केवल परमेश्वर ही मनुष्य(हम सब)के भाग्य को जानता है और केवल परमेश्वर ही इस मनुष्य(हम सब)के जीवन को और जीने के ढंग को नियंत्रित करता है। यदि मनुष्य(हम सब) अच्छा भाग्य पाना चाहता है, तो मनुष्य(हम सब)को हमेशा परमेश्वर की आराधना में झुकना चाहिए, पश्चाताप करना चाहिए और परमेश्वर के सामने अपने पापों को स्वीकार करना चाहिए, अन्यथा मनुष्य(हम सब)का भाग्य और मंज़िल निश्चित रूप से तबाह हो जाएँगे।”
“परमेश्वर ने इस संसार की सृष्टि की, उसने मनुष्य(हम सबको) को बनाया, केवल परमेश्वर ही मनुष्य (हम सब)को सांत्वना देता है, और केवल परमेश्वर ही रात-दिन इस मनुष्य(हम सब)का ध्यान रखता है। मनुष्य(हम सब) का विकास और प्रगति परमेश्वर की प्रभुता से जुड़ी है, मनुष्य(हमसब)का भविष्य परमेश्वर की योजनाओं में हमेशा रहा है। यदि तुम एक सच्चे मसीह हो, तो तुम निश्चय ही इस बात पर विश्वास करोगे कि किसी भी देश या राष्ट्र का उत्थान या पतन परमेश्वर की योजना के अनुसार होता है। केवल परमेश्वर ही मनुष्य(हम सब)के भाग्य को जानता है और केवल परमेश्वर ही इस मनुष्य(हम सब)के जीवन को और जीने के ढंग को नियंत्रित करता है। यदि मनुष्य(हम सब) अच्छा भाग्य पाना चाहता है, तो मनुष्य(हम सब)को हमेशा परमेश्वर की आराधना में झुकना चाहिए, पश्चाताप करना चाहिए और परमेश्वर के सामने अपने पापों को स्वीकार करना चाहिए, अन्यथा मनुष्य(हम सब)का भाग्य और मंज़िल निश्चित रूप से तबाह हो जाएँगे।”
आमीन
प्रभु आपको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर
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