रोग मुक्ति के अचूक रामबाण टोटके

 मंत्र

ऊँ अनुरागिनी मैथन प्रिये स्वाहा।

शुक्लपक्षे, जपे धावन्ताव दृश्यते जपेत्।।


यह मंत्र चालीस दिन लगातार पढ़ें, (सवा लाख बार) सुबह उठकर नदी के पानी में अपनी छाया को देखें। जब मंत्र संपूर्ण हो जाएँ तो सारी सामग्री (नीले कपड़े सहित) पानी में बहा दें। अब जिसको आप अपने वश में करना चाहते हैं अथवा जिस किसी रोगी का इलाज करना चाहते हैं, उसका नाम लेकर इस मंत्र को 1100 बार पढ़ें, बस आपका काम हो जाएगा।

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