हम ख़ुदा के एहसानो के कर्ज़दार हैं , हर सांस , हर धड़कन के लिए| हम कर्ज़दार हैं , इस ख़ूबसूरत ज़िन्दगी के लिए , जिसे वो अपने पवित्र हांथों में सुरक्षित रखता है| हम कर्ज़दार हैं , इस ख़ूबसूरत सृष्टि के लिए ; परिंदों , तितलियों , गुनगुन करते भवरों के लिए| कभी आपने , अपने दिल की धड़कन सुनी है? एक ख़ूबसूरत संगीत , आपके सीने में छुपा है|ख़ुदा के एहसानो का क़र्ज़ चुकाना , हमारे लिए नामुमकिन है| वो आपसे धन दौलत नहीं चाहता , न उसे आपकी दौलत की आरज़ू है| ख़ुदा बस इतना चाहता है , आप उसके पास लौट आयें| कितने ही ऐसे हैं जो चंगाई पाने के बाद , दुनियां में वापस लौट जाते है| अगर आत्मिक चंगाई हासिल ना हो , तो शारीरिक चंगाई बेकार है| आपका आज , और आपका कल , आपका नहीं है| वो आपके परमेश्वर की देन है,उसका उसे दे कर देखिए वो आपको शिरोमणि बना देगा।

हम ख़ुदा के एहसानो के कर्ज़दार हैं , हर सांस , हर धड़कन के लिए| हम कर्ज़दार हैं , इस ख़ूबसूरत ज़िन्दगी के लिए , जिसे वो अपने पवित्र हांथों में  सुरक्षित  रखता है| हम कर्ज़दार हैं , इस ख़ूबसूरत सृष्टि के लिए ; परिंदों , तितलियों , गुनगुन करते भवरों के लिए| कभी आपने , अपने दिल की धड़कन सुनी है? एक ख़ूबसूरत संगीत , आपके सीने में छुपा है|ख़ुदा के एहसानो का क़र्ज़ चुकाना , हमारे लिए नामुमकिन है| वो आपसे धन दौलत नहीं चाहता , न उसे आपकी दौलत की आरज़ू है| ख़ुदा बस इतना चाहता है , आप उसके पास लौट आयें| ख़ुदा ने हिजकियाह की ज़िन्दगी में , पंद्रह साल और जोड़ दिए ।
 2 इतिहास 32=25 के अनुसार :-हिजकियाह ने उस उपकार का बदला ना दिया| दस कोढ़ियों में से सिर्फ दो ही वापस लौट कर आये| येशू ने पूछा , क्या बाकि चंगे नहीं हुए? कितने ही ऐसे हैं जो चंगाई पाने के बाद , दुनियां में वापस लौट जाते है|  अगर आत्मिक चंगाई हासिल ना हो , तो शारीरिक चंगाई बेकार है| हिजकियाह को मिले पंद्रह साल , उधार की ज़िन्दगी थी| उसे ख़ुदा के लिए जीना था , और ख़ुदा के लिए मरना था| आपका आज , और आपका कल , आपका नहीं है| वो आपके परमेश्वर की देन है,उसका उसे दे कर देखिए वो आपको शिरोमणि बना देगा। 
आमीन
प्रभु आपको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर

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