प्रभु सबके मनों को जाँचता है और उसी के हिसाब से फल देता है क्योंकि प्रभु मनों को देखता है जुबान को नहीं व्यक्ति जुबान से कुछ भी बोलता है पर उसके मन में कुछ और ही होता है जिसे परमेश्वर जानता है और उसी के हिसाब से प्रार्थना सुनता है।

हम सब जब प्रार्थना करते हैं न जाने क्या क्या प्रभु से माँगते है, कोई अपनी सोच के अनुसार माँगता कोई अपनी जरूरत के हिसाब से माँगता, कोई दूसरे को देख कर माँगता, कोई किसी की बुराई माँगता, कोई किसी को देखकर जलन रखता व उसके विनाश को माँगता, हर जन कुछ न कुछ परमेश्वर से माँगता ही है।यह सच्चाई है मगर सब की प्रार्थना सुनी नहीं जाती यह हकीकत है, फिर लगता है परमेश्वर मेरी प्रार्थना नहीं सुन रहा और व्यक्ति प्रार्थना करना बन्द कर देता है कोई यह नहीं सोचता प्रार्थना सुनी क्यो नहीं जा रही तो उसका जवाब है यह वचन प्रभु सबके मनों को जाँचता है और उसी के हिसाब से फल देता है क्योंकि प्रभु मनों को देखता है जुबान को नहीं व्यक्ति जुबान से कुछ भी बोलता है पर उसके मन में कुछ और ही होता है जिसे परमेश्वर जानता है और उसी के हिसाब से प्रार्थना सुनता है। कुछ लौग दूसरों का हक मारकर अन्याय से धन इकट्ठा करते और उस धन के लिए प्रार्थना करते हैं मगर प्रभु की योजना कुछ और ही होती है इसलिये व्यक्ति को चाहिए वह अपने मन को साफ करे ताकि पवित्र मन से प्रार्थना हो जो सुनी जाए ।
आमीन
प्रभु आप सबको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर

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