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Showing posts from November, 2020

लाल किताब का इतिहास

लाल किताब का इतिहास कहा जाता है कि लंकाधिपति रावण ने सूर्य के सारथी अरुण से यह विद्या प्राप्त की थी। रावण की दुनिया समाप्त होने के बाद यह ग्रंथ किसी प्रकार ‘आद’ नामक स्थान पर पहुंच गया, जहां इसका अनुवाद अरबी और फारसी भाषा में किया गया। आज भी यह मान्यता है कि यह पुस्तक फारसी भाषा में उपलब्ध है। यह ग्रंथ आजकल पाकिस्तान के पुस्तकालय में सुरक्षित है और उर्दू भाषा में है। परन्तु इस अरुण संहिता या लाल किताब का कुछ अंश गायब है। एक मान्यता के अनुसार एक बार लाहौर में जमीन खोदने का कार्य चल रहा था, उसमें से तांबे की पट्टिकाएं मिलीं जिनपर उर्दू एवं अरबी भाषा में लाल किताब लिखी मिली। सन 1936 में अरबी भाषा में लाहौर में प्रकाशित की गई और यह प्रसिद्ध हो गई। भारत में पंजाब प्रांत के ग्राम फरवाला (जिला जालंधर) के निवासी पंडित रूप चंद जोशी जी ने 1939 से 1952 के बीच में इसके पाँच खण्डों की रचना की। 1. लाल किताब के फरमान -- सन 1939 में प्रकाशित 2. लाल किताब के अरमान -- सन 1940 में प्रकाशित 3. लाल किताब (गुटका) -- सन 1941 में प्रकाशित 4. लाल किताब -- सन 1942 में प्रकाशित 5 लाल किताब -- सन 1952 में प्रकाशि...

भयानक सपना ना आने के उपाय

भयानक सपना ना आने के उपाय सपने में आत्मा, कंकाल, अस्थियां के दिखने पर, सर्वप्रथम हम जिस घर में रहते हैं वहां दुर्गापाठ का आयोजन रखें और ब्रह्मणों द्वारा कम से कम 51 या 101 पाठ जरूर करें। मुमकिन है इससे इस तरह के सपने आना दूर हो जाएंगे। यदि संभव हो सकते प्रतिदिन सुंदरकांड या हनुमान चलीसा का पाठ करें या फिर हनुमानजी के मंदिर में जाकर प्रतिदिन सिंदूर तिलक करें या बटुक भैरव या हनुमान जी को चोला चढ़ाएं। सोते वक्त तकिए के नीचे या शयन कक्ष में सोते वक्त दाहिने हाथ की ओर पानी से भरा तांबे का छोटा पात्र रखें। रसोई में आग्नेय कोण की ओर तेल का दीपक रखें। इस दीपक में सिंदूर डाल दें। दीपक की लौ समाप्त होने पार सिंदूर का हल्का तिलक लगाएं। सपने में नदी, झरना, पानी दिखाई दे तो यह पितृ दोष होता है। क्योंकि अमूमन पितरों के स्थान नदियों व तालाबों के समीप ही बने होते हैं। इस दोष निवारण के लिए अमावस्या के दिन सफेद चावल, शक्कर व घी का मिश्रण पीपलल का पेड़ पर सूर्यास्त के बाद चढ़ाएं। ध्यान रखें कि चावल चढ़ाकर लौटते समय पीछे मुढ़कर न देखें और घर में प्रवेश करने से पूर्व हाथ-मुंह धोकर ही प्रवेश करें।

नौकर / कर्मचारी ना भागने का उपाय

नौकर / कर्मचारी ना भागने का उपाय इसको रोकने के लिये आपको यदि रास्ते में पडी हुए कोई कील मिले, यदि वह दिन शनिवार हो तो अति उत्तम है। इसे भैंस के मूत्र से धो लें। जिस जगह के नौकर / कर्मचारी ज्यादा छोड़ कर जाते हैं। वहां पर इस कील को गाद दें इस के फलस्वरूप नौकर / कर्मचारी स्थिर हो जायेंगे। इस बात का भी ध्यान रखें कि आपके कर्मचारी इस प्रकार अपना काम करें कि काम करते समय उनका मुख पूर्व या उत्तर की ओर रहे।

शराब छुड़ाने के उपाए _ IMP

शराब छुड़ाने के उपाए जिस दिन आपके पति शराब पीकर घर आयें और अपने जूते और उनका जूता अपने आप ही उल्टा हो जाये तो आप उस जूते के वजन के बराबर आटा लेकर उसकी बिना तवे तथा चकले की मदद से रोटी बनाकर कुत्ते को खिला दें|कुछ ही समय में वह शराब से घृणा करने लगेंगे|यदि ऐसा संजोग लगातार कम से कम तीन दिन हो जाये तो वह तुरंत ही शराब छोड़ देंगे|

शत्रु शमन उपाय _ IMP

शत्रु शमन उपाय साबुत उड़द की काली दाल के 38 और चावल के 40 दाने मिलाकर किसी गड्ढे में दबा दें और ऊपर से नीबू निचोड़ दें। नीबू निचोड़ते समय शत्रु का नाम लेते रहें, उसका शमन होगा और वह आपके विरुद्ध कोई कदम नहीं उठाएगा।

लाल किताब की विशेषताएं

लाल किताब की विशेषताएं ‘लाल किताब’ ज्योतिर्विद्या की एक स्वतन्त्र और मौलिक सिद्धान्तों पर आधारित एक अनोखी पुस्तक है। इसकी कुछ अपनी निजी विशेषताएँ हैं, जो अन्य सैद्धान्तिक अथवा प्रायोगिक फलित ज्योतिष-ग्रन्थों से हटकर हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता ग्रहों के दुष्प्रभावों से बचने के लिए जातक को ‘टोटकों’ का सहारा लेने का संदेश देना है। ये टोटके इतने सरल हैं कि कोई भी जातक इनका सुविधापूर्वक सहारा लेकर अपना कल्याण कर सकता है। काला कुत्ता पालना, कौओं को खिलाना, क्वाँरी कन्याओं से आशीर्वाद लेना, किसी वृक्ष विशेष को जलार्पण करना, कुछ अन्न या सिक्के पानी में बहाना, चोटी रखना, सिर ढँक कर रखना इत्यादि। ऐसे कुछ टोटकों के नमूने हैं, जिनके अवलम्बन से जातक ग्रहों के अनिष्टकारी प्रभावों से अनायास की बचा जाता है। कीमती ग्रह रत्नों (मूंगा, मोती, पुखराज, नीलम, हीरा आदि। में हजारों रुपयों का खर्च करने के बजाय जातक इन टोटकों के सहारे बिना किसी खर्च के (मुफ्त में) या अत्यल्प खर्च द्वारा ग्रहों के दुष्प्रभावों से अपनी रक्षा कर सकता है। ‘लाल किताब’ में धर्माचरण और सदाचरण के बल पर ग्रह दोष निवारण का झण्डा ऊँचा किय...

आलस्य दूर करने के उपाय

आलस्य दूर करने के उपाय क्या आपको आलस्य के कारण किसी भी काम करने में मन नहीं लगता है! तो अब आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है बस कीजिये यह छोटा सा उपाय उसे कटेरी की जड़ शहद में पीस लेनी चाहिए तथा मात्र इसके सूंघने से आलस्य प्रमाद से राहत मिलेगी, आप ऊर्जावान होंगे.

सम्मान प्राप्ति के उपाय

सम्मान प्राप्ति के उपाय किसी भी शुभ तिथि एवं वार वाले इन दिन यदि ज्येष्ठ नक्षत्र हो तो जामुन की जड़ निकाल कर लायें। इसे आप अपने पास रखें। आपको राज्य सम्मान मिलेगा।

बच्चों की नज़र उतरने का उपाय _ IMP

बच्चों की नज़र उतरने का उपाय 1. लाल मिर्च, अजवाइन और पीली सरसों को मिट्‍टी के एक छोटे बर्तन में जलाएं। फिर उसकी धूप नजर लगे बच्चे को दें। किसी प्रकार की नजर हो ठीक हो जाएगी। 2. शनिवार के दिन हनुमान मंदिर में जाकर प्रेमपूर्वक हनुमान जी की आराधना कर उनके कंधे पर से सिंदूर लाकर नजर लगे हुए व्यक्ति के माथे पर लगाने से बुरी नजर का प्रभाव कम होता है। 3. नमक, राई, राल, लहसुन, प्याज के सूखे छिलके व सूखी मिर्च अंगारे पर डालकर उस आग को रोगी के ऊपर सात बार घुमाने से बुरी नजर का दोष मिटता है। 4. कई बार हम देखते हैं, भोजन में नजर लग जाती है। तब तैयार भोजन में से थोड़ा-थोड़ा एक पत्ते पर लेकर उस पर गुलाब छिड़ककर रास्ते में रख दे। फिर बाद में सभी खाना खाएं। नजर उतर जाएगी। 5. नजर लगे व्यक्ति को पान में गुलाब की सात पंखुड़ियां रखकर खिलाए। नजर लगा हुआ व्यक्ति इष्ट देव का नाम लेकर पान खाए। बुरी नजर का प्रभाव दूर हो जाएगा। 6 . खाने के समय भी किसी व्यक्ति को नजर लग जाती है। ऐसे समय इमली की तीन छोटी डालियों को लेकर आग में जलाकर नजर लगे व्यक्ति के माथे पर से सात बार घुमाकर पानी में बुझा देते हैं और उस पानी को ...

मकान, दुकान या प्रापर्टी बेचने का उपाय

मकान, दुकान या प्रापर्टी बेचने का उपाय बाजार से 86 (छियासी) साबुत बादाम (छिलके सहित) ले आईए ! सुबह नहा-धो कर, बिना कुछ खाये, दो बादाम लेकर मन्दिर जाईए ! दोनो बादाम मन्दिर में शिव-लिंग या शिव जी के आगे रख दीजिए ! हाथ जोड कर भगवान से प्रापर्टी को बेचने की प्रार्थना कीजिए और उन दो बादामों में से एक बादाम वापिस ले आईए ! उस बादाम को लाकर घर में कहीं अलग रख दीजिए ! ऐसा आपको 43 दिन तक लगातार करना है ! रोज़ दो बादाम लेजाकर एक वापिस लाना है ! 43 दिन के बाद जो बादाम आपने घर में इकट्ठा किए हैं उन्हें जल-प्रवाह (बहते जल, नदी आदि में) कर दें ! आपका मनोरथ अवश्य पूरा होगा ! यदि 43 दिन से पहले ही आपका सौदा हो जाय तो भी उपाय को अधूरा नही छोडना चाहिए ! पूरा उपाय करके 43 बादाम जल-प्रवाह करने चाहिए ! अन्यथा कार्य में रूकावट आ सकती है !

पति-पत्नी में प्यार कम हो गया हो तो

प्यार कम हो गया हो तो अगर पति या प्रेमी का पत्नी या प्रेमिका के प्रति प्यार कम हो गया हो तो श्री कृष्ण का स्मरण कर तीन इलायची अपने बदन से स्पर्श करती हुई शुक्रवार के दिन छुपा कर रखें। जैसे अगर साड़ी पहनतीं हैं तो अपने पल्लू में बांध कर उसे रखा जा सकता है और अन्य लिबास पहनती हैं तो रूमाल में रखा जा सकता है।

वशीकरण के अचूक टोटके

अमावस्या के दिन आप सबसे पहले किसी भी अमावस्या के दिन दो सूखे हुए पीपल के पत्ते तोड़ ले, नीचे ज़मीन से न उठाए, जो कुछ पीले/सूखे से हो पेड़ से ही तोड़ेँ, आप जिस से प्यार करते है, या जिस व्यक्ति को प्रभावित करना चाहते हो उस का नाम दोनों पीपल के पत्तो पर लिख देँ, एक पत्ते पर काजल से लिखेँ और उसको वहीँ पीपल के पेड़ के पास उल्टा कर के रख दे और उस पर भारी पत्थर रख दे, और दूसरे पत्ते पर लाल सिँदूर से लिखेँ और उसको लाकर अपने घर की छत पर उल्टा कर के रख देँ और उस पर भी पत्थर रख दे, ये आपको आगामी पूर्णिमा तक करना है यानि 16 दिन और प्रतिदिन पीपल के पेड़ में अपने साथी को वापस पाने की प्रार्थना करते हुए पानी भी चढायेँ । कुछ दिन बाद आपने जिसका नाम लिखा था वह व्यक्ति आपसे संपर्क करेगा और वो आपकी तरफ पुनः आकर्षित होने लगेगा । फिर सभी पत्ते एकत्र कर किसी शुद्ध स्थान पर गड्ढे मेँ दबा देँ।

वशीकरण के टोटके

शुक्ल पक्ष शुक्ल पक्ष के रविवार को ५ लौंग शरीर में ऐसे स्थान पर रखें जहां पसीना आता हो व इसे सुखाकर चूर्ण बनाकर दूध, चाय में डालकर जिस किसी को पिला दी जाए तो वह वश में हो जाता है।

सौतन को दूर करने के टोटके

शनिवार शनिवार की सुबह वह इलायची पीस कर किसी भी व्यंजन में मिलाकर पति या प्रेमी को खिला दें। मात्र तीन शुक्रवार में स्पष्ट फर्क नजर आएगा।

मुकदमा में विजय प्राप्त करने के टोटके**

अधिवक्ता को अपने अधिवक्ता को उसके काम की कोई भी वास्तु जैसे कलम उपहार में अवश्य ही प्रदान करें ।

मुकदमा जीतने के टोटके

गहरे रंग के कपड़े आप जब भी अदालत जाएँ तो गहरे रंग के कपड़े ही पहन कर जाएँ ।

केस मुकदमा जीतने के अचूक रामबाण टोटके ( हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का चमत्कार)

जब भी आप अदालत में जाएँ तो जब भी आप अदालत में जाएँ तो किसी भी हनुमान मंदिर में धूप अगरबत्ती जलाकर, लड्डू या गुड चने का भोग लगाकर एक बार हनुमान चालीसा और बजरंग बान का पाठ करके संकटमोचन बजरंग बलि से अपने मुकदमे में सफलता की प्रार्थना करें ………आपको निसंदेह सफलता प्राप्त होगी ।

केस मुकदमा जीतने के अचूक टोटके*

गुलाब का पुष्प जब आप पहली बार मुकदमें से वापिस आ रहे तो रास्ते में किसी भी मजार में गुलाब का पुष्प अर्पित करते हुए ही अपने निवास पर आएँ ।

केस मुकदमा में विजय प्राप्त करने के लिए गोमती चक्र के चमत्कार _ IMP

मुकदमे में विजय हेतु मुकदमे में विजय हेतु कोर्ट कचहरी में जाने से पहले ५ गोमती चक्र को अपनी जेब में रखकर , जो स्वर चल रहा हो वह पाँव पहले कोर्ट में रखे अगर स्वर ना समझ आ रहा हो तो दाहिना पैर पहले रखे , मुकदमे में निर्णय आपके पक्ष में होने की संभावना प्रबल होगी ।

मुकदमा में विजय प्राप्त करने के अचूक रामबाण टोटके _ IMP

सिद्धि विनायक पिरामिड मुकदमें में विजय प्राप्ति हेतु घर के पूजा स्थल में सिद्धि विनायक पिरामिड स्थापित करके प्रत्येक बुधवार को गन गणपतए नमो नमः मंत्र का जाप करें । जब भी अदालत जाएँ इस पिरामिड को लाल कपड़े में लपेटकर अपने साथ ले जाएँ ….आपको शीघ्र ही सफलता प्राप्त होगी ।

केस मुकदमा जीतने के लिए मूंगा का चमत्कार

मूँगा मुकदमें अथवा किसी भी प्रकार के वाद विवाद में सफलता हेतु लाल ध् सिंदूरी मूँगा त्रिकोण की आक्रति का सोने या तांबे मिश्रित अंगूठी में बनवाकर उसे दाहिने हाथ के अनामिका उंगली में धारण करें , इससे सफलता की संभावना और अधिक हो जाती है ।

केस मुकदमा में जीतने के लिए रुद्राक्ष का चमत्कार

रुद्राक्ष यदि आप पर कोई मुसीबत आन पड़ी हो कोई रास्ता न सूझ रहा हो या आप कोर्ट कचहरी के मामलों में फँस गए हों, आपका धैर्य जबाब देने लगा हो, जीवन केवल संघर्ष ही रह गया हो, अक्सर हर जगह अपमानित ही महसूस करते हों, तो आपको सात मुखी, पंचमुखी अथवा ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने चाहियें ।

केस मुकदमा में विजय प्राप्त करने के लिए हकीक पत्थर का चमत्कार

हकीक पत्थर यदि ग्यारह हकीक पत्थर लेकर किसी मंदिर में चदा दें और कहें की मैं अमुक कार्य में विजय होना चाहता हूँ तो निश्चय ही उस कार्य में विजय प्राप्त होती है ।

केस मुकदमा जीतने के टोटके

कोर्ट के केस की फाइलें अपने कोर्ट के केस की फाइलें घर में बने मंदिर धार्मिक स्थान में रखकर ईश्वर से अपनी सफलता, अपनी रक्षा के लिए प्रार्थना करें ।

वाहन दुर्घटना से बचने के रामबाण टोटके

शुक्र की वस्तुओं का दान शुक्र की दान देने वाली वस्तुओं में घी व चावन का दान किया जाता है. इसके अतिरिक्त शुक्र क्योकि भोग-विलास के कारक ग्रह है. इसलिये सुख- आराम की वस्तुओं का भी दान किया जा सकता है. बनाव -श्रंगार की वस्तुओं का दान भी इसके अन्तर्गत किया जा सकता है. दान क्रिया में दान करने वाले व्यक्ति में श्रद्धा व विश्वास होना आवश्यक है. तथा यह दान व्यक्ति को अपने हाथों से करना चाहिए. दान से पहले अपने बडों का आशिर्वाद लेना उपाय की शुभता को बढाने में सहयोग करता है.

वाहन दुर्घटना से बचने के अचूक टोटके

शुक्र की वस्तुओं से स्नान शुक्र का स्नान उपाय करते समय जल में बडी इलायची डालकर उबाल कर इस जल को स्नान के पानी में मिलाया जाता है. इसके बाद इस पानी से स्नान किया जाता है. स्नान करने से वस्तु का प्रभाव व्यक्ति पर प्रत्यक्ष रुप से पडता है. तथा शुक्र के दोषों का निवारण होता है. यह उपाय करते समय व्यक्ति को अपनी शुद्धता का ध्यान रखना चाहिए. तथा उपाय करने कि अवधि के दौरान शुक्र देव का ध्यान करने से उपाय की शुभता में वृ्द्धि होती है. इसके दौरान शुक्र मंत्र का जाप करने से भी शुक्र के उपाय के फलों को सहयोग प्राप्त होता है

वाहन दुर्घटना से बचने के उपाय

शुक्र का यन्त्र शुक्र के अन्य उपायों में शुक्र यन्त्र का निर्माण करा कर उसे पूजा घर में रखने पर लाभ प्राप्त होता है. शुक्र यन्त्र की पहली लाईन के तीन खानों में 11,6,13 ये संख्याये लिखी जाती है. मध्य की लाईन में 12,10, 8 संख्या होनी चाहिए. तथा अन्त की लाईन में 07,14,9 संख्या लिखी जाती है. शुक्र यन्त्र में प्राण प्रतिष्ठा करने के लिये किसी जानकार पण्डित की सलाह ली जा सकती है. यन्त्र पूजा घर में स्थापित करने के बाद उसकी नियमित रुप से साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए

वाहन दुर्घटना से बचने के टोटके

शुक्र मन्त्र का जाप “ऊँ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा” शुक्र के अशुभ गोचर की अवधि या फिर शुक्र की दशा में इस श्लोक का पाठ प्रतिदिन या फिर शुक्रवार के दिन करने पर इस समय के अशुभ फलों में कमी होने की संभावना बनती है. मुंह के अशुद्ध होने पर मंत्र का जाप नहीं करना चाहिए. ऎसा करने पर विपरीत फल प्राप्त हो सकते है. वैवाहिक जीवन की परेशानियों को दूर करने के लिये इस श्लोक का जाप करना लाभकारी रहता है (तमबपजम जीपे डंदजतं जव तमेवसअम उंततपमक सपमि चतवइसमउे). वाहन दुर्घटना से बचाव करने के लिये यह मंत्र लाभकारी रहता है.

रोजगार प्राप्ति के रामबाण टोटके

मंगलवार मंगलवार से प्रारंभ करते हुए 40 दिनों तक रोज सुबह के समय नंगे पैर हनुमानजी के मंदिर में जाएं और उन्हें लाल गुलाब के फूल चढ़ाएं। ऐसा करने से भी शीघ्र ही रोजगार मिलता है।

रोजगार प्राप्ति के टोटके

 शनैश्चरी अमावस्या शनैश्चरी अमावस्या के दिन एक कागजी नींबू लें और शाम के समय उसके चार टुकड़े करके किसी चौराहे पर चारों दिशाओं में फेंक दें। इसके प्रभाव से भी जल्दी ने बेरोजगारी की समस्या दूर हो जाएगी।

रोजगार अथवा नौकरी पाने के अचूक रामबाण टोटके

 शनिवार शनिवार को हनुमानजी के मंदिर में जाकर सवा किलो मोतीचूर के लड्डुओं का भोग लगाएं। घी का दीपक जलाएं और मंदिर में ही बैठकर लाल चंदन की या मूंगा की माला से 108 बार नीचे लिखे मंत्र का जप करें- कवन सो काज कठिन जग माही। जो नहीं होय तात तुम पाहिं।। इसके बाद 40 दिनों तक रोज अपने घर के मंदिर में इस मंत्र का जप 108 बार करें। 40 दिनों के अंदर ही आपको रोजगार मिलेगा।

प्रेम का वातावरण

 प्रेम का वातावरण जिस घर में प्रेम का वातावरण रहता है , जहाँ पर कलह नहीं होती है उस घर में धन धान्य की कभी भी कमी नहीं हो सकती है ।

झाड़ू के टोटके

 लगातार धन हानि यदि आपको अपने व्यापार ,नौकरी ,कार्य क्षेत्र में लगातार धन हानि होने लगे , आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा हो लोग आपसे रुष्ट होते है तो आप अपने कार्यस्थल या अपने निवास स्थान में झाड़ू को किसी ऐसे स्थान में रखे की किसी भी बाहर वाले की सीधी निगाह उस पर न पड़े , बहुत ही जल्दी आपकी मुश्किलें कम होने लगेगीं ।

सफलता के टोटके

 व्यापार स्थल अपने व्यापार स्थल ,यदि नौकरी करते है तो अपने ऑफिस या आप किसी भी कार्य क्षेत्र से जिससे आप सम्बन्ध रखते है पर जाने पर एवं लौटने पर उसके द्वार की जमीन को दाहिने हाथ से छूकर अपने माथे पर अवश्य लगायें और अपने इष्ट देव का ध्यान करें इससे आपका भाग्य आप पर प्रसन्न है ,अपने कार्य क्षेत्र के प्रति अपने हर्दय में श्रद्धा एवं सम्मान रखने से ईश्वर की सदा आप पर कृपा बनी रहती है आप को हमेशा अपने कार्यों में सफलता एवं मान सम्मान की प्राप्ति होती है .( इसकी चिंता कभी भी न करें की आपके सहयोगी /साथी /कर्मचारी / अधिकारी या अन्य कोई भी आपके इस व्यव्हार के बारे में क्या सोचेगा या आपका उपहास होगा । )

तिजोरी में रखें

 कपूर और रोली कपूर और रोली जलाकर उसकी राख को पुडिया बनाकर अपने घर या दुकान के धन स्थान में रखें तो निश्चित ही लाभ बना रहेगा ।

कार्य में सफलता प्राप्ति के लिए

 इष्ट देव को ध्यान जब भी आप अपने कार्य क्षेत्र में जाये तो अपने इष्ट देव को ध्यान करके सुगन्धित इत्र लगाकर ही घर से जाये ।

कुछ महत्वपूर्ण बातें _ IMP

हमेशा याद रखें जिस घर में संध्या के समय लोग सोये रहते है , घर के धर्म स्थान में संध्या को धूप अगरबत्ती नहीं जलती है , उस समय झाड़ू लगाया जाता है , उस समय घर में लोग कोलाहल करते है , नाखून काटते है ऐसे घर से लक्ष्मी हमेशा रुष्ट रहती है उस घर में हमेशा आर्थिक संकट रहता है लाख प्रयत्न के बाद भी वहां पैसा कभी भी नहीं रुक पाता है ।

निरंतर सफलता प्राप्त करने के लिए

 निरंतर सफलता प्राप्त करने के लिए अपने कार्य क्षेत्र में धन लाभ एवं निरंतर सफलता प्राप्त करने के लिए घर में बनने वाली पहली 3 रोटी गाय , कुत्ते और पक्षियों ( कौओं ) के लिए निकाल कर उन्हें घी और हल्का मीठा लगाकर लगाकर देने से सदैव लाभ ही लाभ की प्राप्ति होती है । बुधवार को गाय को हरी सब्जी ध्चारा एवं गुरुवार को प्रातः तुलसी में थोडा कच्चा दूध डालने से भी उस घर में हमेशा सम्रद्धि बनी रहती है ।

अपना आदर्श अवश्य बनायें

 अपना आदर्श अवश्य बनायें आप अपनी जीविका / कार्य क्षेत्र में किसी को अपना आदर्श अवश्य बनायें , उस व्यक्ति की तस्वीर अपने कक्ष में लगायें उस की जीवनी , उसकी शक्तियों / कमजोरियों का बहुत ही ध्यान से अध्धयन करें एक नियत समय में अपने को उस व्यक्ति की उचाई के बराबर लाने की योजना बनायें , रोज कुछ समय आप आँख बंद करके पूरी एकाग्रता से यह ध्यान करें की आप वही व्यक्ति है . किसी भी परिस्थिति में यह सोचिये की यदि आपकी जगह वह होते तो क्या करते और उसी तरह से कार्यों को करने का प्रयत्न करें .निश्चय ही आप अपने अन्दर बहुत बड़ा बदलाव महसूस करेंगे ।

सभी कार्य में सफलता और लक्ष्मी प्राप्ति के अचूक टोटके

 शुक्रवार को प्रत्येक शुक्रवार को लक्ष्मी नारायण मंदिर में गुड चना बाँटने और माँ लक्ष्मी की मूर्ति पर सुंगधित धूप अगरबत्ती को जलाने और उन्हें चडाने से व्यक्ति को जीवन भर अपने कार्य क्षेत्र में लाभ की प्राप्ति होती रहती है ।

लक्ष्मी प्राप्ति के अचूक रामबाण टोटके

 होली के पर्व पर एक नए लाल कपडे में लाल गुलाल को बांधकर ( पोटली बना कर ) किसी तश्तरी में अपनी दुकान या घर की तिजोरी में स्थापित करने पर व्यक्ति को जीवन में अपने कार्यों में लगातार लाभ की प्राप्ति होती है , धन का आना लगातार बना रहता है ।

नौकरी अथवा रोजगार पाने के अचूक रामबाण टोटके

 एक बिना दाग वाला पीला नींबू लें एक बिना दाग वाला पीला नींबू लें, उसके चार बराबर टुकड़े कर लें. जब दिन ढल जाये तब चौराहे पर जाकर चारों दिशाओं में उन्हे एक-एक फेंक दें और बिना पीछे मुड़े देखे घर आ जायें. आपको शीध्र ही लाभ होगा. यह प्रयोग सात दिन लगातार करें. आपका काम शीध्र बनेगा व आपको रोजगार मिलेगा.

नौकरी प्राप्ति के अचूक रामबाण टोटके

 इंटरव्यू इंटरव्यू में जाने से पहले लाल चंदन की माला से नीचे लिखे मंत्र का 11 बार जप करें- ऊँ वक्रतुण्डाय हुं जप से पूर्व भगवान गणेश की पूजा करें और गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करते हुए दूध से अभिषेक करें।

पुत्र प्राप्ति के लिए

 पुत्रेष्टि यज्ञ यह एक विशद यज्ञ विधान है, जिसे आचार्यों की सहायता के बिना करना संभव नहीं। इस महान यज्ञ का अनुष्ठान संतानहीनता की स्थिति से मुक्त कर देता है। वस्तुतः यह याज्ञिक विधान वैदिक रीति से संपन्न किया जाता है जिसमें भारी व्यय होता है। इसलिए आम आदमी को ये सलाह दी जाती है कि वह इस यज्ञ के स्थान पर गोपाल संतान मंत्र व यंत्र की सहायता ले ताकि बिना किसी व्यय के उसका कार्य पूर्ण हो जाए।

संतान प्राप्ति के रामबाण अचूक टोटके**

 कुण्डलियों में पूर्ण संतानहीनता की स्थिति हो तो यदि पति व पत्नी, दोनों की कुण्डलियों में पूर्ण संतानहीनता की स्थिति हो तो उन्हें संतान बाधा मुक्ति के लिए निम्न उपाय अविलंब आरंभ करना चाहिए। इसका परिणाम हमेशा सुखद रहा हैमंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः जप विधि: तुलसी की माला से प्रतिदिन 5 माला प्रातः काल जप करना श्रेयस्कर रहेगा। भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीर के सामने बैठकर कातर भाव से जप करने के पश्चात लड्डू का भोग (प्रसाद) अवश्य चढ़ाएं।

संतान प्राप्ति के रामबाण अचूक टोटके _ IMP

 पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में आम की जड़ को लाकर उसे दूध में घिसकर पिलाने से स्त्री को अवश्य ही संतान की प्राप्ति होती है यह अत्यंत ही सिद्ध / परीक्षित प्रयोग है ।

संतान प्राप्ति के टोटके**

 गुड का दान हर गुरुवार को भिखारियों को गुड का दान देने से भी संतान सुख प्राप्त होता है । 

उत्तम संतान की प्राप्ति के लिए

 अभिषेक करें संतान प्राप्ति के लिए स्त्री पारद शिवलिंग का नियम से दूध से अभिषेक करें …उत्तम संतान की प्राप्ति होगी ।

संतान प्राप्ति के रामबाण टोटके#

 पीले धागे किसी भी गुरुवार को पीले धागे में पीली कौड़ी को कमर में बांधने से संतान प्राप्ति का प्रबल योग बनता है।

संतान प्राप्ति के रामबाण टोटके**

 शुक्ल पक्ष में बरगद के पत्ते को धोकर साफ करके उस पर कुंकुम से स्वस्तिक बनाकर उस पर थोड़े से चावल और एक सुपारी रखकर सूर्यास्त से पहले किसी मंदिर में अर्पित कर दें और प्रभु से संतान का वरदान देने के लिए प्रार्थना करें …निश्चय ही संतान की प्राप्ति होगी ।

संतान सुख के लिए

 संतान सुख के लिए स्त्री गेंहू के आटे की 2 मोटी लोई बनाकर उसमें भीगी चने की दाल और थोड़ी सी हल्दी मिलाकर नियमपूर्वक गाय को खिलाएं …शीघ्र ही उसकी गोद भर जाएगी ।

योग्य संतान की प्राप्ति हेतु

 पति पत्नी गुरुवार का ब्रत रखें या इस दिन पीले वस्त्र पहने , पीली वस्तुओं का दान करें यथासंभव पीला भोजन ही करें …..अति शीघ्र योग्य संतान की प्राप्ति होगी ।

संतान प्राप्ति के अचूक रामबाण टोटके*

 श्वेत लक्ष्मणा बूटी श्वेत लक्ष्मणा बूटी की 21 गोली बनाकर उसे नियमपूर्वक गाय के दूध के साथ लेने से संतान सुख की अवश्य ही प्राप्ति होती है ।

संतान प्राप्ति के अचूक रामबाण टोटके

 पीपल पर दीपक जलाये रविवार को छोड़कर अन्य सभी दिन निसंतान स्त्री यदि पीपल पर दीपक जलाये और उसकी परिक्रमा करते हुए संतान की प्रार्थना करें उसकी इच्छा अति शीघ्र पूरी होगी ।

संतान की प्राप्ति नहीं हो रही है तो

 संतान की प्राप्ति नहीं हो रही है तो यदि किसी दम्पति को संतान की प्राप्ति नहीं हो रही है तो वह स्त्री शुक्ल पक्ष में अभिमंत्रित संतान गोपाल यंत्र को अपने घर में स्थापित करके लगातार 16 गुरुवार को ब्रत रखकर केले और पीपल के वृक्ष की सेवा करें उनमे दूध चीनी मिश्रित जल चड़ाकर धुप अगरबत्ती जलाये फिर मासिक धर्म से ठीक तेहरवीं रात्रि में अपने पति से रमण करें संतान सुख अति शीघ्र प्राप्त होगा ।

संतानहीनता के लिए

 संतानहीनता के लिए नवमांश की स्थिति की समीक्षा किया जाना बेहद आवश्यक है। यदि नवमांश चक्र में भी पूर्णरूपेण संतानहीनता की स्थिति बन रही है तो ऐसे में उपरोक्त वर्णित प्रथम उपाय के साथ तृतीय उपाय एक साथ करना लाभकारी होता है।

संतान प्राप्ति के टोटके

 बाधक ग्रहों की क्रूर व पापी ग्रहों की किरण बाधक ग्रहों की क्रूर व पापी ग्रहों की किरण रश्मियों को पंचम भाव, पंचमेश तथा संतान कारक गुरु से हटाने के लिए रत्नों का विकल्प बेहद प्रभावी रहता है। इस बात को समझने के लिए विशेषज्ञ आचार्य की अनिवार्यता होती है ताकि वह निर्धारित कर सके कि किन ग्रहों के कारण संतान प्राप्ति में बाधा आ रही है तथा किन ग्रहों की किरण रश्मियों को प्रतिकर्षित करने के लिए कैसे रत्नों का प्रयोग किया जाए।

सूर्यकृत पितृदोष के उपाय

 सूर्यकृत पितृदोष के उपाय 1. शुक्लपक्ष के प्रथम रविवार के दिन घर में विध विधान से सूर्ययंत्र स्थापित करें। सूर्य को नित्य तांबे के पात्र में जल लेकर अघ्र्य दें। जल में कोई लाल पुष्प चावल व रोली अवश्य मिश्रित कर लें। जब घर से बाहर जाएं तो यंत्र दर्शन जरूर करें। 2. निम्न मंत्र का एक माला नित्य जप करें। ध्यान रहे आपका मुख पूर्व दिशा में हो। ऊं आदित्याय विद्महे, प्रभाकराय, धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्।। 3. ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष के प्रथम रविवार से प्रारंभ कर कम से कम 12 व अधिक से अधिक 30 रविवार व्रत रखें। सूर्यास्त के पूर्व गेहूं गुड घी आदि से बनी कोई सामग्री खा कर व्रतपूर्ण करें। व्रत के दिन सूर्य स्तोत्र का पाठ भी करें। 4. लग्नानुसार सोने या तांबे में 5 रत्ती के ऊपर का माणिक्य रविवार के दिन विधि विधान से धारण कर लें। 5. पांच मुख रूद्राक्ष धारण करें। तथा नित्य द्वादश ज्योतिर्लिंगो के नामों का स्मरण करें। 6. पिता का अपमान न करें। बड़े बुजुर्गों को सम्मान दें। 7. रविवार के दिन गाय को गेहूं व गुउ़ खिलाएं। स्वयं घर से बाहर जाते समय गुड़ खाकर निकला करें। 8. दूध में शहद मिलाकर पिया करें। 9. सद...

मंगलकृत पितृदोष के उपाय

 मंगलकृत पितृदोष के उपाय 1. शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार के दिन घर में मंगल यंत्र पूर्ण विधि विधान से स्थापित करें । जब घर के बाहर जाएं तो यंत्र दर्शन अवश्य करके जाएं। 2. नित्य प्रातःकाल उगते हुए सूर्य को अघ्र्य दें। 3. निम्य एक माला जप निम्न मंत्र का करें। ऊं अंगारकाय विद्महे, शक्तिहस्ताय, धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात्।। 4. शुक्लपक्ष के प्रथम मंगलवार से आरंभ करके 11 मंगलवार व्रत करें। हनुमान जी व शिवजी की उपासना करें। जमीन पर सोएं। 5. मंगलवार के दिन 5 रत्ती से अधिक वनज का मूंगा सोने या तांबे में विधि विधान से धारण करें। 6. तीनमुखी रूद्राख धारण करें तथा नित्य प्रातःकाल द्वादश ज्योतिर्लिंगों के नामों का स्मरण करें। 7. बहनों का भूलकर भी अपमान न करें। 8. लालमुख वाले बंदरों को गुड़ व चना खिलाएं। 9. जब भी अवसर मिले रक्तदान अवश्य करें। 10. 100 ग्राम मसूर की दाल जल में प्रवाहित कर दें। 11. सुअर को मसूर की दाल व मछलियों को आटे की गोलियां खिलाया करें।

पित्र दोष निवारण के कुछ खास उपाय

 पित्र दोष निवारण के कुछ खास उपाय 1. याद रखे घर के सभी बड़े बुजर्ग को हमेशा प्रेम, सम्मान, और पूर्ण अधिकार दिया जाय , घर के महत्वपूर्ण मसलों पर उनसे सलाह मशविरा करते हुए उनकी राय का भी पूर्ण आदर किया जाय ,प्रतिदिन उनका अभिवादन करते हुए उनका आशीर्वाद लेने, उन्हे पूर्ण रूप से प्रसन्न एवं संतुष्ट रखने से भी निश्चित रूप से पित्र दोष में लाभ मिलता है । 2.अपने ज्ञात अज्ञात पूर्वजो के प्रति ईश्वर उपासना के बाद उनके प्रति कृतज्ञता का भाव रखने उनसे अपनी जाने अनजाने में की गयी भूलों की क्षमा माँगने से भी पित्र प्रसन्न होते है । 3. सोमवती अमावस्या को दूध की खीर बना, पितरों को अर्पित करने से भी इस दोष में कमी होती है । 4. सोमवती अमावस्या के दिन यदि कोई व्यक्ति पीपल के पेड़ पर मीठा जल मिष्ठान एवं जनेऊ अर्पित करते हुये “ऊँ नमो भगवते वासुदेवाएं नमः” मंत्र का जाप करते हुए कम से कम सात या 108 परिक्रमा करे तत्पश्चात् अपने अपराधों एवं त्रुटियों के लिये क्षमा मांगे तो पितृ दोष से उत्पन्न समस्त समस्याओं का निवारण हो जाता है। 5.प्रत्येक अमावस्या को गाय को पांच फल भी खिलाने चाहिए। 6. अमावस्या को बबूल के ...

पित्र दोष से मुक्ति के उपाय

 पितृ दोष के शांति के उपाय 1. कुंडली में पितृ दोष बन रहा हो तब जातक को घर की दक्षिण दिशा की दीवार पर अपने स्वर्गीय परिजनों का फोटो लगाकर उस पर हार चढ़ाकर रोजाना उनकी पूजा स्तुति करना चाहिए। उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है। 2. अपने स्वर्गीय परिजनों की निर्वाण तिथि पर जरूरतमंदों अथवा गुणी ब्राह्मणों को भोजन कराए। भोजन में मृतात्मा की कम से कम एक पसंद की वस्तु अवश्य बनाएं। 3. इसी दिन अगर हो सके तो अपनी सामर्थ्यानुसार गरीबों को वस्त्र और अन्न आदि दान करने से भी यह दोष मिटता है। 4. पीपल के वृक्ष पर दोपहर में जल, पुष्प, अक्षत, दूध, गंगाजल, काले तिल चढ़ाएं और स्वर्गीय परिजनों का स्मरण कर उनसे आशीर्वाद मांगें। 5. शाम के समय में दीप जलाएं और नाग स्तोत्र, महामृत्युंजय मंत्र या रुद्र सूक्त या पितृ स्तोत्र व नवग्रह स्तोत्र का पाठ करें। इससे भी पितृ दोष की शांति होती है। 6. सोमवार प्रात:काल में स्नान कर नंगे पैर शिव मंदिर में जाकर आक के 21 पुष्प, कच्ची लस्सी, बिल्वपत्र के साथ शिवजी की पूजा करें। 21 सोमवार करने से पितृदोष का प्रभाव कम होता है। 7. प्रतिदिन इष्ट देवता व कु...

पढ़ाई में सफलता के अचूक रामबाण टोटके*

 इमली के ताजे पत्ते इमली के ताजे पत्ते ब्रहस्पति वार को अपनी किताबों में रखने से भी विधार्थी की बुद्धि त्रीव होती है ।

पढ़ाई में सफलता के टोटके 4

 कॉपी किताबें अध्धयन कक्ष में कॉपी किताबों को हमेशा उनकी नियत स्थान , बैग या अलमारी में ही सलीके से रखें , यह जरुर ध्यान रखें की पड़ाई की मेज, कुर्सी टूटी न हो , कापी, किताबें फटी न हो उन सभी पर जरा भी धूल मिटटी न रहे ,लगातार वहां पर साफ सफाई होती रहे ।

पढ़ाई में सफलता के टोटके 3

अध्धयन कक्ष अध्धयन कक्ष में कभी भी कोई कॉपी किताबें पेन पेंसिल को खुला न रखें ।

पढ़ाई में सफलता के अचूक रामबाण टोटके _ IMP

 ईशान कोण पड़ते समय छात्र का मुंह सदैव ईशान कोण ( उत्तर पूर्व ) की तरफ ही होना चाहिए इसलिए उसकी मेज इस तरह से हो की उसका मुंह ईशान कोण की तरफ ही रहे ।

पढ़ाई में सफलता के टोटके 2

 मोर का पंख मोर का पंख अपने पास रखने से विधार्थी का अपने स्कूल कालेज में सम्मान बड़ता है ।

पढ़ाई में सफलता के रामबाण टोटके

 अष्ट सरस्वती यंत्र अष्ट सरस्वती यंत्र को गले में धारण करवाने से भी विधार्थी की बुद्धि का विकास होता है ।

पढ़ाई में सफलता के अचूक रामबाण टोटके

 ब्रह्म मुहूर्त पड़ने का सर्वोतम समय ब्रह्म मुहूर्त अर्थात सुबह के 4 बजे का माना गया है उस काल में पड़ाई करते समय हमें कई गुना ज्यादा और तेजी से अपना पाठ याद होता है इसलिए पड़ने वाले छात्रों को सुबह सवेरे पड़ाई की आदत अवश्य ही डालनी चाहिए ।

पढ़ाई में सफलता के अचूक टोटके

 इष्ट देव का ध्यान हमेशा पड़ाई प्रारंभ करते समय अपने इष्ट देव का ध्यान करते हुए कॉपी किताबों को अपने मस्तक से लगाकर पड़ाई शुरू करें , यही प्रक्रिया पड़ाई को समाप्त करते समय भी दोहराएँ ।

पढ़ाई में सफलता के टोटके

 पड़ने की मेज पर खाना नहीं खाना चाहिए खाना खाते समय पड़ाई की टेबिल पर कॉपी किताबें बंद करके ,खाना खाने के लिए बनाये गए स्थान पर ही खाना चाहिए ।

हृदय विकार दूर करने के उपाय

 हृदय विकार दूर करने के उपाय सदा स्वस्थ बने रहने के लिये रात्रि को पानी किसी लोटे या गिलास में सुबह उठ कर पीने के लिये रख दें। उसे पी कर बर्तन को उल्टा रख दें तथा दिन में भी पानी पीने के बाद बर्तन (गिलास आदि) को उल्टा रखने से यकृत सम्बन्धी परेशानियां नहीं होती तथा व्यक्ति सदैव स्वस्थ बना रहता है। हृदय विकार, रक्तचाप के लिए एकमुखी या सोलहमुखी रूद्राक्ष श्रेष्ठ होता है। इनके न मिलने पर ग्यारहमुखी, सातमुखी अथवा पांचमुखी रूद्राक्ष का उपयोग कर सकते हैं। इच्छित रूद्राक्ष को लेकर श्रावण माह में किसी प्रदोष व्रत के दिन, अथवा सोमवार के दिन, गंगाजल से स्नान करा कर शिवजी पर चढाएं, फिर सम्भव हो तो रूद्राभिषेक करें या शिवजी पर “ॐ नम: शिवाय´´ बोलते हुए दूध से अभिषेक कराएं। इस प्रकार अभिमंत्रित रूद्राक्ष को काले डोरे में डाल कर गले में पहनें। जिन लोगों को 1-2 बार दिल का दौरा पहले भी पड़ चुका हो वे उपरोक्त प्रयोग संख्या 2 करें तथा निम्न प्रयोग भी करें :- एक पाचंमुखी रूद्राक्ष, एक लाल रंग का हकीक, 7 साबुत (डंठल सहित) लाल मिर्च को, आधा गज लाल कपड़े में रख कर व्यक्ति के ऊपर से 21 बार उसार कर इसे किसी...

मानसिक परेशानी दूर करने के उपाय _ IMP

 मानसिक परेशानी दूर करने के उपाय जैसे ही टेंसन हो एक लोटे में या जग में पानी लेकर उसके अन्दर चार लालमिर्च के बीज डालकर अपने ऊपर सात बार उबारा (उसारा) करने के बाद घर के बाहर सडक पर फेंक दीजिये,फौरन आराम मिल जायेगा। रोज हनुमान जी का पूजन करे व हनुमान चालीसा का पाठ करें ! प्रत्येक शनिवार को शनि को तेल चढायें ! अपनी पहनी हुई एक जोडी चप्पल किसी गरीब को एक बार दान करें

बदन दर्द हो

 बदन दर्द हो तो मंगलवार को हनुमान जी के चरणों में सिक्का चढ़ाकर उसमें लगी सिंदूर का तिलक करें। पानी पीते समय यदि गिलास में पानी बच जाए, तो उसे अनादर के साथ फेंकें नहीं, गिलास में ही रहने दें। फेंकने से मानसिक अशांति होगी क्योंकि पानी चंद्रमा का कारक है।

मृत्यु की आशंका से बचने के उपाय

 मृत्यु की आशंका से बचने के उपाय काले तिल और जौ का आटा तेल में गूंथकर एक मोटी रोटी बनाएं और उसे अच्छी तरह सेंकें। गुड को तेल में मिश्रित करके जिस व्यक्ति की मरने की आशंका हो, उसके सिर पर से 7 बार उतार कर मंगलवार या शनिवार को भैंस को खिला दें। गुड के गुलगुले सवाएं लेकर 7 बार उतार कर मंगलवार या शनिवार व इतवार को चील-कौए को डाल दें, रोगी को तुरंत राहत मिलेगी। महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। द्रोव, शहद और तिल मिश्रित कर शिवजी को अर्पित करें। ‘ॐ नमः शिवाय’ षडाक्षर मंत्र का जप भी करें, लाभ होगा।

दर्द निवारक उपाय

 दर्द निवारक उपाय आपको हाथ-पैरों में अथवा कमर के निचले हिस्से में दर्द बना रहता है तो आप काले कपड़े में पीपल के वृक्ष की जड़ व लकड़ी को रखकर अपने बिस्तर के सिरहाने रख लें और साथ में पीपल वृक्ष की सेवा करते रहें। कुछ समय बाद आप दर्द से मुक्त हो जायेंगे। ध्यान देवें :– उपाय से जल्दी फायदा हो इसके लिए ” जय श्री राम !! जय श्री हनुमान ” करें !! !! इति: सम्पूर्ण !! !! जय सीताराम !! जय श्री हनुमान ( इष्ट देव और गुरु देव ) !! जय श्री दुर्गा माँ ( कुल देवी ) !!

रोगी को ठीक करने के लिए उपाय

 रोगी को ठीक करने के लिए उपाय कृष्ण पक्ष में अमावस्या की रात को 12 बजे नहा-धोकर नीले रंग के वस्त्र ग्रहण करें। आसन पर नीला कपड़ा बिछाकर पूर्व की ओर मुख करके बैठे। इसके पश्चात चौमुखी दीपक (चार मुँह वाला जलाएँ। (निम्न सामग्री पहले से इकट्ठी करके रख लें) नीला कपड़ा सवा गज दृ 4 मीटर चौमुखी दिए 40 नग, मिट्टी की गड़वी 1 नग, सफेद कुशासन(कुश का आसन) 1 नग, बत्तियाँ 51 नग, छोटी इलायची 11 दाने, छुहारे (खारक) 5 नग, एक नीले कपड़े का रूमाल, दियासलाई, लौंग 11 दाने, तेल सरसों 1 किलो इत्र व शीशी गुलाब के फूल 5 नग, गेरू का टुकड़ा, 1 लडडू और लड्डू के टुकड़े 11 नग।

यदि किसी को टायफाईड हो गया हो उपाय

यदि किसी को टायफाईड हो गया हो उपाय तो उसे प्रतिदिन एक नारियल पानी पिलायें ! कुछ ही दिनों में आराम हो जायगा ! सिन्दूर लगे हनुमान जी की मूर्ति का सिन्दूर लेकर सीता जी के चरणों में लगाएँ। फिर माता सीता से एक श्वास में अपनी कामना निवेदित कर भक्ति पूर्वक प्रणाम कर वापस आ जाएँ। इस प्रकार कुछ दिन करने पर सभी प्रकार की बाधाओं का निवारण होता है।

लगातार बुखार आने पर टोटका

 लगातार बुखार आने पर टोटका यदि किसी को लगातार बुखार आ रहा हो और कोई भी दवा असर न कर रही हो तो आक की जड लेकर उसे किसी कपडे में कस कर बांध लें ! फिर उस कपडे को रोगी के कान से बांध दें ! बुखार उतर जायगा

किसी रोग से ग्रसित होने पर टोटका

 किसी रोग से ग्रसित होने पर टोटका सोते समय अपना सिरहाना पूर्व की ओर रखें ! अपने सोने के कमरे में एक कटोरी में सेंधा नमक के कुछ टुकडे रखें ! सेहत ठीक रहेगी ! एक रुपये का सिक्का रात को सिरहाने में रख कर सोएं और सुबह उठकर उसे श्मशान के आसपास फेंक दें, रोग से मुक्ति मिल जाएगी।

यदि बीमारी का पता नहीं चल पा रहा हो उपाय

यदि बीमारी का पता नहीं चल पा रहा हो उपाय तो सात प्रकार के अनाज एक-एक मुट्ठी लेकर पानी में उबाल कर छान लें। छने व उबले अनाज (बाकले) में एक तोला सिंदूर की पुड़िया और ५० ग्राम तिल का तेल डाल कर कीकर (देसी बबूल) की जड़ में डालें या किसी भी रविवार को दोपहर १२ बजे भैरव स्थल पर चढ़ा दें।

रोग मुक्ति के अचूक रामबाण टोटके

 मंत्र ऊँ अनुरागिनी मैथन प्रिये स्वाहा। शुक्लपक्षे, जपे धावन्ताव दृश्यते जपेत्।। यह मंत्र चालीस दिन लगातार पढ़ें, (सवा लाख बार) सुबह उठकर नदी के पानी में अपनी छाया को देखें। जब मंत्र संपूर्ण हो जाएँ तो सारी सामग्री (नीले कपड़े सहित) पानी में बहा दें। अब जिसको आप अपने वश में करना चाहते हैं अथवा जिस किसी रोगी का इलाज करना चाहते हैं, उसका नाम लेकर इस मंत्र को 1100 बार पढ़ें, बस आपका काम हो जाएगा।

रोग मुक्ति के टोटके

 विधि नीले कपड़े के चारों कोने में लड्डू, लौंग, इलायची एवं छुहारे बाँध लें, फिर मिट्टी के बर्तन में पानी भरकर, गुलाब के फूल भी वहाँ रख लें। फिर नीचे लिखा मंत्र पढ़ें। मंत्र पढ़ते समय लोहे की चीज (दियासलाई) से अपने चारों ओर लकीर खींच लें।

कर्ज से छुटकारा पाएं इस तरह भी

 कर्ज से छुटकारा पाएं इस तरह भी कर्ज नाम सुनते ही दिलोदिमान पर एक बैचेनी छा जाती है. चिंताएं अपना आकार विशाल बनाने लगती है. किसी कार्य में मन नहीं लगता सिर्फ एक ही भूत याद रहता है कर्ज-कर्ज-कर्ज . तो यह उपाय करें- रिक्ता तिथि,यम घंटक काल, भद्रा, राहु काल को त्याग कर शुभ तिथि, शुभ वार में यह प्रयोग करें. डेढ़ मीटर सफेद कपड़ा चौकी पर बिछा लें. पूर्व में मुंह करें तथा पांच खिले हुए साबुत गुलाब के फूल, लक्ष्मी या गायत्री मंत्र पढ़ते हुए एक-एक करके सफेद कपड़े पर रखते हुए तथा फिर हल्के हाथ से कपड़े को गुलाब के फूल सहित बांध लें. इस बंधे हुए कपड़े को गंगा या यमुना नदी में प्रवाहित कर आयें.ऐसा अपनी सुविधाकार सात बार करें. माता लक्ष्मी सहयोग देगी आपकी स्थिति में सुधार होगा तथा कर्ज से मुक्ति मिलेगी.

निरन्तर कर्ज घेरे रहते हैं

निरन्तर कर्ज घेरे रहते हैं सोमवार के दिन एक रूमाल, 5 गुलाब के फूल, 1 चांदी का पत्ता, थोड़े से चावल तथा थोड़ा सा गुड़ लें। फिर किसी विष्णुण्लक्ष्मी जी के मिन्दर में जा कर मूर्त्ति के सामने रूमाल रख कर शेष वस्तुओं को हाथ में लेकर 21 बार गायत्री मंत्र का पाठ करते हुए बारी-बारी इन वस्तुओं को उसमें डालते रहें। फिर इनको इकट्ठा कर के कहें की `मेरी परेशानियां दूर हो जाएं तथा मेरा कर्जा उतर जाए´। यह क्रिया आगामी 7 सोमवार और करें। कर्जा जल्दी उतर जाएगा तथा परेशानियां भी दूर हो जाएंगी।

कर्ज मुक्ति

 कर्ज मुक्ति व्यक्ति को ऋण मुक्त कराने में यह टोटका अवश्य सहायता करेगा : मंगलवार को शिव मन्दिर में जा कर शिवलिंग पर मसूर की दाल “ॐ ऋण मुक्तेश्वर महादेवाय नम:´´ मंत्र बोलते हुए चढ़ाएं।

ऋण मुक्ति के लिये

 ऋण मुक्ति के लिये आप अपने कारोबार में कर्जे से डूबे जा रहे है रात-दिन मेहनत करने के उपरांत भी कर्जा उतरने का नाम ही नहीं ले रहा है तो यह प्रयोग आपके लिये बहुत ही अनुकूल व फायदेमंद रहेगा। किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के प्रथमा के दिन नित्यक्रम से निवृत्त होकर स्नानोपंरात स्वच्छ वस्त्र धारण करें और अपने पूजा स्थान में यह पूजा प्रारंभ करें। 6 इंच लम्बी गूलर की पेड़ की जड़ ले उसके ऊपर 108 बार काले रंग का धागा ॐ गं गणपतये नम:मंत्र का जाप करते हुये लपेटे। भगवान गणेश जी से ऋण मुक्ति की प्रार्थना करें। 108 चक्र होने के बाद इस लकड़ी को स्वच्छ थाली में पीला वस्त्र बिछाकर रख दें। तत्पश्चात श्रद्धानुसार धूप,दीप, नैवद्य, पुष्प अर्पित करें। घी का दीपक प्रज्जवलित कर उसमें एक इलायची डाल दें। शुद्ध आसन बिछाकर अपने सामने हल्दी से रंगे हुये अक्षत रख लें। अपने हाथ में थोड़े से अक्षत लें ॐ गं गणपतये ऋण हरताये नम:मंत्र का जाप करके अक्षत गूलर की लकड़ी के ऊपर छोड़ दे। ऐसा 108 बार करें। अगले दिन यह प्रक्रिया पुन:दोहरायें। ऐसा नवमी तक पूजन करें। नवमी के दिन रात में सवा ग्यारह बजे पुन:एक बार पूजन करें। ऋण हरता गणपति...

ऋण से मुक्ति के लिए टोटके

 ऋण से मुक्ति के लिए टोटके आपको ऋण मुक्त करने में यह टोटका अवश्य सहायता करेगा : मंगलवार को शिव मन्दिर में जा कर शिवलिंग पर मसूर की दाल “ॐ ऋण मुक्तेश्वर महादेवाय नम:´´ मंत्र बोलते हुए चढ़ाएं।यह प्रयोग हर मंगलवार को करें।

कर्ज से छुटकारा पाने के लिये टोटका

 कर्ज से छुटकारा पाने के लिये टोटका पांच गुलाब के खिले हुये फूलों को गायत्री मन्त्र पढ़ते हुये डेढ़ मीटर सफ़ेद कपड़े में बाँध दीजिये और इसे नदी में प्रवाहित कर दीजिये | जल्दी ही आपको कर्ज से मुक्ति मिलेगी

ऋण मुक्ति हेतु 4

 शमशान के कुए का जल श्मशान में मौजूद कुएं से जल भरकर पीपल के वृक्ष पर चढ़ाना चाहिए। यह नियम लगातार 7 शनिवार को करें तो फायदा होगा।

ऋण मुक्ति के लिए 3

 ऋण मुक्ति के लिए ऋण मुक्ति के लिए उपाय सर्वप्रथम पांच गुलाब के फूल लाएं। ध्यान रहे कि उनकी पंखुड़ी टूटी हुई न हो। तत्पश्चात सवा मीटर सफेद कपड़ा, सामने रचो कर बिछाएं और गुलाब के वार फूलों को चारों कोनों पर बांध दें। फिर पांचवा गुलाब मध्य में डालकर गांठ लगा दें। इसे गंगा, यमुन और सरस्वती नदियों में प्रभावित करें। प्रभुकृपा से ऋण मुक्ति और घर में सुख समृध्दि की प्राप्ति होती है।

ऋण मुक्ति हेतु 2

 तेल और सिंदूर चढ़ाएं हनुमान मंदिर जाकर मंगलवार और शनिवार के रोज उनपर तेल और सिंदूर चढ़ाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें। फायदा होगा।

ऋण से छुटकारे हेतु

 ऋण से छुटकारे हेतु किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार के दिन गेहूं के सवा किलो आटा में सवा किलो गुड़ मिलाकर उसके गुलगुले या पूएं बनाएं। शाम के समय हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर घोलकर अभिषेक करने के उपरांत घी का दीपक जलाएं और वहीं बैठकर हनुमान चालीसा के 7 पाठ करें। तत्पश्चात हनुमान जी को इन गुलगुले और पूएं का भोग लगाएं और गरीब व जरूरतमंद व्यक्तियों को बांट दें। ऐसा 11 मंगलवार करें, ऋण से छुटकारा मिलेगा।

कर्ज मुक्ति के लिए 4

 सरसों का तेल मिट्टी के दीये में सरसों का तेल भरकर इस दिये पर ढक्कन लगा दें। इसे किसी शनिवार को नदी या तालाब के किनारे मिट्टी के नीचे गाड़ देने से फायदा होता है।

कर्ज मुक्ति के लिए 3

 दाल का दान कहते हैं लाल मसूर की दाल का दान करना भी कर्ज से मुक्ति दिलाता है।

कर्ज मुक्ति के लिए 2

 घी और शक्कर गाय को खिलाओ बुधवार के दिन मूंग (सवा पाव) उबालकर उसमें घी और शक्कर मिलाकर गाय को खिलाएं। इससे जल्द ही कर्ज से मुक्ति मिलती है।

कर्ज मुक्ति के लिए

 जल में प्रवाहित करे पांच ऐसे लाल गुलाब लें, जो पूरी तरह से खिले हुए हों। अब डेढ़ मीटर सफेद कपड़ा लेकर उसमें इन पांचों गुलाबों को गायत्री मंत्र पढ़ते हुए बांध दें। इसे जाकर बहते जल में प्रवाहित कर दें।

पति पत्नी में कलेश दूर करने के लिए

 पति पत्नी में कलेश दूर करने के लिए श्री गणेश जी और शक्ति की उपासना करे | सोते समय पूर्व की और सिरहाना होना चाहिए | चींटियों को शक्कर डालना चाहिए | भोजपत्र पर लाल कलम से पति का नाम लिख कर तथा ” हं हनुमंते नमः ” का 21 बार उच्चारण करे उसे शहद में अच्छी तरह से बंद कर के घर के किसी कोने में रख दे जहाँ पर किसी की दृष्टि न पढ़े |

सुखी दाम्पत्य जीवन के लिये

 सुखी दाम्पत्य जीवन के लिये (1)  यदि पति-पत्नी मे परस्पर तू-तु मै-मै एवं वाकयुद्व होता हो तो ऐसे जातक को बुधवार के दिन कुछ समय के लिये मौनवत करना चाहिये। (2)  पति-पत्नी मे विवाद हो तो दोनो को कांसे के बर्तन मे धी लेकर जिस स्थान पर अखण्ड ज्योति जलती हो उसमे डालना चाहिये।

पति-पत्नी में लड़ाई-झगड़ा

 पति-पत्नी में लड़ाई-झगड़ा कुछ लोग यह उपाय भी करते हैं। घर के इस क्लेश को दूर करने के लिए पत्नी अपने पति के तकिए के नीचे सिंदूर की पुड़िया रखे और पति पत्नी के तकिए के नीचे कपूर रखे। सुबह उठकर उस सिंदूर को घर से बाहर फेंक आएं और कपूर को जला दें।

सुखी रहने के कुछ नुस्खे

 सुखी रहने के कुछ नुस्खे ब्रहस्पतिवार या मंगलवार को सात गाँठ हल्दी तथा थोड़ा-सा गुड इसके साथ पीतल का एक टुकड़ा इन सबको मिलाकर पोटली में बांधें तथा ससुराल की दिशा में फेंक दें तो वहां हर प्रकार से शांति व सुख रहता है। कन्या अपनी ससुराल में रहते हुए यह करें। मेहँदी तथा साबुत उरद जिस दिशा में वधु का घर हो, उसी दिशा में फेंकने से वर-वधु में प्रेम बढ़ता है। किसी विशेष कार्य के लिए घर के निकलते समय एक साबुत नीबू लेकर गाय के गोबर में दबा दें तथा उसके ऊपर थोड़ा-सा कामिया सिन्दूर छिड़क दें तथा कार्य बोलकर चले जाएं तो कार्य निश्चित ही बन जाता है। सावन के महीने में जब पहली बरसात हो तो बहते पानी में विवाह करने से दुर्भाग्य दूर हो जाता है।

दाम्पत्य जीवन से झगड़े दूर काने के टोटके

दाम्पत्य जीवन से झगड़े दूर काने के टोटके अगर आपका दाम्पत्य जीवन अशांत है तो आप रात्री में शय न करते समय पत्नी अपने पलंग पर देशी कपूर तथा पति के पलंग पर कामिया सिन्दूर रखें. प्रातः सूर्यदे के समय पति देशी कपूर को जला दें और पत्नी सिन्दूर को भवन में छिटका दें। इस टोटके से कुछ ही दिनों में कलह समाप्त हो जाती है।

पति-पत्नी के रिश्तों में प्रेम के लिए

 पति-पत्नी के रिश्तों में प्रेम के लिए ज्योतिषशास्त्र में कुण्डली के सातवें घर को विवाह एवं वैवाहिक सुख का स्थान माना गया है। जिनकी कुण्डली में इस घर में राहु होता है उनके वैवाहिक जीवन में कठिनाई आने की संभावना रहती है। ऐसे व्यक्तियों को 40 दिनों तक बादाम या नारियल बहते पानी में प्रवाहित करना चाहिए। इससे पति-पत्नी के रिश्तों में प्रेम और तालमेल बना रहता है।

आपसी कलह दूर करने के लिए

आपसी कलह दूर करने के लिए न चाहते हुए भी आपसी कलह हो रहा हो तो लाल कपड़े में मसूर की दाल, रक्त चंदन एवं पांच छोटे नारियल ले लें और क्लेश मुक्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें। अब इस पोटली को गंगा में विसर्जित कर दें। ऐसा 11 मंगलवार तक करने से दाम्पत्य सुख में वृद्धि होने लगती है।

वैवाहिक सुख के लिए

 वैवाहिक सुख के लिए कन्या का विवाह हो जाने के बाद उसके घर से विदा होते समय एक लोटे में गंगाजल, थोड़ी सी हल्दी और एक पीला सिक्का डालकर उसके आगे फेंक दें, उसका वैवाहिक जीवन सुखी रहेगा।

अपने घर-गृहस्थी को बनाएं सुखी

 अपने घर-गृहस्थी को बनाएं सुखी अक्सर हम गृहस्थ जीवन में देखते हैं तो गृहस्थ का सामान टूट-फूट जाता है या सामान चोरी हो जाता है। जो भी आता है असमय ही ख़त्म हो जाता है। रसोई में बरकत नहीं रहती है तो ऐसी स्त्रियाँ भोजन बनाने के बाद शेष अग्नि को न बुझाएं और जब सब जलकर राख हो जाए तो राख को गोबर में मिलाकर रसोई को लीप दें। फर्श हो तो उस राख को पानी में घोलकर उसी पानी से फर्श डालें। यह क्रिया कई बार करें। घर-गृहस्थी का छोटा-मोटा सामान, गिलास, कटोरी, चम्मच आदि सदैव बने रहेंगे।

सुखी दांपत्या के टोटके

 सुखी दांपत्या के टोटके यदि कोई स्त्री रात्रि के समय एक चुटकी सिंदूर अपने पति के सिरहाने रख ले और प्रातः बिस्तर से उठने से पहले ही वह सिंदूर अपनी माँग में भर ले तो दाम्पत्या जीवन सुखी बना रहेगा| यदि पत्नी हमेशा अपने हाथ में पीली चूड़ी पहेंन के रखे तो दाम्पत्या जीवन सुखी रहेगा| यदि कोई स्त्री दान करना चाहे  तो दान की सामग्री में लाल सिंदूर के साथ इत्र की शीशी , चने की दाल तथा केसर अवश्य रखे| इससे पति की आयु में लंबी होती है| यदि विवाहिता प्रतिदिन दुर्गा चालीसा का पाठ करें तो उस स्त्री का परिवार खुशहाल व दाम्पत्या प्रेम अटूट ब्ना रहेगा| हब ब घर में कोई खाने पीने की वस्तु आए उसे पहले भगवान के च्रनो में अर्पित करे|गृहस्त जीवन खुशहाल बना रहेगा|

यदि आप अपना मकान, दुकान या कोई अन्य प्रापर्टी बेचना चाहते हैं और वो बिक न रही हो तो यह उपाय करें

यदि आप अपना मकान, दुकान या कोई अन्य प्रापर्टी बेचना चाहते हैं और वो बिक न रही हो तो यह उपाय करें बाजार से 86 (छियासी) साबुत बादाम (छिलके सहित) ले आईए ! सुबह नहा-धो कर, बिना कुछ खाये, दो बादाम लेकर मन्दिर जाईए ! दोनो बादाम मन्दिर में शिव-लिंग या शिव जी के आगे रख दीजिए ! हाथ जोड कर भगवान से प्रापर्टी को बेचने की प्रार्थना कीजिए और उन दो बादामों में से एक बादाम वापिस ले आईए ! उस बादाम को लाकर घर में कहीं अलग रख दीजिए ! ऐसा आपको 43 दिन तक लगातार करना है ! रोज़ दो बादाम लेजाकर एक वापिस लाना है ! 43 दिन के बाद जो बादाम आपने घर में इकट्ठा किए हैं उन्हें जल-प्रवाह (बहते जल, नदी आदि में) कर दें ! आपका मनोरथ अवश्य पूरा होगा ! यदि 43 दिन से पहले ही आपका सौदा हो जाय तो भी उपाय को अधूरा नही छोडना चाहिए ! पूरा उपाय करके 43 बादाम जल-प्रवाह करने चाहिए ! अन्यथा कार्य में रूकावट आ सकती है !

सुखी जीवन के लिये

सुखी जीवन के लिये मुख्यद्वार के पदे के नीचे कुछ धुधंरू बांध दे इसके संगीत से धर मे प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। प्रतिदिन सवेरे थोड़ा सा दुध और पानी मिलाकर धर मे पोछा लगाने से मानसिक षांति एवं सुख मिलेगा।

पति को वश में करने के लिए

 पति को वश में करने के लिए यह प्रयोग शुक्ल पक्ष में करना चाहिए ! एक पान का पत्ता लें ! उस पर चंदन और केसर का पाऊडर मिला कर रखें ! फिर दुर्गा माता जी की फोटो के सामने बैठ कर दुर्गा स्तुति में से चँडी स्त्रोत का पाठ 43 दिन तक करें ! पाठ करने के बाद चंदन और केसर जो पान के पत्ते पर रखा था, का तिलक अपने माथे पर लगायें ! और फिर तिलक लगा कर पति के सामने जांय ! यदि पति वहां पर न हों तो उनकी फोटो के सामने जांय ! पान का पता रोज़ नया लें जो कि साबुत हो कहीं से कटा फटा न हो ! रोज़ प्रयोग किए गए पान के पत्ते को अलग किसी स्थान पर रखें ! 43 दिन के बाद उन पान के पत्तों को जल प्रवाह कर दें ! शीघ्र समस्या का समाधान होगा !

अगर आपका प्रमोशन नहीं हो रहा तो

 अगर आपका प्रमोशन नहीं हो रहा तो १. गुरूवार को किसी मंदिर में पीली वस्तुये जैसे खाद्य पदार्थ, फल, कपडे इत्यादि का दान करें ! २. हर सुबह नंगे पैर घास पर चलें !

यदि आपको सही नौकरी मिलने में दिक्कत आ रही हो तो

यदि आपको सही नौकरी मिलने में दिक्कत आ रही हो तो १. कुएं में दूध डालें! उस कुएं में पानी होना चहिए ! २. काला कम्बल किसी गरीब को दान दें ! ३. 6 मुखी रूद्राक्ष की माला 108 मनकों वाली माला धारण करें जिसमें हर मनके के बाद चांदी के टुकडे पिरोये हों !

बनता काम बिगडता हो, लाभ न हो रहा हो या कोई भी परेशानी हो तो

बनता काम बिगडता हो, लाभ न हो रहा हो या कोई भी परेशानी हो तो हर मंगलवार को हनुमान जी के चरणों में बदाना (मीठी बूंदी) चढा कर उसी प्रशाद को मंदिर के बाहर गरीबों में बांट दें !

नौकर न टिके या परेशान करे तो

 नौकर न टिके या परेशान करे तो हर मंगलवार को बदाना (मीठी बूंदी) का प्रशाद लेकर मंदिर में चढा कर लडकियों में बांट दें ! ऐसा आप चार मंगलवार करें !

प्रेम विवाह में सफल होने के लिए

प्रेम विवाह में सफल होने के लिए यदि आपको प्रेम विवाह में अडचने आ रही हैं तो : शुक्ल पक्ष के गुरूवार से शुरू करके विष्णु और लक्ष्मी मां की मूर्ती या फोटो के आगे “ऊं लक्ष्मी नारायणाय नमः” मंत्र का रोज़ तीन माला जाप स्फटिक माला पर करें ! इसे शुक्ल पक्ष के गुरूवार से ही शुरू करें ! तीन महीने तक हर गुरूवार को मंदिर में प्रशाद चढांए और विवाह की सफलता के लिए प्रार्थना करें !

किसी रोग से ग्रसित होने पर

 किसी रोग से ग्रसित होने पर सोते समय अपना सिरहाना पूर्व की ओर रखें ! अपने सोने के कमरे में एक कटोरी में सेंधा नमक के कुछ टुकडे रखें ! सेहत ठीक रहेगी !

बच्चे के उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु के लिए

बच्चे के उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु के लिए १. एक काला रेशमी डोरा लें ! “ऊं नमोः भगवते वासुदेवाय नमः” का जाप करते हुए उस डोरे में थोडी थोडी दूरी पर सात गांठें लगायें ! उस डोरे को बच्चे के गले या कमर में बांध दें ! २. प्रत्येक मंगलवार को बच्चे के सिर पर से कच्चा दूध 11 बार वार कर किसी जंगली कुत्ते को शाम के समय पिला दें ! बच्चा दीर्घायु होगा !

मानसिक परेशानी दूर करने के लिए

 मानसिक परेशानी दूर करने के लिए रोज़ हनुमान जी का पूजन करे व हनुमान चालीसा का पाठ करें ! प्रत्येक शनिवार को शनि को तेल चढायें ! अपनी पहनी हुई एक जोडी चप्पल किसी गरीब को एक बार दान करें !

माईग्रेन या आधा सीसी का दर्द का उपाय

माईग्रेन या आधा सीसी का दर्द का उपाय सुबह सूरज उगने के समय एक गुड का डला लेकर किसी चौराहे पर जाकर दक्षिण की ओर मुंह करके खडे हो जांय ! गुड को अपने दांतों से दो हिस्सों में काट दीजिए ! गुड के दोनो हिस्सों को वहीं चौराहे पर फेंक दें और वापिस आ जांय ! यह उपाय किसी भी मंगलवार से शुरू करें तथा 5 मंगलवार लगातार करें ! लेकिन….लेकिन ध्यान रहे यह उपाय करते समय आप किसी से भी बात न करें और न ही कोई आपको पुकारे न ही आप से कोई बात करे ! अवश्य लाभ होगा !

यदि आप ब्लड प्रेशर या डिप्रेशन से परेशान हैं तो

यदि आप ब्लड प्रेशर या डिप्रेशन से परेशान हैं तो इतवार की रात को सोते समय अपने सिरहाने की तरफ 325 ग्राम दूध रख कर सोंए ! सोमवार को सुबह उठ कर सबसे पहले इस दूध को किसी कीकर या पीपल के पेड को अर्पित कर दें ! यह उपाय 5 इतवार तक लगातार करें ! लाभ होगा !

यदि आपको धन की परेशानी है, नौकरी मे दिक्कत आ रही है

यदि आपको धन की परेशानी है, नौकरी मे दिक्कत आ रही है किसी दुकान में जाकर किसी भी शुक्रवार को कोई भी एक स्टील का ताला खरीद लीजिए ! लेकिन ताला खरीदते वक्त न तो उस ताले को आप खुद खोलें और न ही दुकानदार को खोलने दें ताले को जांचने के लिए भी न खोलें ! उसी तरह से डिब्बी में बन्द का बन्द ताला दुकान से खरीद लें ! इस ताले को आप शुक्रवार की रात अपने सोने के कमरे में रख दें ! शनिवार सुबह उठकर नहा-धो कर ताले को बिना खोले किसी मन्दिर, गुरुद्वारे या किसी भी धार्मिक स्थान पर रख दें ! जब भी कोई उस ताले को खोलेगा आपकी किस्मत का ताला खुल जायगा !

लाल किताब का इतिहास

 लाल किताब का इतिहास कहा जाता है कि लंकाधिपति रावण ने सूर्य के सारथी अरुण से यह विद्या प्राप्त की थी। रावण की दुनिया समाप्त होने के बाद यह ग्रंथ किसी प्रकार ‘आद’ नामक स्थान पर पहुंच गया, जहां इसका अनुवाद अरबी और फारसी भाषा में किया गया। आज भी यह मान्यता है कि यह पुस्तक फारसी भाषा में उपलब्ध है। यह ग्रंथ आजकल पाकिस्तान के पुस्तकालय में सुरक्षित है और उर्दू भाषा में है। परन्तु इस अरुण संहिता या लाल किताब का कुछ अंश गायब है। एक मान्यता के अनुसार एक बार लाहौर में जमीन खोदने का कार्य चल रहा था, उसमें से तांबे की पट्टिकाएं मिलीं जिनपर उर्दू एवं अरबी भाषा में लाल किताब लिखी मिली। सन 1936 में अरबी भाषा में लाहौर में प्रकाशित की गई और यह प्रसिद्ध हो गई। भारत में पंजाब प्रांत के ग्राम फरवाला (जिला जालंधर) के निवासी पंडित रूप चंद जोशी जी ने 1939 से 1952 के बीच में इसके पाँच खण्डों की रचना की। 1. लाल किताब के फरमान -- सन 1939 में प्रकाशित 2. लाल किताब के अरमान -- सन 1940 में प्रकाशित 3. लाल किताब (गुटका) -- सन 1941 में प्रकाशित 4. लाल किताब -- सन 1942 में प्रकाशित 5 लाल किताब -- सन 1952 में प्...

लगातार बुखार आने पर

 लगातार बुखार आने पर १. यदि किसी को लगातार बुखार आ रहा हो और कोई भी दवा असर न कर रही हो तो आक की जड लेकर उसे किसी कपडे में कस कर बांध लें ! फिर उस कपडे को रोगी के कान से बांध दें ! बुखार उतर जायगा ! २. इतवार या गुरूवार को चीनी, दूध, चावल और पेठा (कद्दू-पेठा, सब्जी बनाने वाला) अपनी इच्छा अनुसार लें और उसको रोगी के सिर पर से वार कर किसी भी धार्मिक स्थान पर, जहां पर लंगर बनता हो, दान कर दें ! ३. यदि किसी को टायफाईड हो गया हो तो उसे प्रतिदिन एक नारियल पानी पिलायें ! कुछ ही दिनों में आराम हो जायगा !

व्यापार बढाने के लिए

 व्यापार बढाने के लिए 1। शुक्ल पक्ष में किसी भी दिन अपनी फैक्ट्री या दुकान के दरवाजे के दोनों तरफ बाहर की ओर थोडा सा गेहूं का आटा रख दें! ध्यान रहे ऐसा करते हुए आपको कोई देखे नही! 2। पूजा घर में अभिमंत्रित श्र्री यंत्र रखें! 3। शुक्र्वार की रात को सवा किलो काले चने भिगो दें! दूसरे दिन शनिवार को उन्हें सरसों के तेल में बना लें! उसके तीन हिस्से कर लें! उसमें से एक हिस्सा घोडे या भैंसे को खिला दें! दूसरा हिस्सा कुष्ठ रोगी को दे दें और तीसरा हिस्सा अपने सिर से घडी की सूई से उल्टे तरफ तीन बार वार कर किसी चौराहे पर रख दें! यह प्रयोग 40 दिन तक करें! कारोबार में लाभ होगा!

कुंवारी कन्या के विवाह हेतु

 कुंवारी कन्या के विवाह हेतु 1। यदि कन्या की शादी में कोई रूकावट आ रही हो तो पूजा वाले 5 नारियल लें! भगवान शिव की मूर्ती या फोटो के आगे रख कर "ऊं श्रीं वर प्रदाय श्री नामः" मंत्र का पांच माला जाप करें फिर वो पांचों नारियल शिव जी के मंदिर में चढा दें! विवाह की बाधायें अपने आप दूर होती जांयगी! 2। प्रत्येक सोमवार को कन्या सुबह नहा-धोकर शिवलिंग पर "ऊं सोमेश्वराय नमः" का जाप करते हुए दूध मिले जल को चढाये और वहीं मंदिर में बैठ कर रूद्राक्ष की माला से इसी मंत्र का एक माला जप करे! विवाह की सम्भावना शीघ्र बनती नज़र आयेगी

धन के ठहराव के लिए

 धन के ठहराव के लिए आप जो भी धन मेहनत से कमाते हैं उससे ज्यादा खर्च हो रहा हो अर्थात घर में धन का ठहराव न हो तो ध्यान रखें को आपके घर में कोई नल लीक न करता हो ! अर्थात पानी टप–टप टपकता न हो ! और आग पर रखा दूध या चाय उबलनी नहीं चाहिये ! वरना आमदनी से ज्यादा खर्च होने की सम्भावना रह्ती है !

मुकदमें में विजय पाने के लिए

 मुकदमें में विजय पाने के लिए यदि आपका किसी के साथ मुकदमा चल रहा हो और आप उसमें विजय पाना चाहते हैं तो थोडे से चावल लेकर कोर्ट/कचहरी में जांय और उन चावलों को कचहरी में कहीं पर फेंक दें ! जिस कमरे में आपका मुकदमा चल रहा हो उसके बाहर फेंकें तो ज्यादा अच्छा है ! परंतु याद रहे आपको चावल ले जाते या कोर्ट में फेंकते समय कोई देखे नहीं वरना लाभ नहीं होगा ! यह उपाय आपको बिना किसी को पता लगे करना होगा !

कारोबार में नुकसान हो रहा हो या कार्यक्षेत्र में झगडा हो रहा हो तो

कारोबार में नुकसान हो रहा हो या कार्यक्षेत्र में झगडा हो रहा हो तो यदि उपरोक्त स्थिति का सामना हो तो आप अपने वज़न के बराबर कच्चा कोयला लेकर जल प्रवाह कर दें ! अवश्य लाभ होगा !

नौकरी जाने का खतरा हो या ट्रांसफर रूकवाने के लिए

नौकरी जाने का खतरा हो या ट्रांसफर रूकवाने के लिए पांच ग्राम डली वाला सुरमा लें ! उसे किसी वीरान जगह पर गाड दें ! ख्याल रहे कि जिस औजार से आपने जमीन खोदी है उस औजार को वापिस न लायें ! उसे वहीं फेंक दें दूसरी बात जो ध्यान रखने वाली है वो यह है कि सुरमा डली वाला हो और एक ही डली लगभग 5 ग्राम की हो ! एक से ज्यादा डलियां नहीं होनी चाहिए !

घर और कार्यस्थल में धन वर्षा के लिए

घर और कार्यस्थल में धन वर्षा के लिए इसके लिए आप अपने घर, दुकान या शोरूम में एक अलंकारिक फव्वारा रखें! या एक मछलीघर जिसमें 8 सुनहरी व एक काली मछ्ली हो रखें! इसको उत्तर या उत्तरपूर्व की ओर रखें! यदि कोई मछ्ली मर जाय तो उसको निकाल कर नई मछ्ली लाकर उसमें डाल दें!

आर्थिक समस्या के छुटकारे के लिए

 आर्थिक समस्या के छुटकारे के लिए यदि आप हमेशा आर्थिक समस्या से परेशान हैं तो इसके लिए 21 शुक्रवार 9 आप वर्ष से कम आयु की 5 कन्यायों को खीर व मिश्री का प्रसाद बांटें!

लाल किताब की विशेषताएं

 लाल किताब की विशेषताएं ‘लाल किताब’ ज्योतिर्विद्या की एक स्वतन्त्र और मौलिक सिद्धान्तों पर आधारित एक अनोखी पुस्तक है। इसकी कुछ अपनी निजी विशेषताएँ हैं, जो अन्य सैद्धान्तिक अथवा प्रायोगिक फलित ज्योतिष-ग्रन्थों से हटकर हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता ग्रहों के दुष्प्रभावों से बचने के लिए जातक को ‘टोटकों’ का सहारा लेने का संदेश देना है। ये टोटके इतने सरल हैं कि कोई भी जातक इनका सुविधापूर्वक सहारा लेकर अपना कल्याण कर सकता है। काला कुत्ता पालना, कौओं को खिलाना, क्वाँरी कन्याओं से आशीर्वाद लेना, किसी वृक्ष विशेष को जलार्पण करना, कुछ अन्न या सिक्के पानी में बहाना, चोटी रखना, सिर ढँक कर रखना इत्यादि। ऐसे कुछ टोटकों के नमूने हैं, जिनके अवलम्बन से जातक ग्रहों के अनिष्टकारी प्रभावों से अनायास की बचा जाता है। कीमती ग्रह रत्नों (मूंगा, मोती, पुखराज, नीलम, हीरा आदि। में हजारों रुपयों का खर्च करने के बजाय जातक इन टोटकों के सहारे बिना किसी खर्च के (मुफ्त में) या अत्यल्प खर्च द्वारा ग्रहों के दुष्प्रभावों से अपनी रक्षा कर सकता है। ‘लाल किताब’ में धर्माचरण और सदाचरण के बल पर ग्रह दोष निवारण का झण्डा ऊँच...

फंसा हुआ धन वापिस लेने के लिए

फंसा हुआ धन वापिस लेने के लिए यदि आपकी रकम कहीं फंस गई है और पैसे वापिस नहीं मिल रहे तो आप रोज़ सुबह नहाने के पश्चात सूरज को जल अर्पण करें ! उस जल में 11 बीज लाल मिर्च के डाल दें तथा सूर्य भगवान से पैसे वापिसी की प्रार्थना करें ! इसके साथ ही “ओम आदित्याय नमः “ का जाप करें ! नोट : 1. लाल किताब के सभी उपाय दिन में ही करने चाहिए ! अर्थात सूरज उगने के बाद व सूरज डूबने से पहले ! 2. सच्चाई व शुद्ध भोजन पर विशेष ध्यान देना चाहिए ! 3. किसी भी उपाय के बीच मांस, मदिरा, झूठे वचन, परस्त्री गमन की विशेष मनाही है ! 4. सभी उपाय पूरे विश्वास व श्रद्धा से करें, लाभ अवश्य होगा ! 5. एक दिन में एक ही उपाय करना चाहिए ! यदि एक से ज्यादा उपाय करने हों तो छोटा उपाय पहले करें ! एक उपाय के दौरान दूसरे उपाय का कोई सामान भी घर में न रखें ! 6. जो भी उपाय शुरू करें तो उसे पूरा अवश्य करें ! अधूरा न छोडें !

परेशानी से मुक्ति के लिए

 परेशानी से मुक्ति के लिए आज कल हर आदमी किसी न किसी कारण से परेशान है! कारण कोई भी हो आप एक तांबे के पात्र में जल भर कर उसमें थोडा सा लाल चंदन मिला दें! उस पात्र को सिरहाने रख कर रात को सो जांय! प्रातः उस जल को तुलसी के पौधे पर चढा दें! धीरे-धीरे परेशानी दूर होगी!

शीघ्र विवाह एवं दांपत्य सुख के लिए टोटके

शीघ्र विवाह एवं दांपत्य सुख के लिए टोटके सीता राम की तस्वीर या मूर्ति के सामने रामचरित मानस की निम्न चैपाई की प्रतिदिन एक तुलसी माला जाप 41 दिनों तक करनी चाहिये। ‘‘सुनिसिय सत्य असीस हमारी। पूजहिं मन कामना तिहारी।। पुष्य नक्षत्र में प्रारंभ करते हुये प्रतिदिन प्रातः या सायं तुलसी पौधे के पास शुद्ध घी का दीपक प्रज्ज्वलित कर लगातार 41 दिनों तक निम्न मंत्र का एक तुलसी माला जप करें। ‘‘तब जनक पाय वशिष्ठ आयसु ब्याह साजी संवारी के। मांडवी श्रुति की रति उर्मिला कुंआरी लई हंकारि के।।’’ प्रतिदिन या प्रत्येक मंगलवार को प्रातः उठते ही कन्या काले कीडे़-मकोड़ां को चीनी, तिल एवं चावल मिलाकर नियमित खिलायें। क्रम टूटना नहीं चाहिये। प्रतिदिन गाय को हरा पालक या चारा खिलायें। कच्चा दूध व जल मिलाकर प्रतिदिन : ऊँ’’ नमः शिवाय’’ का जाप करते हुये शिवलिंग पर चढ़ायें। - मंदिर के प्रांगण में अनार का पेड़ लगाकर प्रतिदिन इसे जल से सींचें। सेवा कर बड़ा करें। किसी आदमी की शादी में परेशानी हो तो उसे शुक्ल पक्ष के प्रत्येक गुरुवार को पानी में एक चुटकी हल्दी पाउडर मिलाकर नहाना चाहिये तथा साथ ही ‘‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’’ का ...

श्रेष्ठ वर की प्राप्ति हेतु टोटके

 श्रेष्ठ वर की प्राप्ति हेतु टोटके लड़की के माता-पिता आदि कन्या के विवाह के लिये सुयोग्य वर की प्राप्ति के निमित्त प्रयासरत रहते हैं और कभी-कभी अनेक प्रयास करने पर भी वर की तलाश नहीं कर पाते। यदि किसी कन्या के विवाह में किसी भी कारण से अनावश्यक विलंब हो रहा हो, बाधायें आ रही हों तो कन्या को स्वयम् 21 दिनों तक निम्न मंत्र का प्रतिदिन 108 बार पाठ करना चाहिये और पाठ के उपरांत इसी मंत्र के अंत में ''स्वाहा'' शब्द लगाकर 11 आहुतियां (शुद्ध घी, शक्कर मिश्रित धूप से) देना चाहिये। यह दशांश हवन कहलाता है। 108 बार पाठ का दसवां हिस्सा यानि 10.8 = 11 (ग्यारह) आहुतियां भी प्रतिदिन देना है, इक्कीस दिनों तक। सिर्फ स्थान, समय और आसन निश्चित होना चाहिये। इसका अर्थ यह है कि यदि कोई कन्या प्रथम दिन प्रातः काल 9.00 बजे पाठ करती है तो 21 दिनों तक उसे प्रतिदिन 9.00 बजे ही पाठ आरंभ करना

मांगलिक योग का टोटका

 मांगलिक योग का टोटका अगर किसी का विवाह कुण्डली के मांगलिक योग के कारण नहीं हो पा रहा है, तो ऎसे व्यक्ति को मंगल वार के दिन चण्डिका स्तोत्र का पाठ मंगलवार के दिन तथा शनिवार के दिन सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए. इससे भी विवाह के मार्ग की बाधाओं में कमी होती है.

वैवाहिक सुख के लिए

 वैवाहिक सुख के लिए कन्या का विवाह हो जाने के बाद उसके घर से विदा होते समय एक लोटे में गंगाजल, थोड़ी सी हल्दी और एक पीला सिक्का डालकर उसके आगे फेंक दें, उसका वैवाहिक जीवन सुखी रहेगा।

शादी विवाह में विघ्न न पडने देने के लिये टोटका

शादी विवाह में विघ्न न पडने देने के लिये टोटका शादी वाले दिन से एक दिन पहले एक ईंट के ऊपर कोयले से "बाधायें" लिखकर ईंट को उल्टा करके किसी सुरक्षित स्थान पर रख दीजिये,और शादी के बाद उस ईंट को उठाकर किसी पानी वाले स्थान पर डाल कर ऊपर से कुछ खाने का सामान डाल दीजिये,शादी विवाह के समय में बाधायें नहीं आयेंगी।

खोए हुए प्यार को फिर से पाने के टोटके

खोए हुए प्यार को फिर से पाने के टोटके जीवन में कई बार ऐसा लगने लगता है कि आपके साथी की रूचि प्यार में और आप में कम हो गई है। ऐसे समय में निराश होने की बजाय कुछ सामान्य टोटके भी आजमा सकते हैं। यह ऐसे टोटके हैं जिन्हें प्राचीन काल से आजमाया जाता रहा है। केला में गोरोचन मिलाकर लेप बनाएं। इस लेप को सिर पर लगाएं। माना जाता है कि ऐसा करने से व्यक्ति में आकर्षण शक्ति आ जाती है। नारियल, धतूरे के बीज, कपूर को पीस लें। इसमें शहद मिलाएं। नियमित इसका तिलक करने से जिसे आप प्यार करते हैं वह आपको छोड़कर नहीं जाता है। पति की रूचि पत्नी में कम हो गयी हो तो दोनों साथ भोजन करें और भोजन के समय चुपके से पत्नी पति के खाने में अपनी थाली से थोड़ा भोजन रख दे। इससे पति फिर से पत्नी में रूचि लेने लगता है।

प्रेम विवाह में सफल होने के लिए

 प्रेम विवाह में सफल होने के लिए शुक्ल पक्ष के गुरूवार से शुरू करके विष्णु और लक्ष्मी मां की मूर्ती या फोटो के आगे “ऊं लक्ष्मी नारायणाय नमः” मंत्र का रोज़ तीन माला जाप स्फटिक माला पर करें ! इसे शुक्ल पक्ष के गुरूवार से ही शुरू करें ! तीन महीने तक हर गुरूवार को मंदिर में प्रशाद चढांए और विवाह की सफलता के लिए प्रार्थना करें !

कन्या के विवाह हेतु

 कन्या के विवाह हेतु यदि कन्या की शादी में कोई रूकावट आ रही हो तो पूजा वाले 5 नारियल लें ! भगवान शिव की मूर्ती या फोटो के आगे रख कर “ऊं श्रीं वर प्रदाय श्री नामः” मंत्र का पांच माला जाप करें फिर वो पांचों नारियल शिव जी के मंदिर में चढा दें ! विवाह की बाधायें अपने आप दूर होती जांयगी !

मनपसंद लड़की से विवाह

 मनपसंद लड़की से विवाह मनपसंद लड़की से विवाह के लिए ठोस चांदी की चार छोटी गोलियां शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार को सफेद कपड़े में लपेट कर हमेशा अपने पास रखें। एक कप कच्चा दूध चीनी मिलाकर प्रतिदिन जामुन के वृक्ष की जड़ में डालें।

लड़की की शादी में रुकावट आने पर टोटके

लड़की की शादी में रुकावट आने पर टोटके गुरुवार को विष्णु-लक्ष्मी जी के मंदिर में जा कर विष्णु जी को कलगी (जो सेहरे के ऊपर लगी होती है) चढ़ाएं। साथ में बेसन के पांच लड्डू चढ़ाएं। शादी जल्दी हो जाएगी। किसी भी कारण से, योग्य वर नहीं मिल पा रहा हो, तो कन्या किसी भी गुरुवार को प्रातः नहा-धो कर पीले रंग के वस्त्र पहने। फिर बेसन के लड्डू स्वयं बनाए। लड्डुओं का आकार कुछ भी हो, परंतु उनकी गिनती 108 होनी चाहिए। फिर पीले रंग के प्लास्टिक की टोकरी में, पीले रंग का कपड़ा बिछा कर उन 108 लड्डुओं को उसमें रख दे तथा अपनी श्रद्धानुसार कुछ दक्षिणा रख दे। पास के किसी शिव मंदिर में जा कर, विवाह हेतु गुरु ग्रह की शांति और अनुकूलता के लिए संकल्प करके, सारा सामान किसी ब्राह्मण को दे दे। शिव-पार्वती से प्रार्थना कर अपने घर आ जाए।

विवाह बाधा के टोटके

 विवाह बाधा के टोटके - बाधा मुक्ति यंत्र की स्थ¬ापना एवं रोज सुबह पूजा करें। - शनि ग्रह के कारण विवाह में बाधा आ रही हो तो लड़के या लड़की को सातमुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। - शनि ग्रह की वस्तुएं दान करनी चाहिए। - शनि यंत्र पर शनिवार से शुरू करके रोज शनि के मंत्र का जप करना चाहिए।

व्यवसायिक समस्याओं का निवारण हेतु

व्यवसायिक समस्याओं का निवारण हेतु कठिन परिश्रम व मेहनत करने के उपरांत लाभ की प्राप्ति नहीं हो रही हो तो प्रत्येक गुरुवार के दिन शुभ घड़ी में पीले कपड़े में 9 जोड़े चने की दाल, 9 पीले गोपी चंदन की डलियां, 9 गोमती चक्र इन सबको पोटली बनाकर किसी भी मंदिर में केले के पेड़ के ऊपर शाम के समय टांग दें। साथ ही एक घी का दीपक भी प्रज्ज्वलित कर लें। ऐसा 11 गुरुवार करने से धन की प्राप्ति होगी और व्यवसायिक समस्याओं का निवारण भी होगा।

व्यवसाय में बाधाएं

 व्यवसाय में बाधाएं यदि आपके व्यवसाय में बाधाएं चल रही हों तो आपको अपने कार्यस्थल पर पीले रंग की वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए तथा पूजाघर में हल्दी की माला लटकानी चाहिए। भगवान लक्ष्मी-नारायण के मंदिर में लड्डू का भोग लगाना चाहिए।

कारोबारी समस्या निवारण हेतु

 कारोबारी समस्या निवारण हेतु कारोबार में समस्या आ रही हो, व्यवसाय चल नहीं रहा हो और कर्ज से परेशान हो रहे हो तो इस प्रयोग को करके देखें। यह प्रयोग किसी भी महीने शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरुवार के दिन शुरू करें और नियमित 186 दिन करें। हर रोज स्नानोपरांत पीपल, बरगद या तुलसी के पेड़ के नीचे चौमुखा देसी घी का दीपक जलाएं। और शुद्ध कंबल का आसन बिछाकर एक पाठ विष्णु सहस्रनाम का करें तथा 11 माला ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र की जाप करें। मां लक्ष्मी की कृपा होगी और कारोबारी समस्या का निवारण हो जाएगा।

धन वृद्धि हेतु

 धन वृद्धि हेतु किसी भी गुरु पुष्य नक्षत्र के दिन प्रात:काल नित्यकर्म से निवृत होकर स्नानोपरांत शंख पुष्पी की जड़ अपने घर में लेकर आएं इस जड़ को गंगाजल से पवित्र कर दें। पवित्र करने के उपरांत चांदी की डिब्बी में पीले चावल भरकर उसके ऊपर रख दें। श्रद्धानुसार धूप, दीप, नेवैद्य, पुष्प, अक्षत अर्पित कर पंचोपचार पूजन करें। उसके बाद इस डिब्बी को अपनी तिजोरी में रख दें। धन में वृद्धि और कारोबारमें लाभ होगा। हर गुरु पुष्य के दिन शंख पुष्पी की जड़ व चांदी की डिब्बी बदल दें। पहले वाली बहते पानी में प्रवाह कर दें।

धन का न रूकना

 धन का न रूकना किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के प्रथम बुधवार के दिन 1 तांबे का सिक्का, 6 लाल गुंजा लाल कपड़े में बांधकर प्रात: 11 बजे से लेकर 1 बजे के बीच में किसी सुनसान जगह में अपने ऊपर से 11 बार उसार कर 11 इंच गहरा गङ्ढा खोदकर उसमें दबा दें। ऐसा 11 बुधवार करें। दबाने वाली जगह हमेशा नई होनी चाहिए। इस प्रयोग से कारोबार में बरकत होगी, घर में धन रूकेगा।

कारोबार में अनावश्यक परेशानी हेतु

 कारोबार में अनावश्यक परेशानी हेतु अगर कारोबार में अनावश्यक परेशानी आ रही हो, लाभ मार्ग अवरोध हो रहा हो तो हर रोज शाम को गोधूलि वेला में यानि साढ़े पांच से छ: बजे के बीच में अपने पूजा स्थान में श्री महालक्ष्मी की तस्वीर स्थापित करके या तुलसी के पौधे के सामने में गो घृत का दीपक जलाएं। दीपक प्रज्ज्वलित करने के बाद उसक अंदर अपने इष्ट देव का ध्यान करते हुए एक इलायची डाल दें। ऐसा नियमित 186 दिन करने से व्यापार में लाभ होगा। दीपक और इलायची हमेशा नया प्रयोग में लाएं।

सोचा काम बनाने के लिए

 सोचा काम बनाने के लिए संपूर्ण प्रयासो के बावजूद भी सोचा हुआ काम पूरा नहीं होता हो तो मंगलवार के दिन यह उपाय प्रारंभ करें। और लगातार 21 मंगलवार करें। हर मंगलवार को नित्यकर्म से निवृत होकर स्नानोपरांत जटा वाले नारियल के ऊपर सवा मीटर लाल कपड़ा लपेटकर 21 बार कलावा लपेट लें। तत्पश्चात लाल कपड़े के ऊपर 21 कुंकुम की बिंदी लगा लें। नारियल को अपने ऊपर से 21 बार उसार कर के अपने पूजाा स्थान में रख दें। वहीं बैठकर एक पाठ सुंदरकांड का पाठ करें। तपश्चात अपनी मनोकामना का ध्यान करते हुए इस नारियल को बहते पानी व तालाब में प्रवाह कर दें।

कारोबारी सफलता के लिए

 कारोबारी सफलता के लिए कारोबारी सफलता के लिए प्रत्येक अमावस्या के दिन अपने पूरे घर की सुंदर सफाई करें। तत्पश्चात परिवार के सभी सदस्य नहा धोकर शुद्ध वस्त्र धारण करके एक जगह एकत्रित होकर अपने बीच में चौकी रखकर उस पर लाल वस्त्र बिछा दें। वस्त्र के ऊपर 11 मुट्ठी मसूर की दाने रखकर उसके ऊपर एक चौमुखा दीपक प्रज्ज्वलित कर रख दें। तत्पश्चात घर के सभी सदस्य सुंदर काण्ड का पाठ करें। संपूर्ण कष्टों से छुटकारा मिलेगा।

व्यवसायिक परेशानी का निवारण

 व्यवसायिक परेशानी का निवारण दीवाली के दिन नित्यकर्म से निवृत होकर स्नानोपरांत अपने पूजा स्थान में लक्ष्मी बीसा यंत्र एवं कुबेर यंत्र की श्रद्धापर्वूक स्थापना करने के उपरांत धूप, दीप, नैवेद्य, पुष्प और अक्षत से पंचोपचार पूजन करें। तत्पश्चात शुद्ध आसन बिछाकर स्फटिक की माला पर 11 माला इस ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन धान्यादि पताये धन धान्य समृद्धि में देही दापय दापय स्वाहा मंत्र की जाप करें। संपूर्ण व्यावसायिक परेशानियों का निवारण होगा। हर रोज इस मंत्र की सुबह-शाम एक माला जाप करने से अवश्य धन में वृद्धि होगी।

ऋण मुक्ति और धन वापसी के उपाय

 ऋण मुक्ति और धन वापसी के उपाय किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के मंगलवार के दिन प्रदोष काल में यह पूजा प्रारंभ करें। किसी भी प्राण प्रतिष्ठित शिव मंदिर में जाकर श्रद्धापूर्वक शिव की उपासना करें। शिव पूजन के उपरांत अपने सामने दो दोने रख दें। एक दोने में यानी बायें हाथ वाले दोनें में 108 बिल्वपत्र पीले चंदन से प्रत्येक बिल्व पत्र में ॐ नम:शिवाय लिखकर रख दें। तत्पश्चात शुद्ध आसन बिछाकर एक बिल्वपत्र अपने दाहिनी हाथ में लें और इस ॐ ऋणमुक्तेश्वर महादेवाय नम:। मंत्र का जाप करें। और दाहिने हाथ वाले दोने में बिल्व पत्र को रख दें। ऐसा 108 बार करें। जाप पूरा होने के उपरांत एक पाठ ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का करें। साथ ही सर्वारिष्ट शान्त्यर्थ शनि स्तोत्र का पांच पाठ भी करें। ऐसा नियमित 40 दिन तक पूजा करने से ऋण से छुटकारा मिल जाएगा।

कारोबारी, पारिवारिक, कानूनी परेशानियों से छुटकारा दिलाने वाला अमोध प्रयोग

कारोबारी, पारिवारिक, कानूनी परेशानियों से छुटकारा दिलाने वाला अमोध प्रयोग आप अपना काम कर रहे हो कठिन परिश्रम के बावजूद भी लोग आपका हक मार देते हैं। अनावश्यक कार्य अवरोध उत्पन्न करते हों। आपकी गलती न होने के बावजूद भी आपको हानि पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा हो तो यह प्रयोग आपके लिए बहुत ही लाभदायक सिध्द होगा। रात्रि में 10 बजे से 12 बजे के बीज में यह उपाय करना बहुत ही शुभ रहेगा। एक चौकी के ऊपर लाल कपड़ा बिछा कर उसके ऊपर 11 जटा वाले नारियल। प्रत्येक नारियल के ऊपर लाल कपड़ा लपेट कर कलावा बांध दें। इन सभी नारियल को चौकी के ऊपर रख दें। घी का दीपक जला करके धूप-दीप नेवैद्य पुष्प और अक्षत अर्पित कर। नारियल के ऊपर कुमकुम से स्वस्तिक बनाए और उन प्रत्येक स्वस्तिक के ऊपर पांच-पांच लौंग रखें और एक सुपारी रखें। माँ भगवती का ध्यान करें। माँ को प्रार्थना करें कष्टों की मुक्ति के लिए। कम्बल का आसन बिछा कर ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे ॐ शैलपुत्री देव्यै नम:11 माला करें, तत्पश्चात नारियल सहित समस्त सामग्री को सफेद कपड़े में बांध कर अपने ऊपर से 11 बार वार कर सोने वाले पलंग के नीचे रख दें। सुबह ब्रह्म मर्...

कार्य में बार-बार आने वाली समस्या

 कार्य में बार-बार आने वाली समस्या यदि आपको अपने कार्य में अनावश्यक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार कार्य में रूकावट आ रही हो तो आप अपने घर में शनिवार के दिन तुलसी का पौधा लगाएं और हर रोज सुबह-शाम घी का दीपक जलाने से कार्य में बार-बार आने वाली समस्या का निवारण बड़ी सरलता से हो जाएगा।

नया कारोबार करने से पहले

नया कारोबार करने से पहले नया कारोबार, नई दुकान या कोई भी नया कार्य करने से पूर्व मिट्टी के पांच पात्र लें जिसमें सवाकिलो सामान आ जाएं। प्रत्येक पात्र में सवा किलो सफेद तिल, सवा किलो पीली सरसों, सवा किलो उड़द, सवा किलो जौ, सवा किलो साबुत मूंग भर दें। मिट्टी के ढक्कन से ढंक कर सभी पात्र को लाल कपड़े से मुंह बांध दें और अपने व्यवसायकि स्थल पर इन पांचों कलश को रख दें। वर्ष भर यह कलश अपनी दुकान में रखें ग्राहकों का आगमन बड़ी सरलता से बढ़ेगा और कारोबारी समस्या का निवारण भी होगा। एक वर्ष के बाद इन संपूर्ण पात्रों को अपने ऊपर से 11 बार उसार कर बहते पानी में प्रवाह कर दें। और नये पात्र भरकर रख दें।

कारोबार में वृद्धि हेतु

कारोबार में वृद्धि हेतु हर रोज प्रात:काल नित्यकर्म से निवृत्त होकर स्नानोपरांत तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़ी सी रोली डालकर ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नम:॥ मंत्र का जाप करते हुए तुलसी के पौधे में जल चढ़ाएं। शाम को गाय के शुद्ध देसी घी का दीपक जलांए और इसी मंत्र की पांच माला जाप करें।

बिक्री बढ़ाने के अचूक रामबाण टोटके

बिक्री बढ़ाने के अचूक रामबाण टोटके जिन उद्योगपतियों या व्यापारियों को काफी प्रयास और अथक परिश्रम करने के बावजूद बिक्री में वृध्दि नहीं हो पा रहा हो तो यह उपाय शुक्ल पक्ष में गुरुवार से प्रारम्भ करें और प्रत्येक गुरुवार को इस क्रिया को दोहराते रहें। घर के मुख्य द्वार के एक कोने को गंगाजल से शुध्द कर लें या धो लें। शुध्द किए गए स्थान पर स्वस्तिक का चिह्न बनाएं और उस पर थोड़ा दाल और गुड़ रख दें। साथ ही एक घी का दीपक जला दें। ध्यान रहे कि स्वस्तिक का चिह्न हल्दी से ही बनाएं। स्वास्तिक बनाने के बाद उसको बार-बार नहीं देखना चाहिए। यह उपाय बहुत ही सरल है और इसका प्रभाव शीघ्र ही परिलक्षित होने लगता है।

घाटा दूर करने का उपाय

घाटा दूर करने का उपाय व्यापार में घाटा हो रहा हो या काम नहीं चल पा रहा हो, तो आप एक चुटकी आटा लेकर रविवार के दिन व्यापार स्थल या अपनी दुकान के मुख्य द्वार के दोनों ओर थोड़ा-थोड़ा छिड़क दें, साथ में कहें- जिसकी नजर लगी है उसको लग जाये। बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला। यह क्रिया शुक्ल पक्ष में ही करें। संभव हो तो प्रयत्न करें कि इस क्रिया को करते हुए आपको कोई न देखे। गुप्त रूप से यह क्रिया करने पर व्यापार का घाटा दूर होने लगता है। इसके अलावा व्यापार स्थल में मकडिय़ों के जाले व्यापार की वृद्घि को रोकते हैं। अत: व्यापार में बरकत के लिए प्रत्येक शनिवार को दुकान की सफाई आदि करते समय मकड़ी के जालों को अवश्य हटा देना चाहिए।

छोटे बच्चों को नजर लगने पर

छोटे बच्चों को नजर लगने पर अगर आप चाहते हैं की छोटे बच्चों को नजर न लगे इसके लिए हाथ में चुटकी भर रक्षा लेकर ब्रहस्पतिवार के दिन 'ॐ चैतन्य गोरखनाथ नमः मंत्र का 108 बार जप करें। फिर इसे छोटी-सी पुडिया में डालकर काले रेशमी धागे से बच्चे के गले में बाँधने पर बुरी नजर नहीं लगती।

अगर आप चाहते हैं की आपके प्रतिष्ठान में बिक्री ज्यादा हो तो यह करें

अगर आप चाहते हैं की आपके प्रतिष्ठान में बिक्री ज्यादा हो तो यह करें आप अपने व्यापार में अधिक पैसा प्राप्त करना चाहते हैं और चाहते हैं की आपके व्यापार की बिक्री बढ़ जाए तो आप वट वृक्ष की लता को शनिवार के दिन जाकर निमंत्रण दे आएं। (वृक्ष की जड़ के पास एक पान, सुपारी और एक पैसा रख आएं) रविवार के दिन प्रातः काल जाकर उसकी एक जटा तोड़ लाएं, पीछे मुड़कर न देखें। उस जटा को घर लाकर गुग्गल की धूनी दें तथा 101 बार इस मंत्र का जप करें- ॐ नमो चण्ड अलसुर स्वाहा।

पारिवारिक सुख-शांति के लिए

पारिवारिक सुख-शांति के लिए अगर आपके परिवार में अशांति रहती है और सुख-चैन का अभाव है तो प्रतिदिन प्रथम रोगी के चार भाग करें, जिसका एक गाय को, दूसरा काले कुत्ते को, तीसरा कौवे को तथा चौथा टुकड़ा किसी चौराहे पर रखवा दें तो इसके प्रभाव से समस्त दोष समाप्त होकर परिवार की शांति तथा सम्रद्धि बढ़ जाती है।

अगर आपके परिवार में कोई रोगग्रस्त हो तो यह करें

अगर आपके परिवार में कोई रोगग्रस्त हो तो यह करें अगर स्वास्थ्य में सुधर न होता हो तो यह उपाय करें: एक देशी अखंडित पान, गुलाब का फूल और कुछ बताशे रोगी के ऊपर से 31 बार उतारें तथा अंतोक चौराहे पर रख दें। इसके प्रभाव से रोगी की दशा में शीघ्रता से सुधार होगा।

भय को दूर करें ऐसे

भय को दूर करें ऐसे अगर आपको बिना कारण भय रहता हो या सांप-बिच्छू या वन्य पशुओं का भय रहता हो तो यह करें : बांस की जड़ जलाकर उसे कान पर धारण करने से भय मिट जाता है। निर्गुन्डी की जड़ अथवा मोर पंख घर में रख देने से सर्प कभी भी घर में प्रवेश नहीं करता। रवि-पुष्य योग में प्राप्त सफ़ेद चादर की जड़ लाकर दाईं भुजा पर बाँधने से वन्य पशुओं का भय नहीं रहता है साथ ही अग्नि भय से भी छुटकारा मिल जाता है। केवड़े की जड़ कान पर धारण करने से शत्रु भय मिट जाता है।

मंदी से छुटकारा पाएं ऐसे

 मंदी से छुटकारा पाएं ऐसे अगर आपके व्यापार में मंदी आ गयी है या नौकरी में मंदी आ गयी है तो यह करें। किसी साफ़ शीशी में सरसों का तेल भरकर उस शीशी को किसी तालाब या बहती नदी के जल में डाल दें। शीघ्र ही मंदी का असर जाता रहेगा और आपके व्यापार में जान आ जाएगी।

त्वचा रोग होने पर यह करें

त्वचा रोग होने पर यह करें त्वचा संबंधी रोग केतु के दुष्प्रभाव से बढ़ते हैं। यदि त्वचा संबंधी घाव ठीक न हो रहा हो तो सायंकाल मिट्टी के नए पात्र में पानी रखकर उसमें सोने की अंगूठी या एनी कोइ आभूषण दाल दें। कुछ देर बाद उसी पानी से घाव को धोने के बाद अंगूठी निकालकर रख लें तथा पाने किसी चौराहे पर फेंक आएं। ऐसा तीन दिन करें तो रोग शीघ्र ठीक हो जाएगा।

भाग्योदय करने के लिए करें यह उपाय

भाग्योदय करने के लिए करें यह उपाय अपने सोए भाग्य को जगाने के लिए आप प्रात सुबह उठकर जो भी स्वर चल रहा हो, वही हाथ देखकर तीन बार चूमें, तत्पश्चात वही पांव धरती पर रखें और वही कदम आगे बाधाएं। ऐसा नित्य-प्रतिदिन करने से निश्चित रूप से भाग्योदय होगा।

बेरोजगारी दूर करने हेतु

 बेरोजगारी दूर करने हेतु अगर आपको नौकरी या काम नहीं मिल रहा है और आप मारे-मारे फिर रहे हैं तो एक दागरहित बड़ा नीबूं लें और चौराहे पर बारह बजे से पहले जाकर उसके चार हिस्से कर लें और चारों दिशाओं में दूर-दूर फेंक दें। फलस्वरूप बेरोजगारी की समस्या समाप्त हो जाएगी।

अपने व्यापार में करें मनोवांछित उन्नति

अपने व्यापार में करें मनोवांछित उन्नति अगर आप अपने व्यापार में मनोवांछित उन्नति करना चाहते हैं तो सोमवार को प्रातः नवनिर्मित अंगूठी को गंगाजल में धोकर गाय के दूध में डुबो दें, उसमें थोड़ी-सी शक्कर, तुलसी के पत्ते और कोई भी सफ़ेद फूल डाल दें। इसके पश्चात स्नान ध्यान से निवृत्त होकर अंगूठी को पहन लें। ऐसा करने से व्यापार में मनोवांछित उन्नति प्राप्त होगी।

भर लें अपने भण्डार गृह

 भर लें अपने भण्डार गृह जिस स्थान पर होली जलाई जाती रही हो, वहां पर होली जलने से एक दिन पहले की रात्री में एक मटकी में गाय का घी, तिल का तेल, गेहूं और ज्वार तथा एक ताम्बे का पैसा रखकर मटकी का मुंह बंद करके गाड़ आएं। रात्रि में जब होली जल जाए, तब दूसरे दिन सुबह उसे उखाड़ लाएं। फिर इन सब वस्तुओं को पोटली में बांधकर जिस वास्तु में रख दिया जाएगा, वह वास्तु व्यय करने पर भी उसमें निरंतर वृद्धि होती रहेगी, और आपके भंडार भरे हुए रहेंगे।

पति के किसी अन्य महिला से सम्बन्ध

 पति के किसी अन्य महिला से सम्बन्ध आपको यदि शक हो की आपके पति के किसी अन्य महिला से सम्बन्ध हैं तो आप इसके लिए रात में थोडा कपूर अवश्य जलाया करें इससे यदि सम्बन्ध होंगे तो छूट जायेंगे| रविवार की रात में सोते समय कुछ सिन्दूर बिस्तर पर पति के सोने वाले हिस्से की और बिखरा दें तथा प्रात: नहा कर माँ पार्वती का नाम लेकर उससे अपनी मांग भर लें| जिस महिला से आपके पति का संपर्क है उसके नाम के अक्षर के बराबर मखाने लेकर प्रत्येक मखाने पर उसके नाम का अक्षर लिख दें|उस औरत से पति का छुटकारा पाने की ईशवर से प्रार्थना करते हुए उन सारे मखानो को जला दें तथा किसी भी प्रकार से उसकी काली भभूत को पति के पैर के नीचे आने की व्यवस्था करें किसी अन्य महिला के पीछे आपके पति यदि आपका अपमान करते हैं तो किसी भी गुरूवार को तीन सो ग्राम बेसन के लड्डू ,आटेके दो पेड़े,तीन केले व इतनी ही चने की गीली दाल लेकर किसी गाय को खिलाये जो अपने बछड़े को दूध पिला रही हो|उसे खिला कर यह निवेदन करें की हे माँ,मैंने आपके बच्चे को फल दिया आप मेरे बच्चे को फल देना|कुछ ही दिन में आपके पति रस्ते में आ जायेंगे|

दाम्पत्य जीवन से झगड़े दूर करें ऐसे

 दाम्पत्य जीवन से झगड़े दूर करें ऐसे अगर आपका दाम्पत्य जीवन अशांत है तो आप रात्री में शय न करते समय पत्नी अपने पलंग पर देशी कपूर तथा पति के पलंग पर कामिया सिन्दूर रखें. प्रातः सूर्यदे के समय पति देशी कपूर को जला दें और पत्नी सिन्दूर को भवन में छिटका दें। इस टोटके से कुछ ही दिनों में कलह समाप्त हो जाती है।

इच्छा के विरूद्ध कार्य करना पड़ रहा हो तो

 इच्छा के विरूद्ध कार्य करना पड़ रहा हो तो अगर आपको किसी कारणवश कोइ कार्य अपनी इच्छा के विपरीत करना पड़ रहा हो तो आप कपूर और एक फूल वाली लौंग एक साथ जलाकर दो-तीन दिन में थोड़ी-थोड़ी खा लें। आपकी इच्छा के विपरीत कार्य होना बंद हो जाएगा।

घर गृहस्ती में सुखी रहने के टोटके

 अपने घर-गृहस्थी को बनाएं सुखी अक्सर हम गृहस्थ जीवन में देखते हैं तो गृहस्थ का सामान टूट-फूट जाता है या सामान चोरी हो जाता है। जो भी आता है असमय ही ख़त्म हो जाता है। रसोई में बरकत नहीं रहती है तो ऐसी स्त्रियाँ भोजन बनाने के बाद शेष अग्नि को न बुझाएं और जब सब जलकर राख हो जाए तो राख को गोबर में मिलाकर रसोई को लीप दें। फर्श हो तो उस राख को पानी में घोलकर उसी पानी से फर्श डालें। यह क्रिया कई बार करें। घर-गृहस्थी का छोटा-मोटा सामान, गिलास, कटोरी, चम्मच आदि सदैव बने रहेंगे। 

गर्भ धारण करने के लिए

 गर्भ धारण करने के लिए अगर आपको किसी कारणवश गर्भ धारण नहीं हो रहा हो तो मंगलवार के दिन कुम्हार के घर आएं और उसमें प्रार्थना कर मिट्टी के बर्तन वाला डोरा ले आएं। उसे किसी गिलास में जल भरकर दाल दें। कुछ समय पश्चात डोरे को निकाल लें और वह पानी पति-पत्नी दोनों पी लें। यह क्रिया केवल मंगलवार को ही करनी है अगर संभव हो तो उस दिन पति-पत्नी अवश्य ही रमण करें। गर्भ की स्थिति बनते ही उस डोरे को हनुमानजी के चरणों में रख दें।

आपके ज्यादातर कार्य असफल हो रहे हैं तो यह करें

 आपके ज्यादातर कार्य असफल हो रहे हैं तो यह करें आप चाहते हैं की आपके द्वारा किये गए कार्य सफल हो लेकिन कार्य के प्रारम्भ होते ही उसमें विध्न आ जाते हैं और वह असफल हो जाते हैं इसके लिए आप यह करें: प्रातःकाल कच्चा सूत लेकर सूर्य के सामने मुंह करके खड़े हो जाएं। फिर सूर्य देव को नमस्कार करके 'ॐ हीं घ्रणि सूर्य आदित्य श्रीम' मंत्र बोलते हुए सूर्य देव को जल चढ़ाएं। जल में रोली, चावल, चीनी तथा लाल पुष्प दाल लें। इसके पश्चात कच्चे सूत को सूर्य देव की तरफ करते हुए गणेशजी का स्मरण करते हुए सात गाँठ लगाएं। इसके पश्चात इस सूत को किसी खोल में रखकर अपनी कमीज की जेब में रख लें, आपके बिगड़े कार्य बनाने लगेंगे।

कन्या के विवाह में विलम्ब होने पर

 कन्या के विवाह में विलम्ब होने पर अगर आपकी कन्या के विवाह में विलम्ब हो रहा हो या कन्या के लिए योग्य वर की तलाश पूरी नहीं हो रही हो तो किसी भी गुरूवार के दिन प्रातःकाल नहा धोकर बेसन के लड्डू स्वयं बनाएं। उनकी गिनती 109 होनी चाहिए। फिर पीले रंग की टोकरी में पीले रंग का कपड़ा बिछाकर उन लड्डूओं को उसमें रख दें तथा अपनी श्रद्धानुसार कुछ दक्षिणा रख दें। पास के किसी शिव मंदिर में जाकर विवाह हेतु प्रार्थना कर घर आ जाएं।

स्वप्न में भविष्य जानने के टोटके

 स्वप्न में भविष्य जानें इस तरह भी अगर आप स्वप्न में भविष्य की बात मालूम करना चाहते हैं तो जंगल में जाकर जिस वृक्ष पर अमर बेल हो, उसकी सात परिक्रमा कर अमर बेल्युक्त एक लकड़ी को तोड़ लाएं। फिर उस लकड़ी को धुप देकर जला दें तथा लता को सिरहाने रखकर विचार करते हुए सो जाएं तो स्वप्न में भविष्य की बात मालूम हो जाती है।

राई के अचूक टोटके

 राई से करें दरिद्रता निवारण पैसों का कोइ जुगाड़ न बन रहा हो तथा घर में दरिद्रता का वाश हो तो यह करें: एक पानी भरे घड़े में राई के पत्ते डालकर इस जल को अभिमंत्रित करके जिस भी किसी व्यक्ति को स्नान कराया जाएगा उसकी दरिद्रता रोग नष्ट हो जाते हैं।

अविवाहित व अधिक उम्र की कन्या के विवाह के लिए

 अविवाहित व अधिक उम्र की कन्या के विवाह के लिए अगर आपकी लडकी अविवाहित है या उसकी उम्र बहुत ज्यादा हो चुकी है इसके कारण विवाह होने में रूकावटें आ रही हो तो इसके लिए एक उपाय है: देवोत्थान एकादशी कच और देवयानी की मिट्टी की मूरतें बनाकर उन मूर्तियों में हल्दी, चावल, आते का घोल लगाकर उनकी पूजा करके उन्हें एक लकड़ी के फट्टे से ढक लेते हैं. फिर उस फट्टे पर कुमारी कन्या को बिठा दिया जाता है तो उसका विवाह हो जाता है।

सुखी रहने के कुछ नुस्खे

 सुखी रहने के कुछ नुस्खे ब्रहस्पतिवार या मंगलवार को सात गाँठ हल्दी तथा थोड़ा-सा गुड इसके साथ पीतल का एक टुकड़ा इन सबको मिलाकर पोटली में बांधें तथा ससुराल की दिशा में फेंक दें तो वहां हर प्रकार से शांति व सुख रहता है। कन्या अपनी ससुराल में रहते हुए यह करें। मेहँदी तथा साबुत उरद जिस दिशा में वधु का घर हो, उसी दिशा में फेंकने से वर-वधु में प्रेम बढ़ता है। किसी विशेष कार्य के लिए घर के निकलते समय एक साबुत नीबू लेकर गाय के गोबर में दबा दें तथा उसके ऊपर थोड़ा-सा कामिया सिन्दूर छिड़क दें तथा कार्य बोलकर चले जाएं तो कार्य निश्चित ही बन जाता है। सावन के महीने में जब पहली बरसात हो तो बहते पानी में विवाह करने से दुर्भाग्य दूर हो जाता है।

सोचा काम बनाने के लिए

 सोचा काम बनाने के लिए संपूर्ण प्रयासो के बावजूद भी सोचा हुआ काम पूरा नहीं होता हो तो मंगलवार के दिन यह उपाय प्रारंभ करें। और लगातार 21 मंगलवार करें। हर मंगलवार को नित्यकर्म से निवृत होकर स्नानोपरांत जटा वाले नारियल के ऊपर सवा मीटर लाल कपड़ा लपेटकर 21 बार कलावा लपेट लें। तत्पश्चात लाल कपड़े के ऊपर 21 कुंकुम की बिंदी लगा लें। नारियल को अपने ऊपर से 21 बार उसार कर के अपने पूजाा स्थान में रख दें। वहीं बैठकर एक पाठ सुंदरकांड का पाठ करें। तपश्चात अपनी मनोकामना का ध्यान करते हुए इस नारियल को बहते पानी व तालाब में प्रवाह कर दें।

भूख लगने के लिए

 भूख लगने के लिए यदि आपको भूख तो है लेकिन खाना मुंह में नहीं जा रहा हो तो प्रात:काल भोजन करते समय अपने भोजन में से एक रोटी निकाल दें उस रोटी को बरगद के पत्ते पर रखकर रोटी के उपर एक लौंग, एक इलायची, एक साबुत सुपारी और थोड़ी सी केसर डाल दे और अपने ऊपर से सात बार उसार कर किसी चौराहे पर चुपचाप रखकर आ जाएं। भूख लगने लगेगी मन प्रसन्न रहेगा।

बच्चे के बीमार होने पर

 बच्चे के बीमार होने पर यदि आपका बच्चा बीमार है जो भी खाता है उसकी उल्टी कर देता है। एक पान के पत्ते पर एक बूंदी का लड्डू, पांच गुलाब के फूल रखकर बच्चे के ऊपर से सात बार उसार कर चुपचाप किसी मंदिर में रखकर आ जाएं कष्टों से छुटकारा मिल जाएगा।

धन प्राप्ति के अचूक रामबाण टोटके

धन प्राप्ति के अचूक रामबाण टोटके संपूर्ण प्रयासों के बावजूद धन की प्राप्ति नहीं होने पर किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार को यह उपाय प्रारंभ करें। और लगातार एक साल तक करें। हर रोज नित्यकर्म से निवृत होकर स्नानोपरांत किसी तांबे के पात्र स्वच्छ जल भर के उसमें थोड़ा गंगा जल और शहद मिलाकर सूर्योदय से पूर्व भगवान शिव के शिवलिंग पर ॐ नम: शिवाय का जाप करते हुए चढ़ा दें। लाभ मिलेगा।

धन खर्च रोकने हेतु

 धन खर्च रोकने हेतु यदि परिवार मे अनावश्यक दुघर्टनाओं की वजह से या कोर्ट-कचहरी की वजह से अनावश्यक धन खर्च बढ़ रहा हो तो हर मंगलवार को स्वच्छ लाल वस्त्र सवा किलो लाल मसूर बांधकर पारिवारिक सदस्यों के ऊपर से 11 बार उसार कर कपड़े सहित बहते पानी में प्रवाह कर दें। परेशानियों से छुटकारा मिल जाएगा।

मकान खाली कराने हेतु

 मकान खाली कराने हेतु शनिवार की शाम को भोजपत्र पर लाल चंदन से किरायेदार का नाम लिखकर शहद में डुबो दें। संभव हो, तो यह क्रिया शनिश्चरी अमावस्या को करें। कुछ ही दिनों में किरायेदार घर खाली कर देगा। ध्यान रहे, यह क्रिया करते समय कोई टोके नहीं।

क्रोध पर नियंत्रण हेतु

 क्रोध पर नियंत्रण हेतु यदि घर के किसी व्यक्ति को बात-बात पर गुस्सा आता हो, तो दक्षिणावर्ती शंख को साफ कर उसमें जल भरकर उसे पिला दें। यदि परिवार में पुरुष सदस्यों के कारण आपस में तनाव रहता हो, तो पूर्णिमा के दिन कदंब वृक्ष की सात अखंड पत्तों वाली डाली लाकर घर में रखें। अगली पूर्णिमा को पुरानी डाली कदंब वृक्ष के पास छोड़ आएं और नई डाली लाकर रखें। यह क्रिया इसी तरह करते रहें, तनाव कम होगा।

दुकान की बिक्री बढ़ाने हेतु

 दुकान की बिक्री बढ़ाने हेतु आप मेहनत कर रहे हैं दुकान में पूरा सामान है परन्तु बिक्री नही हो रही हो अपनी दुकान में लक्ष्मी जी का चित्र लगाकर उनके आगे धूप व दीप जलाकर प्रणाम करें प्रणाम करके 108 बार ॐ नम: कमलवासिन्यै स्वाहा। मंत्र का जाप करने के बाद अपना कार्य आरंभ करें या दुकानदारी शुरू करें। कारोबार में वृद्धि होगी, ग्राहक आने लगेंगे और काम भी बढ़ेगा।

व्यापार व नौकरी में स्थिरता हेतु

 व्यापार व नौकरी में स्थिरता हेतु वे लोग जो अपने व्यापार व नौकरी को लेकर हमेशा तनाव में रहते हैं। बार-बार अपना कारोबार बदलते है व बार-बार नौकरी बदलते है तथा कहीं पर भी स्थिर नहीं रह पाते हैं। उन्हें यह प्रयोग जरूर अजमाना चाहिए। 17 इंच लंबा काला रेशमी धागा ले उसे लाल चंदन, कुंकम व केसर को घोलकर उसे रंग लें। तत्पश्चात 'ॐ हं पवननंदनाय स्वाहा' मंत्र का जाप करते हुए आठ गांठ लगा दें। प्रत्येक गांठ पर एक सौ आठ पर इस मंत्र का जाप करें। तत्पश्चात इस अभिमंत्रित धागे को अपने कारोबार के मुख्य द्वार पर बांध दे। नौकरी से संबंधित लोगों को अपनी चेयर या मेज की दराज में रख ले या कुर्सी पर यह धागा बांध लें। कारोबार व नौकरी में अवश्य स्थिरता आ जायेगी।

गृह कलह से मुक्ति हेतु

 गृह कलह से मुक्ति हेतु परिवार में पैसे की वजह से कलह रहता हो, तो दक्षिणावर्ती शंख में पांच कौड़ियां रखकर उसे चावल से भरी चांदी की कटोरी पर घर में स्थापित करें। यह प्रयोग शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार को या दीपावली के अवसर पर करें, लाभ अवश्य होगा।

व्यवसाय बाधा से मुक्ति हेतु

 व्यवसाय बाधा से मुक्ति हेतु यदि कारोबार में हानि हो रही हो अथवा ग्राहकों का आना कम हो गया हो, तो समझें कि किसी ने आपके कारोबार को बांध दिया है। इस बाधा से मुक्ति के लिए दुकान या कारखाने के पूजन स्थल में शुक्ल पक्ष के शुक्रवार को अमृत सिद्ध या सिद्ध योग में श्री धनदा यंत्र स्थापित करें। फिर नियमित रूप से केवल धूप देकर उनके दर्शन करें, कारोबार में लाभ होने लगेगा।c

कार्य में सफलता के लिए

 कार्य में सफलता के लिए अमावस्या के दिन पीले कपड़े का त्रिकोना झंडा बना कर विष्णु भगवान के मंदिर के ऊपर लगवा दें, कार्य सिद्ध होगा।

स्वास्थ्य के लिये

 स्वास्थ्य के लिये यदि आपका बच्चा बहुत जल्दी-जल्दी बीमार पड़ रहा हो और आप को लग रहा कि दवा काम नहीं कर रही है, डाक्टर बीमारी खोज नहीं पा रहे है। तो यह उपाय शुक्ल पक्ष की अष्टमी को करना चाहिये। आठ गोतमी चक्र ले और अपने पूजा स्थान में मां दुर्गा के श्रीविग्रह के सामने लाल रेशमी वस्त्र पर स्थान दें। मां भगवती का ध्यान करते हुये कुंकुम से गोमती चक्र पर तिलक करें। धूपबत्ती और दीपक प्रावलित करें।धूपबत्ती की भभूत से भी गोमती चक्र को तिलक करें। ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे की 11 माला जाप करें। जाप के उपरांत लाल कपड़े में 3 गोमती चक्र बांधकर ताबीज का रूप देकर धूप, दीप दिखाकर बच्चे के गले में डाल दें। शेष पांच गोमती चक्र पीले वस्त्र में बांधकर बच्चे के ऊपर से 11 बार उसार कर के किसी विराने स्थान में गड्डा खोदकर दबा दें। आपका बच्चा हमेशा सुखी रहेगा।

बचत के लिये

 बचत के लिये आप अनावश्यक खर्चें से परेशान है, आपके हाथ से न चाहते हुये भी खर्चा अधिक हो जाता हो तो यह प्रयोग आपके लिये बहुत ही लाभदायक रहेगा। किसी भी माह के पहले सोमवार को 11 गोमती चक्र, 11 कौड़ी, 11 लौंग लें। पीलेवस्त्र में रख कर अपने पूजा स्थान में रख दें। श्रद्धापूर्वक पंचोपचार पूजन करें। धूप, दीप, नैवेद्य, फूल, अक्षत अर्पित करें। तत्पश्चात ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्धलक्ष्मयै: नम:। 11 माला जाप करें। ऐसा 7 दिन नियमित रूप से पूजन और जाप करें। पुन: दूसरे सोमवार को श्रद्धापूर्वक पूजन और जाप के उपरांत उसमें से 4 गोमती चक्र, 4 कौड़ी, 4 लौंग घर के चारों कोनों में गड्डा खोदर कर डाल दें। शेष बचें 5 गोमती चक्र, 5 कौड़ी, 5 लौंग को लाल वस्त्र में बांधकर अपनी तिजारी में रख दें। और दो गोमती चक्र, दो कौड़ी और दो लोंग को श्रद्धापूर्वक किसी भी भगवान के मंदिर में अर्पित कर दें। मनोवांछित सफलता प्राप्त होगी।

कार्यक्षेत्र के व्यवधान दूर करने हेतु

 कार्यक्षेत्र के व्यवधान दूर करने हेतु यदि आपका व्यवसाय तकनीकी क्षेत्र का है और आपके व्यवसाय में हमेशा कोई न कोई मशीन बहुत जल्दी खराब होती हो तो यह उपाय बहुत ही लाभदायक रहेगा। किसी भी माह के प्रथम गुरुवार के दिन हल्दी, कुंकुम और केसर की स्याही बनाकर नौ इंच सफेद कच्चे धागे को रंग लें। तत्पश्चात उसमें नौ गांठ लगा दें। मशीन के ऊपर उसी स्याही से स्वास्तिक बनाकर उस धागे को बांध दें। मशीन खराब नहीं होगी और कर्मचारी में मन लगाकर काम करेंगे

बिक्री बढ़ाने हेतु

बिक्री बढ़ाने हेतु ग्यारह गोमती चक्र और तीन लघु नारियलों की यथाविधि पूजा कर उन्हें पीले वस्त्र में बांधकर बुधवार या शुक्रवार को अपने दरवाजे पर लटकाएं तथा हर पूर्णिमा को धूप दीप जलाएं। यह क्रिया निष्ठापूर्वक नियमित रूप से करें, ग्राहकों की संख्या में वृद्धि होगी और बिक्री बढ़ेगी।

व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ के लिए

 व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ के लिए व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ प्राप्ति नहीं हो रही हो तो किसी भी शनिवार के दिन नीले कपड़े 21 दानें रक्त गुंजा के बांधकर तिजोरी में रख दें। हर रोज धूप, दीप अवश्य दिखाएं। अपने इष्ट देव का ध्यान करें। ऐसा नियमित करने से व्यापार में लाभ मिलेगा और सफलता भी प्राप्त होगी।

कार्य बाधा निवारण के लिए

कार्य बाधा निवारण के लिए लाल कपड़े के ऊपर कुं कुम की स्याही बनाकर लाल चंदन की लकड़ी से गीता के ग्यारहवें अध्याय के 36वें शोक को श्रद्धापूर्वक लिखें। और अपने घर के दायीं ओर किसी भी कोने में टांग दें। किसी भी प्रकार की कार्य बाधा हो उसका निवारण हो जाएगा।

दांपत्य सुख हेतु

दांपत्य सुख हेतु यदि चाहते हुए वैवाहिक सुख नहीं मिल पा रहा है, हमेशा पति-पत्नि में किसी बात को लेकर अनबन रहती हो तो किसी भी शुक्रवार के दिन यह उपाय करें। मिट्टी का पात्र ले जिसमें सवा किलो मशरूम आ जाएं। मशरूम डालकर अपने सामने रख दें। पति-पत्नि दोनों ही महामृत्युंजय मंत्र की तीन माला जाप करें। तत्पश्चात इस पात्र को मां भगवती के श्री चरणों में चुपचाप रखकर आ जाए। ऐसा करने से मां भगवती की कृपा से आपका दांपत्य जीवन सदा सुखी रहेगा।

आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए

आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए आप चाहते है कि आपकी आर्थिक संपंता स्थिर रहें के लिए उचित परिश्रम का लाभ प्रान्त हो, किसी भी माह के प्रथम शुक्ल पक्ष को यह प्रयोग आरंभ करें और नियमित 3 शुक्रवार को यह उपाय करें। प्रत्येक दिन नित्यक्रम से निवृत्त होकर स्नानोंपरांत अपने घर में अपने पूजा स्थान में घी का दीपक जलाकर मां लक्ष्मी को मिश्री और खीर का भोग लगायें। तत्पश्चात 11 वर्ष की आयु से कम की कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन करायें। भोजन में खीर और मिश्री जरूर खिलायें। भोजन के उपरांत श्रद्धानुसार लाल वस्त्र भेंट करें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी की अवश्य कृपा होगी।

पढ़ाई में एकाग्रता हेतु

पढ़ाई में एकाग्रता हेतु शुक्ल पक्ष के पहले रविवार को इमली के २२ पत्ते ले आएं और उनमें से ११ पत्ते सूर्य देव को ¬ सूर्याय नमः कहते हुए अर्पित करें। शेष ११ पत्तों को अपनी किताबों में रख लें, पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी।

मुकदमे में विजय हेतु

मुकदमे में विजय हेतु पांच गोमती चक्र जेब में रखकर कोर्ट में जाया करें, मुकदमे में निर्णय आपके पक्ष में होगा।

पदोन्नति या प्रमोशन के लिए अचूक टोटके

पदोन्नति या प्रमोशन के लिए अचूक टोटके शुक्ल पक्ष के सोमवार को सिद्ध योग में तीन गोमती चक्र चांदी के तार में एक साथ बांधें और उन्हें हर समय अपने साथ रखें, पदोन्नति के साथ-साथ व्यवसाय में भी लाभ होगा।

रोजगार के लिये

 रोजगार के लिये अगर आपको रोजगार की समस्या आ रही हो या आपके व्यवसाय में आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा हो अथवा हाथ में आये अच्छे मौके निकले जा रहे हो तो ऐसी अवस्था में किसी भी माह के शुक्ल पक्ष को यह उपाय आरंभ करें। सौ ग्राम जौ, सौ ग्राम देसी चना, सौ ग्राम उड़द का आटा लें तीनों आटों को मिक्स करके गूंथ लें और इस आटे की 108 गोलियां बना लें। गोली बनाते समय ॐ श्रीं नम: का जाप करते रहें गोलियां बनाकर किसी स्वच्छ थाली में रख दें। तत्पश्चात दीपक जलायें और ॐ नम: कमलवासिन्यै स्वाहा। 11 माला जाप करें। और जप माला स्फटिक की प्रयोग करें तो बहुत अच्छा रहेगा। जप के बाद स्वच्छ पात्र में जल और गंगा जल भर कर माला को पात्र में रख दें। प्रात:काल उस जल में से माला को निकालकर उस जल को अपने घर, दुकान या व्यापारिक स्थान में छिड़क दें। ऐसा नियमित 108 दिन तक करें। 108 दिन के बाद माला को बहते पानी में प्रवाह कर दें।

परीक्षा में सफलता हेतु

  परीक्षा में सफलता हेतु परीक्षा में सफलता हेतु गणेश रुद्राक्ष धारण करें। बुधवार को गणेश जी के मंदिर में जाकर दर्शन करें और मूंग के लड्डुओं का भोग लगाकर सफलता की प्रार्थना करें।

सभी कामों में सफलता के टोटके

 सभी कामों में सफलता के टोटके किसी भी शुभ कार्य के लिए घर से बाहर निकलने से पूर्व दही में गुड़ या चीनी मिलाकर सेवन करके बाहर निकलने से कार्य में सफलता मिलती है। साथ ही घर से बाहर निकलते समय अपने पास कुछ धन राशि रख दें इस धन राशि से किसी जरूरत मंद व्यक्ति को खाने की चींज देकर निकल जाएं कार्य सफलता मिल जाएगी। यदि जातक के अपने कर्म ठीक है, कार्य व्यवसाय में वह ईमानदारी से परिश्रम करता हो, उसके बावजूद भी कार्य में सफलता नहीं मिल रही हो अथवा घर में शांति नहीं हो तो इस प्रयोग से अवश्य शांति मिलेगी। प्रतिदिन स्नान के जल में एक आम का पत्ता, एक पीपल का पत्ता, दुर्वा-11, तुलसी का एक पत्ता और एक बिल्व पत्र डालकर मृत्युंजय मंत्र का जाप करते हुए स्नान करें तो सभी प्रकार के ग्रह पीड़ा व कष्टों से मुक्ति मिलेगी। मंत्र इस प्रकार है।- ओम त्रयम्बकं यजामहे सुगंधि पुष्टिवर्धनं ऊर्व्वारुकमिव वंधनान्मृत्योर्मुक्षीय मां मृतात्। भगवान दत्तात्रोय को ब्रह्मा-विष्णु-महेष की शक्तियों का संयोग कहा जाता है। अत: दत्ताात्रोय जी की साधना गूलर के पेड़ के नीचे बैठकर करने से शीघ्र फलदायी होती है। उत्तार पूर्व की ओर मुख ...

सुख शांति प्राप्त करने के अचूक टोटके

सुख शांति प्राप्त करने के अचूक टोटके यदि आपके परिवार में हमेशा कलह रहता हो पारिवारिक सदस्य सुख शांति से न रहते हो तो शनिवार के दिन सुबह काले कपड़े में जटा वाले नारियल को लपेटकर उस पर काजल की 21 बिंदी लगा लें। और घर के बाहर लटका दें। हमेशा घर बुरी नजर से बच कर रहेगा और हमेशा सुख-शांति रहेगी।

प्रेम संबंधो में फैंगशुई का महत्व

प्रेम संबंधो में फैंगशुई का महत्व हर व्यक्ति चाह्ता है की उसके पारिवारिक जीवन, दाम्पत्य जीवन में आपसी रिश्तों में सदैव मधुरता और अच्छा तालमेल बना रहे । उसके घर में सभी जगह प्रेम, सुख शांति,हर्ष और उल्लास का वातावरण हो । आपके रिश्ते हमेशा ही बेहतर बने रहें इसके लिए हम आपको कुछ बहुत ही खास और आसान फेंगशुई के टिप्स बता रहे है जिससे निश्चित ही आपसी रिश्तों को बहुत ही मजबूत बनाया जा सकता है-  1. फेंगशुई में ऐसी मान्यता है कि हमारे आस-पास ऊर्जा का अनंत असीम स्रोत है। यह ऊर्जा सकारात्मक (पॉजिटिव) और नकारात्मक (नेगेटिव) दोनों प्रकार की होती है। इस ऊर्जा से हमारे जीवन का प्रत्येक पहलू प्रभावित होता है। हमारे दांपत्य जीवन पर भी इस ऊर्जा का बहुत ही असर पड़ता है। फेंगशुई मुख्यता हमारे घर हमारे जीवन में नकारात्मक ऊर्जा को निष्क्रिय करके सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है।  2. फेंगशुई में घर के दक्षिण-पश्चिम खंड को आपसी रिश्तों के लिए सक्रिय माना गया है। इसलिए इस खंड में सकारात्मक ऊर्जा को सक्रिय और नकारात्मक ऊर्जा को निष्क्रिय करने के लिए आप जो भी प्रयास करेंगे, वह बहुत फलदाई साबित होगा।  3...