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हमारा प्रभु यीशु मसीह आप ही, और हमारा पिता परमेश्वर जिसने हमसे प्रेम रखा, और अनुग्रह से अनन्त शांति, जीवन, और उत्तम आशा दी है, जिससे हमारा विश्वास सबसे ज्यादा मजबूत हो जाए इसलिए प्रभु यीशु मसीह किसी का धर्म नहीं बदलता है, वह हृदय और चरित्र को बदलता है, इसलिए जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही हमारा स्वभाव भी हो। यदि कोई मसीह में है, या मसीह स्वभाव में है तो वह नई सृष्टि है,।

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👨‍👩‍👦‍👦 रिश्ता बहुत गहरा हो या न हो परन्तु भरोसा बहुत गहरा होना चाहिए, गुरु वही श्रेष्ठ होता है, जिसके वचन की प्रेरणा से किसी का दिल व चरित्र बदल जाये, और मित्र वही श्रेष्ठ होता है, जिसकी संगत से रंगत बदल जाए। हमारा प्रभु यीशु मसीह आप ही, और हमारा पिता परमेश्वर जिसने हमसे प्रेम रखा, और अनुग्रह से अनन्त शांति, जीवन, और उत्तम आशा दी है, जिससे हमारा विश्वास सबसे ज्यादा मजबूत हो जाए इसलिए प्रभु यीशु मसीह किसी का धर्म नहीं बदलता है, वह हृदय और चरित्र को बदलता है, इसलिए जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही हमारा स्वभाव भी हो।  यदि कोई मसीह में है, या मसीह स्वभाव में है तो वह नई सृष्टि है,। आमीन प्रभु हमारा जीवन बदलने आया है रैव्ह. राजेश गिरधर

सर्व शक्तिमान पिता परमेश्वर मै प्रभु यीशु मसीह के नाम से आता/आती हूं।मै आपसे प्रार्थना करता हूं कि मेरे जीवन पर यदि किसी भी प्रकार का श्राप मेरे अथवा पुर्वजों के पापो के कारण आ रहा है तो कृपया करके मुझे उन सब श्रापों से मुक्त करे ।मै मेरे पुर्वजों द्वारा किए गए पापों के लिए क्षमा मांगता हूं। मेरे जीवन पर मेरे अथवा मेरे पुर्वजों द्वारा किये गये किसी भी पाप के कारण श्राप न आने पाए ।मै प्रभु यीशु मसीह के नाम से मेरे जीवन पर मेरे पुर्वजों के कारण आए हुए हरेक श्राप को तोड़ता हूं ।

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सर्व शक्तिमान पिता परमेश्वर मै प्रभु यीशु मसीह के नाम से आता/आती हूं।मै आपसे प्रार्थना करता हूं कि मेरे जीवन पर यदि किसी भी प्रकार का श्राप मेरे अथवा पुर्वजों के पापो के कारण आ रहा है तो कृपया करके मुझे उन सब श्रापों से मुक्त करे ।मै मेरे पुर्वजों द्वारा किए गए पापों के लिए क्षमा मांगता हूं। मेरे जीवन पर मेरे अथवा मेरे पुर्वजों द्वारा किये गये किसी भी पाप के कारण श्राप न आने पाए ।मै प्रभु यीशु मसीह के नाम से मेरे जीवन पर मेरे पुर्वजों के कारण आए हुए हरेक श्राप को तोड़ता हूं । मै मेरे जीवन को प्रभु यीशु के लहु से ढंकता हूं आपसे प्रार्थना करता हूं कि आप प्रभु यीशु के लहु के द्वारा हरेक श्राप को मेरे जीवन से दूर कर दे और आज के बाद से कोई भी श्राप मेरे जीवन के ऊपर नियंत्रण न करने पाये । मेरे जीवन मे केवल यीशु मसीह के नाम से,लहु से और पवित्र आत्मा की सहभागिता के द्वारा केवल आशिषित ही होने पाये । इस प्रार्थना को प्रभु यीशु मसीह के सामारथी नाम में मांगता हूं ।  आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह राजेश गिरधर

जब भी किसी मनुष्य का विनाश होता है तो वह उसके खुद के कारण ही होता है वजह गर्व से फूल कर गलत फैंसले लेने के कारण। अब हमें करना क्या है जो हमें ठोकर न लगे ? सीधी सी बात, कभी भी जल्दबाजी में कोई ऐसा काम न करें, न किसी का अपमान करें, किसी की गरीबी का मजाक न उडाएँ ,और किसी को भी बैवकूफ न समझे,किसी को छोटा या तुच्छ न समझें दूसरे की भी सुने,धीरज धरके सब काम करे, परमेश्वर को सामने अपने आप को दीन करें ताकि,आप और हम ठोकर खाने से बच जाएँ ? यीशु मसीह कहते हैं ठौकरों का लगना तो तय है पर हाय उस पर जिसके कारण ठोकर लगती है शान्त रहें न किसी के ठोकर का कारण बनें और न ही स्वयं अहंकारी होकर ठोकर खाएँ ।

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मनुष्य जब इस जीवन रुपी संसार में चलता है तब वो अपनी आँखों को हमेशा ऊपर कि ओर ही रखता है । उसे अपनी मन्जिल पर पहुँचने की जल्दी जो होती है वो मन्जिल जिसे वो अपने सामने देखता है पर वो होती उस से बहुत दूर है । इसी भागमभाग में वो बहुत बार गलत फैंसले लेता है जो उसके लिए ठोकर का कारण बन जाती हैं और बहुत बार इस भागदोड में दूसरे भी उसे ठोकर खिलाने कि फिराक में रहते हैं जो जीवन को बहुत पीछे धकेलने के लिये काफी होता है । जब भी किसी मनुष्य का विनाश होता है तो वह उसके खुद के कारण ही होता है वजह गर्व से फूल कर गलत फैंसले लेने के कारण।  संसार में बहुत ही भ्रम है बहुत से भेद हैं, जो मनुष्यों के सामने खोले नही गये पर मनुष्य उन भेदों को जानने की चाहत में लगा रहता है इस दौरान वो संसार के स्वामी को भूलकर आगे निकलने की चाह में घमन्ड मे आकर गर्व से ऐसे काम कर बैठता है जिनका करना उसके बस में नहीं पर फिर भी वो करता है । जिस कारण उसे नींचा देखना पडता है अब हमें करना क्या है जो हमें ठोकर न लगे ? सीधी सी बात, कभी भी जल्दबाजी में कोई ऐसा काम न करें,  न किसी का अपमान करें, किसी की गरीबी का मज...

अगर आप क्षमा करते हैं, तो आपको भी क्षमा किया जायेगा| अगर आप दूसरों के साथ भलाई करते हैं, तो आपके साथ भी भला किया जायेगा| अगर आप दूसरों को आशीष देते हैं, तो आपके हिस्से में आशीष ही आएंगी|

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पहाड़ों के पास, आप जो कुछ पुकारते हैं, उसकी प्रतिध्वनि ही वापस लौट कर आती है| अगर आप अच्छा कहते हैं, तो अच्छा शब्द ही आपके कानों तक लौट कर आता है|  धार्मिक काम भी, प्रतिध्वनि की तरह हैं| अगर आप क्षमा करते हैं, तो आपको भी क्षमा किया जायेगा| अगर आप दूसरों के साथ भलाई करते हैं, तो आपके साथ भी भला किया जायेगा| अगर आप दूसरों को आशीष देते हैं, तो आपके हिस्से में आशीष ही आएंगी| अगर आपने किसी के साथ अच्छा किया, और उसने पलट कर आपके साथ बुरा किया| इस बारे सोचना हमारा काम नही। अच्छे कामों का प्रतिफल, परमेश्वर की ओर से मिलता है| मत्ती 10:42 में लिखा है –जो कोई इन छोटों में से एक को चेला जानकर, केवल एक कटोरा ठंडा पानी पिलाये, मैं तुमसे सच कहता हूं, वह किसी रीति से अपना प्रतिफल ना खोएगा| हक़ीकत में ख़ुदा वो पहाड़ है, जहाँ से आपकी भलाई, प्रतिध्वनि की तरह लौट कर आएगी|  आमीन प्रभु  हर असम्भव को सम्भव करने वाला है रैव्ह. राजेश गिरधर

पुण्य कर्मों की अनुकूल वायु का वेग आता है तो हमें शिखर पर पहुँचा देता है तथा पाप और अहंकार का झोंका आता है तो रसातल पर पहुँचा देता है।किसका मान ? किसका गुमान ? कहते हैं कि जीवन की सच्चाई को समझो। संसार के सारे संयोग हमारे अधीन नहीं हैं,कर्म के अधीन हैं और कर्म कब कैसी करवट बदल ले , कोई भरोसा नहीं। इसलिए परिस्थितियाँ ,जो कर्मों के अधीन हैं उनका कैसा गुमान।सो धीरज मे रहे और नम्र रहे । क्योंकि प्रभु घमण्डियों का सामना करता है,और दीनों पर दया करता है

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एक बार कागज का एक टुकड़ा हवा के वेग से उड़ा और पर्वत के शिखर पर जा पहुँचा। पर्वत ने उसका आत्मीय स्वागत किया और कहा-भाई ! यहाँ कैसे पधारे ? कागज ने कहा-अपने दम पर। जैसे ही कागज ने अकड़ कर कहा अपने दम पर.और तभी हवा का एक दूसरा झोंका आया और कागज को उड़ा ले गया।अगले ही पल वह कागज नाली में गिरकर गल-सड़ गया।।     जो दशा एक कागज की है वही दशा हमारी है।   पुण्य कर्मों की अनुकूल वायु का वेग आता है तो हमें शिखर पर पहुँचा देता है तथा पाप और अहंकार का झोंका आता है तो रसातल पर पहुँचा देता है। किसका मान ? किसका गुमान ? कहते हैं कि जीवन की सच्चाई को समझो। संसार के सारे संयोग हमारे अधीन नहीं हैं,कर्म के अधीन हैं और कर्म कब कैसी करवट बदल ले , कोई भरोसा नहीं। इसलिए परिस्थितियाँ ,जो कर्मों के अधीन हैं उनका कैसा गुमान।सो धीरज मे रहे और नम्र रहे । क्योंकि प्रभु घमण्डियों का सामना करता है,और दीनों पर दया करता है आमीन प्रभु हमारा दया का सागर है रैव्ह राजेश गिरधर

अगर प्रार्थना नहीं सुनी जा रही है, तो क्या आपने उसके कारण तलाशने को कोशिश की| प्रार्थना में असर होना चाहिए, और ये प्रभाव पाक रूह से पैदा होता है कि आप कितनी शिद्दत से प्रार्थना करते हैं| जिस्मानी कमजोरियां, आपकी प्रार्थनाओं में रुकावट बन सकती है| प्रभाव शब्दों से नहीं, रूहानी ताक़त से पैदा होता है| यीशु ने सिर्फ़ एक बात हमसे कही है, निरंतर प्रार्थना में लगे रहो| अक्सर हमारा ध्यान प्रार्थना पर कम, और जवाब पर ज़्यादा लगा होता है|

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हम और आप प्रार्थना करते हैं और इस विश्वास से करते हैं कि प्रभु हमारी हर प्रार्थना को सुनता है,और उसे पूरा भी करता है, अगर प्रार्थना नहीं सुनी जा रही है, तो क्या आपने उसके कारण तलाशने को कोशिश की|  प्रार्थना में असर होना चाहिए, और ये प्रभाव पाक रूह से पैदा होता है कि आप कितनी शिद्दत से प्रार्थना करते हैं| जिस्मानी कमजोरियां, आपकी प्रार्थनाओं में रुकावट बन सकती है| प्रभाव शब्दों से नहीं, रूहानी ताक़त से पैदा होता है| हालात कैसे भी क्यों ना हों, निराशा में दुआ मत कीजिये, और निराशा को प्रार्थना में बाधा मत बनने दीजिये| यीशु ने सिर्फ़ एक बात हमसे कही है, निरंतर प्रार्थना में लगे रहो|   अक्सर हमारा ध्यान प्रार्थना पर कम, और जवाब पर ज़्यादा लगा होता है| जवाब जल्दी नहीं आया, जवाब अभी भी नहीं आया ; तो हम निराश हो जाते हैं, और मन को बहलाने की कोशिश करने लगते हैं| शायद ख़ुदा हमसे नाराज़ है, शायद ख़ुदा हमारी सुनना नहीं चाहता, शायद मैं बहुत गुनहगार हूं| ये सब बेकार की बातें हैं, बस प्रार्थना करते रहिये, जवाब ख़ुदा के हांथ में छोड़ दीजिये|  जवाब Yes में नहीं Best में आ रहा है। ...

बिखरे पड़े थे जो मोती इधर उधर वे सब इक माला मे पिरोये जाते हैं; न जाने कब किसका उपदेश, किसका वचन जीवन नैया पार लगा दे

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ग्रुप का मतलब है= गुरु+रूप        यह जो ग्रुप बनाऐ जाते हैं सही मायनो में मन मिलाऐ जाते हैं        बिखरे पड़े थे जो मोती इधर उधर        वे सब इक माला मे पिरोये जाते हैं        न जाने कब किसका  उपदेश, किसका वचन        जीवन नैया पार लगा दे मानो तो इक रूह का        रिश्ता है हम सभी का न मानो तो कौन        क्या लगता है किसी का रैव्ह राजेश गिरधर