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परमेश्वर ने हर किसी को अलग अलग जिम्मेदारी दी है उसको निभाना हर व्यक्ति का कर्तव्य है जो उसे दिया गया है उस काम को वो पूरा करे | परमेश्वर ने जो आपको सोंपा है उसको करो उसकी रक्षा करो ताकि न्याय के दिन हमें शर्मिन्दगी न उठानी पडे |

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बाईबल कहती हैं,अपने आप को उन लोगों से दूर करो जो अपने काम को तो पूरा नहीं करते पर जो लोग काम कर रहे होते हैं उनके काम की भी सिर्फ आलोचना ही करते रहते हैं वो खुद कुछ करना नहीं चाहते और दूसरों को करने नहीं देते। इस तरह के लोग खुद का नाश करते ही हैं पर दूसरों के बरबादी का कारणा भी होते हैं । परमेश्वर ने हर किसी को अलग अलग जिम्मेदारी दी है उसको निभाना हर व्यक्ति का कर्तव्य है जो उसे दिया गया है उस काम को वो पूरा करे जिस प्रकार यीशु मसीह को परमेश्वर ने इस धरती पर भेजा लोगों का उद्बार करने के लिए, उनके पापों की क्षमा के लिये क्रूस पर चढने के लिये उसने वह सारा काम पूरा किया , यीशु के चेलों को ही जब हम देखते, तो पाते हैं कितने दुखों को सहते हुए भी उन्होंने सुसमाचार का प्रचार किया , दुख उठाया पौलुस ने तो बहुत बार सुसमाचार के लिए यहाँ तक मार खाई के मौत के किनारे तक पहुंच गया,परमेश्वर ने उसे बचाया , हर चैला अपने काम को बखूबी अन्जाम देकर गया, किसी भी चैले ने कोई ऐशोआराम नही किया सिर्फ दुख उठाया व प्रचार किया । सब दुख उठाकर अपने काम को करते थे मगर आज ऐसा नही है ,  परमेश्वर ने जो आपक...

जब हम यह विश्वास कर लेते हैं कि यीशु मसीह ने कुंआरी मरियम से जन्म लिया , मेरे ही पापों के कारण मारा गया , गाढा गया ,तीसरे दिन मुरदों में से जी उठा , और दौबारा आनेवाला है । तब हम पूरी रीति से परमेश्वर के हो जाते हैं क्योंकि हम उस सच्चाई को सबूत के साथ देखते हैं जिसे समाज नहीं देखता क्रूस की कथा हम उद्बार पाने वालों के लिये जीवन की सच्चाई है पर दुनिया इस बात को नहीं मानती विश्वास नही करती क्योंकि दुनियां की नजरों में ऐसा नही हो सकता वो विश्वास नही करते पर हमारे इसी विश्वास के कारण ही हम प्रभु के हो जाते हैं वो हमारा हो जाता है ।संकट के समय हमें डरने नही देता बल्कि हमें सहारा देता है ताकि हम घबराए नहीं ,यही सबसे बडा सबूत है हमारे लिए वो हम से प्रेम करता है उसने हमें हर परिस्थितियों से गुजारा पर हमारा साथ नही छोडा , हर उस बात का सामना करने की ताकत दी जो मनुष्य करने मे हिचकता है और वो काम हम लोगों ने जाकर किये जब सब लोग करोना के कारण घरों में बैठे थे तब भी हम लोगों के पास जाकर प्रार्थना कर रहे थे और यही है उसका कमाल वो हमें सम्भालता है उसका यह वादा है न तो वो हमें छोडेगा , और न ही त्यागेगा क्योंकि उसने हमें चुना है अपने लिए अलग किया है बचाया है आगे भी बचाएगा यही उसका वादा है जो वो पूरा करता है आगे भी करेगा ।

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जब हम यह विश्वास कर लेते हैं कि यीशु मसीह ने कुंआरी मरियम से जन्म लिया , मेरे ही पापों के कारण मारा गया , गाढा गया ,तीसरे दिन मुरदों में से जी उठा , और दौबारा आनेवाला है । तब हम पूरी रीति से परमेश्वर के हो जाते हैं क्योंकि हम उस सच्चाई को सबूत के साथ देखते हैं जिसे समाज नहीं देखता क्रूस की कथा हम उद्बार पाने वालों के लिये जीवन की सच्चाई है पर दुनिया इस बात को नहीं मानती विश्वास नही करती क्योंकि दुनियां की नजरों में ऐसा नही हो सकता वो विश्वास नही करते पर हमारे इसी विश्वास के कारण ही हम प्रभु के हो जाते हैं वो हमारा हो जाता है । संकट के समय हमें डरने नही देता बल्कि हमें सहारा देता है ताकि हम घबराए नहीं ,यही सबसे बडा सबूत है हमारे लिए वो हम से प्रेम करता है उसने हमें हर परिस्थितियों से गुजारा पर हमारा साथ नही छोडा , हर उस बात का सामना करने की ताकत दी जो मनुष्य करने मे हिचकता है और वो काम हम लोगों ने जाकर किये जब सब लोग करोना के कारण घरों में बैठे थे तब भी हम लोगों के पास जाकर प्रार्थना कर रहे थे और यही है उसका कमाल वो हमें सम्भालता है उसका यह वादा है न तो वो हमें छोडेगा , और न...

जब यीशु ने अपनी सेवकाई शुरू की तो सबसे पहले यीशु ने अपने खोए हुए लोगों को ढूँढा , जो अन्धेरे में थे उनको ज्योति दिखाई ,जो रास्ते से भटक गये थे उन्हें मार्ग बताया क्योंकि मार्ग, सत्य, जीवन यीशु ही है।दूसरा कोई नही यहोवा परमेश्वर ने कहा था मैं आप ही अपनी भेडों का चरवाहा हूँगा ,और नये नियम में यीशु अपनी भेडों का चरवाहा बनता है वो कहता है अच्छा चरवाहा मैं हूँ अच्छा चरवाहा अपनी भेड के लिए अपनी जान देता है यीशु ने जान दी फिर मुरदों में से तीसरे दिन जी भी उठा ।यहोवा परमेश्वर कहता है मैं खोऐ हुओ को ढूँढूँगा और उनको लौटा लाऊँगा, यीश ने ऐसा ही किया, यहोवा कहता है मैं घायलों के घाव बाँधूगा, यीशु मसीहु ने यह किया ।अन्धों को आँखे दी , लंगडों को टांगे दी ,गूँगों को बहरों को सुनना बोलना सिखाया , दुष्टात्माओं को निकाला वो सारे काम किये जो यहोवा परमेश्वर ने पुराने नियम में कहे थे ।उन्हें यीशु ने नये नियम मे पूरा किया क्योंकि वो परमेश्वर है जो बनाना जानता है वही ठीक करना भी जानता है यही सच्चाई है यीशु ही परमेश्वर है यहोवा ने जो जो कहा वो हमें यीशु मसीह के रुप मे करके ‌दिखाया भी ।

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बाईबल हमें बताती है,नये नियम में जब यीशु ने अपनी सेवकाई शुरू की तो सबसे पहले यीशु ने अपने खोए हुए लोगों को ढूँढा , जो अन्धेरे में थे उनको ज्योति दिखाई ,जो रास्ते से भटक गये थे उन्हें मार्ग बताया क्योंकि मार्ग, सत्य, जीवन यीशु ही है। दूसरा कोई नही यहोवा परमेश्वर ने कहा था मैं आप ही अपनी भेडों  का चरवाहा हूँगा ,और नये नियम में यीशु अपनी भेडों  का चरवाहा बनता है वो कहता है अच्छा चरवाहा मैं हूँ अच्छा चरवाहा अपनी भेड के लिए अपनी जान देता है यीशु ने जान दी फिर मुरदों में से तीसरे दिन जी भी उठा । यहोवा परमेश्वर कहता है मैं खोऐ हुओ को ढूँढूँगा और उनको लौटा लाऊँगा, यीश ने ऐसा ही किया, यहोवा कहता है मैं घायलों के घाव बाँधूगा, यीशु मसीहु ने यह किया । अन्धों को आँखे दी , लंगडों को टांगे दी ,गूँगों को बहरों को सुनना बोलना सिखाया , दुष्टात्माओं को निकाला वो सारे काम किये जो यहोवा परमेश्वर ने पुराने नियम में कहे थे । उन्हें यीशु ने नये नियम मे पूरा किया क्योंकि वो परमेश्वर है जो बनाना जानता है वही ठीक करना भी जानता है यही सच्चाई है यीशु ही परमेश्वर है यहोवा ने जो जो कहा वो हमें य...

परमेश्वर पवित्र है और वो किसी भी तरह की अपवित्रता को सहन नहीं करता यही कारण है वो ऐसे लोगों जो अपवित्रता का काम करते हैं त्याग देता है जब तक कि लोग अपवित्रता को त्यागकर परमेश्वर के पीछे नहीं हो लेते , पृथ्वी पर जब मनुष्य जाति का पाप इस कदर बढ गया कि परमेश्वर को एक समय तो पूरे के पूरे एक देश को ही खत्म कर देना पडा जिसे हम सदोम अमोरा के रुप में आज भी पढते हैं ।

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परमेश्वर पवित्र है और वो किसी भी तरह की अपवित्रता को सहन नहीं करता यही कारण है वो ऐसे लोगों जो अपवित्रता का काम करते हैं त्याग देता है जब तक कि लोग अपवित्रता को त्यागकर परमेश्वर के पीछे नहीं हो लेते ,  पृथ्वी पर जब मनुष्य जाति का पाप इस कदर बढ गया कि परमेश्वर को एक समय तो पूरे के पूरे एक देश को ही खत्म कर देना पडा जिसे हम सदोम अमोरा के रुप में आज भी पढते हैं । वहाँ के निवासियों ने अपने शरीरों को पूरी तरह से अशुद्ब कर लिया था, जब परमेश्वर ने यह सब देखा तो उसने उन कामातुर लोगों को पूरी तरह त्याग कर सिर्फ़ लूत के परिवार को जो धर्मी था बचाया मगर लूत की पत्नी भी परमेश्वर की आज्ञा को न मानी और एक नमक के खम्बे में तबदील हो गई पूरा शहर नाश हो गया यह उस शहर के रहनेवालों के कारण ही हुआ ,क्योंकि जब उन्होंने परमेश्वर को न पहचानना चाहा , तो परमेश्वर ने भी उन्हें उनके निकम्मे मन पर छोड दिया कि वे अनुचित काम करें । आज भी जो लोग इस तरह के घृणित काम को करते हैं और अपने मन को फिरा कर परमेश्वर की ओर नहीं लोटते वो परमेश्वर से दूर हो जाते व अपने जीवन को एक घोर अन्धकार में घसीट लाते हैं जहाँ...

जो भी अपने द्बारा किये गये पापों को मान लेगा और उन्हे छोड देगा उस पर ही दया की जाएगी यह परमेश्वर का न्याय है वो पवित्र है और किसी भी अपवित्र व्यक्ति को वो अपना बैटा या बैटी नही बनाता । जब तक अपने पापों को मानकर छोडेंगे नही तब तक परमेश्वर की कृपा हम सब तक नही पहुँचने की ।आज भी वही परमेश्वर है जो बदला नही हम भी अपने जीवन में परमेश्वर से कुछ पाना चाहते हैं तो उन सब कामों से तौबा करनी होगी जो हम समाज में रहकर जाने अनजाने करते जाते हैं ।हम जब उन की माफी मांगेगे तो ही हमारा जीवन सुधरेगा ।

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बाइबिल कहती है अपने अपने पापों को एक दूसरे के सामने मान लो ताकि चंगे हो जाओ । यह एक ऐसी सच्चाई है जो परमेश्वर ने हम सबके लिये बताई है हम अपने पापों को अगर नही मानते और उन पापों को अपने साथ लिये फिरते और उन से अपने को अलग नही करते तब न तो पूरी रीति चंगाई मिलती है और न ही पूरी तरह से हम साफ हो पाते हैं । जो भी अपने द्बारा किये गये पापों को मान लेगा और उन्हे छोड देगा उस पर ही दया की जाएगी यह परमेश्वर का न्याय है वो पवित्र है और किसी भी अपवित्र व्यक्ति को वो अपना बैटा या बैटी नही बनाता । जब तक अपने पापों को मानकर छोडेंगे नही तब तक परमेश्वर की कृपा हम सब तक नही पहुँचने की । आज भी वही परमेश्वर है जो बदला नही हम भी अपने जीवन में परमेश्वर से कुछ पाना चाहते हैं तो उन सब कामों से तौबा करनी होगी जो हम समाज में रहकर जाने अनजाने करते जाते हैं  । हम जब उन की माफी मांगेगे तो ही हमारा जीवन सुधरेगा । आमीन प्रभु  यीशु मसीह ही क्षमा देता है रैव्ह राजेश गिरधर

परमेश्वर के वचन पर विश्वास रखें और परमेश्वर ने आपकी प्रार्थना सुनी है और उसका उत्तर दिया है, इसलिये उसकी स्तुति करें। प्रभु ने स्वयं कहा है, ‘इसलिये मैं तुमसे कहता हूँ कि जो कुछ तुम प्रार्थना करके मांगो, तो प्रतीति कर लो कि तुम्हें मिल गया, और तुम्हारे लिये हो जाएगा।’ (मरकुस 11:24) प्रभु सुनता है और उत्तर देता है ऐसा विश्वास रखें यही प्रभावशाली प्रार्थना का रहस्य है। परमेश्वर पर संदेह न करें। हमें असम्भव लगने वाली बातें भी परमेश्वर कर सकता है।

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परमेश्वर के वचन पर विश्वास रखें और परमेश्वर ने आपकी प्रार्थना सुनी है और उसका उत्तर दिया है, इसलिये उसकी स्तुति करें। प्रभु ने स्वयं कहा है, ‘इसलिये मैं तुमसे कहता हूँ कि जो कुछ तुम प्रार्थना करके मांगो, तो प्रतीति कर लो कि तुम्हें मिल गया, और तुम्हारे लिये हो जाएगा।’ (मरकुस 11:24) प्रभु सुनता है और उत्तर देता है ऐसा विश्वास रखें यही प्रभावशाली प्रार्थना का रहस्य है। परमेश्वर पर संदेह न करें। हमें असम्भव लगने वाली बातें भी परमेश्वर कर सकता है। विश्वास का जीवन प्रसन्नता का जीवन है। हरेक चीज के लिये आप परमेश्वर पर भरोसा रख सकते हैं। प्रभु पर शंका मत लाइये। कोई भी विलम्ब के लिये उससे सवाल न करें और न ही व्याकुल हो, परन्तु परमेश्वर ने आपकी प्रार्थना सुन ली है ऐसा विश्वास रखें। प्रभु आपका विश्वास देखेगा और उसके अनुसार आपको प्रतिफल देगा। कई लोग प्रार्थना करते हैं परन्तु उनका चेहरा उदास ही रहता है। यह बताता है कि प्रभु ने उनकी प्रार्थना सुनी है ऐसा वे नहीं मानते। ऐसे लोग विश्वास में निर्बल हैं। प्रभु ने आपकी सुनी है, ऐसा आप सचमुच विश्वास करते हों तो प्रार्थना के उत्तर के लिये उसकी...

बहुत बार हम परमेश्वर की आवाज को सुन नहीं पाते क्योंकि हम उसकी आवाज सुनना ही नहीं चाहते हमने अपने आप को इतना अधिक सांसारिक बना लिया है कि जब भी परमेश्वर हमसे कुछ कहता या कहना चाहता या कोई बात समझाने के लिये इशारा करता है तब भी हम उसे नहीं समझ पाते वजह हम खुद ही हैं | उसका यह विदा है उसने खुद कहा है मांगो तो पाओगे , खटखटाओगे तो खोला जाएगा अब यह हमारे ऊपर है हम क्या चाहते और क्या करते हैं हम स्वतन्त्र हैं हमें क्या चाहिए उसे लेने के लिये आगे भी रहेंगे हम चाबी वाला खिलोना नहीं, आजाद है वो आजादी हम प्रभु में इस्तेमाल करें या शैतानियत में यह हमारे ऊपर है ।

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बहुत बार हम परमेश्वर की आवाज को सुन नहीं पाते क्योंकि हम उसकी आवाज सुनना ही नहीं चाहते हमने अपने आप को इतना अधिक सांसारिक बना लिया है कि जब भी परमेश्वर हमसे कुछ कहता या कहना चाहता या कोई बात समझाने के लिये इशारा करता है तब भी हम उसे नहीं समझ पाते वजह हम खुद ही हैं हम न तो उसकी आज्ञाओं को न मानते और न ही पूरे तन मन धन से उसकी खोज करते हैं ,अगर खोज भी करते हैं तो उसकी जो नाशवान है जो धीरे- धीरे मिटता जाता है खोज करते हैं तो उस पैसों की जिसे लेने के बाद सम्भाल न पाने के कारण वो पैसा भी हमसे दूर होता जाता है । और हम समझते हैं परमेश्वर हमारे साथ है यह सोच सोचकर खुश होते रहते हैं जबकि ऐसा होता नहीं । हम परमेश्वर की न सुनकर अपने अपने बुरे मन के हठ की बातों को ज्यादा महत्वपूर्ण मानते उसी के पीछे पडे भी रहते हैं । अपने मन की बुरी बुरी युक्तियों को पूरा करने का प्रयास भी करते रहते हैं ,अभी अगर हम परमेश्वर की आवाज सुने तो अपने मन को कठोर न करें बल्कि पूरी रीति उसके पीछे चलें उसे ढूँढे तो हम उसे पा जाएंगे । उसका यह विदा है उसने खुद कहा है मांगो तो पाओगे , खटखटाओगे तो खोला जाएगा अब यह ह...