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आशीष वो चीज है, जिसे कोई छीन नहीं सकता, जिसे कोई चुरा नहीं सकता| वचनों का पालन कर, आप बेशुमार आशीषों के हकदार हो जाते हैं| ख़ुदा वचनो पर चलने वालों से बेहद ख़ुश होता है, और जब वो ख़ुश होता है तो आशीषे बरकते ख़ुद बा ख़ुद आपके जीवन में बरसने लगतीं हैं।

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मेरी झोली छोटी पड गई रे, इतना दिआ तूने दाता ।।हमे देने के लिए ख़ुदा के पास, उससे कहीं ज़्यादा आशीषें हैं| लेकिन आशीषें बरकतें यूं ही नहीं मिल जाती| व्यवस्थाविवरण 28:2 में लिखा है ---अपने परमेश्वर यहोवा की सुनने के कारण, ये सब आशीर्वाद तुझ पर पूरे होंगे| आशीषित हो तू शहर में ; आशीषित हो तू खेत में ; आशीषित हो तेरी संतान ; और तेरी खेत की उपज ; गाय और भेड़ बकरी आदि के बच्चे| *ख़ुदा कहता है, यदि तू आशीषित है तो, जो कुछ तेरे पास है सब आशीषित होगा| आपको इन आशीषों को पाने के लिए, कोई जप तप करने की ज़रूरत नहीं| विधि, विधानों, रीति, रिवाज़ों को पूरा करने की आवश्यकता नहीं है| बस जो ख़ुदा के बचनो को मानेगा,आज्ञाओं का पालन करेगा, उस पर बरकतों की,आशीषों की बारिश होगी|* आपकी योग्यता का एक ही, पैमाना है, ख़ुदा के वचन के मुताबिक़ चलना| *आशीषित शख़्स कहीं भी चला जाए, वो दूसरों के लिए आशीष का कारण बन जाता है| आशीष वो चीज है, जिसे कोई छीन नहीं सकता, जिसे कोई चुरा नहीं सकता| वचनों का पालन कर, आप बेशुमार आशीषों के हकदार हो जाते हैं| ख़ुदा वचनो पर चलने वालों से बेहद ख़ुश होता है, और जब वो ख़ुश होता है तो आ...

आज हम सबको विश्वास में मजबूत होना है। क्योंकि जिस व्यक्ति के पास विश्वास की चाबी होती है। उस चाबी से हर एक दरवाजा हर एक द्वार खुल जाता है चाहे कितना भी बड़ा ताला क्यों ना हो। विश्वास दिखना चाहिए, हमारी बातों में, हमारे चाल चलन में। और हमारे हर एक काम में, जो हम पृथ्वी पर करते हैं। हमको निडर बनना होगा। और परिस्थिति का सामना करना होगा।क्या आप परमेश्वर के काम को करना चाहते हैं। क्या परमेश्वर की महिमा का कारण बनना चाहते हैं। *अगर खुदा का काम करना है. तो आपको सामना करना पड़ेगा, हर एक परिस्थिति का. और निडर बनना होगा।* विश्वास ही से हम जय प्राप्त कर सकते हैं। विश्वास ही वह चाबी है जिससे हर ताला खुल सकता है।*और देखो, कई लोग एक लकवे के मारे हुए को खाट पर रखकर उसके पास लाए; यीशु ने उन का विश्वास देखकर, उस लकवे के मारे हुए से कहा; हे पुत्र, ढाढ़स बान्ध; तेरे पाप क्षमा हुए। (मत्ती 9:2)*विश्वास वो चाबी है जो सब ताले खोल देती है। यहां उस मनुष्य को जो लेकर आए थे, उनको विश्वास था। सिर्फ उस परमपिता परमेश्वर पर विश्वास कीजिए। कि वह आपके लिए सब कुछ कर सकता है। और विश्वास की चाबी आज आपके हर एक दरवाजे को, हर एक ताले को खोल देगी।

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आज हम सबको विश्वास में मजबूत होना है। क्योंकि जिस व्यक्ति के पास विश्वास की चाबी होती है। उस चाबी से हर एक दरवाजा हर एक द्वार खुल जाता है  चाहे कितना भी बड़ा ताला क्यों ना हो। विश्वास दिखना चाहिए, हमारी बातों में, हमारे चाल चलन में। और हमारे हर एक काम में, जो हम पृथ्वी पर करते हैं। हमको निडर बनना होगा। और परिस्थिति का सामना करना होगा। क्या आप परमेश्वर के काम को करना चाहते हैं। क्या परमेश्वर की महिमा का कारण बनना चाहते हैं। *अगर खुदा का काम करना है. तो आपको सामना करना पड़ेगा, हर एक परिस्थिति का. और निडर बनना होगा।* विश्वास ही से हम जय प्राप्त कर सकते हैं। विश्वास ही वह चाबी है जिससे हर ताला खुल सकता है। *और देखो, कई लोग एक लकवे के मारे हुए को खाट पर रखकर उसके पास लाए; यीशु ने उन का विश्वास देखकर, उस लकवे के मारे हुए से कहा; हे पुत्र, ढाढ़स बान्ध; तेरे पाप क्षमा हुए। (मत्ती 9:2)* विश्वास वो चाबी है जो सब ताले खोल देती है। यहां उस मनुष्य को जो लेकर आए थे, उनको विश्वास था। *आज के समय में लोगों के पास झूठ का लकवा, नफरत का लकवा, लालच का लकवा, घमंड का लकवा भी हो सकता है। उसको...

हमें, हमारे हृदयों को प्रभु के सामने खोलना चाहिये और हमारी निर्बलताओं, मुश्किलों और जरूरतों को उसे बताना चाहिये, और साथ ही साथ प्रभु को अवसर देना चाहिये कि वह हमारे साथ बात करें और किस कारणवश हम निर्बल है वह हमें बताये। प्रभु हमको बतायेगा कि किस रीति से सब कुछ ठीकठाक करना, किस रीति से बल प्राप्त करना और किस रीति हमारी आवश्यकतायें पूरी हों। उसके शब्द हमारे लिये बहुत ही बहुमूल्य और सच्चे बन जाते हैं। जो प्रभु यीशु के साथ संगति द्वारा हम अनुभव करते हैं। उसके बाद व्यक्तिगत रीति से और पारिवारिक रीति से सच्ची वृद्धि आती है।

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हमारे प्रतिदिन के बल के लिये जो वचन परमेश्वर देता है उसका यह वचन ही हमारा आत्मिक भोजन है। परमेश्वर अपना जीवित वचन रोज व रोज देता है। संगति द्वारा भोजन और भी स्वादिष्ट बन जाता है। साथ मिलकर भोजन लेने से हमारी संगति भी आनन्ददायक बन जाती है। जब हम अकेले भोजन करते हैं तब इतना आनन्द प्राप्त नहीं होता। सर्वप्रथम प्रभु यीशु के साथ और उसके बाद एक दूसरे साथ संगति के लिये इकठ्ठा होना चाहिये।  हमें भी प्रभु यीशु के लिये ऐसा ही प्रेम होना चाहिये और जैसे मित्र मित्र के साथ वैसे ही उसके साथ भी बात करने की इच्छा होनी चाहिये। यह सच्ची संगति है।   हमें, हमारे हृदयों को प्रभु के सामने खोलना चाहिये और हमारी निर्बलताओं, मुश्किलों और जरूरतों को उसे बताना चाहिये, और साथ ही साथ प्रभु को अवसर देना चाहिये कि वह हमारे साथ बात करें और किस कारणवश हम निर्बल है वह हमें बताये। प्रभु हमको बतायेगा कि किस रीति से सब कुछ ठीकठाक करना, किस रीति से बल प्राप्त करना और किस रीति हमारी आवश्यकतायें पूरी हों। उसके शब्द हमारे लिये बहुत ही बहुमूल्य और सच्चे बन जाते हैं।  जो प्रभु यीशु के साथ संगति द्वारा ...

जब हम अपने दुखों में फसे हुए यीशु मसीह के पास आते हैं वो हमारे दुखों से हमें छुटकारा भी दिला देता है हमारा जीवन भी सही रास्ते पर आने लगता है ।मगर उसी के साथ साथ हमारे आसपास एक काम और हो रहा होता है जिसकी ओर हमारा ध्यान बहुत देर से जाता है वो काम है हमारे अपने जिन्हें हम कहते हैं वो हमसे दूर होना शुरू हो जाते है । शुरू में यह कठिन लगता है पर बाद में इसकी आदत हो जाती हैं क्योंकि लिखा है तुझे दूध पिलाने वाली माॅ छोड देगी पर मैं न तुझे छोड़ूंगा न ही त्यागूंगा ; इसलिए चिन्ता न करें आपके अपने आपके पास नहीं है पर यीशु मसीह तो है वहीं हमारा उद्धार करनेवाला परमेश्वर है ।

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जब हम अपने दुखों में फसे हुए यीशु मसीह के पास आते हैं वो हमारे दुखों से हमें छुटकारा भी दिला देता है हमारा जीवन भी सही रास्ते पर आने लगता है । मगर उसी के साथ साथ हमारे आसपास एक काम और हो रहा होता है जिसकी ओर हमारा ध्यान बहुत देर से जाता है वो काम है हमारे अपने जिन्हें हम कहते हैं वो हमसे दूर होना शुरू हो जाते है । हमारे दोस्त हमसे किनारा करने लगते है वजह हम बाइबिल के हिसाब से जीवन जीना शुरू करते और वो सब सांसारिक तरीक़े पर ही चलते होते हैं इस वजह से हमारे और उनके बीच एक दूरी आ जाती है । जो कुछ दिनों के बाद एक खाई का रुप ले लेती हैं जिसे पार करना उनकेे बस में नहीं होता और आप उस खाई के पार जा नहीं सकते इस वजह रिश्ते कड़वे होने लगते है । रिश्ते बोझ लगने लगते हैं पहले वाला प्यार समाप्त होने लगता है हम अपनों की नजर में पराये लगने लगते हैं सब आप को छोडना शुरू कर देते हैं तब आप को लगता हैं मैं तो अकेला खड़ा हूॅ मेरे अपने कहां गये ?  जो हर समय मेरे साथ थे वो सब पीछे छूट जाते और आप अपने को तन्हा पाते हैं इन सब कामों को परमेश्वर हमारे साथ होने भी देता है क्योंकि यह जरूरी भी है । ...

क्या आप जानते है कि वचन मनुष्य की तुलना गधे से करता है।💥 अय्यूब 11:12परन्तु मनुष्य छूछा और निर्बुद्धि होता है; क्योंकि मनुष्य जन्म ही से जंगली गदहे के बच्चे के समान होता है।दिलचस्प बात है कि मनुष्य दुसरे मनुष्य को गधा कहता है।लेकिन परमेशवर हर मनुष्य को गधा कहता है। क्यों? क्योंकि हरेक मनुष्य बोझ और परेशानियों का सामना करता है। वचन कहता है --- गधे को मेम्ना देकर आजाद किया जा सकता है।यह मेम्ना कौन है? वचन कहता है यीशु मसीह ही मेम्ना है यूहन्ना 1:29दूसरे दिन उस ने यीशु को अपनी ओर आते देखकर कहा, देखो, यह परमेश्वर का मेम्ना है, जो जगत के पाप उठा ले जाता है।"💥 आज हम आनंदित और मगन हो सकते है कि परमेशवर ने हमारे छुटकारे के लिए यीशु मसीह को भेज दिया जो बलि किया गया मेम्ना है। जी हां उसके बलिदान के द्वारा हम छुड़ाए जाते है। 🌹क्या मनुष्य का जीवन गधे की तरह नही होता ? वह थका और बोझ से दबा है । ।यीशु ने कहा है सब थके और बोझ से दबे लोगो मेरे पास आओ ,मैं तुम्हे विश्राम दूंगा!! 💥 आइए उस मेम्ने के लिए धन्यवाद करें जो हम गदहों के छुटकारे के लिए परमेशवर ने हमें दिया है

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पुराने समय मे और यहाँ तक कि आज के समय मे भी गधे की चर्चा होती है।कठिन श्रम और बहुत ज्यादा मेहनत।आपने धोबी के गधे के बारे में सुना होगा,वह किनती मेहनत करता है!! गदहों का उपयोग शुरू से ही बोझा ढोने में किया जाता है।वह रात दिन मेहनत करता है,ईंटे ढोता है,मनुष्य की सवारी के काम आता है।गधा कठिन परिश्रम के शाप का शिकार है।गधा आम साहित्य और बोल चाल में उपहास और हँसी का भी पात्र है।अगर किसी को नीचा दिखाना हो, मंद बुद्धि का और मूर्ख बताना हो तो उसे गधा कहा जाता है। 💥 परमेशवर के वचन में गधे को भी इस शाप से छुड़ाने का प्रबंध है। क्या आप जानते है कि वचन मनुष्य की तुलना गधे से करता है। 💥 अय्यूब 11:12 परन्तु मनुष्य छूछा और निर्बुद्धि होता है; क्योंकि मनुष्य जन्म ही से जंगली गदहे के बच्चे के समान होता है। दिलचस्प बात है कि मनुष्य दुसरे मनुष्य को गधा कहता है।लेकिन परमेशवर हर मनुष्य को गधा कहता है। क्यों? क्योंकि हरेक मनुष्य बोझ और परेशानियों का सामना करता है। वचन कहता है --- गधे को मेम्ना देकर आजाद किया जा सकता है।यह मेम्ना कौन है? वचन कहता है यीशु मसीह ही मेम्ना है     यूहन्ना 1:...

समस्याओं और परेशानियों में ही, सब्र (धीरज ) (धैर्य )पैदा होता है| आप कितने धैर्यवान हैं, यह समस्याओं के दौरान ही पता चलता| जब समस्याओं के तूफ़ानों से आप घिर जाते हैं तब ही आपको पता चलेगा,कि आपमे सब्र करने और सहने की ताक़त है की नहीं| याकूब 1:3 में लिखा है ---इसको पूरे आनंद की बात समझो, यह जान कर कि, तुम्हारे ईमान के परखे जाने से, धीरज पैदा होता है| ख़ुदा के वायदों पर ईमान रखना है, मगर वायदों के पूरा होने तक, सब्र रखना उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है|

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समस्याओं और परेशानियों में ही, सब्र (धीरज ) (धैर्य )पैदा होता है| आप कितने धैर्यवान हैं, यह समस्याओं के दौरान ही पता चलता| जब समस्याओं के तूफ़ानों से आप घिर जाते हैं तब ही आपको पता चलेगा,कि आपमे सब्र करने और सहने की ताक़त है की नहीं| याकूब  1:3 में लिखा है ---इसको पूरे आनंद की बात समझो, यह जान कर कि, तुम्हारे ईमान के परखे जाने से, धीरज पैदा होता है| ख़ुदा के वायदों पर ईमान रखना है, मगर वायदों के पूरा होने तक, सब्र रखना उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है| परेशानियों के तूफानों में, सब्र आपके ईमान का लंगर है| जैसे सुबह अपने समय पर होती है, ठीक वैसे ही, ख़ुदा के वायदे अपने समय पर पूरे होते हैं| अपना ध्यान समय पर नहीं, वायदों के पूरा होने पर लगाए रखिये| आमीन प्रभु अपने वायदों का पक्का है रैव्ह. राजेश गिरधर..

विपत्ति के समय ज्यादातर लोग साहस छोड देते हैं | जबकि बाइबिल में परमेश्वर कहता है मत डर बस विश्वास कर एक बार नही बहुत बार परमेश्वर ने कहा मत डर बस विश्वास कर परमेश्वर सब कुछ ठीक करेगा ।फिर भी लोग इस बात पर यकीन नहीं करते परमेश्वर ने जब कहा मत डर विश्वास रख तो हमें उस कठिन परिस्थितियों में भी अपने आप को अकेला नहीं समझना चाहिए ।यीशु मसीह का यह वादा है वो न तो हमें कभी छोडेगा और न कभी त्यागेगा जन्म देनेवाली मां छोड़ देगी मगर यीशु मसीह हमें कभी नहीं छोडेगा उसका यह वादा हमें हमेशा याद रखना होगा ।जब भी भय लगे तब हमें इन वचनों को दोहराना है वो न हमें छोड़ेगा न त्यागेगा उसी समय हमें मजबूती का अहसास होने लगेगा

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विपत्ति के समय ज्यादातर लोग साहस छोड देते हैं और घबरा कर भर में आ जाते हैं और उस भर को छुपाने की कोशिश करते हैं जिसके बारे में हम सिर्फ खुद ही सोचते और बहुत बार घबरा कर साहस छोड देते हैं । ऐसा बहुत बार उन लोगों के साथ हो जाता है जो अपने को अकेला समझते हैं जिन्हें लगता है उनका कोई नहीं वो लोग भय के समय कुछ भी उलटी सीधी हरकत करने से भी नही डरते । जबकि बाइबिल में परमेश्वर कहता है मत डर बस विश्वास कर एक बार नही बहुत बार परमेश्वर ने कहा मत डर बस विश्वास कर परमेश्वर सब कुछ ठीक करेगा । फिर भी लोग इस बात पर यकीन नहीं करते परमेश्वर ने जब कहा मत डर विश्वास रख तो हमें उस कठिन परिस्थितियों में भी अपने आप को अकेला नहीं समझना चाहिए । यीशु मसीह का यह वादा है वो न तो हमें कभी छोडेगा और न कभी त्यागेगा जन्म देनेवाली मां छोड़ देगी मगर यीशु मसीह हमें कभी नहीं छोडेगा उसका यह वादा हमें हमेशा याद रखना होगा । जब भी भय लगे तब हमें इन वचनों को दोहराना है वो न हमें छोड़ेगा न त्यागेगा उसी समय हमें मजबूती का अहसास होने लगेगा  बाईबल हमें ऐसा बताती है कि डरपोक लोग परमेश्वर के स्वर्ग राज्य के वारिस न...

"परिस्थितियां कभी समस्या नहीं बनती,समस्या इस लिए बनती है, क्योंकि हमें उन परिस्थितियों से लड़ना नहीं आता.. “इसलिए तुम चिन्ता करके यह न कहना, कि हम क्या खाएँगे, या क्या पीएँगे, या क्या पहनेंगे?क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएँ चाहिए।इसलिए पहले तुम परमेश्‍वर के राज्य और धार्मिकता की खोज करो तो ये सब वस्तुएँ तुम्हें मिल जाएँगी। (लूका 12:31)अतः कल के लिये चिन्ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुःख बहुत है।

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*एक घर के पास काफी दिन से  एक बड़ी इमारत का काम चल रहा था। वहां रोज मजदूरों के छोटे-छोटे बच्चे एक दूसरे की शर्ट पकडकर रेल-रेल का खेल खेलते थे।*  *रोज कोई बच्चा इंजिन बनता और बाकी बच्चे डिब्बे बनते थे...* *इंजिन और डिब्बे वाले बच्चे रोज बदल  जाते,पर...* *केवल चङ्ङी पहना एक छोटा बच्चा हाथ में रखा कपड़ा घुमाते हुए रोज गार्ड बनता था।* *वहां का ठेकेदार बच्चों का यह खेल रोज देखता था* ... *उन बच्चों को खेलते हुए रोज़ देखने वाले ठेकेदार ने  कौतुहल से गार्ड बनने वाले बच्चे को पास बुलाकर पूछा....* *"बच्चे, तुम रोज़ गार्ड बनते हो। तुम्हें कभी इंजन, कभी डिब्बा बनने की इच्छा नहीं होती?"* *इस पर वो बच्चा बोला...* *"बाबूजी, मेरे पास पहनने के लिए कोई शर्ट नहीं है। तो मेरे पीछे वाले बच्चे मुझे कैसे पकड़ेंगे... और मेरे पीछे कौन खड़ा रहेगा....?* *इसीलिए मैं रोज गार्ड बनकर ही खेल में हिस्सा लेता हूँ।*  *"ये बोलते समय मुझे उसकी आँखों में पानी दिखाई दिया।*  *आज वो बच्चा उस ठेकेदार को जीवन का एक बड़ा पाठ पढ़ा गया...* *अपना जीवन कभी भी परिपूर्ण नहीं होता। उसमें कोई न क...

यीशु ने फिर लोगों से कहा, "जगत की ज्योति मैं हूँ ; जो मेरे पीछे हो लेगा वह अन्धकार में न चलेगा , परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा ।आज हमारा जीवन जो यीशु मसीह को ग्रहण करने के बाद जो बदला है वो हमारी खुशनसीबी है कि उसने हमे उस अन्धकार से निकाला जिसमें हम चला करते थे ।उस दलदल से बाहर निकाला जो हमें पाप के अन्दर और धसाने का काम कर रहा था ; हमें वो आजादी मिली जिसके हम हकदार थे जो आजादी आदम के पाप के कारण खत्म हो गई थी । शैतानी जिन्दगी से आजादी मिली ,पवित्रात्मा का अभिषेक मिला, जिस सहायक को हम जानते भी न थे वो सहायक हमारे साथ हर समय रहता है ।

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यीशु ने फिर लोगों से कहा, "जगत की ज्योति मैं हूँ ; जो मेरे पीछे हो लेगा वह अन्धकार में न चलेगा , परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा । आज हमारा जीवन जो यीशु मसीह को ग्रहण करने के बाद जो बदला है वो हमारी खुशनसीबी है कि उसने हमे उस अन्धकार से निकाला जिसमें हम चला करते थे । उस दलदल से बाहर निकाला जो हमें पाप के अन्दर और धसाने का काम कर रहा था ; हमें वो आजादी मिली जिसके हम हकदार थे जो आजादी आदम के पाप के कारण खत्म हो गई थी । शैतानी जिन्दगी से आजादी मिली ,पवित्रात्मा का अभिषेक मिला, जिस सहायक को हम जानते भी न थे वो सहायक हमारे साथ हर समय रहता है । जो गलतियां हमसे हुई उनकी माफी मिली, शुभ अशुभ बातों से छुटकारा मिला , हमारे पैरों को पाप करने की जो आजादी थी उससे छुटकारा मिला,  यीशु को हमने अपने जीवन मे जब से पाया तब से चिन्ताओं से मुक्ति मिली अब चिन्ता करने की जगह हम प्रार्थना करने लगे । जीवन को एक सही रास्ता मिला जिस रास्ते पर चलकर हम दूसरों को भी सम्भाल सकते हैं । हम क्या थे और क्या हो गए आज हम जो प्रभु से मांगते हैं वो हमको देता है देने मे वो कोई कसर नहीं छोडता प्रभु की महिमा हो प्र...

BIBLE बताती है कि जीवन में जो कुछ भी ग़लत हो रहा है उसके लिए प्रभु के पास आकर इन सब बातों को छोडने की प्रार्थना करनी चाहिए वो हमारी मदद जरूर करता है।यीशु के पास आओ वो सही रास्ता दिखाता है उसने कहा मार्ग, सत्य, जीवन यीशु ही है।वो सही रास्ता दिखाएगा।

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BIBLE इन्सान को कदम कदम पर सहारा देती है हर अच्छी तथा बुरी बात के बारे मे जानकारी देती है।कुछ भी छुपाती नही; BIBLE मे अच्छी बातों के साथ साथ बहुत सी कडवी बातें भी लिखी हुई है।जो हर कोई पचा नही पाता और BIBLE का विरोध करने लगता है क्योंकि सच्चाई हमेशा कडवी ही होती है मगर जो भी इन कडवी बातों को सह जाता वो अपने जीवन को साफ सुथरा करने मे कामयाब हो जाता है। उसे फिर किसी के पास जाकर पूछने की आवश्यकता नहीं होती।कैसे जीना और किन बातों का इन्कार करना है । BIBLE का अध्याय नीति वचन भी इसी तरफ इशारा करता है। इसमें बिलकुल ही साफ लिखा है तू सुनकर बुद्बि मान हो, सुनना कहा से हैं BIBLE से, जब BIBLE पढेंगे तब ही मालूम होगा सही और गलत का मतलब साफ साफ लिखा है। BIBLE बताती है कि जीवन में जो कुछ भी ग़लत हो रहा है उसके लिए प्रभु के पास आकर इन सब बातों को छोडने की प्रार्थना करनी चाहिए वो हमारी मदद जरूर करता है। यीशु के पास आओ वो सही रास्ता दिखाता है उसने कहा मार्ग, सत्य, जीवन यीशु ही है।वो सही रास्ता दिखाएगा। आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह राजेश गिरधर

प्रभु के प्रति हमारा विश्वास एक पुल(Bridge)के समान है, जो आपको और प्रभु को आपस में जोड़े रखता है| विश्वास है तो सबकुछ है, विश्वास नहीं तो कुछ भी नहीं है| विश्वास की सबकी, अपनी परिभाषा हो सकती है| विश्वास का रिश्ता, चंगाई और दुआओं के सुने जाने से नहीं, प्रभु से है ; वो सुने या ना सुने तब भी वो मेरा प्रभु है अगर दुआ ना सुनी जाए, तो इसका मतलब यह नहीं है, कि आप गुनहगार हैं, या आपका विश्वास कमज़ोर है| प्रभु की मर्ज़ी को समझने की ज़रूरत है| अपने आपको प्रभु की मर्जी पर छोड़ दें,और विश्वास रखें कि प्रभु जो कुछ भी करेगा आपके लिए बेहतर ही करेगा।

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प्रभु के प्रति हमारा विश्वास एक पुल(Bridge)के समान  है, जो आपको और प्रभु को आपस में जोड़े रखता है| विश्वास है तो सबकुछ है, विश्वास नहीं तो कुछ भी नहीं है| विश्वास की सबकी, अपनी परिभाषा हो सकती है| विश्वास का रिश्ता, चंगाई और दुआओं के सुने जाने से नहीं, प्रभु से है ; वो सुने या ना सुने तब भी वो मेरा प्रभु है अगर दुआ ना सुनी जाए, तो इसका मतलब यह नहीं है, कि आप गुनहगार हैं, या आपका विश्वास कमज़ोर है| प्रभु की मर्ज़ी को समझने की ज़रूरत है| अपने आपको प्रभु की मर्जी पर छोड़ दें,और विश्वास रखें कि प्रभु जो कुछ भी करेगा आपके लिए बेहतर  ही करेगा।  आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह राजेश गिरधर

इस संसार में शैतान ने एक ऐसा जाल सा बिछा रखा है कि जिसे देखकर भी हम नहीं देख पाते और समझ कर भी नहीं समझ पाते,वो यह है कि जब आपके पास पैसा आता है तब आपके दोस्त भी न जाने कहाँ- कहाँ से निकलकर आ जाते हैं ।पर जैसे ही आपका पैसा खत्म हुआ वो सारे दोस्त इस तरह गायब हो जाते हैं मानों जैसे कभी थे ही नहीं और वो व्यक्ति जो लोगों के बीच कभी अपने आप को घिरा हुआ पाता था पैसा न होने पर अपने आप को अकेला पाता है | वक्त सदा एक सा नहीं रहता कभी ऊपर तो कभी नीचे होता ही रहता है इसलिए अपने आप को सम्भालों और परमेश्वर के नजदीक रहो ताकि परमेश्वर हमें सही से रखे उसके भय को मानते रहो जो परमेश्वर का भय मानते हैं उन्हें वो हमेंशा बचाता रहता है अगर परमेश्वर आपके साथ है तो आपको किसी मित्र या भाई के पीछे भागने की आवश्यकता नहीं

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इस संसार में शैतान ने एक ऐसा जाल सा बिछा रखा है कि जिसे देखकर भी हम नहीं देख पाते और समझ कर भी नहीं समझ पाते,वो यह है कि जब आपके पास पैसा आता है तब आपके दोस्त भी न जाने कहाँ- कहाँ से निकलकर आ जाते हैं ।पर जैसे ही आपका पैसा खत्म हुआ वो सारे दोस्त इस तरह गायब हो जाते हैं मानों जैसे कभी थे ही नहीं और वो व्यक्ति जो लोगों के बीच कभी अपने आप को घिरा हुआ पाता था पैसा न होने पर अपने आप को अकेला पाता है ;  जैसा आप बाइबिल में उडाऊ पुत्र के बारे में पढ सकते हैं किस प्रकार वो अपने पिता से दौलत पाकर दूसरे शहर जाता है व सारा पैसा उडा डालता है जब तक पैसा उसके पास था सब उसके दोस्त थे पैसा खत्म होते ही वो अपने आप को अकेला पाता है । यह बहुत से लोगों की कहानी है जिससे हमें सबक लेने की कोशिश करनी चाहिए न तो ज्यादा किसी से दोस्ती करो कि बहुत कुछ चला जाए और न किसी से इतनी दूरी बनाओं कि वक्त पर कोई खडा न हो यहाँ हमें बाइबिल समझदार होने को कहती है । वक्त सदा एक सा नहीं रहता कभी ऊपर तो कभी नीचे होता ही रहता है इसलिए अपने आप को सम्भालों और परमेश्वर के नजदीक रहो ताकि परमेश्वर हमें सही से रखे उसके...

प्रार्थना:-- हे प्रभु, आपके लिए मैं एक चमकता हुआ तारा बनने के लिए खुद को समर्पित करता हूंमुझे अपने अभिषेक और वरदानों से भरें। हे प्रभु, मैं जैसा हूं वैसा ही आपके पास आता हूं मुझे अपने अग्निमय अभिषेक से भरें। मेरी सारी निर्बलताओं से हटांए और मुझे पूरी तरह से चंगा करें। हे प्रभु इस साल में मुझे और मेरे परिवार को पहले से भी अधिक चमकाएं।

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प्रार्थना:-----                   हे प्रभु, आपके लिए मैं एक चमकता हुआ तारा बनने के लिए खुद को समर्पित करता हूं मुझे अपने अभिषेक और वरदानों से भरें। हे प्रभु, मैं जैसा हूं वैसा ही आपके पास आता हूं मुझे अपने अग्निमय अभिषेक से भरें। मेरी सारी निर्बलताओं से हटांए और मुझे पूरी तरह से चंगा करें। हे प्रभु इस साल में मुझे और मेरे परिवार को पहले से भी अधिक चमकाएं।  हे अनुग्रह कारी प्रभु,मैं आपको धन्यवाद देता हूं क्योंकि आप मुझे एक चमकते हुए तारे के समान बनाने जा रहे हैं। जिससे कि मैं दूसरों के लिए एक आशीष बनूं।  इस साल में आपकी नई दया और नई करूणा के लिए मैं आपको स्तूति और धन्यवाद देता हूं, और यीशु मसीह के सामर्थी नाम से मैं इस प्रार्थना को मांगता हूं, आप सुने और कबूल करें।  आमीन इस प्रार्थना के द्वारा आप सबको आशीष मिले आपकी सेवा में प्रभु का दास रैव्ह राजेश गिरधर

परमेश्वर भजन संहिता 103:11 से आपसे बात कर रहा है, ‘‘जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है।’’ जी हाँ, परमेश्वर की प्रेममयी कृपा उन पर रहती है जो उसका भय मानते है | Prayer: मेरे प्यारे स्वर्गीय पिता,आज की प्रतिज्ञा के लिए धन्यवाद। हे पिता, मुझे अपने हृदय में हमेशा आपके लिए भयभक्ति रखने दें। मेरे जीवन के हर पहलू में आपकी इच्छा को हमेशा पूरा करने में मेरी मदद करें। आपकी योजना पर चलने के लिए मुझे अपने पवित्र आत्मा के माध्यम से सिखाएं। यीशु के नाम में,मैं प्रार्थना करता हूँ,

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परमेश्वर ने आज आपके लिए एक अद्भुत प्रतिज्ञा की है। परमेश्वर भजन संहिता 103:11 से आपसे बात कर रहा है, ‘‘जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है।’’ जी हाँ, परमेश्वर की प्रेममयी कृपा उन पर रहती है जो उसका भय मानते हैं, स्वर्ग और पृथ्वी के बीच की जितनी दूरी है उससे भी कहीं अधिक उसकी कृपा होती है। जब परमेश्वर आपसे इतना प्यार करता है, तो कल्पना करें कि वह आपके जीवन में कितनी आशीषों की वर्षा करेगा।  आज आप परमेश्वर की इस प्रेममयी कृपा का अनुभव करें, जब आप में परमेश्वर के प्रति भयभक्ति होगी, तब आप  उसे राजाओं के महान राजा और प्रभुओं के प्रभु के रूप में देखेंगे। इससे आपके अंदर उसका भय आएगा। इसलिए अपने जीवन को उसके हाथों में सौंपें। परमेश्वर का भय मानें और वह सब कुछ करें जो उसे भाता है। हर उस चीज में जिसमें आप शामिल हैं और लोगों के साथ आपकी हर बातचीत में, जांचें कि क्या आप परमेश्वर को खुश करने में सक्षम हैं। जब आप इसे अपनी आदत बना लेंगे, तो आप में प्रभु के प्रति निरंतर भयभक्ति होगी और आप उसकी इच्छा के अनुसार सब कुछ करेंगे। भजन संहिता ...

यशायाह 56:5 के अनुसार :- ‘‘मैं उसका नाम सदा बनाए रखूंगा और वह कभी न मिटाया जाएगा।’’ आपका नाम सदा तक बना रहेगा। Prayer: मुझे नाम देने के लिए धन्यवाद। मेरे जीवन में सब कुछ आदरणीयता से बदलें। मैं आदर के दिनों को देखूं। जो कुछ भी मैं करूं सफल होवूं। मेरे देश को बढाए और मुझे हानि से बचाकर रखें। मुझे हर आशीष वापस पाने में, मेरी मदद करें। मुझ पर धन और महिमा बनाए रखें। यीशु के नाम में, मैं प्रार्थना करता हूं,

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आज परमेश्वर ने आपके लिए एक आशीष रखी है, यशायाह 56:5 के अनुसार :- ‘‘मैं उसका नाम सदा बनाए रखूंगा और वह कभी न मिटाया जाएगा।’’ आपका नाम सदा तक बना रहेगा। आप शायद अपमानित हुए होंगे। शायद आप कहते हैं, मेरा नाम मलिन हो गया है। अब मैं खत्म हो चुका/चुकी हूं। कोई भी मुझे नहीं जानता है। मेरा कोई भी नहीं जो मेरी मदद करे। मेरा कोई बडा नाम नहीं है। मेरा नाम बेनाम है। परन्तु परमेश्वर कहता है, मेरे बच्चे, मैं तेरे नाम को सदा बनाए रखूंगा। क्या आप जानते हैं कि उस अनन्तकाल का नाम क्या है? उसका नाम यीशु है। यीशु का नाम सब नामों से ऊंचा किया गया है और परमेश्वर आपको यीशु की संतान के रूप में, यीशु के नाम से बुलाना चाहता है।* * यूहन्ना 1:12 के अनुसार :-- ‘‘परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर की संतान होने का अधिकार दिया।’’ यदि आप परमेश्वर पर भरोसा रखते हैं और उसे अपने जीवन को सौंपें हैं, अपनी इच्छा को सौंप दें तब आपको सर्वशक्तिमान परमेश्वर के द्वारा नाम दिया जाएगा। तब आप परमेश्वर की संतान कहलाएंगी। आपके पिता का नाम यीशु है और आप राजा यीशु के बेटे या बेटी के नाम से जाने जाएंगे।...

बाइबिल मे भी लिखा है माँगो तो दिया जाएगा, खटखटाओ तो खोला जाएगा इस संसार के हाकिम से प्रभु हमको बचाना चाहता है साफ लिखा है जब तक वह निकट है पुकारो पर उसे पुकारने की जगह मनुष्य दूसरी ओर भागता है।और नादानी मेंपरमेश्वर को भूल जाता है तथा व्यक्ति पर भरोसा करके उस से माँगने लगता है ; फिर उसे निराशा ही हाथ लगती है जिसके परिणाम स्वरूप उसका विश्वास हिल जाता और मनुष्य अपने आप को और भी परमेश्वर से दूर कर लेता है यह एक सच्चाई है जिसे कम लोग ही समझ पाते

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कितनी सुन्दर बात बाइबिल बताती है :-कि अकसर मनुष्य अपनी जिन्दगी कि उलझनों मे इतना उलझ जाता है उसे यह बात याद ही नहीं रहती इस ब्रह्मांड मे कोई जो हमारी ओर हर समय ताक रहा है, उसकी निगाहें हर समय हम पर लगी हैं। उसके कान हर समय हमारी ओर लगे हैं कि हम उस से वो माँगे जो वो हमें देना चाहता है वो हमें हर वो खुशी से भरपूर करना चाहता है जिसके हम हकदार हैं ; जबकि बाइबिल मे भी लिखा है माँगो तो दिया जाएगा, खटखटाओ तो खोला जाएगा इस संसार के हाकिम से प्रभु हमको बचाना चाहता है साफ लिखा है जब तक वह निकट है पुकारो पर उसे पुकारने की जगह मनुष्य दूसरी  ओर भागता है।और नादानी में परमेश्वर को भूल जाता है तथा व्यक्ति पर भरोसा करके उस से माँगने लगता है ; फिर उसे निराशा ही हाथ लगती है जिसके परिणाम स्वरूप उसका विश्वास हिल जाता और मनुष्य अपने आप को और भी परमेश्वर से दूर कर लेता है यह एक सच्चाई है जिसे कम लोग ही समझ पाते हैं जो समझ जाते वो प्रभु को पुकारते व अपनी प्रार्थना का उत्तर भी पा जाते हैं इसलिये एक ही रास्ता है जो हमारी प्रार्थना का उत्तर दे सकता है यीशु मसीह वो सब कुछ सही कर सकता है क्योंकि ...

आइए, सोने से पहले छोटी सी दुआ करें :--- प्यारे पिता परमेश्वर मेरे हृदय में आएं, प्रभु मुझे अपने खून से धो लें, प्रभु यीशु मेरे पापों से मुझे शुद्ध करें और मुझे आइए, सोने से पहले छोटी सी दुआ करें :-- अपनी संतान बनाएं। मुझे परमेश्वर आप अपने भय के साथ जीने की कृपा दें और मुझे सभी पापी विचारों से, गन्दी आदतों और गलत तरीकों से मुक्त करें। प्रभु यीशु मैं अपने शरीर को और अपने जीवन को आपको समर्पित करता हू्ं।

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आइए, सोने से पहले छोटी सी दुआ करें :---- प्यारे पिता परमेश्वर मेरे हृदय में आएं, प्रभु मुझे अपने खून से धो लें, प्रभु यीशु मेरे पापों से मुझे शुद्ध करें और मुझे अपनी संतान बनाएं। मुझे परमेश्वर आप अपने भय के साथ जीने की कृपा दें और मुझे सभी पापी विचारों से, गन्दी आदतों और गलत तरीकों से मुक्त करें। प्रभु यीशु मैं अपने शरीर को और अपने जीवन को आपको समर्पित करता हू्ं। मुझे अपनी संतान बनाए,परमेश्वर की संतान बनाने और मुझे उद्धार देने के लिए धन्यवाद। आपका लहू मुझे शुद्ध करे पाक और साफ करें ताकि मैं आपके अनुग्रह से आपके मार्गों पर चल सकू्ं। प्रभु रात भर हमें मीठी नींद सुलाना और सुबह का सूर्य दिखाना ताकि सुबह हम आपके भवन में पाते जाएं और वचन की रोटी को ग्रहण करने पाएं,यीशु के अनमोल नाम में इस प्रार्थना को मांगते हैं सुने और कबूल करें आमीन प्रभु आपको आशीष दे रैव्ह राजेश गिरधर

परमेश्वर ने आपको अपने से थोड़ा ही कम बनाया है,और महिमा और प्रताप का मुकुट आपके सिर पर रखा है। इसलिए परमेश्वर ने आपको चुनकर अलग किया है

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पिता परमेश्वर ने हमें चुन कर अलग क्यों किया , यह कभी हमने सोचा,कि मसीह में हमारी पहचान क्या है। बाईबल इस बारे में हमें साफ साफ बताती है कि:-  माता के गर्भ में आने से पहले, दुनिया के निर्माण से पहले परमेश्वर ने आपको अलग किया और पवित्र किया   आप कभी भी संसार के साथ अपनी पहचान नहीं बना सकते  आपका उपदेश और चाल-चलन दूसरों से बहुत अलग है   आपकी शैली और मुस्कान अलग हैं  आपका विवाह और व्यवहार भिन्न है  आपका आहार और अनुशासन अलग है  जीवन में आपका उद्देश्य और भूमिका अलग है  आपका रूप और स्वाद अलग है  आप अद्वितीय और महान हैं  आप पवित्र, पवित्र और दिव्य हैं। परमेश्वर ने आपको अपने से थोड़ा ही कम बनाया है,और महिमा और प्रताप का मुकुट आपके सिर पर रखा है।  इसलिए परमेश्वर ने आपको चुनकर अलग किया है आमीन हम प्रभु के चुने हुए है रैव्ह राजेश गिरधर

प्रभु सबके मनों को जाँचता है और उसी के हिसाब से फल देता है क्योंकि प्रभु मनों को देखता है जुबान को नहीं व्यक्ति जुबान से कुछ भी बोलता है पर उसके मन में कुछ और ही होता है जिसे परमेश्वर जानता है और उसी के हिसाब से प्रार्थना सुनता है।

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हम सब जब प्रार्थना करते हैं न जाने क्या क्या प्रभु से माँगते है, कोई अपनी सोच के अनुसार माँगता कोई अपनी जरूरत के हिसाब से माँगता, कोई दूसरे को देख कर माँगता, कोई किसी की बुराई माँगता, कोई किसी को देखकर जलन रखता व उसके विनाश को माँगता, हर जन कुछ न कुछ परमेश्वर से माँगता ही है।यह सच्चाई है मगर सब की प्रार्थना सुनी नहीं जाती यह हकीकत है, फिर लगता है परमेश्वर मेरी प्रार्थना नहीं सुन रहा और व्यक्ति प्रार्थना करना बन्द कर देता है कोई यह नहीं सोचता प्रार्थना सुनी क्यो नहीं जा रही तो उसका जवाब है यह वचन प्रभु सबके मनों को जाँचता है और उसी के हिसाब से फल देता है क्योंकि प्रभु मनों को देखता है जुबान को नहीं व्यक्ति जुबान से कुछ भी बोलता है पर उसके मन में कुछ और ही होता है जिसे परमेश्वर जानता है और उसी के हिसाब से प्रार्थना सुनता है।  कुछ लौग दूसरों का हक मारकर अन्याय से धन इकट्ठा करते और उस धन के लिए प्रार्थना करते हैं मगर प्रभु की योजना कुछ और ही होती है इसलिये व्यक्ति को चाहिए वह अपने मन को साफ करे ताकि पवित्र मन से प्रार्थना हो जो सुनी जाए । आमीन प्रभु आप सबको आशीष दे रैव्ह रा...

परमेश्वर हमें कब ग्रहण करता है,जब हम सब 2 कुरिन्थियों 6:17-18 के अनुसार:-इसलिये प्रभु कहता है, कि उन के बीच में से निकलो और अलग रहो; और अशुद्ध वस्तु को मत छूओ, तो मैं तुम्हें ग्रहण करूंगा। और तुम्हारा पिता हूंगा, और तुम मेरे बेटे और बेटियां होगे: यह सर्वशक्तिमान प्रभु परमेश्वर का वचन है॥ जब हम संसार से अलग होकर परमेश्वर के निकट बने रहते हैं। तो परमेश्वर पिता की तरह देख भाल करता है।

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परमेश्वर हमें कब ग्रहण करता है,जब हम सब 2 कुरिन्थियों 6:17-18 के अनुसार:-इसलिये प्रभु कहता है, कि उन के बीच में से निकलो और अलग रहो; और अशुद्ध वस्तु को मत छूओ, तो मैं तुम्हें ग्रहण करूंगा।  और तुम्हारा पिता हूंगा, और तुम मेरे बेटे और बेटियां होगे: यह सर्वशक्तिमान प्रभु परमेश्वर का वचन है॥  परमेश्वर अपने लोगों से बुराई से दूर रहने को कहता है। बुराई से दूर रहने का विचार परमेश्वर का अपनी प्रजा से सम्बन्ध का मूल सिद्धांत हैं। हम सभी को चाहिए कि खुद को  पाप से और उन सभी बातों से अलग रखना जो यीशु मसीह, व परमेश्वर के वचन के विरुद्ध हैं। हमारा समर्पण, आराधना और सेवा के द्वारा हम परमेश्वर के ओर अधिक निकट आ सकते हैं। वचन बताता हैं कि यह एक ऐसा सम्बन्ध हैं, जिसमे परमेश्वर हमारा स्वर्गीय पिता होता है जो हमारे साथ रहता हैं और हम उसके बेटे और बेटियाँ होते हैं। 2 कुरुन्थियो 6:16-18 के अनुसार :- परमेश्वर की निज प्रजा बने रहने के लिए जरूरी है सभी लोगों से भिन्न दिखे, पवित्र और अलग रहे। लोगो से अलग रहना मतलब परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार चलना। तभी परमेश्वर हमे ग्रहण करेगा। जैसे ज...