हो गया है। अब मैं खत्म हो चुका/चुकी हूं। कोई भी मुझे नहीं जानता है। मेरा कोई भी नहीं जो मेरी मदद करे। मेरा कोई बडा नाम नहीं है। मेरा नाम बेनाम है। परन्तु परमेश्वर कहता है, मेरे बच्चे, मैं तेरे नाम को सदा बनाए रखूंगा। क्या आप जानते हैं कि उस अनन्तकाल का नाम क्या है? उसका नाम यीशु है। यीशु का नाम सब नामों से ऊंचा किया गया है और परमेश्वर आपको यीशु की संतान के रूप में, यीशु के नाम से बुलाना चाहता है।* * यूहन्ना 1:12 के अनुसार :-- ‘‘परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर की संतान होने का अधिकार दिया।’’ यदि आप परमेश्वर पर भरोसा रखते हैं और उसे अपने जीवन को सौंपें हैं, अपनी इच्छा को सौंप दें तब आपको सर्वशक्तिमान परमेश्वर के द्वारा नाम दिया जाएगा। तब आप परमेश्वर की संतान कहलाएंगी। आपके पिता का नाम यीशु है और आप राजा यीशु के बेटे या बेटी के नाम से जाने जाएंगे।...

बाइबिल मे भी लिखा है माँगो तो दिया जाएगा, खटखटाओ तो खोला जाएगा इस संसार के हाकिम से प्रभु हमको बचाना चाहता है साफ लिखा है जब तक वह निकट है पुकारो पर उसे पुकारने की जगह मनुष्य दूसरी ओर भागता है।और नादानी मेंपरमेश्वर को भूल जाता है तथा व्यक्ति पर भरोसा करके उस से माँगने लगता है ; फिर उसे निराशा ही हाथ लगती है जिसके परिणाम स्वरूप उसका विश्वास हिल जाता और मनुष्य अपने आप को और भी परमेश्वर से दूर कर लेता है यह एक सच्चाई है जिसे कम लोग ही समझ पाते

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कितनी सुन्दर बात बाइबिल बताती है :-कि अकसर मनुष्य अपनी जिन्दगी कि उलझनों मे इतना उलझ जाता है उसे यह बात याद ही नहीं रहती इस ब्रह्मांड मे कोई जो हमारी ओर हर समय ताक रहा है, उसकी निगाहें हर समय हम पर लगी हैं। उसके कान हर समय हमारी ओर लगे हैं कि हम उस से वो माँगे जो वो हमें देना चाहता है वो हमें हर वो खुशी से भरपूर करना चाहता है जिसके हम हकदार हैं ; जबकि बाइबिल मे भी लिखा है माँगो तो दिया जाएगा, खटखटाओ तो खोला जाएगा इस संसार के हाकिम से प्रभु हमको बचाना चाहता है साफ लिखा है जब तक वह निकट है पुकारो पर उसे पुकारने की जगह मनुष्य दूसरी  ओर भागता है।और नादानी में परमेश्वर को भूल जाता है तथा व्यक्ति पर भरोसा करके उस से माँगने लगता है ; फिर उसे निराशा ही हाथ लगती है जिसके परिणाम स्वरूप उसका विश्वास हिल जाता और मनुष्य अपने आप को और भी परमेश्वर से दूर कर लेता है यह एक सच्चाई है जिसे कम लोग ही समझ पाते हैं जो समझ जाते वो प्रभु को पुकारते व अपनी प्रार्थना का उत्तर भी पा जाते हैं इसलिये एक ही रास्ता है जो हमारी प्रार्थना का उत्तर दे सकता है यीशु मसीह वो सब कुछ सही कर सकता है क्योंकि ...

आइए, सोने से पहले छोटी सी दुआ करें :--- प्यारे पिता परमेश्वर मेरे हृदय में आएं, प्रभु मुझे अपने खून से धो लें, प्रभु यीशु मेरे पापों से मुझे शुद्ध करें और मुझे आइए, सोने से पहले छोटी सी दुआ करें :-- अपनी संतान बनाएं। मुझे परमेश्वर आप अपने भय के साथ जीने की कृपा दें और मुझे सभी पापी विचारों से, गन्दी आदतों और गलत तरीकों से मुक्त करें। प्रभु यीशु मैं अपने शरीर को और अपने जीवन को आपको समर्पित करता हू्ं।

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आइए, सोने से पहले छोटी सी दुआ करें :---- प्यारे पिता परमेश्वर मेरे हृदय में आएं, प्रभु मुझे अपने खून से धो लें, प्रभु यीशु मेरे पापों से मुझे शुद्ध करें और मुझे अपनी संतान बनाएं। मुझे परमेश्वर आप अपने भय के साथ जीने की कृपा दें और मुझे सभी पापी विचारों से, गन्दी आदतों और गलत तरीकों से मुक्त करें। प्रभु यीशु मैं अपने शरीर को और अपने जीवन को आपको समर्पित करता हू्ं। मुझे अपनी संतान बनाए,परमेश्वर की संतान बनाने और मुझे उद्धार देने के लिए धन्यवाद। आपका लहू मुझे शुद्ध करे पाक और साफ करें ताकि मैं आपके अनुग्रह से आपके मार्गों पर चल सकू्ं। प्रभु रात भर हमें मीठी नींद सुलाना और सुबह का सूर्य दिखाना ताकि सुबह हम आपके भवन में पाते जाएं और वचन की रोटी को ग्रहण करने पाएं,यीशु के अनमोल नाम में इस प्रार्थना को मांगते हैं सुने और कबूल करें आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह राजेश गिरधर

परमेश्वर ने आपको अपने से थोड़ा ही कम बनाया है,और महिमा और प्रताप का मुकुट आपके सिर पर रखा है। इसलिए परमेश्वर ने आपको चुनकर अलग किया है

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पिता परमेश्वर ने हमें चुन कर अलग क्यों किया , यह कभी हमने सोचा,कि मसीह में हमारी पहचान क्या है। बाईबल इस बारे में हमें साफ साफ बताती है कि:-  माता के गर्भ में आने से पहले, दुनिया के निर्माण से पहले परमेश्वर ने आपको अलग किया और पवित्र किया   आप कभी भी संसार के साथ अपनी पहचान नहीं बना सकते  आपका उपदेश और चाल-चलन दूसरों से बहुत अलग है   आपकी शैली और मुस्कान अलग हैं  आपका विवाह और व्यवहार भिन्न है  आपका आहार और अनुशासन अलग है  जीवन में आपका उद्देश्य और भूमिका अलग है  आपका रूप और स्वाद अलग है  आप अद्वितीय और महान हैं  आप पवित्र, पवित्र और दिव्य हैं। परमेश्वर ने आपको अपने से थोड़ा ही कम बनाया है,और महिमा और प्रताप का मुकुट आपके सिर पर रखा है।  इसलिए परमेश्वर ने आपको चुनकर अलग किया है आमीन हम प्रभु के चुने हुए है रैव्ह राजेश गिरधर

प्रभु सबके मनों को जाँचता है और उसी के हिसाब से फल देता है क्योंकि प्रभु मनों को देखता है जुबान को नहीं व्यक्ति जुबान से कुछ भी बोलता है पर उसके मन में कुछ और ही होता है जिसे परमेश्वर जानता है और उसी के हिसाब से प्रार्थना सुनता है।

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हम सब जब प्रार्थना करते हैं न जाने क्या क्या प्रभु से माँगते है, कोई अपनी सोच के अनुसार माँगता कोई अपनी जरूरत के हिसाब से माँगता, कोई दूसरे को देख कर माँगता, कोई किसी की बुराई माँगता, कोई किसी को देखकर जलन रखता व उसके विनाश को माँगता, हर जन कुछ न कुछ परमेश्वर से माँगता ही है।यह सच्चाई है मगर सब की प्रार्थना सुनी नहीं जाती यह हकीकत है, फिर लगता है परमेश्वर मेरी प्रार्थना नहीं सुन रहा और व्यक्ति प्रार्थना करना बन्द कर देता है कोई यह नहीं सोचता प्रार्थना सुनी क्यो नहीं जा रही तो उसका जवाब है यह वचन प्रभु सबके मनों को जाँचता है और उसी के हिसाब से फल देता है क्योंकि प्रभु मनों को देखता है जुबान को नहीं व्यक्ति जुबान से कुछ भी बोलता है पर उसके मन में कुछ और ही होता है जिसे परमेश्वर जानता है और उसी के हिसाब से प्रार्थना सुनता है।  कुछ लौग दूसरों का हक मारकर अन्याय से धन इकट्ठा करते और उस धन के लिए प्रार्थना करते हैं मगर प्रभु की योजना कुछ और ही होती है इसलिये व्यक्ति को चाहिए वह अपने मन को साफ करे ताकि पवित्र मन से प्रार्थना हो जो सुनी जाए । आमीन प्रभु आप सबको आशीष दे रैव्ह रा...

परमेश्वर हमें कब ग्रहण करता है,जब हम सब 2 कुरिन्थियों 6:17-18 के अनुसार:-इसलिये प्रभु कहता है, कि उन के बीच में से निकलो और अलग रहो; और अशुद्ध वस्तु को मत छूओ, तो मैं तुम्हें ग्रहण करूंगा। और तुम्हारा पिता हूंगा, और तुम मेरे बेटे और बेटियां होगे: यह सर्वशक्तिमान प्रभु परमेश्वर का वचन है॥ जब हम संसार से अलग होकर परमेश्वर के निकट बने रहते हैं। तो परमेश्वर पिता की तरह देख भाल करता है।

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परमेश्वर हमें कब ग्रहण करता है,जब हम सब 2 कुरिन्थियों 6:17-18 के अनुसार:-इसलिये प्रभु कहता है, कि उन के बीच में से निकलो और अलग रहो; और अशुद्ध वस्तु को मत छूओ, तो मैं तुम्हें ग्रहण करूंगा।  और तुम्हारा पिता हूंगा, और तुम मेरे बेटे और बेटियां होगे: यह सर्वशक्तिमान प्रभु परमेश्वर का वचन है॥  परमेश्वर अपने लोगों से बुराई से दूर रहने को कहता है। बुराई से दूर रहने का विचार परमेश्वर का अपनी प्रजा से सम्बन्ध का मूल सिद्धांत हैं। हम सभी को चाहिए कि खुद को  पाप से और उन सभी बातों से अलग रखना जो यीशु मसीह, व परमेश्वर के वचन के विरुद्ध हैं। हमारा समर्पण, आराधना और सेवा के द्वारा हम परमेश्वर के ओर अधिक निकट आ सकते हैं। वचन बताता हैं कि यह एक ऐसा सम्बन्ध हैं, जिसमे परमेश्वर हमारा स्वर्गीय पिता होता है जो हमारे साथ रहता हैं और हम उसके बेटे और बेटियाँ होते हैं। 2 कुरुन्थियो 6:16-18 के अनुसार :- परमेश्वर की निज प्रजा बने रहने के लिए जरूरी है सभी लोगों से भिन्न दिखे, पवित्र और अलग रहे। लोगो से अलग रहना मतलब परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार चलना। तभी परमेश्वर हमे ग्रहण करेगा। जैसे ज...

पहला आदम खुदा की बात न मानकर खुदा से ही छिप गया था तो दूसरा आदम खुदा की बात मानकर सूली पर भी चढ़ गया था। पहले आदम ने अच्छे बुरे के ज्ञान का फल खाकर हमें गुनाहों से मिलाया था,तो दूसरे आदम ने जीवन रोटी खिलाकर हमें खुदा की संतान बनाया है

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*खुदा के कलाम ने दो सुन्दर बागों का जिक्र किया था* *एक का नाम अदन और दूसरे को गतसमनी नाम दिया था।* *अदन में था पहला आदम तो गतसमनी मे दूसरा आदम*  *(यीशु मसीह) रहा था ।।* *पहले आदम ने अदन में अपना जीवन शुरू किया था,* *तो दूसरे आदम ने गतसमनी में जीवनके अंतिम पलों को जिया था* *पहले आदम को खुदा ने, अपना रूप दिया था* *तो दूसरे आदम को खुदा ने, अपना रूह दिया था।* *पहला आदम अदन में शैतान से हार गया था* *तो दूसरे आदम  ने गतसमनी में मौत को हरा दिया था।* *पहले आदम ने खुदा की आज्ञा तोड़कर पाप किया था* *तो दूसरे आदम ने खुदा की आज्ञा मानकर अपना प्राण दिया है।* *पहले आदम ने पाप करके हमें पापों में फंसाया था,* *तो दूसरे आदम ने लहू बहाकर हमें पापों से छुड़ाया है।* *पहला आदम इस दुनिया में मौत को लेकर आया था* *तो दूसरा आदम अनन्त जीवन की मीरास लेकर आया है।* *पहला आदम खुदा की बात न मानकर खुदा से ही छिप गया था* *तो दूसरा आदम खुदा की बात मानकर सूली पर भी चढ़ गया था।* *पहले आदम ने अच्छे बुरे के ज्ञान का फल खाकर हमें गुनाहों से मिलाया था,तो दूसरे आदम ने जीवन रोटी खिलाकर हमें खुदा की संतान ब...

यीशु मसीह ने कहा , चौकस रहो कि जिस नाप से तुम नापते हो उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा ।क्योंकि बहुत बार हम कह देते हैं उस व्यक्ति ने इस व्यक्ति से बुरा बर्ताव किया था और आज परमेश्वर ने इस व्यक्ति की हालत क्या कर दी है ।

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यीशु मसीह ने कहा , चौकस रहो कि जिस नाप से तुम नापते हो उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा । क्योंकि बहुत बार हम कह देते हैं उस व्यक्ति ने इस व्यक्ति से बुरा बर्ताव किया था और आज परमेश्वर ने इस व्यक्ति की हालत क्या कर दी है । इस तरह के उदाहरण हमारे आस पास बहुत बार मिल जाते हैं जिन्हे हम अकसर नजरअंदाज कर देते व आगे बढ जाते हैं पर यह बात हम भूल जाते हैं कि यह बात सबके लिये है जब हम किसी का भी अनर्थ करते हैं ,तो अपने अनर्थ का इन्तजाम पहले कर लेते हैं , अगर हम किसी को धोखा देते हैं तो हमारे साथ उस से भी बडा धोखा होगा यह निश्चित है ; अगर आज हमने किसी को लूटा तो यह बात तय है तुमने अपने लुटने का इन्तजाम पूरा कर दिया , आज आप किसी के लिये खड्डा खोद रहे हो तो सोच लो तुम्हारा पैर भी फिसलने को तैयार है और खड्डे में नहीं बल्कि खाई में यह एक हकीकत है । इसे हम जितनी जल्दी समझ जाएँ हमारे लिये बैहतर होगा तथा किसी के भी अनिष्ट का कारण न बने ऐसा कोई काम न करें जिसकी वजह से किसी को ठेस पहुँचे जब हम किसी का बुरा नहीं करेंगे तब परमेश्वर हमारा बुरा भी नहीं होने देगा । आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह...

सर्वशक्तिमान पिता परमेश्वर आप का धन्यवाद करते हैं आज के दिन के लिए की अपने सम्भाला और बहुत आशीष दी प्रभु जी प्रार्थना करते हैं, आप सबको स्वस्थ्य एवं सुरक्षित रखें और जो लोग बीमारी की अवस्था मे हैं आप उन पर अपने पवित्र लहू का छिड़काव करें, आप के लहू की जय बोलते हैं, जिसके द्वारा हम पापियों का उद्धार हुआ है आप की आँखें निरंतर हमारी ओर लगी रहती हैं हमें हर बदी और बुराई से बचा कर रखना और निरन्तर प्रार्थना का जीवन देना, धन्यवाद का जीवन देना ताकि हम आप से उत्तम प्रतिफल पा सके । हमारे सभी पापों को जो जाने अनजाने में हुए हमे क्षमा का दान दें, विशेष प्रार्थना CORONA VIRUS के लिए, इसे शीघ्र पूरे संसार से खत्म करें,और इस बीमारी से जो लोग पीड़ित हैं उन्हें चंगाई देकर अपनी गवाही देने का अवसर जरूर प्रदान करना, मेरे महान सामर्थी परमेश्वर ये विनती आपके मधुर और मीठे पवित्र नाम मे होकर मांगते है,आप सुने और ग्रहण करें

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सर्वशक्तिमान पिता परमेश्वर आप का धन्यवाद करते हैं आज के दिन के लिए की अपने सम्भाला और बहुत आशीष दी प्रभु जी प्रार्थना करते हैं, आप सबको स्वस्थ्य एवं सुरक्षित रखें और जो लोग बीमारी की अवस्था मे  हैं आप उन पर  अपने पवित्र लहू का छिड़काव करें, आप के लहू की जय बोलते हैं, जिसके द्वारा हम पापियों का उद्धार हुआ है आप की आँखें निरंतर हमारी ओर लगी रहती हैं हमें हर बदी और बुराई से बचा कर रखना और निरन्तर प्रार्थना का जीवन देना, धन्यवाद का जीवन देना ताकि हम आप से उत्तम प्रतिफल पा सके । हमारे सभी पापों को जो जाने अनजाने में हुए हमे क्षमा का दान दें, विशेष प्रार्थना CORONA VIRUS के लिए, इसे शीघ्र पूरे संसार से खत्म करें,और इस बीमारी से जो लोग पीड़ित हैं उन्हें चंगाई देकर अपनी गवाही देने का अवसर जरूर प्रदान करना, मेरे महान सामर्थी परमेश्वर ये विनती आपके मधुर और मीठे पवित्र नाम मे होकर मांगते है,आप सुने और ग्रहण करें  आमीन रैव्ह राजेश गिरधर

जो लोग धर्म और जाति के नाम पर भेदभाव करते और करवाते हैं और जो लोग सृष्टिकर्ता परमेश्वर पर विश्वास नहीं करते उन लोगों से पूछे जाने वाले सवाल? इन सब सवालों के जवाब हमें केवल बाईबल में ही पढ़ने को मिलेंगे और केवल बाईबल का परमेश्वर ही हमें अच्छी समझ और सही मंजिल पर लेकर जा सकता है | प्रभु हम सबको ज्ञान, बुद्धि और समझ का आत्मा दे

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जो लोग धर्म और जाति के नाम पर भेदभाव करते और करवाते हैं और जो लोग सृष्टिकर्ता परमेश्वर पर विश्वास नहीं करते उन लोगों से पूछे जाने वाले सवाल? 1... Q. *आपके ईश्वर , भगवान या परमेश्वर की कौन सी जात है बताईए?*  2...Q. *सारी दुनिया का  स्वामी कौन है उसका नाम क्या है?* 3....Q. *जब जब इस पृथ्वी पर पाप बढ़ जाता है तब कौन आंधी , तूफान , भूकंप और महामारी लेकर आता है?* 4....Q. *मनुष्य जाति का न्याय कौन करेगा और  उस परमेश्वर का नाम क्या है?* 5...Q. *इतने सारे धर्मगुरुओ के द्वारा बोले गए सत्संग सुनने और  धार्मिक ग्रंथ  पढ़ने के बावजूद भी क्यों मनुष्य पाप करना नहीं छोड़ता आज उसके अंदर की इंसानियत क्यों मर चुकी है क्यों उसे अपने भगवान का डर नहीं है?* 6....Q.  *आज जिनके पास है वह क्यों दूसरों की सहायता नहीं करते हैं जबकि उन्हें सब कुछ अपनी आंखों से स्पष्ट दिखाई देता है* 7...Q. *आज बहुत से लोग भूख , बेरोजगारी और बीमारियों के कारण मर रहे हैं फिर भी बहुत से अमीर लोग यह सब होता हुआ देख रहे हैं कोई किसी का दर्द क्यों नहीं समझता?* 8....Q. *पहले मनुष्य और पहली स्त्री ...

विश्वास की डोर के दो सिरे होते हैं , एक सिरे पर आप , और दूसरे सिरे पर है आपका ख़ुदा| इस डोर का मज़बूत होना बहुत ज़रूरी है| शैतान के निशाने पर आप से भी कहीं ज्यादा , आपका विश्वास है| इस डोर के टूटते ही आप , शैतान का शिकार बड़ी आसानी से बन जाते हैं| जो इस डोर से बंधा है , उसको मुसीबतों के पहाड़ भी गिरा नहीं सकते| भजन संहिता:-33=20 में लिखा है --- हम यहोवा का आसरा देखते आए हैं , वो हमारा सहायक और हमारी ढाल है| ख़ुदा से आस लगाए रहने का मतलब है , आप विश्वास की डोर को थामे हैं| मुश्किलों के पहाड़ , राई के दाने के बराबर विश्वास के आगे कुछ नहीं हैं| विश्वास है तो समुंदर भी दो भाग हो जायेगा ; विश्वास है , तो यरीहो की दीवार भी गिर जाएगी| हर मुश्किल आसान हो जाएगी।

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विश्वास की डोर के दो सिरे होते हैं , एक सिरे पर आप , और दूसरे सिरे पर है आपका ख़ुदा| इस डोर का मज़बूत होना बहुत ज़रूरी है| शैतान के निशाने पर आप से भी कहीं ज्यादा , आपका विश्वास है| इस डोर के टूटते ही आप , शैतान का शिकार बड़ी आसानी से बन जाते हैं| जो इस डोर से बंधा है , उसको मुसीबतों के पहाड़ भी गिरा नहीं सकते| पतरस ने जब पानी पर पर पहला कदम रखा , तो उस समय नज़र ना आने वाली डोर , उसके और येशू बीच बंधी थी| काश पतरस उस डोर को देख  पाता और थामे रहता, उस आंधी की औकात क्या जो उसे डुबा सकती| भजन संहिता:-33=20 में लिखा है --- हम यहोवा का आसरा देखते आए हैं , वो हमारा सहायक और हमारी ढाल है| ख़ुदा से आस लगाए रहने का मतलब है , आप विश्वास की डोर को थामे हैं| मुश्किलों के पहाड़ , राई के दाने के बराबर विश्वास के आगे कुछ नहीं हैं| विश्वास है तो समुंदर भी दो भाग हो जायेगा ; विश्वास है , तो यरीहो की दीवार भी गिर जाएगी| हर मुश्किल आसान हो जाएगी। आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह राजेश गिरधर

जब आप परमेश्वर के सामने घुटने टेकते हैं; तब वो आपके लिए खडा होता है और जब वह आपके लिए खडा होता है तो कोई भी आपके खिलाफ खडा नहीं हो सकता | याद रखिये जहां जहां आपको बहुत सताया गया, नीचा दिखाया गया, वहां परमेश्वर आपको बड़ी ऊंचाईयों पर ले कर जाने वाला है और बडी सफलता दिलाने वाला है | यह सब कुछ यीशु के सामर्थी नाम से आपके जीवन में 100% होगा

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जब आप परमेश्वर के सामने घुटने टेकते हैं तब वो आपके लिए खडा होता है और जब वह आपके लिए खडा होता है तो कोई भी आपके खिलाफ खडा नहीं हो सकता याद रखिये जहां जहां आपको बहुत सताया गया, नीचा दिखाया गया वहां परमेश्वर आपको बड़ी ऊंचाईयों पर ले कर जाने वाला है और बडी सफलता दिलाने वाला है यह सब कुछ यीशु के सामर्थी नाम से आपके जीवन में 100% होगा आमीन मेरे साथ फिर से कहें--आमीन एक बार फिर से कहें--आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह राजेश गिरधर

हमारा परमेश्वर महान् और अति स्तुति के योग्य है वो हमारे मांगने से पहले देनेवाला परमेश्वर है । वो जानता है, हमें कब किस वस्तु की जरूरत है ; और सही समय आने पर वो हमें वह वस्तु दे भी देता है ।वो देर तो करता है देने में, पर जब भी देता है तब हम सम्भाल भी नहीं पाते इतना दे देता है । हमारा परमेश्वर ऐसा ही है जब हम उसकी आज्ञा मानकर चलते हैं , तब हम फलवन्त होते जाते हैं ; जीवन के वो बन्द रास्ते भी खुलने शुरू हो जाते हैं , जो हमने सोचे भी नहीं होते ।आप भी ऊँचाई पर जाना चाहते हैं तो परमेश्वर की बातों को सुनना सीखें तथा उस पर चलना आरम्भ करें वो आपको बहुत बढाएगा इसमें कोई शक की बात नहीं है ; वो सब कुछ कर सकता है उसके लिये कुछ भी नामुमकिन नहीं

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हमारा परमेश्वर महान् और अति स्तुति के योग्य है वो हमारे मांगने से पहले देनेवाला परमेश्वर है । वो जानता है,  हमें कब किस वस्तु की जरूरत है  ; और सही समय आने पर वो हमें वह वस्तु दे भी देता है । वो देर तो करता है देने में,  पर जब भी देता है तब हम सम्भाल भी नहीं पाते इतना दे देता है । जब उसने अब्राहम से वादा किया था कि उसका वंश तारो के समान होगा जिसकी गिनती नहीं हो सकेगी  ; उस समय अब्राहम के लिए यह सोच से भी बाहर की बात रही होगी । आज जब हम देखते हैं कि पूरी दुनियां अब्राहम के वंश में आ रही है । जब परमेश्वर ने अब्राहम को कहा तू निकल जा  तब वो उस आवाज का पीछा करता हुआ निकल पडा ;  परमेश्वर ने उसे बहुत बढाया , क्योंकि उसने परमेश्वर की आज्ञा को माना था  हमारा परमेश्वर ऐसा ही है जब हम उसकी आज्ञा मानकर चलते हैं , तब हम फलवन्त होते जाते हैं ; जीवन के वो बन्द रास्ते भी खुलने शुरू हो जाते हैं  , जो हमने सोचे भी नहीं होते । आप भी ऊँचाई पर जाना चाहते हैं तो परमेश्वर की बातों को सुनना सीखें तथा उस पर चलना आरम्भ करें वो आपको बहुत बढाएगा इसमें कोई शक की ...

“परमेश्वर ने इस संसार की सृष्टि की, उसने पूरी मानवजाति को बनाया, केवल परमेश्वर ही रात-दिन पूरी मानवजाति का ध्यान भी रखता है। मानव (हम सब)का विकास और प्रगति परमेश्वर की प्रभुता से जुड़ी है, मानवजाति(हम सब) का भाग्य और भविष्य परमेश्वर की योजनाओं में शामिल है। यदि हम सब अच्छा भाग्य पाना चाहते है, अच्छा भविष्य पाना चाहते है, तो हम सब को अवश्य परमेश्वर की आराधना में झुकना चाहिए, पश्चाताप करना चाहिए और परमेश्वर के सामने अपने पापों को स्वीकार करना चाहिए, अन्यथा मनुष्य का भाग्य और भविष्य निश्चित रूप से तबाही की ओर मुढ सकता है,इस बात का हम सबको ध्यान रखना होगा

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“परमेश्वर ने इस संसार की सृष्टि की, उसने पूरी मानवजाति को बनाया, केवल परमेश्वर ही रात-दिन पूरी मानवजाति का ध्यान भी रखता है। मानव (हम सब)का विकास और प्रगति परमेश्वर की प्रभुता से जुड़ी है, मानवजाति(हम सब) का भाग्य और भविष्य परमेश्वर की योजनाओं में शामिल है। यदि हम सब एक सच्चे मसिह है, तो निश्चय ही इस बात पर विश्वास करेंगे कि जो कुछ भी होता है वो परमेश्वर की योजना के अनुसार होता है। केवल परमेश्वर ही हम सब के भाग्य को जानता है और केवल परमेश्वर ही हमारे जीवन के ढंग को नियंत्रित करता है। यदि हम सब अच्छा भाग्य पाना चाहते है, अच्छा भविष्य पाना चाहते है, तो हम सब को अवश्य परमेश्वर की आराधना में झुकना चाहिए, पश्चाताप करना चाहिए और परमेश्वर के सामने अपने पापों को स्वीकार करना चाहिए, अन्यथा मनुष्य का भाग्य और भविष्य निश्चित रूप से तबाही की ओर मुढ सकता है,इस बात का हम सबको ध्यान रखना होगा आमीन प्रभु में हमारा भाग्य और भविष्य सुरक्षित है रैव्ह राजेश गिरधर

बाईबल बताती है कि पिता परमेश्वर जिससे वो प्रेम करता है उसकी वो ताडना भी करता है, जब हम उस से प्रेम लेना जानते हैं तो क्या उसकी ताडना को तुच्छ जाने ? वो चाहता है हम बच जाएँ हम उसके हाथों की बनाई हुई रचना है और अपनी रचना को कोई भी बिगडते हुए नहीं देख सकता फिर वो तो हमारा पिता है । यही कारण है दुख के बाद आनेवाले सुख का आनन्द बहुत ही सुखदायक होता है इसलिये परमेश्वर के द्धारा दिये गये सुख में मगन रहो और दुख में भी मगन होकर प्रार्थना में लगे रहो ।

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बाईबल बताती है कि पिता परमेश्वर जिससे वो प्रेम करता है उसकी वो ताडना भी करता है, जब हम उस से प्रेम लेना जानते हैं तो क्या उसकी ताडना को तुच्छ जाने ?  वो हमारी ताडना इसलिये करता है ताकि हम जिस गलत रास्ते को अपनाने जा रहे होते हैं जिसका अन्त भयानक होता है तब वो हमें उस रास्ते पर चलने से रोकता है कभी वचन के द्धारा , कभी पासबानों के द्धारा , कभी सपनों में बाते करने के द्धारा ; वो हमें रोकता है अगर हम समझदार हैं तो उसकी बातों को और संकेतों को समझ लेते हैं नासमझ हैं तो नहीं समझ पाते और मूर्ख हैं तो उस बात को मजाक में ले लेते हैं जो नासमझी हमसे हो जाती है उस को वो हमारे पास से दूर करने के लिये हमें ताडना के रुप में दुखों से गुजारता है और वो चाहता है हम बच जाएँ हम उसके हाथों की बनाई हुई रचना है और अपनी रचना को कोई भी बिगडते हुए नहीं देख सकता फिर वो तो हमारा पिता है । हमें कैसे खराब होने देगा पर जब भी वो हमें दुख देकर वापस लाता है तब हम अपने पापों को अंगिकार करके यीशु के लहू से शुद्ब हो चुके होते हैं और वो सुखद अहसास बहुत ही सुहावना होता है । यही कारण है दुख के बाद आनेवाले सुख ...

परमेश्वर हमको जो अवसर (समय) देता है उसका उपयोग परमेश्वर की महिमा के लिए करना चाहिए, क्योंकि हमको जो जो दिया गया है उसका हमें हिसाब देना पड़ेगा।

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परमेश्वर हमको जो अवसर (समय) देता है उसका उपयोग परमेश्वर की महिमा के लिए करना चाहिए, क्योंकि हमको जो जो दिया गया है उसका हमें हिसाब देना पड़ेगा।            मान लो कि आप रेलगाड़ी में सफर कर रहे हैं और आपकी गाड़ी किसी जगह पर पाँच से छः घंटो तक रूकी हुई हैं। तो यह समय आप किस रीति से खर्च करेंगे? अधिकांश लोग चुटकुले बोलकर - सुनकर, हँसी-मजाक में या मूंगफली के दाने खाने में अपना समय बिताएँगे। कितने ही लोगों को पूरे समय मुँह में कुछ न कुछ डालने की आदत होती है। सफर के वक्त मुँह में डालने के लिए कुछ न मिले तो बेचैन हो जाते हैं। विश्वासी होने के नाते हमारा समय फायदे मदं रीति से बीताना चाहिये। प्रभु हमको कभी कभी ज्यादा वक्त किसी खास उद्देश से देता है। हो सकता है यह समय प्रार्थना, वचन का मनन या आत्मा जीतने के लिये दिया हो। ऐसे समय में प्रार्थना करनी चाहिये, ‘प्रभु, इस समय का श्रेष्ठ उपयोग करने के लिए मेरी सहायता करें।’ यदि आपके पाचं सौ रुपए खो गये हों तो आप पूरा मैदान छान मारते हैं, आप खरीददारी के लिये बाजार जाते हैं और अनेक दुकानें फिरकर आने के बाद सौ रुपए बचा...

मूल्यवान मनुष्य जीवन प्राप्त करने के बाद भी यदि अच्छा चरित्र हमारे पास नहीं है तो ऐसा जीवन किस काम का?अच्छा और बेहतर जीवन जीने के लिए हमें क्या करना चाहिए:----1- शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी...मौन होना सब से बेहतर है। 2- दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी...सफेद रंग सब से बेहतर है। 3- खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी...उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है। 4- देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी...बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर है। 5- सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी...अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर है। 7- जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी...सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतर है।इंसान के अंदर जो समा जायें वो " स्वाभिमान " औरजो इंसान के बाहर छलक जायें वो " अभिमान "✔जब भी बड़ो के साथ बैठो तो परमेश्वर का धन्यवाद करो , क्योंकि कुछ लोग इन लम्हों को तरसते हैं ।✔जब भी अपने काम पर जाओ तो परमेश्वर का धन्यवाद करो क्योंकि बहुत से लोग बेरोजगार हैं ।✔ परमेश्वर का धन्यवाद कहो जब तुम तन्दुरुस्त हो , क्योंकि बीमार किसी भी कीमत पर सेहत खरीदने की ख्वाहिश रखते हैं ।✔ परमेश्वर का धन्यवाद कहो की तुम जिन्दा हो , क्योंकि मरते हुए लोगों से पूछो जिंदगी की कीमत क्या है।आमीन, आमीन फिर से कहें आमीनप्रभु आपको आशीष दे

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मूल्यवान मनुष्य जीवन प्राप्त करने के बाद भी यदि अच्छा चरित्र हमारे पास नहीं है तो ऐसा जीवन किस काम का? अच्छा और बेहतर जीवन जीने के लिए हमें क्या करना चाहिए:---- 1- शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी... मौन होना सब से बेहतर है।  2- दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी... सफेद रंग सब से बेहतर है।  3- खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी... उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है।  4- देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी... बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर है।  5- सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी... अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर है।  7- जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी... सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतर है। इंसान के अंदर जो समा जायें वो              " स्वाभिमान "                     और जो इंसान के बाहर छलक जायें वो              " अभिमान " ✔जब भी बड़ो के साथ बैठो तो           परमेश्वर का धन्यवाद करो , ...

आप अपने को सही ठहराने में सक्षम नहीं होंगे या जब तक यीशु आपके पक्ष में ना हों तब तक आप परमेश्वर के साथ एक सच्चे रिश्ते में नहीं आ सकते हैं। आपको यह स्वीकार करना होगा कि आप पापी हैं और आपको यीशु के बलिदान की आवश्यकता है।यीशु ने कहा: “मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता।“ (यहूनना 14, 6)

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बाइबल के अनुसार, परमेश्वर के पास जाने का एकमात्र मार्ग केवल यीशु ही हैं। और कोई मार्ग नहीं है। आप एक अच्छा जीवन जी सकते हैं, और कितने ही अच्छे काम कर सकते हैं, लेकिन वे आपको परमेश्वर के निकट नहीं लाएंगे। एक अच्छे और दयालु व्यक्ती होने के बावजूद भी आपके मन और ह्रदय में पाप रहेगा। आप अपने को सही ठहराने में सक्षम नहीं होंगे या जब तक यीशु आपके पक्ष में ना हों तब तक आप परमेश्वर के साथ एक सच्चे रिश्ते में नहीं आ सकते हैं। आपको यह स्वीकार करना होगा कि आप पापी हैं और आपको यीशु के बलिदान की आवश्यकता है। यीशु ने कहा: “मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता।“ (यहूनना 14, 6) “और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें॥“ (प्रेरितों के काम 4:12) “इसलिये कि सब ने पाप कियाi है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं। परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत–मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं।“ (रोमियो 3:23-24) आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्...

बाहर से आ रही आवाजों को, इंसान नज़रअंदाज़ कर सकता है, मगर अपने दिल की आवाज़ को नहीं| यीशु जीवन का जल है , मगर उनके लिए जो प्यासे हैं| यीशु जीवन की रोटी है , मगर उन के लिए , जो भूखे हैं| ये माना की यीशु , द्वार पर खड़ा खटखटा रहा है ; मगर दरवाज़ा तब ही खुलेगा , जब दिल से एक आवाज़ उभरेगी , दरवाज़ा खोल दें|

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बाहर से आ रही आवाजों को, इंसान नज़रअंदाज़ कर सकता है, मगर अपने दिल की आवाज़ को नहीं| भजन 84:2 में लिखा है-मेरा प्राण , परमेश्वर के आंगनों की अभिलाषा करते-करते , मूर्छित हो चला ; मेरा तन और मन , दोनों जीवते ईश्वर को पुकार रहे हैं| यीशु जीवन का जल है , मगर उनके लिए जो प्यासे हैं| यीशु जीवन की रोटी है , मगर उन के लिए , जो भूखे हैं| ये माना की यीशु , द्वार पर खड़ा खटखटा रहा है ; मगर दरवाज़ा तब ही खुलेगा , जब दिल से एक आवाज़ उभरेगी , दरवाज़ा खोल दें|  चर्च और कलीसिया से कोई किसी को नहीं जोड़ सकता| जोड़ सकती हैं , तो दिल की आवाज़| जब अंतर्मन में , यीशु से मिलने की छटपटाहट हो , तब व्यक्ति किसी के रोके नहीं रुकता| मौसम , घर का काम , व्यस्तता , बीमारी , ये सब बहाने बाज़ी है| जब ख़ुदा से दिल लग जाता है , तब कोई ताक़त आपको चर्च जाने से रोक नहीं सकती आमीन प्रभु जिस द्वार को खोलते हैं उसे कोई बन्द नही कर सकता रैव्ह. राजेश गिरधर

बाइबल हम्मे अंत के दिनों में ऐसे झूठे प्रचारको और शिक्षा के बारे में बताती है,

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सब को जय मसीह की.  सभी पास्टर,  प्रचारक, सेवक  और विश्वासी  यह जान लो कि आपके गाँव  शहर,  मोहल्ले मे  कुछ शैतान के लोग घुम रहे हैं.  ये परमेश्वर का नाम तो लेते हैं,  बाइबल भी खोलते है,  पर बड़ी चालाकी से शैतानी शिक्षा देते हैं.  इनकी बातो मे वीडियो मे और मैसेज मे कही भी यीशु का नाम,  क्रुस,✝  पाप क्षमा,  और उद्धार के बारे मे नही बताया जाता है  आप और सभी ग्रुप वाले जान लो कि ऐसे लोग साउथ कोरिया से भारत आकर कुछ सालो से गलत शिक्षा दे कर विश्वासियो को भटका रहे हैं...  भटका   क्या  नाश कर रहे हैं  . इन से सावधान रहो,  और अपने  अपने कलिसिस्या में सभी को बता दे,   क्युकि ये दुष्ट लोग मोहल्लो मे विश्वासियो  का घर पुछ पुछ कर उनके घर जाते हैं,  और  बाइबिल से गलत शिक्षा दे कर भरमा देते हैं.  ये अन्य जाति के पास नहीं जाते, केवल विश्वासियो के घर बिना पास्टर कि अनुमति के घुस आते हैं  और गलत शिक्षा देते है  और एक औरत को देवी मान कर पुजा करने ...

इंसान गुनाहगार है ; फिर भी ख़ुदा उससे मुहब्बत करता है , उसकी फ़िक्र करता है| इंसान के माथे पर गुनाह का कलंक लगा है| मगर यीशु गुनाहगारों से भी मुहब्बत करता है|ऐसा ईश्वर और कहाँ पाओगे , जो पापियों को ढूंढने और बचाने आया|

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इंसान गुनाहगार है ; फिर भी ख़ुदा उससे मुहब्बत करता है , उसकी फ़िक्र करता है| इंसान के माथे पर गुनाह का कलंक लगा है| मगर यीशु गुनाहगारों से भी मुहब्बत करता है|ऐसा ईश्वर और कहाँ पाओगे , जो पापियों को ढूंढने और बचाने आया|एक ऐसा ईश्वर , जिसकी शैतान से जंग है , मगर उसके हांथ में कोई हथियार नहीं है| नफ़रत के लिए जिसके दिल में कोई जगह नहीं है| एक ऐसा राजा , जो अपने सैनिकों के लिए युद्ध करता है| एक ऐसा ईश्वर , जो पापियों के लिए जन्मा , और पापियों के लिए क्रूस पर बलिदान हो गया| अय्यूब 7:17 में लिखा है---इंसान क्या है? कि तू उसे महत्त्व दे , और उसपर अपना मन लगाये| आप जो भी हैं , जहाँ भी हैं , जैसे भी हैं ; उसकी नज़र में हैं| वह अपनी आँखों की पुतली की तरह , आपकी सुरक्षा करता है|  आमीन प्रभु स्वयम ही हमारे युध्द को लडने वाला है रैव्ह. राजेश गिरधर

आंखों से आसूं पोछ कर हंसना सिखाया मुझे; जमी से उठा कर सीने से लगाया मुझे, ऐसा है मेरा खुदा (यीशु)

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आंखों से आसूं पोछ कर         हंसना सिखाया मुझे जमी से उठा कर         सीने से लगाया मुझे है, ऐसा मेरा खुदा (यीशु)         जिसने पापों को मेरे भुलाकर अपनाया मुझे         उध्दार करके मेरा अपने लहू के द्वारा         अपने जगत के लिए उध्दार का कारण         बनाया मुझे रैव्ह, राजेश गिरधर

गुज़री हुई ज़िन्दगी की, समस्याएं ; दुःख ; परेशानियां ; गलतियां ; कड़वाहट, आपके दिमाग़ के किसी कोने में, आज भी महफूज़ तो नहीं हैं? एक धागा, नाज़ुक सा ही सही, आपको बार-बार पीछे खींचता रहता है| यहाँ तक की आपकी दुआओं में भी विघ्न पैदा करता है| आगे बढ़ना है, तो इस धागे को तोड़ना ही पड़ेगा|

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आत्मिक ज़िन्दगी में आगे बढ़ने के लिए,अपनी पिछली जिंदगी से रिश्ता तोड़ना निहायत ज़रूरी है| ख़ुदा ज़िन्दगी को नया बना सकता है, मगर पुरानी ज़िन्दगी से रिश्ता तोड़ना, आपके हांथ में है| नई ज़िंदगी में आगे बढ़ने के लिए, जीवन की बेकार बातों का टूटना निहायत ज़रूरी है| उत्पत्ति 19:17 में ख़ुदा के फ़रिश्ते ने सख़्त हिदायत दी, पीछे पलटकर मत देखना| सामने एक नई ज़िंदगी थी, और पीछे थी मौत| लूत की पत्नी सदोम से बाहर ज़रूर निकल आई थी, मगर सदोम अभी भी उसके दिमाग़ पर छाया हुआ था| आख़िर वो कौन सा आकर्षण था, जो लूत की पत्नी को पीछे की ओर खींच रहा था| सदोम से निकलने के बाद भी वो, सदोम से रिश्ता नहीं तोड़ पाई थी| गुज़री हुई ज़िन्दगी की, समस्याएं ; दुःख ; परेशानियां ; गलतियां ; कड़वाहट, आपके दिमाग़ के किसी कोने में, आज भी महफूज़ तो नहीं हैं? एक धागा, नाज़ुक सा ही सही, आपको बार-बार पीछे खींचता रहता है| यहाँ तक की आपकी दुआओं में भी विघ्न पैदा करता है| आगे बढ़ना है, तो इस धागे को तोड़ना ही पड़ेगा|  आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह राजेश गिरधर

मेरे जीवन के लिए आपकी प्रतिज्ञाओं के लिए मैं आप पर भरोसा करता हूं। इस बीमारी से मुझे छुटकारा दें। मेरी सभी समस्याओं से मुझे मुक्त करें। मुझे अच्छा स्वास्थ्य दें और चंगा करें। मुझे बलवंत करें और आपकी प्रतिज्ञाओं से बहुतायत जीवन का आनन्द उठाने में समर्थ करें जो आपने मुझे देने का वायदा किया है। आपकी प्रतिज्ञा के लिए धन्यवाद कि आप मेरी ओर हैं और मुझे न छोडेंगे। मुझे अपने बलवंत दाहिने हाथ से सम्भाले रखें। यीशु के नाम में, मैं प्रार्थना करता हूं,सुने और कबूल करें

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क्या आप वेदना में कह रहे हैं, ओह, मैं सिर दर्द से परेशान हूं या मुझे यह भयंकर बीमारी है आदि? परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं को खुद के लिए दावा करें। नीतिवचन 4:22 में बाइबल कहती है, क्योंकि जिनको वे प्राप्त होती हैं, वे उनके जीवित रहने का, और उनके सारे शरीर के चंगे रहने का कारण होती हैं। इसलिए परमेश्वर का वचन आपको चंगा करता है। जो परम प्रधान के छाये हुए स्थान में बैठा रहे वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा, वह तुझे अपने पंखों की आड में ले लेगा, और तू उसके परों के नीचे शरण पाएगा, उसकी सच्चाई तेरे लिए ढाल और झिलम ठहरेगी, न उस मरी से जो अंधेरे में फैलती है, और न उस महारोग से जो दिन दुपहरी में उजाडता है। (भजन संहिता 91:1,4,6) हां, परम प्रधान की छाया आप पर आएगी; वह आपको अपने पंखों की आड में ले लेगा; वह आपको उसके परों के नीचे शरण देता है, वह आपको कोई भी रोग से न घबराने का अनुग्रह देता है।  परमेश्वर की प्रतिज्ञा को दृढता से थामे रहें तो आप छुटकारे और अच्छे स्वास्थ्य के साथ अपना जीवन व्यतीत करेंगे ‘‘क्योंकि परमेश्वर की जितनी प्रतिज्ञाएं हैं,वे सब उसी में हां के साथ हैं, इसलिए उस...

धनुष पर चढ़ा बाण(तीर)जब पीछे की ओर खींचकर छोडा जाता है, ताकिवो सही दिशा में अपनेलक्ष्य की ओर जा सके।।

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धनुष पर चढ़ा बाण(तीर) जब पीछे की ओर खींच कर छोडा जाता है, ताकि वो सही दिशा में अपने लक्ष्य की ओर जा सके।।।। ठीक उसी प्रकार जब ज़िन्दगी आपको मुसिबतों के साथ पीछे की ओर खींच कर खींचे तब आप समझ लेना कि आप प्रभु के अनुग्रह रूपी धनुष पर चढ चुके हो,और वो अपनी सामर्थ की दिशा की ओर छोडने वाला है, ताकि आप दुनिया के छोर-छोर तक उसके गवाह ठहराये जाओ आमीन            आमीन                      आमीन रैव्ह राजेश गिरधर,,,,,,,,,,,,,

यदि तुम में कोई दुखी हो तो वह प्रार्थना करे। यदि आनन्दित हैं तो स्तुति के भजन गाए। वचन कहता हैं कि जब हमारे लिए दुख का समय हैं। जब हम गरीबी में जीवन बिता रहे हो, जब हम क्लेश सह रहे हो, जब हमे नही पता कि क्या करना है,जब हमे मार्ग दर्शन की आवयश्कता हो, उस समय हम प्रभु से प्रार्थना करे। उसके वचन को पढ़े और प्रार्थना करे कि परमेश्वर आपसे बात करे आपको वो वचन दे जिसकी आपको जरूरत हो परमेश्वर आपको जो भी वचन दे उसके अनुसार करे उसकी बात को सुने।

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यदि तुम में कोई दुखी हो तो वह प्रार्थना करे। यदि आनन्दित हैं तो स्तुति के भजन गाए। वचन कहता हैं कि जब हमारे लिए दुख का समय हैं। जब हम गरीबी में जीवन बिता रहे हो, जब हम क्लेश सह रहे हो, जब हमे नही पता कि क्या करना है,जब हमे मार्ग दर्शन की आवयश्कता हो, उस समय हम प्रभु से प्रार्थना करे। उसके वचन को पढ़े और प्रार्थना करे कि परमेश्वर आपसे बात करे आपको वो वचन दे जिसकी आपको जरूरत हो परमेश्वर आपको जो भी वचन दे उसके अनुसार करे उसकी बात को सुने। क्योकि 1पतरस 5-7 के अनुसार: अपनी सारी चिंता उसी पर डाल दो क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है और जब हमारे लिए आनंद का समय है उस समय हम उसकी स्तुति करे उसकी आराधना करें।  यहोवा की महिमा के कारण प्रफुल्लित हों; और अपने बिछौनों पर भी पड़े पड़े जयजयकार करें। पर देखने को मिलता हैं कि जब हमारे लिए आनन्द का समय होता हैं तो उस समय हम और बातो में समय बिताना शुरू कर देते हैं जैसे चर्च के समय मे घूमने चले गए, किसी व्यक्ति के लिए फ़ोन की जरूरत थी परमेश्वर ने दिया अब उसी फ़ोन को संगति के बीच मे इस्तेमाल करेंगे। अगर हम ऐसा करने में व्यस्त हैं तो रुक जाइये और प...

हे परमेश्वर मै आपका धन्यवाद करता हूं, कि आप मेरे विषय में कितना धीरज रखते हैं,कि हर दिन मेरी गलतियों को भूलकर मुझे एक और नया दिन देते हैं

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हे परमेश्वर मै आपका धन्यवाद करता हूं, कि आप मेरे विषय में कितना धीरज रखते हैं,कि हर दिन मेरी गलतियों को भूलकर मुझे एक और नया दिन देते हैं ,, तो होने दीजिए पिता कि आपकी महिमा मुझसे और मुझमें से होने पाये, और मेरे जीवन में आप बढते जाएं। मै घटूं और आप बढें। यीशु मसीह के नाम से इस प्रार्थना को मांगता हूं, आप सुने और कबूल करें।  आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह राजेश गिरधर

यीशु ने कहा:-, हे बोझ से दबे हुए लोगो मेरे पास आओ| गुनाह इंसान से छिपाया जा सकता है , ख़ुदा से नहीं| हम इन्सान और ख़ुदा दोनों के गुनहगार हैं| छिपा गुनाह , एक बोझ होता है| कोई समझे न समझे , ख़ुदा आंसूओं की भाषा समझता है|

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दुनियां में बहुत से काम कठिन हैं , मगर सबसे मुश्किल है , अपना गुनाह कबूल करना| गुनाह छिपाना , इंसान की फ़ितरत है| दूसरों को पता चल भी जाए , तो कबूल करना मुश्किल है| गुनाह के साथ दो बातें जुड़ी हैं ; सज़ा और बदनामी| इंसान सज़ा से ज्यादा बदनामी से डरता है| अहम् सवाल है , ख़तरनाक क्या है, सज़ा या बदनामी?आप किस से बचना चाहते हैं , सज़ा से या बदनामी से| यीशु ने कहा:-, हे बोझ से दबे हुए लोगो मेरे पास आओ| गुनाह इंसान से छिपाया जा सकता है , ख़ुदा से नहीं| हम इन्सान और ख़ुदा दोनों के गुनहगार हैं| छिपा गुनाह , एक बोझ होता है|  याकूब 5=16 के अनुसार:- , एक दूसरे के सामने अपने अपने गुनाहों को मान लो| अंगीकार विवेक को , बोझ से आज़ाद करता है| गुनाह कबूल करने के लिए शब्दों की ज़रूरत नहीं पड़ती| वो स्त्री आंसूओं से यीशु के क़दमों को भीगो रही थी| पतरस इनकार के बाद ज़ार ज़ार रोया| आंसू ही उनका कबूलनामा थे| कोई समझे न समझे , ख़ुदा आंसूओं की भाषा समझता है| अय्यूब 31=3में लिखा है ---यदि मैंने आदम के जैसे अपना गुनाह छिपा कर , अपने अधर्म को ढांप लिया हो| ग़लती मानकर सुधार लेना , ज्यादा बेहतर है| इससे रिश्ते...

सत्य की नीव डगमगाती जरूर है पर डूबती नही | प्राथर्ना और विश्वास दोनो अदृश्य है, परन्तु दोनो मे इतनी ताकत है कि नामुकिन को मुमकिन बना देता है!!! आमीन

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सत्य की नीव डगमगाती जरूर है पर डूबती नही जीवन मे समस्या हर दिन खडी है जीत जाते हैं वो जिनकी सोच बडी है इन्सान वही महान है जो बुरी स्थिती मे फिसले नही और  अच्छी स्थिती मे उछले नही प्राथर्ना और विश्वास दोनो  अदृश्य है, परन्तु दोनो मे इतनी ताकत है कि नामुकिन को मुमकिन बना देता है आमीन आमीन आमीन रैव्ह. राजेश गिरधर........

सत्य है प्रार्थना में ही , समस्याओं का समाधान है| मन में जब नकारात्मक बातें हों , प्रार्थना अपना असर खो देती है| शंका और अविश्वास , घुन की तरह आपकी प्रार्थना को खोखला कर देते हैं| प्रार्थना में मन का केन्द्रित होना बहुत ज़रूरी है| सब तरफ़ से अपना ध्यान हटा कर , केवल परमेश्वर की ओर अपना मन केन्द्रित करें| असफ़लता आपकी प्रार्थना को प्रभावित ना करने पाए| निरंतर प्रार्थना करने वालों की सुनी जाती है| प्रार्थना एक युद्ध है , और आपको प्रार्थना योद्धा बनने की ज़रूरत है|

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सत्य है प्रार्थना में ही , समस्याओं का समाधान है| कुछ प्रार्थनाएं साधारण होती हैं| क्योंकि प्रार्थना करने वाला , साधारण होता है| कुछ प्रार्थनाएं , महज़ रीति रिवाज़ होती हैं| ऐसी प्रार्थनाएं , प्रभावहीन होती हैं| पौलूस कहता है मैं आत्मा से भी प्रार्थना करूंगा| प्रार्थना करने वाले और प्रार्थना योद्धा में अंतर होता है| पौलूस कहता है --पवित्रात्मा हमारी आत्मा के साथ आहें भर भर कर प्रार्थना करता है|   मन में जब नकारात्मक बातें हों , प्रार्थना अपना असर खो देती है| शंका और अविश्वास , घुन की तरह आपकी प्रार्थना को खोखला कर देते हैं|  1राजा 18:42 में लिखा है ---एलियाह ने अपना मुँह घुटनों के बीच किया| प्रार्थना में मन का केन्द्रित होना बहुत ज़रूरी है| सब तरफ़ से अपना ध्यान हटा कर , केवल परमेश्वर की ओर अपना मन केन्द्रित करें| असफ़लता आपकी प्रार्थना को प्रभावित ना करने पाए| निरंतर प्रार्थना करने वालों की सुनी जाती है| प्रार्थना एक युद्ध है , और आपको प्रार्थना योद्धा बनने की ज़रूरत है| आमीन प्रभु हमारी हर प्राथर्नाओ का जवाब देते हैं रैव्ह. राजेश गिरधर

पत्थर में खुदा है,पर पत्थर खुदा नहीं है; खुदा दिल में ही है, कोई गुमशुदा नहीं है | गौर कर इन विरानों में ढूंढने वाले ऐ शख्स; तू ही जुदा है खुदा से, पर खुदा जुदा नहीं है तुझसे ||

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पत्थर में खुदा है,पर         पत्थर खुदा नहीं है खुदा दिल में ही है         कोई गुमशुदा नहीं है गौर कर इन विरानों में         ढूंढने वाले ऐ शख्स तू ही जुदा है खुदा से         पर खुदा जुदा नहीं है तुझसे आमीन रैव्ह राजेश गिरधर

वचन कहता है ख़ुदा के वायदे और प्रतिज्ञाएं अटल हैं| प्रतिज्ञाएं पूरी होंगी, मगर उसकी कुछ शर्तें भी हैं| ख़ुदा की ओर देखने से पहले, हमें अपनी ओर देखना भी ज़रूरी है| ये तो निश्चित है, कि ग़लती परमेश्वर की ओर से नहीं हो सकती है| ज़िन्दगी में हमारी कमियां ही, दुआओं में बाधा बनती हैं| कई बार हमें विश्वास होता है, और नहीं भी होता है| या ख़ुदा के साथ आपके रिश्ते, ठीक नहीं होते हैं| खुदा के साथ रिश्तों में गहराई होना बहुत ज़रूरी है, वरना कुछ भी हासिल नहीं होता| ख़ुदा आपसे जितनी मुहब्बत करता है, क्या आप भी उससे उतनी ही मुहब्बत करते हैं? ख़ुदा को देने के लिए, आपके पास कितना वक़्त है? वचन पढ़ने में, आप कितना समय ख़र्च करते हैं? ख़ुदा से रिश्ता जितना क़रीबी होगा, उतनी ज़्यादा आपकी दुआएं सुनी जाएंगी|

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जब हम प्रार्थना करते हैं,उसका उत्तर नहीं मिलता ; या उत्तर हमारे सोच के अनुसार नहीं होता| प्रार्थनाओं के उत्तर में देरी हो जाती है तो यह हमे समस्या की तरह लगने लगती है| वचन कहता है ख़ुदा के वायदे और प्रतिज्ञाएं अटल  हैं| प्रतिज्ञाएं पूरी होंगी, मगर उसकी कुछ शर्तें भी हैं| ख़ुदा की ओर देखने से पहले, हमें अपनी ओर देखना भी ज़रूरी है| ये तो निश्चित है, कि ग़लती परमेश्वर की ओर से नहीं हो सकती है| ज़िन्दगी में हमारी कमियां ही, दुआओं में बाधा बनती हैं|* कई बार हमें विश्वास होता है, और नहीं भी होता है| या ख़ुदा के साथ आपके रिश्ते, ठीक नहीं होते हैं| *खुदा के साथ रिश्तों में गहराई होना बहुत ज़रूरी है, वरना कुछ भी हासिल नहीं होता|* ख़ुदा आपसे जितनी मुहब्बत करता है, क्या आप भी उससे उतनी ही मुहब्बत करते हैं? ख़ुदा को देने के लिए, आपके पास कितना वक़्त है? वचन पढ़ने में, आप कितना समय ख़र्च करते हैं? *ख़ुदा से रिश्ता जितना क़रीबी होगा, उतनी ज़्यादा आपकी दुआएं सुनी जाएंगी| यशायाह 65:24 में लिखा है ---उनके पुकारने से पहले ही, मैं उनको उत्तर दूंगा ; और उनके मांगते ही, उनकी सुन लूंगा| वो देखने और सुनने व...

यीशु की राह पर चलना; नहीं आसान होता है; चलता वही है इस पर; जो दिल में ठान लेता है | अनेकों राह है यहां; नहीं कोई मंजिल जिनकी, पकड लो राह यीशु की मंजिल स्वंय मिल जाती है ||

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यीशु की राह पर चलना        नहीं आसान होता है चलता वही है इस पर        जो दिल में ठान लेता है अनेकों राह है यहां        नहीं कोई मंजिल जिनकी पकड लो राह यीशु की        मंजिल स्वंय मिल जाती है हम सब राही इस राह के        न कोई आगे,न कोई पीछे हमे तो बस, दिखता है यीशु        जो पुत्र हैं परमेश्वर का यहां दोस्त हैं सब        न दुश्मन कोई किसी का विश्वास है दिल में सब के        कि यीशु साथ देता है लगें जहां डूबने        वो किनारा पास देता है राह है मुश्किल, नहीं आसान        पर जब भी पुकांरे वो हमसफ़र बन कर        हमेशा पास होता है          हमेशा पास होता है            हमेशा पास होता है रैव्ह राजेश गिरधर

ऐ हमारे पिता , तू जो आसमां पर है| तेरा नाम पाक (पवित्र) माना जाए। बच्चे , सांसारिक माँ बाप के ज़रिये , आसमानी पिता तक पहुंचाते हैं| जो बच्चे अपने माँ बाप की इज्ज़त नहीं करते , वो स्वर्गीय पिता की इज्ज़त कैसे कर सकते हैं?* जो अपने जन्माने वालों की सेवा नहीं कर सकते , वो ख़ुदा के सेवा कैसे करेंगे? नीतिवचन 23:22 में लिखा है --- अपने जन्माने वाले की सुनना , जब तेरी माँ बुज़ुर्ग हो जाए , तब भी उसे तुच्छ ना जानना| कलीसिया को माँ का दर्ज़ा दिया जाता है , जो जन्म देने वाली माँ का नहीं हुआ , वो कलीसिया का क्या होगा? *जो माँ बाप के प्रति ईमानदार है , वो ही अपने आसमानी पिता के प्रति ईमानदार हो सकता है| पर्मेश्वर का स्तर तो बहुत ऊंचा है , उसके योग्य सम्मान होना बहुत जरूरी है

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ऐ हमारे पिता , तू जो आसमां पर है| तेरा नाम पाक (पवित्र) माना जाए।  येशू मसीह ने पर्मेश्वर को , प्रार्थना में सबसे पहले , पिता के रूप में पेश किया है| हमें इस रिश्ते को गहराई से समझने की ज़रूरत है*| रोमियों 8:15 में पौलूस कहता है— हम ख़ुदा को हे अब्बा , हे पिता कहकर पुकारते हैं| मलाकी 1:6 में लिखा है --- पुत्र पिता का , और दास स्वामी का आदर करता है ; यदि मैं पिता हूं तो मेरा अदार मानना कहां है? बच्चे , सांसारिक माँ बाप के ज़रिये , आसमानी पिता तक पहुंचाते हैं| जो बच्चे अपने माँ बाप की इज्ज़त नहीं करते , वो स्वर्गीय पिता की इज्ज़त कैसे कर सकते हैं?* जो अपने जन्माने वालों की सेवा नहीं कर सकते , वो ख़ुदा के सेवा कैसे करेंगे? नीतिवचन 23:22 में लिखा है --- अपने जन्माने वाले की सुनना , जब तेरी माँ बुज़ुर्ग हो जाए , तब भी उसे तुच्छ ना जानना| कलीसिया को माँ का दर्ज़ा दिया जाता है , जो जन्म देने वाली माँ का नहीं हुआ , वो कलीसिया का क्या होगा? *जो माँ बाप के प्रति ईमानदार है , वो ही अपने आसमानी पिता के प्रति ईमानदार हो सकता है| पर्मेश्वर का स्तर तो बहुत ऊंचा है , उसके योग्य सम्मान होना ब...

जो हालात के साथ बदल जाए , वो रिश्ता कैसा?और वो इन्सान क्या। यूं तो दुनियां में डर बहुत से हैं , मगर रिश्तों के टूटने से बड़ा डर कोई और नहीं है| जो विश्वासयोग्य हैं भी ,तो लोग उन्हें बेवकूफ़ समझते हैं| बिगड़े हुए ऐसे हालात में भी , सिर्फ़ एक दोस्त ऐसा है , जिसपर आप , आंख मूंद कर विशवास कर सकते हैं| वो कोई और नहीं , येशू है| सब बदल जाएं , मगर वो नहीं बदलेगा| सब छोड़ दें , मगर वो नहीं छोड़ेगा|

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कहते हैं गिरगिटट की तरह रगं मत बदलना,पर आज हर पल इन्सान हर जगह,चाहे रिश्ते हो,चाहे करोबार हो,या जमीन जायदाद हो , गिरगिट से भी ज्यादा और जल्दी रंग बदलता हुआ नजर आता है,लोग मिलते हैं बदलते हुए मौसम की तरहा| इंसान और गिरगिट में कोई फ़र्क तो होना ही चाहिए| जो हालात के साथ बदल जाए , वो रिश्ता कैसा?और वो इन्सान क्या। दावे और वायदे करने वाले चेले भी , गतसमनि बाग में यीशू को तनहा छोड़ कर भाग गए| हमारे बुज़ुर्ग , मरते दम तक रिश्ता निभाने के लिए जाने जाते थे|  यूं तो दुनियां में डर बहुत से हैं , मगर रिश्तों के टूटने से बड़ा डर कोई और नहीं है| जो विश्वासयोग्य हैं भी ,तो लोग उन्हें बेवकूफ़ समझते हैं| रिश्तों को लेकर , आज इंसान इतना डरा हुआ क्यों है? क्यों विश्वास का शीशा , टूट कर चकनाचूर हो रहा है| क्यों आज बच्चों को ये सिखाना ज़रूरी हो गया है की , हर किसी पर विश्वास मत करना? लड़कियों को लेकर माँ  बाप , इतने डरे हुए क्यों हैं? बिगड़े हुए ऐसे हालात में भी , सिर्फ़ एक दोस्त ऐसा है , जिसपर आप , आंख मूंद कर विशवास कर सकते हैं| वो कोई और नहीं , येशू है| सब बदल जाएं , मगर वो नहीं बदलेगा| स...

हमारे द्वारा लिए गए गलत निर्णयों की वजह से हम पाप करते है जो हमे अन्दर से खोखला कर देते हैं और हमारे लिए यही पाप कष्टदायक बन जाते हैं। हम चाहे ऊपर या बाहर से ठीक दिखाई दें लेकिन पाप हमें अन्दर ही अन्दर काटता रहता है। हम सब पाप के इन दुष्परिणामों को अपने व्यक्तिगत अनुभवों से जानते हैं।बाइबल के अनुसार, पाप परमेश्वर के मार्गों में चलने की अपेक्षा अपने स्वयं के मार्गों पर चलने का एक व्यवहार है। जब हम अपनी मनमानियां करते है तो पाप हमारे जीवन में आता है

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आज अधिकतर विश्वासियों के जीवन को पाप के कीड़े ने खा कर बरबाद कर दिया है। हमारे द्वारा लिए गए गलत निर्णयों की वजह से हम पाप करते है जो हमे अन्दर से खोखला कर देते हैं और हमारे लिए यही पाप कष्टदायक बन जाते हैं। हम चाहे ऊपर या बाहर से ठीक दिखाई दें लेकिन पाप हमें अन्दर ही अन्दर काटता रहता है। हम सब पाप के इन दुष्परिणामों को अपने व्यक्तिगत अनुभवों से जानते हैं।बाइबल के अनुसार, पाप परमेश्वर के मार्गों में चलने की अपेक्षा अपने स्वयं के मार्गों पर चलने का एक व्यवहार है। जब हम अपनी मनमानियां करते है तो पाप हमारे जीवन में आता है और शैतान का यह निरंतर प्रयास रहता है कि वह हमें पाप में बनाए रखे, हमें बिगाड़े रखे तथा नाश की ओर ले जाए। लेकिन जगत की ज्योति प्रभु यीशु मसीह हमारी पाप से बिगड़ी दशा में भी हमें स्वीकार करते है तथा हम में होकर अपनी ज्योति को संसार के समक्ष प्रकट करते है!. *"यीशु ने कहा, मैं भी तुझ पर दंड की आज्ञा नहीं देता; जा, और फिर पाप न करना।"* युहन्ना -8=11 प्रार्थना :--- परमेश्वर हम सब आप के प्रति समर्पित और ईमानदार बने और अपना जीवन आपके हाथो में दें,ताकि हम सब प...

कई बार हमारे जीवन मे ऐसी-ऐसी परेशानियाँ आती हैं,कि न तो किसी को बताये बनता है और ना जताये बनता है,तब हमें ऐसा महसूस होता हैं कि अब शायद कुछ भी नही हो सकता हैं। लेकिन ऐसे हालात में वचन हमे बताता है कि परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है। जब हम निर्बल हैं तो परमेश्वर अपने बल को हमारे जीवन मे देता हैं।

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कई बार हमारे जीवन मे ऐसी-ऐसी परेशानियाँ आती हैं,कि न तो किसी को बताये बनता है और ना जताये बनता है,तब हमें ऐसा महसूस होता हैं कि अब शायद कुछ भी नही हो सकता हैं। लेकिन ऐसे हालात में वचन हमे बताता है कि परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है। जब हम निर्बल हैं तो परमेश्वर अपने बल को हमारे जीवन मे देता हैं।  जब हम परमेश्वर पर भरोसा और आत्मविश्वास को रखते हैं तब हम स्वयं को सुरक्षा के घेरे में अनुभव करते हैं वचन बताता है कि परमेश्वर हमे संकट के समय मे बहुत ही आसानी से मिलने वाला परमेश्वर हैं जो कि हमारा सहायक है। हमारा परमेश्वर हर समय‌ हमारे लिए उपलब्ध हैं और संकट के समय हम उसे पुकारते हैं। तो वो हमारी प्रार्थना को सुनता है और उतर भी देता है। कैसी भी परिस्थिति हो, कैसे भी हालात क्यों न हो, वो हमे कभी नही छोड़ता, इसलिए हमें डरने की आवयश्कता नही हैं। चाहे इस संसार मे कुछ भी हो जाए परमेश्वर हमे सुरक्षित रखेगा क्योकि हम उसकी शरण मे पाए जाते हैं। आमीन परमेश्वर आप सभी को आशीष करे। सभी को जय मसीह  रैव्ह राजेश गिरधर