Yeshu Poem
हर दर्द का इलाज
नहीं होता दवाखाने से
बहुत से दर्द चले जाते हैं
प्रभु (यीशु) की हजूरी में
सर अपना झुकाने से
करता है वो क्षमा
गुनाहों को मान लेने से
बक्शता है वो इज्जत
आधार अपना, उसे बना लेने से
फिर भी लोग कहते हैं
खुदा नहीं सुनता
सिर्फ वही तो है
जब कोई नहीं सुनता
सिर्फ वही सुनता
वही सुनता
वहीं सुनता
आमीन
रैव्ह राजेश गिरधर
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