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Showing posts from October, 2021

परमेश्वर ने हर किसी को अलग अलग जिम्मेदारी दी है उसको निभाना हर व्यक्ति का कर्तव्य है जो उसे दिया गया है उस काम को वो पूरा करे | परमेश्वर ने जो आपको सोंपा है उसको करो उसकी रक्षा करो ताकि न्याय के दिन हमें शर्मिन्दगी न उठानी पडे |

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बाईबल कहती हैं,अपने आप को उन लोगों से दूर करो जो अपने काम को तो पूरा नहीं करते पर जो लोग काम कर रहे होते हैं उनके काम की भी सिर्फ आलोचना ही करते रहते हैं वो खुद कुछ करना नहीं चाहते और दूसरों को करने नहीं देते। इस तरह के लोग खुद का नाश करते ही हैं पर दूसरों के बरबादी का कारणा भी होते हैं । परमेश्वर ने हर किसी को अलग अलग जिम्मेदारी दी है उसको निभाना हर व्यक्ति का कर्तव्य है जो उसे दिया गया है उस काम को वो पूरा करे जिस प्रकार यीशु मसीह को परमेश्वर ने इस धरती पर भेजा लोगों का उद्बार करने के लिए, उनके पापों की क्षमा के लिये क्रूस पर चढने के लिये उसने वह सारा काम पूरा किया , यीशु के चेलों को ही जब हम देखते, तो पाते हैं कितने दुखों को सहते हुए भी उन्होंने सुसमाचार का प्रचार किया , दुख उठाया पौलुस ने तो बहुत बार सुसमाचार के लिए यहाँ तक मार खाई के मौत के किनारे तक पहुंच गया,परमेश्वर ने उसे बचाया , हर चैला अपने काम को बखूबी अन्जाम देकर गया, किसी भी चैले ने कोई ऐशोआराम नही किया सिर्फ दुख उठाया व प्रचार किया । सब दुख उठाकर अपने काम को करते थे मगर आज ऐसा नही है ,  परमेश्वर ने जो आपक...

जब हम यह विश्वास कर लेते हैं कि यीशु मसीह ने कुंआरी मरियम से जन्म लिया , मेरे ही पापों के कारण मारा गया , गाढा गया ,तीसरे दिन मुरदों में से जी उठा , और दौबारा आनेवाला है । तब हम पूरी रीति से परमेश्वर के हो जाते हैं क्योंकि हम उस सच्चाई को सबूत के साथ देखते हैं जिसे समाज नहीं देखता क्रूस की कथा हम उद्बार पाने वालों के लिये जीवन की सच्चाई है पर दुनिया इस बात को नहीं मानती विश्वास नही करती क्योंकि दुनियां की नजरों में ऐसा नही हो सकता वो विश्वास नही करते पर हमारे इसी विश्वास के कारण ही हम प्रभु के हो जाते हैं वो हमारा हो जाता है ।संकट के समय हमें डरने नही देता बल्कि हमें सहारा देता है ताकि हम घबराए नहीं ,यही सबसे बडा सबूत है हमारे लिए वो हम से प्रेम करता है उसने हमें हर परिस्थितियों से गुजारा पर हमारा साथ नही छोडा , हर उस बात का सामना करने की ताकत दी जो मनुष्य करने मे हिचकता है और वो काम हम लोगों ने जाकर किये जब सब लोग करोना के कारण घरों में बैठे थे तब भी हम लोगों के पास जाकर प्रार्थना कर रहे थे और यही है उसका कमाल वो हमें सम्भालता है उसका यह वादा है न तो वो हमें छोडेगा , और न ही त्यागेगा क्योंकि उसने हमें चुना है अपने लिए अलग किया है बचाया है आगे भी बचाएगा यही उसका वादा है जो वो पूरा करता है आगे भी करेगा ।

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जब हम यह विश्वास कर लेते हैं कि यीशु मसीह ने कुंआरी मरियम से जन्म लिया , मेरे ही पापों के कारण मारा गया , गाढा गया ,तीसरे दिन मुरदों में से जी उठा , और दौबारा आनेवाला है । तब हम पूरी रीति से परमेश्वर के हो जाते हैं क्योंकि हम उस सच्चाई को सबूत के साथ देखते हैं जिसे समाज नहीं देखता क्रूस की कथा हम उद्बार पाने वालों के लिये जीवन की सच्चाई है पर दुनिया इस बात को नहीं मानती विश्वास नही करती क्योंकि दुनियां की नजरों में ऐसा नही हो सकता वो विश्वास नही करते पर हमारे इसी विश्वास के कारण ही हम प्रभु के हो जाते हैं वो हमारा हो जाता है । संकट के समय हमें डरने नही देता बल्कि हमें सहारा देता है ताकि हम घबराए नहीं ,यही सबसे बडा सबूत है हमारे लिए वो हम से प्रेम करता है उसने हमें हर परिस्थितियों से गुजारा पर हमारा साथ नही छोडा , हर उस बात का सामना करने की ताकत दी जो मनुष्य करने मे हिचकता है और वो काम हम लोगों ने जाकर किये जब सब लोग करोना के कारण घरों में बैठे थे तब भी हम लोगों के पास जाकर प्रार्थना कर रहे थे और यही है उसका कमाल वो हमें सम्भालता है उसका यह वादा है न तो वो हमें छोडेगा , और न...

जब यीशु ने अपनी सेवकाई शुरू की तो सबसे पहले यीशु ने अपने खोए हुए लोगों को ढूँढा , जो अन्धेरे में थे उनको ज्योति दिखाई ,जो रास्ते से भटक गये थे उन्हें मार्ग बताया क्योंकि मार्ग, सत्य, जीवन यीशु ही है।दूसरा कोई नही यहोवा परमेश्वर ने कहा था मैं आप ही अपनी भेडों का चरवाहा हूँगा ,और नये नियम में यीशु अपनी भेडों का चरवाहा बनता है वो कहता है अच्छा चरवाहा मैं हूँ अच्छा चरवाहा अपनी भेड के लिए अपनी जान देता है यीशु ने जान दी फिर मुरदों में से तीसरे दिन जी भी उठा ।यहोवा परमेश्वर कहता है मैं खोऐ हुओ को ढूँढूँगा और उनको लौटा लाऊँगा, यीश ने ऐसा ही किया, यहोवा कहता है मैं घायलों के घाव बाँधूगा, यीशु मसीहु ने यह किया ।अन्धों को आँखे दी , लंगडों को टांगे दी ,गूँगों को बहरों को सुनना बोलना सिखाया , दुष्टात्माओं को निकाला वो सारे काम किये जो यहोवा परमेश्वर ने पुराने नियम में कहे थे ।उन्हें यीशु ने नये नियम मे पूरा किया क्योंकि वो परमेश्वर है जो बनाना जानता है वही ठीक करना भी जानता है यही सच्चाई है यीशु ही परमेश्वर है यहोवा ने जो जो कहा वो हमें यीशु मसीह के रुप मे करके ‌दिखाया भी ।

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बाईबल हमें बताती है,नये नियम में जब यीशु ने अपनी सेवकाई शुरू की तो सबसे पहले यीशु ने अपने खोए हुए लोगों को ढूँढा , जो अन्धेरे में थे उनको ज्योति दिखाई ,जो रास्ते से भटक गये थे उन्हें मार्ग बताया क्योंकि मार्ग, सत्य, जीवन यीशु ही है। दूसरा कोई नही यहोवा परमेश्वर ने कहा था मैं आप ही अपनी भेडों  का चरवाहा हूँगा ,और नये नियम में यीशु अपनी भेडों  का चरवाहा बनता है वो कहता है अच्छा चरवाहा मैं हूँ अच्छा चरवाहा अपनी भेड के लिए अपनी जान देता है यीशु ने जान दी फिर मुरदों में से तीसरे दिन जी भी उठा । यहोवा परमेश्वर कहता है मैं खोऐ हुओ को ढूँढूँगा और उनको लौटा लाऊँगा, यीश ने ऐसा ही किया, यहोवा कहता है मैं घायलों के घाव बाँधूगा, यीशु मसीहु ने यह किया । अन्धों को आँखे दी , लंगडों को टांगे दी ,गूँगों को बहरों को सुनना बोलना सिखाया , दुष्टात्माओं को निकाला वो सारे काम किये जो यहोवा परमेश्वर ने पुराने नियम में कहे थे । उन्हें यीशु ने नये नियम मे पूरा किया क्योंकि वो परमेश्वर है जो बनाना जानता है वही ठीक करना भी जानता है यही सच्चाई है यीशु ही परमेश्वर है यहोवा ने जो जो कहा वो हमें य...

परमेश्वर पवित्र है और वो किसी भी तरह की अपवित्रता को सहन नहीं करता यही कारण है वो ऐसे लोगों जो अपवित्रता का काम करते हैं त्याग देता है जब तक कि लोग अपवित्रता को त्यागकर परमेश्वर के पीछे नहीं हो लेते , पृथ्वी पर जब मनुष्य जाति का पाप इस कदर बढ गया कि परमेश्वर को एक समय तो पूरे के पूरे एक देश को ही खत्म कर देना पडा जिसे हम सदोम अमोरा के रुप में आज भी पढते हैं ।

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परमेश्वर पवित्र है और वो किसी भी तरह की अपवित्रता को सहन नहीं करता यही कारण है वो ऐसे लोगों जो अपवित्रता का काम करते हैं त्याग देता है जब तक कि लोग अपवित्रता को त्यागकर परमेश्वर के पीछे नहीं हो लेते ,  पृथ्वी पर जब मनुष्य जाति का पाप इस कदर बढ गया कि परमेश्वर को एक समय तो पूरे के पूरे एक देश को ही खत्म कर देना पडा जिसे हम सदोम अमोरा के रुप में आज भी पढते हैं । वहाँ के निवासियों ने अपने शरीरों को पूरी तरह से अशुद्ब कर लिया था, जब परमेश्वर ने यह सब देखा तो उसने उन कामातुर लोगों को पूरी तरह त्याग कर सिर्फ़ लूत के परिवार को जो धर्मी था बचाया मगर लूत की पत्नी भी परमेश्वर की आज्ञा को न मानी और एक नमक के खम्बे में तबदील हो गई पूरा शहर नाश हो गया यह उस शहर के रहनेवालों के कारण ही हुआ ,क्योंकि जब उन्होंने परमेश्वर को न पहचानना चाहा , तो परमेश्वर ने भी उन्हें उनके निकम्मे मन पर छोड दिया कि वे अनुचित काम करें । आज भी जो लोग इस तरह के घृणित काम को करते हैं और अपने मन को फिरा कर परमेश्वर की ओर नहीं लोटते वो परमेश्वर से दूर हो जाते व अपने जीवन को एक घोर अन्धकार में घसीट लाते हैं जहाँ...

जो भी अपने द्बारा किये गये पापों को मान लेगा और उन्हे छोड देगा उस पर ही दया की जाएगी यह परमेश्वर का न्याय है वो पवित्र है और किसी भी अपवित्र व्यक्ति को वो अपना बैटा या बैटी नही बनाता । जब तक अपने पापों को मानकर छोडेंगे नही तब तक परमेश्वर की कृपा हम सब तक नही पहुँचने की ।आज भी वही परमेश्वर है जो बदला नही हम भी अपने जीवन में परमेश्वर से कुछ पाना चाहते हैं तो उन सब कामों से तौबा करनी होगी जो हम समाज में रहकर जाने अनजाने करते जाते हैं ।हम जब उन की माफी मांगेगे तो ही हमारा जीवन सुधरेगा ।

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बाइबिल कहती है अपने अपने पापों को एक दूसरे के सामने मान लो ताकि चंगे हो जाओ । यह एक ऐसी सच्चाई है जो परमेश्वर ने हम सबके लिये बताई है हम अपने पापों को अगर नही मानते और उन पापों को अपने साथ लिये फिरते और उन से अपने को अलग नही करते तब न तो पूरी रीति चंगाई मिलती है और न ही पूरी तरह से हम साफ हो पाते हैं । जो भी अपने द्बारा किये गये पापों को मान लेगा और उन्हे छोड देगा उस पर ही दया की जाएगी यह परमेश्वर का न्याय है वो पवित्र है और किसी भी अपवित्र व्यक्ति को वो अपना बैटा या बैटी नही बनाता । जब तक अपने पापों को मानकर छोडेंगे नही तब तक परमेश्वर की कृपा हम सब तक नही पहुँचने की । आज भी वही परमेश्वर है जो बदला नही हम भी अपने जीवन में परमेश्वर से कुछ पाना चाहते हैं तो उन सब कामों से तौबा करनी होगी जो हम समाज में रहकर जाने अनजाने करते जाते हैं  । हम जब उन की माफी मांगेगे तो ही हमारा जीवन सुधरेगा । आमीन प्रभु  यीशु मसीह ही क्षमा देता है रैव्ह राजेश गिरधर

परमेश्वर के वचन पर विश्वास रखें और परमेश्वर ने आपकी प्रार्थना सुनी है और उसका उत्तर दिया है, इसलिये उसकी स्तुति करें। प्रभु ने स्वयं कहा है, ‘इसलिये मैं तुमसे कहता हूँ कि जो कुछ तुम प्रार्थना करके मांगो, तो प्रतीति कर लो कि तुम्हें मिल गया, और तुम्हारे लिये हो जाएगा।’ (मरकुस 11:24) प्रभु सुनता है और उत्तर देता है ऐसा विश्वास रखें यही प्रभावशाली प्रार्थना का रहस्य है। परमेश्वर पर संदेह न करें। हमें असम्भव लगने वाली बातें भी परमेश्वर कर सकता है।

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परमेश्वर के वचन पर विश्वास रखें और परमेश्वर ने आपकी प्रार्थना सुनी है और उसका उत्तर दिया है, इसलिये उसकी स्तुति करें। प्रभु ने स्वयं कहा है, ‘इसलिये मैं तुमसे कहता हूँ कि जो कुछ तुम प्रार्थना करके मांगो, तो प्रतीति कर लो कि तुम्हें मिल गया, और तुम्हारे लिये हो जाएगा।’ (मरकुस 11:24) प्रभु सुनता है और उत्तर देता है ऐसा विश्वास रखें यही प्रभावशाली प्रार्थना का रहस्य है। परमेश्वर पर संदेह न करें। हमें असम्भव लगने वाली बातें भी परमेश्वर कर सकता है। विश्वास का जीवन प्रसन्नता का जीवन है। हरेक चीज के लिये आप परमेश्वर पर भरोसा रख सकते हैं। प्रभु पर शंका मत लाइये। कोई भी विलम्ब के लिये उससे सवाल न करें और न ही व्याकुल हो, परन्तु परमेश्वर ने आपकी प्रार्थना सुन ली है ऐसा विश्वास रखें। प्रभु आपका विश्वास देखेगा और उसके अनुसार आपको प्रतिफल देगा। कई लोग प्रार्थना करते हैं परन्तु उनका चेहरा उदास ही रहता है। यह बताता है कि प्रभु ने उनकी प्रार्थना सुनी है ऐसा वे नहीं मानते। ऐसे लोग विश्वास में निर्बल हैं। प्रभु ने आपकी सुनी है, ऐसा आप सचमुच विश्वास करते हों तो प्रार्थना के उत्तर के लिये उसकी...

बहुत बार हम परमेश्वर की आवाज को सुन नहीं पाते क्योंकि हम उसकी आवाज सुनना ही नहीं चाहते हमने अपने आप को इतना अधिक सांसारिक बना लिया है कि जब भी परमेश्वर हमसे कुछ कहता या कहना चाहता या कोई बात समझाने के लिये इशारा करता है तब भी हम उसे नहीं समझ पाते वजह हम खुद ही हैं | उसका यह विदा है उसने खुद कहा है मांगो तो पाओगे , खटखटाओगे तो खोला जाएगा अब यह हमारे ऊपर है हम क्या चाहते और क्या करते हैं हम स्वतन्त्र हैं हमें क्या चाहिए उसे लेने के लिये आगे भी रहेंगे हम चाबी वाला खिलोना नहीं, आजाद है वो आजादी हम प्रभु में इस्तेमाल करें या शैतानियत में यह हमारे ऊपर है ।

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बहुत बार हम परमेश्वर की आवाज को सुन नहीं पाते क्योंकि हम उसकी आवाज सुनना ही नहीं चाहते हमने अपने आप को इतना अधिक सांसारिक बना लिया है कि जब भी परमेश्वर हमसे कुछ कहता या कहना चाहता या कोई बात समझाने के लिये इशारा करता है तब भी हम उसे नहीं समझ पाते वजह हम खुद ही हैं हम न तो उसकी आज्ञाओं को न मानते और न ही पूरे तन मन धन से उसकी खोज करते हैं ,अगर खोज भी करते हैं तो उसकी जो नाशवान है जो धीरे- धीरे मिटता जाता है खोज करते हैं तो उस पैसों की जिसे लेने के बाद सम्भाल न पाने के कारण वो पैसा भी हमसे दूर होता जाता है । और हम समझते हैं परमेश्वर हमारे साथ है यह सोच सोचकर खुश होते रहते हैं जबकि ऐसा होता नहीं । हम परमेश्वर की न सुनकर अपने अपने बुरे मन के हठ की बातों को ज्यादा महत्वपूर्ण मानते उसी के पीछे पडे भी रहते हैं । अपने मन की बुरी बुरी युक्तियों को पूरा करने का प्रयास भी करते रहते हैं ,अभी अगर हम परमेश्वर की आवाज सुने तो अपने मन को कठोर न करें बल्कि पूरी रीति उसके पीछे चलें उसे ढूँढे तो हम उसे पा जाएंगे । उसका यह विदा है उसने खुद कहा है मांगो तो पाओगे , खटखटाओगे तो खोला जाएगा अब यह ह...

अगर आप शैतान को, बिमारी को, हर मुशकिल को बांधना चाहते है, तो प्रमेश्वर के वचन को अपने हाथों में और हृदय में बांधकर रखना होगा! अपने मुँह से बोल कर बिमारी, दु:ख, या शैतान को बांधना है, तो उस वचन को अपने गले से भी लपेट कर रखे!यीशू ने कहा, कि आप किसी बलवन्त के घर को लूटना है, तो उसे पहले बांधना होगा! शैतान को जबतक बांधेगें नही, तो वह कभी भी संसार के लोगों को छोड़ेगा नही, वह उन्हें बिमारियों से, दु:खों से बांध लेगा | प्रमेश्वर अपने वचनों को मोहर करके आपको देना चाहता है! ताकिं आप शैतान को बांध सके!

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अगर आप शैतान को, बिमारी को, हर मुशकिल को बांधना चाहते है, तो प्रमेश्वर के वचन को अपने हाथों में और हृदय में बांधकर रखना होगा! अपने मुँह से बोल कर बिमारी, दु:ख, या शैतान को बांधना है, तो उस वचन को अपने गले से भी लपेट कर रखे! यीशू ने कहा, कि आप किसी बलवन्त के घर को लूटना है, तो उसे पहले बांधना होगा! शैतान को जबतक बांधेगें नही, तो वह कभी भी संसार के लोगों को छोड़ेगा नही, वह उन्हें बिमारियों से, दु:खों से बांध लेगा,  आपको स्वर्ग के राज्य की कुंजियों को दिया गया है! आप पृथ्वी पर जो भी बांधेगें, वोही स्वर्ग से भी बांधा जायेगा, आप जो कुछ खोलेगें वह खुल जायेगा, आपके बोले शब्द वचनों से प्रेरित है, तो वह पहले स्वर्ग में जाऐगें, जैसे आपके सैलफोन की बात पहले सैटरलैट के पास जाती है, फिर आपसे बात होती है!  प्रमेश्वर अपने वचनों को मोहर करके आपको देना चाहता है! ताकिं आप शैतान को बांध सके!  आप खोई हुई भेड़ों को वापस लाऐ, शैतान ने उनको कमजोर, और बहुतों को तोड़ डाला है, आप टूटी हुई भेड़ों को पट्टी बांधों, कमजोर को तगड़ा करो!  शैतान भारी बोझ को बांधकर, आपके गले में बांधना चा...

परमेश्वर हमारी हर छोटी बडी जरूरत को जानता है , यही कारण उसने मनुष्यों के लिए ऐसे नियम बनाएं जिनका पालन करके मनुष्य अपने संम्पूर्ण जीवन को सही से जी सके । अच्छा यही है जितना परमेश्वर की ओर से मिला उसमें सन्तुष्ट रहें और अपनी खुद की गाढी कमाई से सब कुछ खरीदकर अपने बच्चों को दें जिसमें किसी की आहें और आंसू न मिलें हो ।

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परमेश्वर हमारी हर छोटी बडी जरूरत को जानता है , यही कारण उसने मनुष्यों के लिए ऐसे नियम बनाएं जिनका पालन करके मनुष्य अपने संम्पूर्ण जीवन को सही से जी सके । मगर मनुष्य के लालच ने उसे परमेश्वर से तो दूर किया ही उसकी सब बातों को विधियों को भी अपने से कोसों दूर कर दिया , उसका लालच इतना बढ गया कि वो आज सब कुछ ले लेना चाहता है सब कुछ हडप लेना चाहता है चाहे रास्ता कोई भी क्यों न हो परमेश्वर कहता है किसी की भूमि को न छीनना।  पर आज यह हालात हो चुके हैं,कि लोग खाली जगह को देखते ही उस पर कब्जा करने की कोशिश शुरू कर देते हैं , हर वो तरीका अपनाते हैं जिससे वो जगह उनके कब्जे में आ जाए जब कब्जा हो जाता है तब उस पर मकान या दुकान बनाकर बेच देते व उस पेसों से ऐश करते हैं । पर परमेश्वर की वाणी क्या है ऐसा करनेवाले कर तो लेते हैं मगर परमेश्वर का न्याय उनके साथ रहता है, ऐसे लोगों के घर तो बडे हो जाते , कारें बहुत सी आ जाती , साजो समान महगें से मंहगा आ जाता पर उन सब को भोगने वाला कोई नहीं होता । परमेश्वर सारे परिवार को तितर बितर कर देता है , बेटा कहीं चला जाता है बेटी किसी और के साथ चली जाती उ...

जब भी कोई व्यक्ति प्रभु को ग्रहण करके बपतिस्मा लेता है तब वो अपने हर उस पुराने पाप को , पुराने जीवन को , पुराने घिसेपिटे रिवाजों को तजकर प्रभु के साथ हो लेता है जिससे उसे अपने पुराने किये गये गुनाहों से माफी मिलती और वो एक नये जीवन में प्रवेश करता है जो कि उसे सब प्रकार के बन्धनों से मुक्ति देता है

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जब भी कोई व्यक्ति प्रभु को ग्रहण करके बपतिस्मा लेता है तब वो अपने हर उस पुराने पाप को , पुराने जीवन को , पुराने घिसेपिटे रिवाजों को तजकर प्रभु के साथ हो लेता है जिससे उसे अपने पुराने किये गये गुनाहों से माफी मिलती और वो एक नये जीवन में प्रवेश करता है जो कि उसे सब प्रकार के बन्धनों से मुक्ति देता है यहीं से शुरुआत होती है मसीही जीवन को जीने की पर बहुत से लोग अपने आप का इन्कार नहीं कर पाते अपने पुराने जीवन को भी जीते हैं और मसीही जीवन को भी तब उनकी जिन्दगी में जो काम परमेश्वर करना चाहता है नहीं कर पाता तब उनकी जिन्दगी पूरी तरह नहीं बदलती जो कि अपने आप को धोखा देने जैसा है जो मसीह में नहीं वो मेरा नहीं क्योंकि वो उन सारे कामों में लिप्त है जो व्यक्ति को पाप की ओर ले जाता है पाप की मजदूरी तो मृत्यु है जैसा लिखा है यही वजह थी यीशु मसीह ने अपने सब पुराने रिशतों का इन्कार किया वो जानता था पुराने बन्धन उसे अपनी ओर खींचेगें जो उसे इस नये जीवन को जीने में बाधा उत्पन्न करेंगे , इसी कारण उसने उन रिशतों का इन्कार किया ताकि हमें वो सिखा सके हम उनके साथ हैं जो परमेश्वर के वचन पर चलते हो ,...

खेत में दो तरह का बीज न बोना , मिलावट का कपड़ा मत पहनना| दो तरह के बीज , दो तरह के किरदार का प्रतीक है| एक अन्दर का , और एक बाहर का| मिलावट का लिबास , मानसिकता का प्रतीक है| इंसान बुरा है , मगर ख़ुद को अच्छा ज़ाहिर करता है| वो उथला है , मगर ख़ुद को गहरा बताता है| दिल में नफ़रत है , मगर मुहब्बत से पेश आता है| ज़हर खिलाने वाला , कोई क़रीबी ही होता है| ईश्वर के साथ भी कई बार , दोहरा रिश्ता होता है| लोग चर्च में जितने अच्छे होते हैं , बाहर नहीं होते हैं| { सब नहीं } तितली अपनी पहचान नहीं छिपाती , फिर इंसान क्यों छिपाता है, क्योंकि आज भी शरीर में पाप का अंश है।हमें अपनी प्रार्थना में मांगना चाहिए कि हमारा स्वभाव मसीह यीशु जैसा हो।अंदर और बाहर एक जैसा।

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आप फूल और तितली को , उसके रंग और आकार से पहचान सकते हैं , मगर इंसान को नहीं| नाटक में अक्सर कलाकार , मुखौटे का उपयोग करते हैं| कुछ देर के लिए वो ख़ुद को उस किरदार में ढाल लेते हैं , मगर  नाटक ख़त्म होते ही मुखौटा उतार दिया जाता है| एक बुरा शख्स भी , एक अच्छे शख्स का किरदार बखूबी निभा सकता है| दुनियां किसी रंगमंच से कम नहीं है , जहाँ हर क़दम पर मुखौटे की ज़रूरत है| पहचान पत्र रखने वाला शख्स भी , अपनी पहचान छिपाकर रखता है| लैव्यव्यवस्था 19:19 में ख़ुदा ने हुक्म दिया था --- अपने खेत में दो तरह का बीज न बोना , मिलावट का कपड़ा मत पहनना| दो तरह के बीज , दो तरह के किरदार का प्रतीक है| एक अन्दर का , और एक बाहर का| मिलावट का लिबास , मानसिकता का प्रतीक है| इंसान बुरा है , मगर ख़ुद को अच्छा ज़ाहिर करता है| वो उथला है , मगर ख़ुद को गहरा बताता है| दिल में नफ़रत है , मगर मुहब्बत से पेश आता है| ज़हर खिलाने वाला , कोई क़रीबी ही होता है| ईश्वर के साथ भी कई बार , दोहरा रिश्ता होता है| लोग चर्च में जितने अच्छे होते हैं , बाहर नहीं होते हैं| { सब नहीं }  तितली अपनी पहचान नहीं छिपाती , फिर इंसान ...

यिर्मयाह 17:9, में लिखा है, मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोखा देने वाला होता है, उस में असाध्य ( लाइलाज) रोग लगा है; उसका भेद कौन समझ सकता है?यिर्मयाह 17:10, में, मैं यहोवा मन की खोजता और हृदय को जांचता हूँ ताकि प्रत्येक जन को उसके चाल- चलन के अनुसार अर्थात उसके कामों का फल दूं।हालांकि हर इंसान अगर यह समझ ले कि जो उसके पास है, शायद उतना दूसरों के पास नहीं है,तो ऐसा सोचते ही हम दुनिया के सबसे सुखी इंसानो में हो जाएंगे,परमेश्वर जानते है कि हमारी जरूरते क्या है पर मनुष्य इतना असंतोष से भरा है कि नही जानता कि इसका परिणाम अच्छा नही। क्यो ना हम इस भयानक दु:ख से बचे और जो कुछ हमारे पास है उसका हर पल धन्यवाद करें।प्रभु का आत्मा इस सत्य को समझ कर चलने में हमारी मदद करें.

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ज़रूरतों को पूरा करना, कुछ हद तक अच्छा है; परन्तु लालसाओं को पूरा करने के लिए असंतोष रहना अच्छा नही क्योंकि हज़ारों कमाने वाला लाखों कमाने की दौड़ में लगा हुआ है, जो लखपति है वो करोड़पति बनने की दौड़ में लगा हुआ है, ये जानते हुए भी कि इंसान को एक दिन यहा से जाना है, उसका शरीर नश्वर है, हम ज़्यादा और भी ज़्यादा की दौड़ में लगे हुए हैं सिकन्दर ने दुनिया पर विजय पाई जब गया तो दोनों हाथ खाली थे। जिस पैसे की दौड़ में इंसान सारी ज़िन्दगी लगा देता हैं वो अपनी ज़िन्दगी में एक पल भी नही बड़ा सकता।यही सत्य है। हमारी तृष्णा का हाल यह है, की हमारा पेट तो भर जाता है, मगर *मन* नहीं भरता क्योंकि इसमें रोग लगा हुआ हैं। यिर्मयाह 17:9, में लिखा है, मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोखा देने वाला होता है, उस में असाध्य ( लाइलाज) रोग लगा है; उसका भेद कौन समझ सकता है? यिर्मयाह 17:10, में, मैं यहोवा मन की खोजता और हृदय को जांचता हूँ ताकि प्रत्येक जन को उसके चाल- चलन के अनुसार अर्थात उसके कामों का फल दूं। हालांकि हर इंसान अगर यह समझ ले कि जो उसके पास है, शायद उतना दूसरों के पास नहीं है,तो ऐसा सोचते ही हम दुनिया के स...

हमारा परमेश्वर महान है , वह अपने लोगों का पूरा ध्यान रखता है उन्हें कभी किसी प्रकार की घटी नहीं होने देता जब हम अपने परमेश्वर की आज्ञा को मानकर अपना जीवन चलाते हैं तब वो हमारी हर उस जरूरत को पूरी करता है जिसकी हमें आवश्यकता है क्योंकि वो जानता है मनुष्य मिट्टी ही है छाया सा चलता है और मिट्टी में ही मिल जाएगा ।

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हमारा परमेश्वर महान है , वह अपने लोगों का पूरा ध्यान रखता है उन्हें कभी किसी प्रकार की घटी नहीं होने देता जब हम अपने परमेश्वर की आज्ञा को मानकर अपना जीवन चलाते हैं तब वो हमारी हर उस जरूरत को पूरी करता है जिसकी हमें आवश्यकता है क्योंकि वो जानता है मनुष्य मिट्टी ही है छाया सा चलता है और मिट्टी में ही मिल जाएगा । इसीलिये वो कहता है पहले मेरे स्वर्ग राज्य की खोज करो यह सब वस्तुएं तो तुम्हें यूँ ही मिल जाएँगी जब मूसा के द्बारा यहोवा परमेश्वर इस्राइली लोगों को मिस्र से निकाल कर ला रहा था तब वह लोग जंगलों को पहाडों को नदियों को पार करते चलते जा रहे थे उस समय कोई कमाई का साधन किसी के पास नहीं था फिर भी परमेश्वर उन सबको स्वर्ग की रोटी देता था जो मन्ना के रुप में स्वर्ग से गिरती उसे वो हर रोज सुबह उठकर बटोरते पीसते व रोटी बना कर खाते थे । जब वो चलते तब एक बादल उन सब के ऊपर छाया करता हुआ चलता ताकि उन्हें धूप न लगे , जब वो रात को चलते तब एक आग का खम्बा उनके साथ चलता ताकि उन्हे अन्धेरे में टटोलना न पडे जंगली जानवरों से वो आग उन्हें बचाती थी । जब उन्हे प्यास लगती तब परमेश्वर उन्हें चट्टा...

व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा हो जाता है| आप क्या हैं, कैसे हैं, सब कुछ आपके सोच पर निर्भर है| जब तक आप ना चाहें, कोई आप पर हावी नहीं हो सकता| शैतान आपसे लड़ता है, तो लड़ने दीजिये|

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व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा हो जाता है| आप क्या हैं, कैसे हैं, सब कुछ आपके सोच पर निर्भर है| अगर आप सोचते हैं, कि आप कमज़ोर हैं, तो यक़ीनन आप हैं| *जब आप ख़ुद को कमज़ोर समझते हैं, तब आप  समस्याओं से छिपने की कोशिश करते हैं|* यर्मियाह 1:6 में लिखा है –देख मैं बोलना ही नहीं जानता, क्योंकि मैं लड़का ही हूं| यहोवा परमेश्वर ने कहा मत कह कि मैं लड़का हूं| *परमेश्वर हमारा सोच बदलना चाहता है|* यर्मियाह 15:20 में ख़ुदा ने फ़रमाया ---मैं तुझको उन लोगों के सामने, पीतल की दृढ़ शहरपनाह बनाऊंगा, वो तुझसे लड़ेंगे, परन्तु तुझपर प्रबल नहीं होंगे|  जब तक आप ना चाहें, कोई आप पर हावी नहीं हो सकता| शैतान आपसे लड़ता है, तो लड़ने दीजिये| जो मसीह में हैं, वो पीतल की शहरपनाह से कम नहीं हैं|*  आमीन प्रभु हमारी सोच को बदलने आया  रैव्ह राजेश गिरधर

परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक। पिता, मैं धन्यवाद देती हूँ कि आप सर्वोच्च परमेश्वर हैं जिसने मुझमें अपनी सांस फूंकी है। मैं धन्यवाद देती हूँ कि परेशानियां जो मेरे जीवन में आती हैं,वे मुझे मेरे लक्ष्य के अगले स्तर पर ले जाती हैं। मैं विश्वास करती हूँ कि आप मुझे बड़े लक्ष्य तक पहुँचाने के लिए मेरी सहायता कर रहे हैं। यीशु के नाम में।

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PRAISE THE LORD   🙏Good Morning 🙏 *🙏अगले स्तर तक* 🙏 *आज का बाइबल वचन;* परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक। भजन संहिता 46:1 *आज का वचन;* जब मुसीबतें हमारे रास्ते में आती है तो परेशान हो जाना आसान होता है। लेकिन परमेश्वर ने उसे अनुमति नही दी होती यदि उससे हमारा फ़ायदा नही होता। इसीलिए शिकायते करना और निराश रहना छोड़े क्योंकि जीवन में कठिनाइयाँ आती है।आपको बड़ी चुनौतियाँ मिलती है इसका कारण यह है कि आपके लक्ष बड़े है।औसत लोगों को औसत परेशनियाँ होती है;सामान्य लोगों को सामान्य चुनौतियाँ मिलती है।आप औसत नही है।आप सर्व-शक्तिमान परमेश्वर की संतान है।इस सृष्टि के कर्ता ने अपनी सांस आपके अंदर फूंकी है।उसने अपने अनुग्रह से आपके सिर पर ताज सजाया है।आप सामान्य नही है;आप साधारण से बढ़कर हैं।  आप आश्चर्यचकित ना होवे यदि आप असाधारण चुनौतियों का सामना करते हैं।परमेश्वर को मालूम है कि वह क्या कर रहा है। हो सकता है आप परेशानियों को पसंद ना करे,उसमें न्याय ना दिखे और आप परेशान हैं,लेकिन वह परेशानी यातायात की तरह है।विश्वास बनाए रखें,प्रार्थना करते रहें, परमे...

"हे मेरे राजा, हे मेरे परमेश्वर, मेरी दोहाई पर ध्यान दे, क्योंकि मैं तुझी से प्रार्थना करता हूं।" परमेश्वर जीवन भी देता है और जब उसे उचित लगता है उसे वापस बुला भी लेता है। हे प्रभु, मैं ख़ुशक़िस्मत हूं कि मेरा जीवन प्रभु जी आप के हाथ में है। मेरी प्रार्थना है कि आप मेरे विश्वास को दृढ़ करें ताकि मेरा विश्वास आप में बना रहे।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 *आज का मनन : भजन 5:2* " हे मेरे राजा, हे मेरे परमेश्वर, मेरी दोहाई पर ध्यान दे, क्योंकि मैं तुझी से प्रार्थना करता हूं।" प्रभु यीशु में आपको सलाम 🙏🏻 - यहां दाऊद अपनी पुकार पर यहोवा को ध्यान देने कह रहा है। वह सच्चे दिल से परमेश्वर को राजा और परमेश्वर मानता है। - परमेश्वर शाश्वत राजा है और कोई भी उसके शासन को बाधित नहीं कर सकता।  - जब उज्जिय्याह राजा मर गया तब यशायाह नबी मंदिर में गया और उसने प्रभु को ऊंचे सिंहासन पर विराजमान देखा। - दाऊद अपनी प्रार्थना में परमेश्वर को हर चीज का निर्माता और पालनकर्ता मानता है। - परमेश्वर जीवन भी देता है और जब उसे उचित लगता है उसे वापस बुला भी लेता है। - दाऊद जानता था कि उसका जीवन परमेश्वर के हाथ में है और वो उसकी सुधि लेगा। प्रार्थना : हे प्रभु, मैं ख़ुशक़िस्मत हूं कि मेरा जीवन प्रभु जी आप के हाथ में है। मेरी प्रार्थना है कि आप मेरे विश्वास को दृढ़  करें ताकि मेरा विश्वास आप में बना रहे।   Amen 🙏 Hv a blessed day 🙌✝️

क्योंकि सेनाओं के यहोवा ने युक्ति की है और कौन उसको टाल सकता है? उसका हाथ बढ़ाया गया है, उसे कौन रोक सकता है?यशायाह 14:27 पिता,मै धन्यवाद देता हूँ उन आशीषों के लिए जिन्हें आप ने पहले से ही क़तार में रखा है। मै लोगों के लिए,आपके अनुग्रह के लिए और उन्नति के लिए धन्यवाद देती हूँ जो आप ने मेरे रास्ते में आने के लिए रखे है।मै विश्वास करती हूँ कि आप मेरे कदमों को निर्देश दे रहे है और अपना हाथ बढ़ाकर सब कुछ मेरे क़रीब ला रहे है। यीशु के नाम में।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning🙏 👉यह पहले से ही क़तार में हैं।💐 आज का बाइबल वचन; क्योंकि सेनाओं के यहोवा ने युक्ति की है और कौन उसको टाल सकता है? उसका  हाथ बढ़ाया गया है, उसे कौन रोक सकता है? यशायाह 14:27 आज का वचन; परमेश्वर आज ना केवल युक्तिपूर्वक आपके कदमों का निर्देश कर रहे है बल्कि वह सब चीज़ों को आपकी तरफ़ भी घुमा रहे है।उसने लोगों को पहले से ही लाइन में लगा रखा है जो आपको आपकी आशीषों की ओर,आपकी उन्नति की ओर और आपको नए स्तर पर ले जाने के लिए मदद करते है।वे अपने रास्ते से हटकर आपका पक्ष करते है।आपको लोगों के साथ हेरफेर करने की ज़रूरत नही है,जबरजस्ती दरवाज़ों को खोलने या किसी को आपके साथ अच्छा रहने के लिए मानने की ज़रूरत नही है।उसने लोगों के मन को पहले से ही तैयार किया है,ताकि वे आपकी मदद करे और आशीषे आपकी राह देख रही है।यशायाह कह रहा था, जिसकी परमेश्वर ने युक्ति की है उसे कौन रोक सकता है?इस बात की चिंता करना छोड़ दे कि कौन आपको पसंद करता है,आपकी समस्या कितनी बड़ी है और कैसे आप अपने सपनो को पूरा कर पाएँगे।यह सब पहले से ही तैयार है;आप समय पर है।कोई भी व्यक्ति,कोई अस...

संत मत्तियाह | मत्तियाह (जिसका अर्थ है, 'परमेश्वर का उपहार') | हे प्रभु, मेरी भक्ति में विश्वासयोग्य और सुसंगत होने में मेरी मदद करें।

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PRAISE THE LORD 🙏 Good Morning🙏  🎊 संत मत्तियाह  🎊 मत्तियाह (जिसका अर्थ है, 'परमेश्वर का उपहार') यीशु मसीह के साथ विश्वासघात करने वाले शिष्य यहूदा इस्करियोती के स्थान में चुने गए शिष्य थे। यीशु मसीह के स्वर्गारोहण के बाद, उनके सभी शिष्य संगति और प्रार्थना के लिए यरूशलेम में इकट्ठा होकर पवित्र आत्मा के विषय में की गई प्रतिज्ञा की पूर्ति की प्रतीक्षा कर रहे थे। वहाँ, पतरस, जो जानता था कि पवित्रशास्त्र की भविष्यवाणी (भजन 109: 8, भजन 69:25) पूरी होगी, ने  प्रस्तावित किया कि सेवकाई को जारी रखने के लिए  प्रेरितों के बीच एक और व्यक्ति को यहूदा इस्करियोती के स्थान में चुनने की आवश्यकता है। इसीलिए एक साथ प्रार्थना करने के बाद, प्रेरितों ने मत्तियाह को चुना और उन्हें ग्यारह प्रेरितों के साथ गिना गया। हालाँकि बाइबल में मत्तियाह के नाम का केवल दो बार उल्लेख किया गया है (प्रेरितों के काम 1:23 और प्रेरितों के काम 1:26), वह शुरू से ही यीशु और उसके चेलों के साथ थे। वह यीशु मसीह के बपतिस्मा, उनके चमत्कारों, उनके पुनरुत्थान और उनके स्वर्गारोहण के साक्षी थे। यह प्रभु क...

यहोवा की दृष्टि में मैं आदरयोग्य हूं और मेरा परमेश्वर मेरा बल है | सेनाओं का यहोवा तुझ से यों कहता है: यदि तू मेरे मार्गों पर चले, और जो कुछ मैं ने तुझे सौंप दिया है उसकी रक्षा करे, तो तू मेरे भवन का न्यायी, और मेरे आंगनों का रक्षक होगा; और मैं तुझ को इनके बीच में आने जाने दूंगा जो पास खड़े हैं।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏 👉जकर्याह-3:4,7 4  तब दूत ने उन से जो साम्हने खड़े थे कहा, इसके ये मैले वस्त्र उतारो। फिर उसने उस से कहा, देख, मैं ने तेरा अधर्म दूर किया है, और मैं तुझे सुन्दर वस्त्र पहिना देता हूं। 7  सेनाओं का यहोवा तुझ से यों कहता है: यदि तू मेरे मार्गों पर चले, और जो कुछ मैं ने तुझे सौंप दिया है उसकी रक्षा करे, तो तू मेरे भवन का न्यायी, और मेरे आंगनों का रक्षक होगा; और मैं तुझ को इनके बीच में आने जाने दूंगा जो पास खड़े हैं। 👉यशायाह-49:4,5 4  तब मैं ने कहा, मैं ने तो व्यर्थ परिश्रम किया, मैं ने व्यर्थ ही अपना बल खो दिया है; तौभी निश्चय मेरा न्याय यहोवा के पास है और मेरे परिश्रम का फल मेरे परमेश्वर के हाथ में है॥ 5  और अब यहोवा जिसने मुझे जन्म ही से इसलिये रख कि मैं उसका दास हो कर याकूब को उसकी ओर फेर ले आऊं अर्थात इस्राएल को उसके पास इकट्ठा करूं, क्योंकि यहोवा की दृष्टि में मैं आदरयोग्य हूं और मेरा परमेश्वर मेरा बल है, Amen 🙏 Hv a blessed day 🙌✝️

प्रभु मुझे प्रतीक्षा के समयों में अधीर न होने दें, वरन आने वाले समय के लिए तैयार करें।

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PRAISE THE LORD 🙏 Good Morning 🙏    🎊...*प्रतीक्षा*.... 🎊 पुलिस ने एक महिला पर खतरनाक रीति से कार चलाने का दोष और दण्ड लागू किया। स्कूल बस से उतरते हुए बच्चों के लिए कुछ देर सड़क पर प्रतीक्षा करने की बजाए, उसने कार फुटपाथ पर डाली, उनसे आगे निकली और फिर से सड़क पर आ गई।           यह सच है कि प्रतीक्षा करनी पड़े तो हम अधीर होने लगते हैं। किन्तु प्रतीक्षा हमें कुछ अच्छी बातें भी सिखा और करवा सकती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से कहा कि वे यरूशलेम ही में रहकर प्रतीक्षा करें जब तक कि उन्हें पवित्र आत्मा का बपतिस्मा न मिल जाए (प्रेरितों 1:4-5)।           जब वो शिष्य प्रतीक्षा में ऊपर के कमरे में एकत्रित रहते थे, संभवतः उत्साह और प्रत्याशा से भरे हुए, तब प्रतीत होता है कि वे यह भी समझते थे कि प्रभु द्वारा उन से प्रतीक्षा करने के लिए कहने का अर्थ यह नहीं था कि वे निष्क्रिय होकर बैठे रहें। वे लोग उस स्थान पर एकत्रित होकर प्रार्थना करते रहते थे (पद 14); और पवित्र शास्त्र से शिक्षा पाकर उन्होंने यहू...

ख़ुदा अपने परों के साए में, हमें महफूज़ रखता है, जो बाहर निकल जाए वो हलाक़ होता है| ये माना कि परमेश्वर हमारा दृढ़ गढ़ है, मगर जो बाहर निकलेगा वो शैतान का आसान शिकार होगा| इसलिए यीशु ने कहा, तुम मझमें बने रहो और मैं तुममें| यीशु से अलग न हों।यीशु मसीह हमारी जिंदगी है।उनका वचन है मार्ग, सत्य और जीवन मैं ही हूं।

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PRAISE THE LORD 🙏Good Morning 🙏   अन्दर ज़िंदगी, तो बाहर मौत है 💐 ख़ुदा अपने परों के साए में, हमें महफूज़ रखता है, जो बाहर निकल जाए वो हलाक़ होता है| ख़ुदा ने इस्राएलियों को सख्त हिदायत दी थी, दरवाज़ों की चौखटों पर फ़सह के मेमने का खून लगाने के बाद, कोई घर से बाहर न निकलें| यहोशू ने भी राहाब से कहा था –- सुर्ख लाल रंग के सूत की डोरी, खिड़की में बांध देना| जो घर के बाहर निकल जाए, उनका खून उसी के सर पर होगा { यहोशू 2:19 } इस विषय को गहराई से समझने के लिए, हम सीबा का उदाहरण ले सकते हैं| बादशाह सुलेमान ने शिमी से कहा --- यरूशलेम में घर बना ले और वहीं रह, और वहां से कहीं न जाना| जिस दिन तू किद्रोन नाले के पार जायेगा, तू यकीन जान ले कि तू ज़रूर मारा जायेगा, और तेरा खून तेरे ही सर पर होगा { 1 राजा 2:36-37} शिमि  का गुलाम भाग गया, और शिमि  उनकी तलाश में यरूशलेम की हद से बाहर निकल गया, और मारा गया| ये माना कि परमेश्वर हमारा दृढ़ गढ़ है, मगर जो बाहर निकलेगा वो शैतान का आसान शिकार होगा| इसलिए यीशु ने कहा, तुम मझमें बने रहो और मैं तुममें| यीशु से अलग न हों। यीशु मसीह हमारी जिंद...

हम अपने आप को जांचें कि विश्वास में हैं कि नहीं। बाईबल हमें बताती है कि विश्वास करने वालों के लिए सब कुछ सम्भव है, और विश्वास भी जिन्दा ख़ुदा प्रभु यीशु मसीह पर क्योंकि जो यीशु मसीह पर विश्वास नहीं करता वह दोषी ठहर चुका है क्योंकि *पाप की मजदूरी तो मृत्यु है।*

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PRAISE THE LORD  🙏Good Morning 🙏 👉 *ज़िंदा ख़ुदा, और मुर्दा ईमान*🙏 ख़ुदा ने इस्राएलियों को सख्त हिदायत दी थी, मुझे छोड़ दूसरों को ईश्वर करके न मानना| एकेश्वरवाद का मतलब ही है, कि आप एक ईश्वर पर विश्वास करते हैं। आज मैं आपके सामने दो उदाहरण पेश करती हूं। पहला मिलता है --- 2 राजा 1:2 में – जहाँ लिखा है अहज्याह खिड़की से गिरकर घायल हो गया, उसने अक्रोन में बालजबूब देवता के पास, दूत भेजकर जानना चाहा कि वह बचेगा की नहीं| दूसरा उदाहरण मिलता है 2 राजा 8:8 में – जहाँ लिखा है – तब उसने हजाएल से कहा, भेंट लेकर परमेश्वर के भक्त के पास जा, और उसके द्वारा यहोवा से यह पूछ, कि बेनहदद जो रोगी हुआ है, बचेगा की नहीं? अजब हैरत की बात है , कि इस्राएल का राजा बालजबूब से पूछता है, कि वो बचेगा की नहीं; और दूसरी ओर आराम का राजा बेनहदद, यहोवा से पूछता है| अहज्याह का ख़ुदा ज़िंदा है, मगर उसका ईमान मुर्दा था| मैं ऐसे कई मसीहियों को जानता हूं, जो गंडे ताबीज, संख्या, पत्थरों, और मज़ारों पर ईमान रखते हैं| जबकि कितने ही अन्यजाति, ज़िंदा ख़ुदा की तलाश में हैं। आप क्या सोचते हैं, आज हमारा विश्वास कैसा है। ...

यीशु है तो आज हमें हमारे पापों से छुडाया गया है । वो है क्योंकि उसने हमारे लिये कोडे खाए ताकि हमारे पाप खत्म हो । वो है क्योंकि उसी के लहू से हमें धोया गया , शुद्ब किया गया ताकि हम संसार में जी सकें, वो है तब ही हम इस संसार के नहीं, वो हमें अपने साथ बादलों पर ले जाएगा क्योंकि जब हम यीशु के लहू से शुद्ब होकर अपना जीवन जीते हैं तब हम सब पर विजय प्राप्त करते हैं ।सब प्रकार की बुराई यीशु मसीह के द्बारा ही हमारे जीवन से दूर होती हैं ।

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यीशु ही हमारे जीवन की रोटी है यह एक सच्चाई है जो हर मसीह को समझना चाहिए यीशु ही मार्ग , सत्य , जीवन है वही है जो हमारे पापों को माफ करता है , वहीं है जो हमें पवित्रात्मा से परिपूण करता है । वही है जो हमें अन्धेरे से उजाले की ओर ले चलता है । वही है जो हमारे जी में जी ले आता है वो है तो हम आज जिन्दा है  वो है तो आज हमें हमारे पापों से छुडाया गया है । वो है क्योंकि उसने हमारे लिये कोडे खाए ताकि हमारे पाप खत्म हो । वो है क्योंकि उसी के लहू से हमें धोया गया , शुद्ब किया गया ताकि हम संसार में जी सकें, वो है तब ही हम इस संसार के नहीं, वो हमें अपने साथ बादलों पर ले जाएगा  क्योंकि जब हम यीशु के लहू से शुद्ब होकर अपना जीवन जीते हैं तब हम सब पर विजय प्राप्त करते हैं । सब प्रकार की बुराई यीशु मसीह के द्बारा ही हमारे जीवन से दूर होती हैं । यीशु मसीह कहते हैं यूह 6 ; 27 - नाशवान भोजन के लिये परिश्रम न करो , परन्तु उस भोजन के लिये जो अनन्त जीवन तक ठहरता है , जिसे मनुष्य का पुत्र तुम्हें देगा ; क्योंकि पिता अर्थात परमेश्वर ने उस पर छाप लगाई है  जब हम यीशु मसीह के पास जाते हैं...

यीशु ने कहा है ऐ बोझ से दबे लोगों मेरे पास आओ मैं तुम्हें विश्राम दूँगा। पक्षपात करना अच्छा नहीं और यह भी अच्छा नहीं कि पुरूष एक टुकड़े रोटी के लिए अपराध करे।लोग अकसर अपने हालात को दोष देते तथा अपराध की दुनियां में अपना कदम रख देते हैं फिर उससे पीछे मुडना आसान नहीं होता क्योंकि अपराध वो दलदल है जिसमे उतरने के बाद व्यक्ति धसता ही जाता है चाहे लाख कोशिश करे,पर निकलना आसान नहीं होता, यह वो एक तरफा रास्ता है जहाँ घुसना तो मुमकिन है पर वापस निकलना नामुमकिन

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पक्षपात करना अच्छा नहीं और यह भी अच्छा नहीं कि पुरूष एक टुकड़े रोटी के लिए अपराध करे। लोग अकसर अपने हालात को दोष देते तथा अपराध की दुनियां में अपना कदम रख देते हैं फिर उससे पीछे मुडना आसान नहीं होता क्योंकि अपराध वो दलदल है जिसमे उतरने के बाद व्यक्ति धसता ही जाता है चाहे लाख कोशिश करे,पर निकलना आसान नहीं होता, यह वो एक तरफा रास्ता है जहाँ घुसना तो मुमकिन है पर वापस निकलना नामुमकिन आज के समय में यह पक्षपात धार्मिक स्थलों में भी देखा जा सकता है अमीर लोगों को आगे बैठने को कहा जाता और गरीब को पीछे ,यह पक्षपात जैसे बहुत से लोगों का जीवन का एक हिस्सा बन चुका है।छोटी छोटी बातों पर झगडा हो जाता है; अभीसुनने में आया कि एक व्यक्ति ने सिर्फ़ पाँच रुपये के लिये दूसरे व्यक्ति की जान ले ली अब आप सोच सकते हैं पाँच रुपये सिर्फ पाँच रुपये, शैतान लोगों की जिन्दगी मे आज किस तरह काम कर रहा है   1पतरस 5-8 के अनुसार:-क्योंकि शैतान दरवाजे पर ही बैठा है फाड खाने के लिए कब किसे फाड़ खाये,इन सब से निपटने का एक ही रास्ता है।वो है सिर्फ़ यीशु मसीह, यीशु ने कहा है ऐ बोझ से दबे लोगों मेरे पास आओ म...

परमेश्वर के मुँह से निकला , कोई भी वचन व्यर्थ नहीं जाता | फिर भी हमारे मन में शंकाएं सर उठाने लगती हैं| परमेश्वर अपने आप का इनकार नहीं कर सकता| जो उसने कहा है , वो टल नहीं सकता| भजन 31:22 में लिखा है- मैंने तो घबरा कर कहा था , कि मैं परमेश्वर की दृष्टि से दूर हो गया हूं ; तौभी जब मैंने दोहाई दी , तब तूने मेरी गिड़गिड़ाहट को सुन लिया|केवल शैतान ही नहीं , आपका मन भी आपको भ्रमित कर सकता है| शंकाओं से जूझना और उनपर विजय पाना आपका काम है| वह आग़ के भट्टे और शेरों की मांद में भी आपका साथ नहीं छोड़ेगा| सूरज , पश्चिम से उग सकता है ; मगर परमेश्वर , धोखा नहीं दे सकता|

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परमेश्वर के मुँह से निकला , कोई भी वचन व्यर्थ नहीं जाता| फिर भी हमारे मन में शंकाएं सर उठाने लगती हैं|  समस्याओं की कड़ी धूप में , जहां दूर दूर तक कोई साया ना हो ; हमारी आत्मा व्याकुल होने लगती है| कभी लगता है , कहीं परमेश्वर हमसे नाराज़ तो नहीं है| कभी महसूस होता है , उसने हमें छोड़ दिया है| अवसाद और निराशा के काले साए , हमें डराने लगते हैं| दुखों की लम्बी काली रात में , उम्मीद के चिराग बुझने लगते हैं| जहां भ्रम के चौराहे पर खड़े आप , ये नहीं निर्धारित कर पाते कि, जाना कहां है| विश्वास का दिया , धुएं की कुप्पी बन कर रह जाता है|  परमेश्वर अपने आप का इनकार नहीं कर सकता| जो उसने कहा है , वो टल नहीं सकता|भजन 31:22 में लिखा है----मैंने तो घबरा कर कहा था , कि मैं परमेश्वर की दृष्टि से दूर हो गया हूं ; तौभी जब मैंने दोहाई दी , तब तूने मेरी गिड़गिड़ाहट को सुन लिया|केवल शैतान ही नहीं , आपका मन भी आपको भ्रमित कर सकता है| शंकाओं से जूझना और उनपर विजय पाना आपका काम है| वह आग़ के भट्टे और शेरों की मांद में भी आपका साथ नहीं छोड़ेगा|सूरज , पश्चिम से उग सकता है ; मगर परमेश्वर , धोखा नहीं...

सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रभु येशु हम आप की महिमा करते हैं धन्यवाद करते हैं आज के दिन के लिए कि आपने हमें अब तक संभाल के रखा प्रभु यीशु हम प्रार्थना करते हैं, सभी लोगों के लिए सब लोगों को संभाल कर रखना ,उनकी सारी जरूरतों को पूरा करना, प्रभु येशु सारे लोगों को बीमारियों से बचा के रखना, प्रभु यीशु के नाम से हम मांगते हैं जितने लोगों के घरों में लड़ाई झगड़े हैं,,सारे प्रभु येशु के नाम से दूर हो जाए, प्रभु से प्रार्थना करता हूं कि सब लोग परिवार के सदस्य आपस में मिलकर रह सके, प्रभु यीशु के नाम से मैं मांगता हूं जो भी भाई बहन नौकरी या अपना काम करते हैं। उन सब के कामों को आशीषित करना और आप की महिमा के लिए दे सके। प्रभु से प्रार्थना करता हूं कि जो भी लोग दुष्ट आत्माओं के प्रभाव में है,आप सब लोगों को दुष्ट आत्माओं से बचाना,और प्रभु से प्रार्थना करता हूं कि आप सब लोगों को मनों को जीतने वाले बनाना,और प्रभु जी सब लोगों को पूरी जिंदगी संभाल के रखना, प्रभु यीशु के नाम से शैतान की तमाम चालें जो लोगों को परेशान करती है,हमेशा के लिए खत्म हो जाए,और प्रभु सारे लोग बचाए जाएं पिता परमेश्वर जो जो भी लोग बाइबल को नहीं पढ़ पा रहे हैं, प्रार्थना करता हूं येशु नाम से क्या आप उन सबको बाइबल पढ़ने का प्रार्थना करने का और चर्च में जाने का बुद्धि और ज्ञान देना धन्यवाद,आपने हमारी प्रार्थना को सुना और पूरा किया, प्रभु यीशु मसीह के नाम से

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सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रभु येशु हम आप की महिमा करते हैं धन्यवाद करते हैं आज के दिन के लिए कि आपने हमें अब तक संभाल के रखा  प्रभु यीशु हम प्रार्थना करते हैं, सभी लोगों के लिए सब लोगों को संभाल कर रखना ,उनकी सारी जरूरतों को पूरा करना, प्रभु येशु सारे लोगों को बीमारियों से बचा के रखना,  प्रभु यीशु के नाम से हम मांगते हैं जितने लोगों के घरों में लड़ाई झगड़े हैं,,सारे प्रभु येशु के नाम से दूर हो जाए, प्रभु से प्रार्थना करता हूं कि सब लोग परिवार के सदस्य आपस में मिलकर रह सके, प्रभु यीशु के नाम से मैं मांगता हूं जो भी भाई बहन नौकरी या अपना काम करते हैं। उन सब के कामों को आशीषित करना और आप की महिमा के लिए दे सके। प्रभु से प्रार्थना करता हूं कि जो भी लोग दुष्ट आत्माओं के प्रभाव में है,आप सब लोगों को दुष्ट आत्माओं से बचाना,और प्रभु से प्रार्थना करता हूं कि आप सब लोगों को मनों को जीतने वाले बनाना,और प्रभु जी सब लोगों को पूरी जिंदगी संभाल के रखना, प्रभु यीशु के नाम से शैतान की तमाम चालें जो लोगों को परेशान करती है,हमेशा के लिए खत्म हो जाए,और प्रभु सारे लोग बचाए जाएं पिता परमे...

ख़ुदा हमारी मदद इसलिए करता है, कि हम कोशिश करें और कामयाबी हासिल करें| ख़्याल कभी-कभी, दिमाग़ की दहलीज़ से बाहर नहीं आ पाते| कई बार संकल्प लिए जाते हैं, मगर वो कभी पूरे नहीं होते| हम सोचते हैं, और बस सोचते ही रह जाते हैं| मंज़िल सोचने से नहीं, चलने से मिलती है|

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ख़ुदा हमारी मदद इसलिए करता है, कि हम कोशिश करें और कामयाबी हासिल करें| ख़्याल कभी-कभी, दिमाग़ की दहलीज़ से बाहर नहीं आ पाते| कई बार संकल्प लिए जाते हैं, मगर वो कभी पूरे नहीं होते| हम सोचते हैं, और बस सोचते ही रह जाते हैं| मंज़िल सोचने से नहीं, चलने से मिलती है| रोमियों 12:11 में लिखा है --- कोशिश करने में सुस्ती न करो, आत्मिक जोश में भरे रहे।  आशीषें अच्छी हैं, मगर सुविधाएं और बहुतायत हमें आलसी ना बना दें| कहते हैं सुख और दुख जीवन के दो पहलू हैं ,सुख आपको कमज़ोर बना सकता है, और दुख कोई पसंद नहीं करता| मगर दुख में ही आपकी परख होती है, आग से गुज़रने के बाद ही सोने में चमक पैदा होती है| परेशानियां, बीमारियां, दुख तकलीफ आपकी इच्छा शक्ति को परखने के लिए हैं| *रुकना या न रुकना, ये रोकने वाले पर नहीं, आप पर निर्भर है| पौलूस ने फ़ैसला कर लिया था, निशाने को पाने का है, उसका ध्यान राह की रुकावटों पर नहीं, अपनी मंज़िल पर था| आपको तब तक नहीं रुकना है, जब तक मंज़िल न मिल जाए|  आमीन प्रभु आपको बहतायत की आशीष दे।  रैव्ह राजेश गिरधर

ज़िन्दगी समय के समान है ; जो कहीं रुकता नहीं| हर शाम, रात का पैगाम लेकर आती है ; और हर रात, सुबह का सन्देश लेकर| सुख़ और दुःख धूप छाँव की तरह आते जाते रहते हैं ; कुछ भी स्थाई नहीं है| सुख़ के दिन कम लगते हैं , और दुःख के कम दिन भी बहुत लम्बे लगते हैं| इसका कारण हमारी मानसिकता है|* हम बहुत बार अतीत से छुटकारा पाने में असफ़ल रहते हैं| असफ़लता और निराशा , हमारे दिमाग़ से जोंक की तरह चिपक जाती हैं| *पौलूस कहता है---मैं पीछे की बातों को भूल कर , आगे की ओर बढ़ता जाता हूं| यही विचार ही जीने की कला है|

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ज़िन्दगी दरिया की तरह है , जो लगातार बहता रहता है; जब तक की सागर से ना मिल जाये| ज़िन्दगी समय के समान है ; जो कहीं रुकता नहीं| हर शाम, रात का पैगाम लेकर आती है ; और हर रात, सुबह का सन्देश लेकर| सुख़ और दुःख धूप छाँव की तरह आते जाते रहते हैं ; कुछ भी स्थाई नहीं है| सुख़ के दिन कम लगते हैं , और दुःख के कम दिन भी बहुत लम्बे लगते हैं| इसका कारण हमारी मानसिकता है| हम बहुत बार अतीत से छुटकारा पाने में असफ़ल रहते हैं| असफ़लता और निराशा , हमारे दिमाग़ से जोंक की तरह चिपक जाती हैं| पौलूस कहता है--- मैं पीछे की बातों को भूल कर , आगे की ओर बढ़ता जाता हूं| यही विचार ही जीने की कला है|   हमारा अतीत , लूत की पत्नी की तरह हमें पीछे की ओर खींचता है| 3000 साल के इतिहास में यरूशलेम 40 बार उजाड़ा गया  ; लेकिन जितनी बार बर्बाद हुआ , उतनी ही बार बसाया गया| घटनाओं से सबक सीखना भी अकलमंदी है|| *इब्रानियों 12:11 में लिखा है--- वर्त्तमान में हर प्रकार की ताड़ना , आनंद की नहीं पर शोक ही की बात दिखाई देती है ; तौभी जो उसको सहते सहते पक्के हो गए हैं , पीछे उन्हें चैन के साथ धर्म का प्रतिफल मिलता है|...

यीशु ने मार्था से कहा --क्या मैं ना कहता था , यदि तू विश्वास करेगी , तो परमेश्वर की महिमा देखेगी? विश्वास से , यीशु के दामन के कोने से भी सामर्थ्य निकलती हैं| समस्याओं में सिर्फ प्रभु की ओर ताकते रहना ही विश्वास होता है| विश्वास के कमज़ोर पड़ते ही , छोटी छोटी समस्याएं भी , पहाड़ जैसी लगने लगती है| विश्वास आपके लड़ने की ताक़त है|आप जिसे सहनशक्ति कहते हैं , वो विश्वास में ही छुपी होती है|

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सोना बहुमूल्य होता है , यदि  ख़रा हो तो उसकी कीमत और ज़्यादा बढ़ जाती है| खरे सोने की चमक उसकी शुद्धता का प्रमाण होती है| कोई भी खरे सोने को खोना नहीं चाहता| पौलूस कहता है -- तुम्हारा विश्वास तपाये हुए सोने से अधिक , मूल्यवान है|  समस्याओं में सिर्फ प्रभु की ओर ताकते रहना ही विश्वास होता है| विश्वास के कमज़ोर पड़ते ही , छोटी छोटी समस्याएं भी , पहाड़ जैसी लगने लगती है| विश्वास आपके लड़ने की ताक़त है|आप जिसे सहनशक्ति कहते हैं , वो विश्वास में ही छुपी होती है|  विषय को गहराई से समझने के लिए हम , मार्था और मरियम का उदाहरण ले सकते हैं| लाज़र जब तक ज़िन्दा था , उम्म्मीद की शमाँ रौशन थी| लाज़र की सांसों की डोर टूटते ही , विश्वास की डोर भी टूट गई| उन्हें ऐसा लगने लगा सब कुछ ख़त्म हो गया , अब कुछ नहीं हो सकता| यह उनका नज़रिया था| यीशु जानता था , अब भी बहुत कुछ हो सकता है|लाज़र की कब्र पर पहुंच कर , यीशु ने मार्था से कहा --क्या मैं ना कहता था , यदि तू विश्वास करेगी , तो परमेश्वर की महिमा देखेगी? विश्वास से , यीशु के दामन के कोने से भी सामर्थ्य निकलती हैं| आमीन प्रभु में अपने विश्वास ...

आपके जीने का मक़सद क्या है? क्या आप ख़ुदा के लिए जीना चाहते हैं? या आप इसलिए जी रहे हैं, कि ख़ुदा का नाम ऊंचा उठाया जाए? आपके जीने से ख़ुदा को महिमा मिले

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आज के समय.मे जी तो सब ही रहे हैं, मगर सवाल यह है, उनके जीने का मक़सद क्या है?चंगाई सभा हो तो, हज़ारों, लाखों की भीड़ इकट्ठी हो जाती है| जहाँ सिर्फ़ वचन का प्रचार हो, वहाँ गिने, चुने लोग ही दिखाई देते हैं|चंगाई मिलने के बाद, अगर आत्मा ना बचे, तो उस चंगाई से क्या फ़ायदा? चंगा होने के बाद,अगर  इंसान फ़िर से सांसारिक हो जाए; स्वस्थ होने के बाद, अगर वो शैतान के काम आये तो क्या फायदा । आपके जीने का मक़सद क्या है? क्या आप ख़ुदा के लिए जीना चाहते हैं? या आप इसलिए जी रहे हैं, कि ख़ुदा का नाम ऊंचा उठाया जाए? आपके जीने से ख़ुदा को महिमा मिले| या कहीं ऐंसा तो नही कि परमेश्वर की आशीषें, संसार और शैतान के काम तो नहीं आ रही हैं? जवाब, आपको ख़ुद को देना है ✔️*  आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह. राजेश गिरधर ®

प्रभु को समर्पित एक प्यारी कविता

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कांटों पर चल कर         फूल खिलते हैं विश्वास पर चलकर         प्रभु मिलते हैं एक बात सदा         याद रखना दोस्तों सुख में तो सब         मिलते हैं लेकिन दुख में और कोई नहीं         सिर्फ यीशु मसीह  ही मिलते हैं आमीन, आमीन फिर से कहें आमीन

वो हमारे लिए सब कुछ पूरा करेगा,और वो करता भी है हमारा विश्वास बहुत बार परिस्थितियों को देखकर डगमगाने लगता है पर हम जब उसे विश्वास से पुकारते हैं तब वो दौडा आता है। परमेश्वर ही से सहायता हमें मांगनी चाहिए उसकी सहायता से हम जीवन की हर परिस्थितियों को जीत सकते हैं यीशु मसीह पर विश्वास रखो,और आगे बढो सब पहाड हट जाएँगे।

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यहोवा मेरे लिये सब कुछ पूरा करेगा ; हे यहोवा तेरी करुँणा सदा की है । तू अपने हाथों के कार्यों को त्याग न देगा । यह बात बिलकुल ही सही है जैसा कि बहुत से लोग मानते हैं विश्वास भी करते हैं पर कुछ लोग इस बात पर विश्वास ही नहीं करते वो कहते हैं हम अपनी अकल और ताकत से सब कुछ प्राप्त कर लेंगे मगर हम तो अपने परमेश्वर ही पर भरोसा रख कर अपने सब कामों को करते जाएँगे और वो हमें वो मुकाम देगा जो उसने हमारे लिए रखा है । बाइबिल हमें परमेश्वर पर भरोसा करना सिखाती है,जब जब  व्यक्ति अपनी बुद्बि का सहारा लेता है और जो वो करने की कोशिक करता उसमें वो फेल हो जाता है तब उसे निराशा हाथ लगती और वो दुख में बैठ जाता है मगर हम इस वचन पर भरोसा करके अपने कामों को यहोवा पर डाल देते हैं तब वो हमारे सब मनोंरथों को पूरा करता जाता है उसी ने हमें बनाया है हम उसी के हाथ के काम हैं तो क्या कोई अपनी बनाई हुई किसी चीज को भला खराब करता है नहीं करता हाँ उसे भट्टी में तराशकर और सुन्दर जरूर बनाता है जिसे हम दुख कहतें आएँ है सोचते हैं यह दुख मेरे जीवन मे ही क्यों आया यह गलत मेरे साथ ही क्यों हुआ पर हम यह भूल जाते...

प्रभु को समर्पित एक सुंदर कविता

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अन्धेरा हटाने में         समय बर्बाद मत करें बल्कि दिआ जलाने         में समय लगाए दूसरों को नीचा         दिखाने में नहीं खुद को खुदा की          नज़रों में ऊंचा उठाने में समय लगाएं        आमीन             आमीन                   आमीन

हम परमेश्वर की पवित्रता का अर्थ समझ सकें और जैसे परमेश्वर पवित्र है, वैसे हम पवित्र बन सकें। 1पतरस=1-16 में परमेश्वर अपने दास के द्वारा कहता है, ‘पवित्र बनो, क्योंकि मैं पवित्र हूँ।’ हमें उसके समान पवित्र बनना है

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हम परमेश्वर की पवित्रता का अर्थ समझ सकें और जैसे परमेश्वर पवित्र है, वैसे हम पवित्र बन सकें।  1पतरस=1-16 में परमेश्वर अपने दास के द्वारा कहता है, ‘पवित्र बनो, क्योंकि मैं पवित्र हूँ।’ हमें उसके समान पवित्र बनना है, पतरस, यूहन्ना, पौलुस, दानिय्येल, यशायाह या मूसा के समान नहीं। परमेश्वर कहता है, ‘पवित्र बनों क्योंकि मैं पवित्र हूँ।’ ’ इस ईश्वरीय दर्जे तक कोई भी व्यक्ति किसी भी मानवीय उपायों द्वारा पहुँच नहीं सकता। मनोबल, ज्ञान, उपवास, आँसूओं अथवा अन्य किसी साधनों के द्वारा वह प्राप्त नहीं हो सकता। पवित्र आत्मा मुझमें आये और मुझमें गहराई से काम करे तब ही मैं जैसे वह पवित्र है वैसे पवित्र बन सकता हूँ। मेरा काम सिर्फ इतना ही है कि मैं उसे मुझ पर सम्पूर्ण अधिकार दूं और मुझ में उसे गहराई से कार्य करने दूँ और उसे कहूँ, ‘प्रभु मेरे हाथ आपकी सेवा में और मेरे पाँव आपके काम के लिये हमेशा तैयार है। मेरे सभी अंग मनुष्यों की परवा किये बिना आपके आधीन होंगे।’ हमें उसके अधिकार के नीचे आना पड़ेगा जिससे कि पवित्र आत्मा हमें सम्पूर्ण रीति से वश में ले, क्योंकि हम खुद उसे ले नहीं सकते। ...

बाइबिल हमें परमेश्वर पर भरोसा करना सिखाती है, जब भी व्यक्ति अपनी बुद्बि का सहारा लेता है और जो वो करने की कौशिश करता उसमें वो फेल हो जाता है तब उसे निराशा हाथ लगती और वो दुख में बैठ जाता है मगर हम इस वचन पर भरोसा करके अपने कामों को यहोवा पर डाल देते हैं तब वो हमारे सब मनोंरथों को पूरा करता जाता है

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बाइबिल हमें परमेश्वर पर भरोसा करना सिखाती है, जब भी व्यक्ति अपनी बुद्बि का सहारा लेता है और जो वो करने की कौशिश करता उसमें वो फेल हो जाता है तब उसे निराशा हाथ लगती और वो दुख में बैठ जाता है मगर हम इस वचन पर भरोसा करके अपने कामों को यहोवा पर डाल देते हैं तब वो हमारे सब मनोंरथों को पूरा करता जाता है उसी ने हमें बनाया है हम उसी के हाथ के काम हैं तो क्या कोई अपनी बनाई हुई किसी चीज को भला खराब करता है नहीं करता हाँ उसे भट्टी में तराशकर और सुन्दर जरूर बनाता है जिसे हम दुख कहतें आएँ है सोचते हैं यह दुख मेरे जीवन मे ही क्यों आया यह गलत मेरे साथ ही क्यों हुआ पर हम यह भूल जाते हैं वो हमें दुखों की भट्टी मे से गुजार कर सोना बना रहा है। जिसकी कीमत बाजार में लाखों की होती है परमेश्वर हमें सोना बनाना चाहता है ताकि हम इस जीवन में सब कुछ पा सकें उसका यह वादा है वो हमारे लिए सब कुछ पूरा करेगा करता भी है  आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह राजेश गिरधर

सब्त का दिन परमेश्वर की इच्छा पर चलने का दिन है| आपकी इच्छा परमेश्वर की इच्छा से टकराने ना पाए| तीसरा ---सब्त के दिन को आनंद का दिन माने

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सब्त का दिन|  सब्त के दिन , चर्च में आराधना होती है , और इस दिन हमें आराधना करना चाहिए| यशायाह 58:13 में इस दिन की महत्ता को विस्तार से समझाया गया है| यह केवल , आराधना का दिन ही नहीं है| *पहला -- यदि तू विश्राम दिन को अपवित्र ना करे ---इसका मूल अर्थ है , यदि तू विश्राम दिन से अपना पाँव ना मोड़े| जिस उद्देश्य के लिए विश्राम दिन बना है , उसकी विपरीत दिशा में ना जाये| दूसरा ---विश्राम दिन में अपनी इच्छा पूरी ना करे --सब्त का दिन परमेश्वर की इच्छा पर चलने का दिन है| आपकी इच्छा परमेश्वर की इच्छा से टकराने ना पाए| तीसरा ---सब्त के दिन को आनंद का दिन माने ---किसी किसी के लिए , चर्च जाना , आनंद का कारण नहीं होता है| कुछ सिर्फ़ मुँह दिखाने के लिए , चर्च जाते हैं| चौथा ---सब्त का सम्मान करके , अपने मार्ग पर ना चले ---हमारा मार्ग सांसारिक है , तो हम परमेश्वर के मार्ग से भटक गए हैं| ये हमारा नहीं , परमेश्वर का दिन है| इसकी इज्ज़त करना हमारा परम कर्तव्य है| पांचवी --अपनी ही बात ना बोले ---सब्त का दिन , परमेश्वर के वचन की चर्चा का दिन है| दिनभर उसके वचन की चर्चा होती रहे|* आमीन प्रभु आप...

यीशु ने बड़े दावे के साथ कहा, मांगो तो दिया जाएगा| हर इंसान ख़ुदा से कुछ ना कुछ मांगता रहता है| हर एक की अपनी अपनी ज़रूरत है | कभी आपने सोचा है, आपकी सबसे बड़ी ज़रूरत क्या है?

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यीशु ने बड़े दावे के साथ कहा, मांगो तो दिया जाएगा| हर इंसान ख़ुदा से कुछ ना कुछ मांगता रहता है| हर एक की अपनी अपनी ज़रूरत है | कभी आपने सोचा है, आपकी सबसे बड़ी ज़रूरत क्या है? अगर ख़ुदा, आपसे सुलेमान की तरह पूछ ले, मांग तुझे क्या चाहिए? तो आपने क्या सोच रखा है? शायद ज़्यादातर हम जिस्म के बारे में ही सोचते हैं| *क्या आप आपनी आत्मा की आवश्यकताओं के लिए भी चिंतित हैं?*  समस्याओं से लड़ने और शैतानी ताकतों से झूझने की सामर्थ्य के बारे में आपका क्या विचार है? क्या स्वर्गीय सामर्थ्य आपकी सूची में सबसे ऊपर है? हर रोज़ शैतान ना जाने कितनी ही आत्माओं को नाश कर रहा है| *धर्मी होने का दावा करने वाले भी संसार के मकड़ जाल में उलझे हुए हैं|कितने ही प्रभु के दासों ने पदवी और दौलत की ख़ातिर, अपनी सेवा को बर्बाद कर लिया|कलीसिया के रहनुमाओं को राजनीति का ऐसा नशा चढ़ा है, जो उतरने का नाम नहीं ले रहा है|* दूसरी ओर कलीसिया विनाश की ओर बढ़ती जा रही है| हमें जितनी ज़मीनों की चिंता है, शायद उतनी आत्माओं की नहीं है| *शैतान से ज़ोर आज़मायिश में, हम कमज़ोर साबित हो रहे हैं|यशायाह 40:29 में लिखा है---- वह थके हुए क...

माना कि शैतान ताक़तवर है , मगर इतना भी नहीं , की ख़ुदा का सामना कर सके| मुसीबतों के काले साए हों , या आप हरी हरी तराइयों से गुज़र रहे हों ; शैतान अभी जीता नहीं है और आप हारे नहीं हैं| आप कमज़ोर हो सकते हैं , मगर याद रखें आपका परमेश्वर सर्व सामर्थी है|

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माना कि शैतान ताक़तवर है , मगर इतना भी नहीं , की ख़ुदा का सामना कर सके| मुसीबतों के काले साए हों , या आप हरी हरी तराइयों से गुज़र रहे हों ; शैतान अभी जीता नहीं है और आप हारे नहीं हैं| आप कमज़ोर हो सकते हैं , मगर याद रखें आपका परमेश्वर सर्व सामर्थी है| भजन संहिता=124-7 के अनुसार --- हमारी जान चिड़िया की तरह चिड़ीमारों के जाल से बच निकली , जाल तो टूट गया और हम बच निकले| शैतान कुछ देर के लिए सही , हमें अपने जाल में उलझा लेता है| फ़िरौन बहुत ताक़तवर था , वो नहीं जानता था की जिन्हें उसने गुलाम बना रखा है , उनका परमेश्वर सर्व सामर्थी है| फ़िरौन ने कभी ख्व़ाब में भी नहीं सोचा होगा , उसके बिछाए जाल की रस्सियाँ , कच्चे धागे की तरह टूट जाएंगी| शैतानी जाल की रस्सियां चाहे बेड़ियों की तरह क्यों ना हो , ख़ुदा के लिए वो बस वो सिर्फ धागा ही है| वो ना सिर्फ़ आपको आज़ाद करेगा , बल्कि उकाबों की तरह उड़ाएगा| उसने आपको आज़ादी के लिए , आज़ाद किया है|  आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह राजेश गिरधर

परमेश्वर जिसे चुनता है उसका वो पूरा ख्याल रखता है उसके काम को परमेश्वर निर्धारित कर देता है उसे क्या करना है , क्या बौलना हैं , कहाँ जाना है , क्या क्या कहना और क्या नहीं कहना परमेश्वर सब कुछ उस व्यक्ति के लिये निर्धारित करके उसे भेजता है । कहें तो परमेश्वर उसका पूरा जिम्मा अपने ऊपर उठाकर उसे चलाता है

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वचनो के द्वारा मनुष्य के लिए परमेश्वर की गारन्टी है जिसमे खुद परमेश्वर कहता है मैं तेरे साथ हूँ यह वचन यिर्मयाह भविष्यवक्ता को जब मिला तब वह लडका ही था और लोगों से घबराता भी था वजह उस की छोटी उम्र उस छोटी उम्र मे परमेश्वर ने उसे चुन लिया, परमेश्वर जिसे चुनता है उसका वो पूरा ख्याल रखता है उसके काम को परमेश्वर निर्धारित कर देता है उसे क्या करना है , क्या बौलना हैं ,  कहाँ जाना है , क्या क्या कहना और क्या नहीं कहना परमेश्वर सब कुछ उस व्यक्ति के लिये निर्धारित करके उसे भेजता है । कहें तो परमेश्वर उसका पूरा जिम्मा अपने ऊपर उठाकर उसे चलाता है उसे वचनों का ज्ञान नहीं था तब परमेश्वर ने अपने वचन उसके मुँह मे डाले यिर्म 1 ; 9 तब यहोवा ने हाथ बढाकर मेरे मुँह को छुआ ; और यहोवा ने मुझ से कहा , देख मैं ने अपने वचन तेरे मुँह मे डाल दिये हैं । परमेश्वर डर को भी व्यक्ति में से निकालने की कौशिश करता है । यिर्म 1 ; 8 - तू उनके मुख को देखकर मत डर , क्योंकि तुझे छुडाने के लिए मैं तेरे साथ हूँ , यहोवा की यह वाणी है । इन वचनों को पढने पर साफ हो जाता है परमेश्वर जिसे अपने काम के लिये चुनता उस...

हमें वो दुख में देखना ही नहीं चाहता नहीं चाहता उसके बच्चे किसी और के सामने हाथ फैलायें , किसी और की ओर ताकें ? वो हमें सब कुछ पहले ही दे चुका और भी देना चाहता है पर हम उसे छोडकर दूसरों के पीछे लगे रहते हैं अपने परमेश्वर से न माँगकर मनुष्य से लेने की चाहत मे जीते चले जाते

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दुनियां का कोई भी देवी देवता यह बात नहीं कहता , और न ही दुनियां की और कोई भी पुस्तक यह बात बताती है हमारा परमेश्वर यहोवा ही यह बात कर सकता है कह सकता है , पूरे संसार का मालिक वही है। उसी ने आकाश बनाया ,जमीन बनाई , पहाडों का सथापित किया , चाँद सूरज का निर्माण किया , सब जानवरों को , आकाश के पक्षियों को , पानी में रहनेवाले जन्तुओं को हमें दे दिया हम उन सब पर प्रभुता रखें इतना सब करनेवाला यहोवा परमेश्वर फिर भी कहता है अपना मुँह पसार मैं उसे भर दूँगा कितना अच्छा परमेश्वर है हमारा । हमें वो दुख में देखना ही नहीं चाहता नहीं चाहता उसके बच्चे किसी और के सामने हाथ फैलायें , किसी और की ओर ताकें ? वो हमें सब कुछ पहले ही दे चुका और भी देना चाहता है पर हम उसे छोडकर दूसरों के पीछे लगे रहते हैं अपने परमेश्वर से न माँगकर मनुष्य से लेने की चाहत मे जीते चले जाते , सोचते हैं वो मनुष्य हमारी मदत कर दे तो कुछ भला हो ,वो भाई कुछ दे तो यह काम हो जाए , हमेशा दूसरों की ओर ताकते रहते कभी हक से परमेश्वर से नहीं माँगते वो माँगने से पहले देनेवाला परमेश्वर है । यही है हमारा परमेश्वर जो सब कुछ बहुतायत से ...

हमारा आत्मिक जीवन कुछ कमज़ोर और कुछ मज़बूत है| यदि आत्मा तैयार है, तो शरीर कमज़ोर है| शैतान आक्रमण करने के लिए, हमारी कमज़ोरियों की तलाश में रहता है|

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हमारा आत्मिक जीवन कुछ कमज़ोर और कुछ मज़बूत है| यदि आत्मा तैयार है, तो शरीर कमज़ोर है| *शैतान आक्रमण करने के लिए, हमारी कमज़ोरियों की तलाश में रहता है|*  परमेश्वर ने यर्मियाह से कहा---मैं तुझे लोहे का खंबा और पीतल की शहरपनाह बनाऊंगा| इसमें मिलावट के लिए कोई जगह नहीं थी| इस विषय को और गहराई से समझने के लिए मैं, यीशु का उदाहरण लेना चाहूंगा| 40 दिन निराहार रहने के बाद, यीशु को भूख लगी| ठीक उसी समय शैतान आया और पत्थर से रोटी बनाने की सलाह देने लगा| *भूख और रोटी का आपस में गहरा संबंध है|यीशु ने भूख को अपनी कमज़ोरी नहीं बनने दिया|* हम सब की अपनी, अपनी ज़रूरतें हैं| कभी-कभी ज़रूरत हमारी कमज़ोरी बन जाती है| *अगर मुझे धन की सख्त ज़रूरत है, तो इसका मतलब यह नहीं, कि मैं परमेश्वर के पैसे में हांथ लगाऊं ; या धन हासिल करने के लिए, ग़लत रास्ते पर चल पडूं|दाऊद बहुत शक्तिशाली था, परन्तु वासना उसकी कमज़ोरी साबित हुई|* इसमें दोष बेतशेबा की सुंदरता का नहीं था| शैतान ने वहीँ प्रहार किया, जो स्थान उसे कमज़ोर नज़र आया| *ग़लत ढंग से ज़रूरत पूरा करने से ; ज़रूरत का पूरा ना होना ज़्यादा अच्छा है| आज बलात्कार की स...

बाहर से आ रही आवाजों को, इंसान नज़रअंदाज़ कर सकता है, मगर अपने दिल की आवाज़ को नहीं|

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बाहर से आ रही आवाजों को, इंसान नज़रअंदाज़ कर सकता है, मगर अपने दिल की आवाज़ को नहीं| भजन 84:2 में लिखा है-मेरा प्राण , परमेश्वर के आंगनों की अभिलाषा करते-करते , मूर्छित हो चला ; मेरा तन और मन , दोनों जीवते ईश्वर को पुकार रहे हैं|  *यीशु जीवन का जल है , मगर उनके लिए जो प्यासे हैं| यीशु जीवन की रोटी है , मगर उन के लिए , जो भूखे हैं|* ये माना की यीशु , द्वार पर खड़ा खटखटा रहा है ; मगर दरवाज़ा तब ही खुलेगा , जब दिल से एक आवाज़ उभरेगी , दरवाज़ा खोल दें| *चर्च और कलीसिया से कोई किसी को नहीं जोड़ सकता| जोड़ सकती हैं , तो दिल की आवाज़| जब अंतर्मन में , यीशु से मिलने की छटपटाहट हो , तब व्यक्ति किसी के रोके नहीं रुकता| मौसम , घर का काम , व्यस्तता , बीमारी , ये सब बहाने बाज़ी है| जब ख़ुदा से दिल लग जाता है , तब कोई ताक़त आपको चर्च जाने से रोक नहीं सकती आमीन प्रभु से रिश्ता मजबूत करें रैव्ह राजेश गिरधर