इस संसार में कोई शख्स ऐसा नहीं है , जिसकी ज़िंदगी में परेशानियां न हों। सुख- दुःख , धूप - छांव की तरह आते जाते रहते हैं| बहुत से लोग कहते हैं यदि जीवन में परेशानियां न हो तो , ज़िन्दगी बेरंग हो जाए। आपको सिर्फ़ मैदाने जंग में खड़े रहकर अपने हिस्से का काम करना है,हर परिस्थिति में परमेश्वर को धन्यवाद देना है और ईमान रखना है। लाल समुंदर कैसे दो भाग होगा , और यरीहो की शहरपनाह कैसे गिरेगी? ये सोचना आपका काम नहीं है। आप अपना काम कीजिये , ख़ुदा अपना काम करेगा। और आपको हर परेशानी से निकाल कर आशीष देगा।
इस संसार में कोई शख्स ऐसा नहीं है , जिसकी ज़िंदगी में परेशानियां न हों। सुख- दुःख , धूप - छांव की तरह आते जाते रहते हैं| बहुत से लोग कहते हैं यदि जीवन में परेशानियां न हो तो , ज़िन्दगी बेरंग हो जाए। परेशानियों के दौरान आपके पास दो हो विकल्प होते हैं--
(1) – परेशानियों से भागना- अगर परेशानियों से भागेंगे , तो कहां तक और कब तक भागेंगे।
(2) --- परेशानियों का सामना करना।
समस्याएं आनी ही हैं , तो क्यों न ख़ुद को मानसिक रूप से तैयार रखें| हारे हुए सैनिक का साथ तो उसका साया भी नहीं देता है। 2 शमुएल-- 20-17में लिखा है --- खड़े होकर यहोवा की ओर से अपना बचाव देखना , मत डरो तुम्हारा मन कच्चा न हो , कल उनका सामना करने को चलना और यहोवा परमेश्वर तुम्हारे साथ रहेगा। आपको सिर्फ़ मैदाने जंग में खड़े रहकर अपने हिस्से का काम करना है,हर परिस्थिति में परमेश्वर को धन्यवाद देना है और ईमान रखना है। लाल समुंदर कैसे दो भाग होगा , और यरीहो की शहरपनाह कैसे गिरेगी? ये सोचना आपका काम नहीं है। आप अपना काम कीजिये , ख़ुदा अपना काम करेगा। और आपको हर परेशानी से निकाल कर आशीष देगा।
आमीन
प्रभु आपको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर
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