जितने यहोवा को पुकारते हैं, अर्थात जितने उसको सच्चाई से पुकारते हैं; उन सभों के वह निकट रहता है।वह अपने डरवैयों की इच्छा पूरी करता है, और उनकी दोहाई सुन कर उनका उद्धार करता है। जब हम उसे पुकारेंगे तो वचन कहता है कि वह हमारे निकट रहता है और जितने भी उसके भय में चलते हैं परमेश्वर उनकी इच्छा को पूरी करते हैं और परमेश्वर उनकी प्रार्थना को सुन कर उनके जीवन में उद्धार को देता है।

PRAISE THE LORD

🙏Good Morning 🙏

👉विषय:- परमेश्वर को पुकारना।💐

👉भजनसंहिता- 145:18-19
जितने यहोवा को पुकारते हैं, अर्थात जितने उसको सच्चाई से पुकारते हैं; उन सभों के वह निकट रहता है।
वह अपने डरवैयों की इच्छा पूरी करता है, और उनकी दोहाई सुन कर उनका उद्धार करता है।

परमेश्वर का वचन कहता है कि जितने भी उसे पुकारते हैं। आज हम सबसे पहले इस बात को जान ले कि क्या हम परमेश्वर को पुकारते हैं।....?🙏

कई मसीह लोग परमेश्वर से व्यक्तिगत रूप से नहीं जुड़े हैं। वह व्यक्तिगत प्रार्थना नहीं करते हैं। वचन को नही पढ़ते हैं,और जब हम प्रार्थना ही नही करते हैं परमेश्वर के सम्मुख समय ही नही बिताते हैं तो इसका मतलब है कि हम उसे पुकारते भी नही हैं।

इसलिए जरूरी है कि हम परमेश्वर से प्रार्थना करने में समय बिताए। वचन को पढ़ें और उसे अपने जीवन में लागू करें।

    हम परमेश्वर को अपनी प्रार्थनाओं में पुकार सकते हैं लेकिन जब हम प्रार्थना ही नही करते हैं तो और किस तरह से परमेश्वर को पुकारते हैं।

मसीह जीवन सीखने का जीवन है। इसलिए हम सीखें और परमेश्वर के राज्य में बढ़ते जाएं ।

    जब हम उसे पुकारेंगे तो वचन कहता है कि वह हमारे निकट रहता है और जितने भी उसके भय में चलते हैं परमेश्वर उनकी इच्छा को पूरी करते हैं और परमेश्वर उनकी प्रार्थना को सुन कर उनके जीवन में उद्धार को देता है।

परमेश्वर आप सभी को आशीष करें।
सभी को जय मसीह की।

Amen 🙏
Hv a blessed day 🙌✝️

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