सत्य की नीव डगमगाती जरूर है पर डूबती नही | प्राथर्ना और विश्वास दोनो अदृश्य है, परन्तु दोनो मे इतनी ताकत है कि नामुकिन को मुमकिन बना देता है!!! आमीन
सत्य की नीव डगमगाती जरूर है
पर डूबती नही
जीवन मे समस्या हर दिन खडी है
जीत जाते हैं वो जिनकी सोच बडी है
इन्सान वही महान है जो बुरी
स्थिती मे फिसले नही और
अच्छी स्थिती मे उछले नही
प्राथर्ना और विश्वास दोनो
अदृश्य है, परन्तु दोनो मे इतनी
ताकत है कि नामुकिन को मुमकिन बना देता है
आमीन आमीन आमीन
रैव्ह. राजेश गिरधर........
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