हमारा परमेश्वर महान् और अति स्तुति के योग्य है वो हमारे मांगने से पहले देनेवाला परमेश्वर है । वो जानता है, हमें कब किस वस्तु की जरूरत है ; और सही समय आने पर वो हमें वह वस्तु दे भी देता है ।वो देर तो करता है देने में, पर जब भी देता है तब हम सम्भाल भी नहीं पाते इतना दे देता है । हमारा परमेश्वर ऐसा ही है जब हम उसकी आज्ञा मानकर चलते हैं , तब हम फलवन्त होते जाते हैं ; जीवन के वो बन्द रास्ते भी खुलने शुरू हो जाते हैं , जो हमने सोचे भी नहीं होते ।आप भी ऊँचाई पर जाना चाहते हैं तो परमेश्वर की बातों को सुनना सीखें तथा उस पर चलना आरम्भ करें वो आपको बहुत बढाएगा इसमें कोई शक की बात नहीं है ; वो सब कुछ कर सकता है उसके लिये कुछ भी नामुमकिन नहीं

हमारा परमेश्वर महान् और अति स्तुति के योग्य है वो हमारे मांगने से पहले देनेवाला परमेश्वर है । वो जानता है,  हमें कब किस वस्तु की जरूरत है  ; और सही समय आने पर वो हमें वह वस्तु दे भी देता है ।
वो देर तो करता है देने में,  पर जब भी देता है तब हम सम्भाल भी नहीं पाते इतना दे देता है । जब उसने अब्राहम से वादा किया था कि उसका वंश तारो के समान होगा जिसकी गिनती नहीं हो सकेगी  ; उस समय अब्राहम के लिए यह सोच से भी बाहर की बात रही होगी ।
आज जब हम देखते हैं कि पूरी दुनियां अब्राहम के वंश में आ रही है । जब परमेश्वर ने अब्राहम को कहा तू निकल जा  तब वो उस आवाज का पीछा करता हुआ निकल पडा ;  परमेश्वर ने उसे बहुत बढाया , क्योंकि उसने परमेश्वर की आज्ञा को माना था 
हमारा परमेश्वर ऐसा ही है जब हम उसकी आज्ञा मानकर चलते हैं , तब हम फलवन्त होते जाते हैं ; जीवन के वो बन्द रास्ते भी खुलने शुरू हो जाते हैं  , जो हमने सोचे भी नहीं होते ।
आप भी ऊँचाई पर जाना चाहते हैं तो परमेश्वर की बातों को सुनना सीखें तथा उस पर चलना आरम्भ करें वो आपको बहुत बढाएगा इसमें कोई शक की बात नहीं है ; वो सब कुछ कर सकता है उसके लिये कुछ भी नामुमकिन नहीं 
आमीन
प्रभु आपको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर

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